अयोध्या मामले पर नेशनल हेराल्ड ने लिख दिया कुछ ऐसा, अब मांगनी पड़ी माफी

भारतीय जनता पार्टी के विरोध जताने पर अखबार के एडिटर-इन-चीफ ने ट्वीट कर कहा, लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का हमारा कोई इरादा नहीं था

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 11 November, 2019
Last Modified:
Monday, 11 November, 2019
National Herald Newspaper

अयोध्या मामले में शनिवार को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अपने एक आर्टिकल को लेकर कांग्रेस के स्वामित्व वाले अंग्रेजी अखबार ‘नेशनल हेराल्ड’ (National Herald) ने माफी मांग ली है। इस बारे में अखबार के एडिटर-इन-चीफ की ओर से कहा गया है, ‘Why a devout Hindu will never pray at the Ram Temple in Ayodhya शीर्षक से पब्लिश आर्टिकल से यदि किसी व्यक्ति अथवा समूह की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो इसके लिए हम माफी मांगते हैं। लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का हमारा कोई इरादा नहीं था।’

इसके साथ ही माफीनामे में यह भी कहा गया है, ‘अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले का हम पूरा सम्मान करते हैं। इस आर्टिकल में जो विचार रखे गए हैं, वो लेखक के निजी विचार हैं और उनका 'नेशनल हेराल्ड' के विचारों से कोई नाता नहीं है।’

बता दें कि ‘नेशनल हेराल्ड’ के इस आर्टिकल में सुप्रीम कोर्ट की तुलना पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट से की गई थी। आर्टिकल में दावा किया गया था कि यह फैसला पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट की याद दिलाता है, जिसने वहां के तत्कालीन गवर्नर जनरल गुलाम मुहम्मद को कथित तौर पर अवैध कार्य की अनुमति दे दी थी। आर्टिकल में यह भी कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट ने वही फैसला दिया है, जो  विश्व हिंदू परिषद् और भारतीय जनता पार्टी चाह रहे थे। हालांकि, अब अखबार ने माफी मांगने के साथ ही वेबसाइट से इस आर्टिकल को हटा दिया है।

'नेशनल हेराल्ड' में छपे आर्टिकल की हेडिंग का स्क्रीन शॉट आप यहां देख सकते हैं-

 

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जानें, प्रिंट मीडिया मालिकों के लिए पंजाब क्यों बना खास

पंजाब की पहचान आज सिर्फ साइकिल उत्पादन और हौजरी प्रॉडक्ट्स जैसे बिजनेस के लिए ही नहीं रह गई है, बल्कि न्यूजपेपर रीडरशिप में भी यह लगातार दमदार मौजूदगी दर्ज करा रहा है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 18 February, 2020
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Tuesday, 18 February, 2020
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पंजाब की पहचान आज सिर्फ साइकिल उत्पादन और हौजरी प्रॉडक्ट्स जैसे बिजनेस के लिए ही नहीं रह गई है, बल्कि न्यूजपेपर रीडरशिप में भी यह लगातार अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करा रहा है। यहां अखबार के पाठकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।    

इंडियन रीडरशिप सर्वे 2019 की तीसरी तिमाही (IRS 2019 Q3) के अनुसार, उत्तर भारत के टॉप पांच मार्केट में पंजाब भी शामिल है। उत्तर भारत में 42.9 प्रतिशत टोटल रीडरशिप (TR) और 16.5 प्रतिशत एवरेज इश्यू रीडरशिप (AIR) के साथ आईआरएस चार्ट में पंजाब ने अपनी मजबूत स्थिति कायम कर रखी है। उत्तर भारत में आईआरएस की टॉप फाइव मार्केट की लिस्ट में जिन अन्य राज्यों ने अपना नाम दर्ज कराया है, उनमें दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड शामिल हैं।

मार्केट लीडर्स इन न्यूजपेपर्स (Market Leaders in Newspapers)

पंजाब में अखबारों ने टोटल रीडरशिप (TR) और एवरेज इश्यू रीडरशिप (AIR) दोनों ही मामलों में ग्रोथ दर्ज की है। क्षेत्र के प्रमुख अखबार ‘पंजाब केसरी’ की एवरेज इश्यू रीडरशिप के आंकड़ों में लगातार वृद्धि देखने को मिली है। इंडियन रीडरशिप सर्वे 2019 की पहली तिमाही (IRS Q1 2019) के आंकड़ों के अनुसार जहां इस अखबार का एआईआर 936000 था, वह तीसरी तिमाही (Q3) में बढ़कर 950000 हो गया है।

दूसरी ओर, दैनिक भास्कर की ग्रोथ भी काफी अच्छी रही है। पहली तिमाही में इस अखबार की टोटल रीडरशिप (TR) 1857000 थी, जो दूसरी तिमाही में 1924000 और तीसरी तिमाही में बढ़कर 216700 हो गई है। इसी तरह अखबार की एवरेज इश्यू रीडरशिप (AIR) भी लगातार तीन तिमाहियों में 4,93,000 से 5,00,000  और फिर इससे बढ़कर 5,96,000 हो गई है।    

