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किस अखबार का फ्रंट पेज है आज सबसे बेहतर
फेस्टिवल सीज़न में दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अधिकांश विज्ञापनों के मामले में फुल चल रहे हैं
नीरज नैयर 6 years ago
फेस्टिवल सीज़न में दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अधिकांश विज्ञापनों के मामले में फुल चल रहे हैं। नवभारत टाइम्स में आज दो फ्रंट पेज बनाये गए हैं। यही हाल हिन्दुस्तान का है, वहां भी दो फ्रंट पेज हैं। वहीं, दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर में जैकेट विज्ञापन है और तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। जबकि अमर उजाला और नवोदय टाइम्स में फ्रंट पेज पर एक बड़ा विज्ञापन है।
शुरुआत सबसे पहले करते हैं दो फ्रंट पेज वाले अख़बारों से, यानी नवभारत और हिन्दुस्तान। नवभारत के पहले फ्रंट पेज के टॉप बॉक्स में युवा क्रिकेटर की उपलब्धि को जगह मिली है। मुंबई के यशस्वी जैसवाल ने विजय हजारे ट्रॉफी में महज 154 गेंदों में दोहरा शतक जड़ा है। खासबात ये है कि यहां तक पहुँचने के लिए उन्होंने जो संघर्ष किया, वो सबके बस की बात नहीं। लीड दिल्ली की बिगड़ती हवा है। तीसरी और आखिरी खबर के रूप में तिहाड़ में मनाया जाना वाला करवाचौथ है। कुछ पुरुष कैदी भी इस बार यह व्रत रख रहे हैं। दूसरे पेज पर लीड अयोध्या है। रामजन्मभूमि विवाद की मैराथन सुनवाई पूरी हो गई है, अब केवल फैसले का इंतजार है। चिदंबरम की मुश्किलें, पाकिस्तान की आफत और मोदी पर विपक्ष के वार को सिंगल में रखा गया है, इसी तरह ‘संडे से करतारपुर के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होगा’, ‘घाटी में आतंकी निशाने पर दूसरे राज्यों के लोग’ समाचार को प्रमुखता के साथ पेज पर लगाया गया है। चूंकि दोनों पेज के आधे पृष्ठों पर विज्ञापन है, जिसे अखबार ईपेपर पर नहीं दर्शाता है
हिन्दुस्तान के पहले फ्रंट पेज पर लीड अयोध्या है, जिसे फर्स्ट हाफ के पूरे आठ कॉलम में सजाया गया है। इसके अलावा पेज पर दूसरी ख़बरें भी अयोध्या के प्रभाव से जुड़ी हैं। इस तरह से पहला फ्रंट पेज अयोध्या के नाम समर्पित है। दूसरे पेज पर दिल्ली की बिगड़ती हवा सबसे बड़ी खबर के रूप में है। खबर के अनुसार, दिल्ली के द्वारका और लोनी इलाके की हवा देश में सबसे जहरीली है। इसके अलावा, चिदंबरम की परेशानी, करतारपुर के लिए 20 से पंजीकरण, युवा क्रिकेटर की उपलब्धि सहित भारत को राहत देने वाली विश्व बैंक की रिपोर्ट को भी पेज पर जगह मिली है। विश्व बैंक का कहना है कि भारत ने 90 के दशक के बाद गरीबी दर को आधा कर दिया है। इसके अलावा, पेज पर एक ऐसी भी खबर है जिसे सबसे ज्यादा पढ़ा जाएगा। ट्विटर ने अपने नियमों में बदलाव करते हुए विवादित ट्वीट के शेयर करने पर रोक लगा दी है। यानी आपत्तिजनक ट्वीट को रीट्वीट नहीं किया जा सकेगा।
अमर उजाला की बात करें तो लीड अयोध्या है, जिसे खूबसूरत अंदाज़ में सात कॉलम जगह दी गई है। चिदंबरम की मुश्किलों को भी अख़बार ने प्रमुखता से लगाया है। कश्मीर में आतंकियों के आतंक को दो कॉलम में जबकि मुफ्त राशन की लड़ाई जीतने वाले कर्नल पर अप्रत्यक्ष कार्रवाई को डेढ़ कॉलम में लगाया गया है। घाटी में आतंकियों ने सेब व्यापारी को हत्या कर दी, वहीं कर्नल मुकुल देव के प्रमोशन पर सेना ने रोक लगा दी है। पाकिस्तान फरवरी तक रहेगा ग्रे सूची में, इस समाचार को अमर उजाला ने प्रमुखता दी है, जबकि युवा क्रिकेटर यशस्वी की उपलब्धि को संक्षिप्त में लगाया है। दिल्ली की बिगड़ती हवा से जुड़ी दो ख़बरों को अलग-अलग जगह दी गई है। पहली, ‘प्रदूषण फैलाने वालीं 7 फैक्ट्री हुईं सील’ सिंगल कॉलम में, वहीं दूसरी ‘अंतरिक्ष से उत्तर भारत के आसमान पर दिखा पराली का धुआं’ को एंकर में सजाया गया है। यदि एक ही नेचर के इन दोनों समाचारों को एक साथ लगाया जाता, तो यशस्वी को बाहर जगह मिल सकती थी. जो अपेक्षाकृत ज्यादा बेहतर होता।
