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इस पहल के साथ एक मंच पर आए तमाम बड़े अखबार
न्यूज चैनल्स की रेटिंग और उग्र सामग्री को लेकर पिछले कुछ दिनों से तमाम चर्चाएं और बहस छिड़ी हुई हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
न्यूज चैनल्स की रेटिंग और उग्र सामग्री को लेकर पिछले कुछ दिनों से तमाम चर्चाएं और बहस छिड़ी हुई हैं। इन सबके बीच टीवी न्यूज पर चुटकी लेते हुए प्रिंट मीडिया के बड़े नाम जैसे-‘टाइम्स ऑफ इंडिया’, ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ और ‘दैनिक भास्कर’ ने हाल ही में संयुक्त रूप से एक कैंपेन ‘प्रिंट इज प्रूफ’ (Print is Proof) चलाया। ‘News to inform not to entertain’ शीर्षक से चलाए गए इस कैंपेन में इन अखबारों ने एक मजबूत मैसेज दिया।
कैंपेन के साथ दिए नोट में इन अखबारों ने लिखा, ‘जागरूक और सुशिक्षित समाज को तैयार करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। इसमें सत्यापित तथ्यों, अच्छी तरह से शोध किए गए आंकड़ों और निष्पक्ष दृष्टिकोणों को प्रस्तुत करना शामिल है। हमें लगता है कि ये उन स्टोरीज पर आपका ध्यान आकर्षित करने के लिए पर्याप्त हैं जो वास्तव में मायने रखती हैं। इनमें सनसनीखेज स्टोरी नहीं है और कोई नाटकीय एंकरिंग नहीं है, क्योंकि हम इस बात को भलीभांति जानते हैं कि आप अपने न्यूज सोर्स (इंटेग्रिटी) से क्या उम्मीद रखते हैं।’
इस कैंपेन के बारे में ‘दैनिक भास्कर’ ग्रुप की चीफ कॉरपोरेट मार्केटिंग ऑफिसर काकून सेठी का कहना है, ‘प्रिंट इज प्रूफ दैनिक भास्कर की पहल है। दैनिक भास्कर ग्रुप की देश के सभी प्रमुख पब्लिशर्स के साथ हमेशा से भागीदारी रही है। इस बार भी यह पहल टाइम्स ऑफ इंडिया, हिन्दुस्तान टाइम्स और दैनिक भास्कर ग्रुप के साथ देशभर में चल रही है। ‘दैनिक जागरण’ ने भी अब हमारे साथ सहभागिता की है। अधिकांश पब्लिशर्स के जॉइन करने के साथ यह पहल जारी है।’
उन्होंने कहा, ‘आज के परिवेश में किसी भी माध्यम के लिए रिटर्न ऑफ इन्वेस्टमेंट (ROI) के प्रदर्शन के साथ विश्वास और विश्वसनीयता ज्यादा महत्वपूर्ण है। हमारा मिशन एक जागरूक समाज बनाना है, इसलिए हम ईमानदारी को बहुत गंभीरता से लेते हैं।’
सेठी के विचारों से सहमति जताते हुए ‘बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड’ के डायरेक्टर (TOI & TIMS Brands) संजीव भार्गव का कहना है, ‘सोशल मीडिया पर फेक न्यूज के प्रसार के अलावा टीआरपी को लेकर हुआ यह विवाद और सनसनी फैलाने वाली पत्रकारिता लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की विश्वसनीयता के लिए गंभीर चुनौती है। न्यूज मीडिया को अपनी अखंडता बनाए रखते हुए एक जागरूक व सुशिक्षित समाज बनाने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए। अखबार भी रोजाना यही करते हैं। हम शोध पर आधारित आंकड़े, सत्यापित तथ्य और निष्पक्ष दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं, जैसा कि हमारे रीडर्स हमसे उम्मीद रखते हैं। एक इंडस्ट्री के रूप में ‘प्रिंट इज प्रूफ’ कैंपेन रीडर्स के लिए हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।’
कैंपेन के अंतिम चरण में अखबारों ने मुद्रित शब्द (Printed Word) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डिजिटल मीडिया पर भी निशाना साधा है।
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