अब दैनिक जागरण की बात करें तो इस क्षेत्र में पहली तिमाही में अखबार की टोटल रीडरशिप 1819000 थी जो दूसरी तिमाही में बढ़कर 1922000 और तीसरी तिमाही में 1971000 हो गई। वहीं, दैनिक जागरण की एवरेज इश्यू रीडरशिप (AIR) पहली तिमाही में 446000 थी और दूसरी तिमाही में इसमें मामूली गिरावट के साथ यह 436000 हो गई थी, लेकिन तीसरी तिमाही में इसने फिर अपनी स्थिति मजबूत की और तीसरी तिमाही में यह 466000 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।

आखिर क्या है इसकी वजह (What keeps the newspapers going)?

पंजाब केसरी अपनी ग्रोथ का श्रेय अपनी नई पहल (innovations) को देता है, जो उसने प्रॉडक्शन में शुरू की हैं। अखबार के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर अमित चोपड़ा का कहना है, ‘हम डिजिटल का विस्तार कर रहे हैं। पंजाब केसरी में प्रिंट और डिजिटल की ग्रोथ एक-दूसरे की पूरक हैं और इससे हमारी पहुंच बढ़ी है। टेक्नोलॉजी में नए-नए प्रयोग करने से उत्पादकता में बढ़ोतरी के साथ क्वालिटी भी बेहतर हुई है।’

चोपड़ा के अनुसार, ‘हमने हाल ही में अपनी सभी 13 प्रॉडक्शन यूनिट्स में प्रिंटिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को बदल दिया है, जिससे हमें अपनी क्वालिटी और ग्रोथ बढ़ाने में काफी मदद मिली है। सभी लोकल पुलआउट्स भी अब मेन न्यूजपेपर का हिस्सा हैं।’ इसके साथ ही चोपड़ा का यह भी कहना है, ‘उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश जैसे राज्य की तुलना में जहां पर हिंदी की ज्यादा रीडरशिप है, पंजाब में अंग्रेजी, हिंदी और अंग्रेजी की रीडरशिप काफी ज्यादा है।’

वहीं, दैनिक जागरण के पूर्व चीफ जनरल मैनेजर, प्रिंटर पब्लिशर और रेजिडेंट एडिटर निशिकांत ठाकुर का कहना है, ‘राज्य में पंजाबी की तुलना में हिंदी रीडरशिप ज्यादा है। लोगों का हिंदी अखबारों की तरफ ज्यादा झुकाव है। पंजाब में रीजनल न्यूजपेपर्स जैसे- जगवाणी की रीडरशिप ग्रामीण इलाकों में ज्यादा है जबकि शहरी इलाकों में अजीत की रीडरशिप ज्यादा है।’

पंजाब के तीन प्रमुख शहरों-अमृतसर, जालंधर और लुधियाना में दैनिक भास्कर टॉप के अखबारों में शुमार है। दैनिक भास्कर के प्रवक्ता का कहना है, ‘हाल ही में जारी किए गए वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही के आईआरएस सर्वे के नतीजों के अनुसार दैनिक भास्कर ही इकलौता अखबार है, जिसकी ग्रोथ में पिछली तिमाही की तुलना में 23 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। यह हमारे सर्कुलेशन को बढ़ाने और एडिटोरियल कंटेंट पर फोकस करने के साथ ही पाठकों से जमीनी तौर पर जुड़ने का परिणाम है। हमारे लिए पंजाब काफी प्रमुख मार्केट है और हम इस क्षेत्र में अपनी स्थिति को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।’

पंजाब में अखबारों की ग्रोथ का क्या कारण है (Why are newspapers in Punjab growing)?

राज्य में अखबारों की रीडरशिप बढ़ने से इस माध्यम में एडवर्टाइर्स की संख्या भी बढ़ी है। विशेषज्ञों की मानें तो राज्य में पिछले दो-तीन वर्षों में विज्ञापन की दरों (ad rates) में भी 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है और पिछले दिनों देश की कमजोर अर्थव्यवस्था के दौरान भी इसमें कोई कमी नहीं देखी गई है।

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के चौथे दौर (NFHS-4) के नतीजों के अनुसार, देश में दिल्ली और पंजाब के लोग ज्यादा अमीर हैं। ऐसे में स्वभाविक तौर पर लोगों को लुभाने के लिए एडवर्टाइजर्स पंजाब के अखबारों की ओर आकर्षित हुए हैं।

देश का 75 प्रतिशत साइकिल उत्पादन और साइकिल के कलपुर्जों का 80 प्रतिशत निर्माण पंजाब में हो रहा है। इसके अलावा ट्रैक्टर्स, स्पोर्ट्स गुड्स और एग्रीकल्चरल मशीनरी का निर्माण भी इस राज्य में सबसे ज्यादा हो रहा है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपनी बात और प्रॉडक्ट के बारे में जानकारी पहुंचाने के लिए ये इंडस्ट्रीज अखबारों का सहारा लेती हैं।