दैनिक जागरण का फ्रंट पेज हमेशा की तरह बेहद सामान्य और ऊबाऊ नज़र आ रहा है। लीड अयोध्या फर्स्ट हाफ में पूरे सात कॉलम में लगी है। इसके नीचे पाकिस्तान की आफत को डीप तीन कॉलम में लगाया गया है। जबकि एंकर में दिल्ली की बिगड़ती हवा है। इस तरह केवल तीन बड़ी ख़बरों में ही फ्रंट पेज समाप्त हो गया है। युवा क्रिकेटर की उपलब्धि को जागरण ने संक्षिप्त में भी जगह नहीं दी है।
अब रुख करते हैं दैनिक भास्कर का। भास्कर ने फ्रंट पेज का मास्टहेड थोड़ा नीचे तक उतारकर करवाचौथ पर स्पेशल कवरेज दी है। इससे पेज काफी आकर्षक नज़र आ रहा है। लीड अयोध्या है, जिसे सात कॉलम में सजाया गया है। कश्मीर में गैर-कश्मीरी सेब कारोबारी की हत्या की खबर को प्रमुखता देने के साथ ही चिदंबरम के सरकार पर वार और वित्तमंत्री के पलटवार को सिंगल-सिंगल कॉलम में रखा गया है। मुश्किल दौर से गुजर रहे आर्थिक हालातों पर पूर्व वित्तमंत्री का कहना है कि केंद्र ने आर्थिक मंदी पर अभिजीत बनर्जी की बात नहीं सुनी, वहीं वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि मनमोहन सिंह के समय बैंकिंग सबसे बदतर थी। पीएमसी बैंक के ग्राहकों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है, इस समाचार को भास्कर ने दो कॉलम जगह दी है। इसके ठीक नीचे दिल्ली की अदालत में 13 तोतों की पेशी को फोटो के साथ रखा गया है। एंकर में अर्थव्यवस्था में सुधार को लेकर गोदरेज समूह के चेयरमैन आदि गोदरेज के विचार हैं। भास्कर ने भी क्रिकेटर यशस्वी की उपलब्धि को संक्षिप्त में रखा है।
वहीं, नवोदय टाइम्स ने ‘अयोध्या पर कोर्ट-कचहरी पूरी’ शीर्षक के साथ लीड को पूरे आठ कॉलम में लगाया है। दूसरी बड़ी खबर के रूप में डॉक्टर द्वारा महिला से बलात्कार को पेज पर रखा गया है। चिदंबरम की मुश्किलें सिंगल में हैं जबकि घाटी में मुठभेड़ दो कॉलम में। एंकर में विराग गुप्ता ने बताया है कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उलझनें बढेंगी। युवा क्रिकेटर यशस्वी को पेज पर जगह नहीं मिली है।
देशबंधु के फ्रंट पेज पर कोई विज्ञापन नहीं है। लीड यहां भी अयोध्या है, जिसे पूरे सात कॉलम जगह मिली है। दिल्ली की बिगड़ती हवा को भी प्रमुखता से लगाया गया है, वहीं भारत में भुखमरी की खबर तीन कॉलम में है। चिदंबरम की मुश्किलों सहित 22 अक्टूबर को बैंकों की हड़ताल और संसद के शीतकालीन सत्र से जुड़ा समाचार भी फ्रंट पेज पर है। एंकर में पंकज कुमार की महारष्ट्र चुनाव पर केंद्रित बाइलाइन है, जिसमें उन्होंने शरद पवार के बारे में बात की है। देशबंधु ने युवा क्रिकेटर की उपलब्धि को पेज पर किसी भी रूप में जगह नहीं दी है।
आज का किंग कौन?
1: ख़बरों की प्रस्तुति और ले-आउट के मामले में आज दैनिक भास्कर सबसे आगे है। अख़बार का फ्रंट पेज काफी आकर्षक दिखाई दे रहा है। इसकी प्रमुख वजह है मास्टहेड। अयोध्या विवाद की सुनवाई को भास्कर ने काफी अच्छे ढंग से प्रस्तुत किया है। वहीं अमर उजाला को दूसरा नंबर दिया जा सकता है। अख़बार का लेआउट और प्रेजेंटेशन दोनों अच्छे हैं। हालांकि, युवा क्रिकेटर की उपलब्धि को बाजिब जगह देने में दोनों ही अख़बारों ने कंजूसी दिखाई है। जबकि नवभारत टाइम्स ने यशस्वी के साथ पूरा न्याय किया है।
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