मीडिया विशेषज्ञ अनीता नैय्यर का कहना है, ‘देश में चंडीगढ़ और लुधियाना जैसे शहरों की गिनती अमीर शहरों में होती है और यहां के लोगों की क्रय शक्ति (purchasing Power) ज्यादा है। ऐसे में ब्रैंड्स भी लोगों को लुभाने के लिए यहां के अखबारों पर विज्ञापन में ज्यादा खर्च करते हैं।

विज्ञापन का बिजनेस (Business of advertising)

विभिन्न ब्रैंड्स के एडवर्टाइजर्स ने पंजाब के अखबारों के लिए अपने दरवाजे खोल रखे हैं। लोकल प्लेयर्स जैसे ट्रैक्टर निर्माता आदि ने स्थानीय अखबारों का सहारा लिया है, वहीं नेशनल और इंटरनेशनल ब्रैंड्स अंग्रेजी अखबारों का सहारा ले रहे हैं।

चंडीगढ़ की एडवर्टाइजिंग एजेंसी ‘De Code’ के मार्केटिंग हेड विनय कौशिक के अनुसार, ‘अंग्रेजी पाठकों के लिए एडवर्टाइजर्स पंजाब में ट्रिब्यून को प्राथमिकता देते हैं, वहीं पंजाबी के लिए अजीत और हिंदी में पंजाब केसरी उनकी पहली पसंद है। अन्य राज्यों की तुलना में पंजाब  मल्टी प्लेयर मार्केट है और यहां अंग्रेजी, हिंदी और पंजाबी में कई विकल्प हैं। यहां चुनौती काफी कड़ी है, इसके बावजूद एडवर्टाइजर्स अखबारों में विज्ञापन पर काफी खर्च कर रहे हैं। यही कारण है कि पिछले तीन साल में विज्ञापन की दरों में पांच से दस प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है।’

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महिला सशक्तीकरण का बेहतरीन उदाहरण है दैनिक भास्कर का ये शीर्षक

एक लंबी ‘जंग’ के बाद सेना में महिलाओं को बराबरी का दर्जा मिल गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी दलीलों को दरकिनार करते हुए उनके हक में फैसला सुनाया

नीरज नैयर by
Published - Tuesday, 18 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 18 February, 2020
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एक लंबी ‘जंग’ के बाद सेना में महिलाओं को बराबरी का दर्जा मिल गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी दलीलों को दरकिनार करते हुए उनके हक में फैसला सुनाया। दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों ने इस खबर को प्रमुखता से स्थान दिया है। शुरुआत आज दैनिक भास्कर से करते हैं। बेहद खूबसूरत शीर्षक के साथ महिला सैन्य अफसरों की जीत को लीड लगाया गया है। कोर्ट के आदेश के बाद अब महिलाएं कोर कमांडर भी बन पाएंगी। फैसला सुनाने से पहले अदालत ने केंद्र सरकार की सोच को भी रूढ़िवादी करार दिया।

सेकंड लीड के तौर पर निर्भया के दोषियों को रखा गया है। अदालत ने तीसरा डेथ वारंट जारी किया है, लेकिन सवाल कायम है कि क्या तीन मार्च को उन्हें सूली पर लटकाया जा सकेगा? वहीं, शाहीन बाग में चल रहे विरोध-प्रदर्शन को समाप्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट आगे आया है। कोर्ट ने 3 मध्यस्थ तय किये हैं, जो प्रदर्शनकारियों से बातचीत करेंगे। इस खबर को भी प्रमुखता से स्थान मिला है। इसके अलावा, दिल्ली की नई सरकार और दो सिंगल समाचार पेज पर हैं। एंकर में गगनयान के पायलट्स से जुड़ी स्टोरी है, जो रूस में कड़ी ट्रेनिंग ले रहे हैं।

अब रुख करते हैं नवभारत टाइम्स का, जिसके फ्रंट पेज पर आज भी काफी विज्ञापन है। अख़बार ने शाहीन बाग पर सुप्रीम कोर्ट के रुख को लीड लगाया है। सेना में महिलाओं को मिला बराबरी का हक टॉप बॉक्स में है। इसके अलावा कुर्सी संभालते ही एक्शन में आए केजरीवाल और निर्भया के दोषियों का डेथ वारंट भी पेज पर है।        

वहीं, हिन्दुस्तान में भी नवभारत टाइम्स जैसे हालात हैं। यानी खबरों के लिए केवल आधा पेज जगह ही उपलब्ध है। सेना में महिलाओं को मिला बराबरी का हक लीड है, जबकि निर्भया के दोषियों के डेथ वारंट को सेकंड लीड के रूप में पेश किया गया है।

शाहीन बाग़ पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के साथ ही निशांत कौशिक की बाईलाइन को भी पेज पर जगह मिली है। कौशिक ने नोएडा में 34 हजार नौकरियों को लेकर हुए फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। इसके अलावा, चार सिंगल समाचार भी हैं।

अमर उजाला ने भी महिलाओं को मिले समान हक को लीड का दर्जा दिया है। दूसरी बड़ी खबर निर्भया के दोषियों का डेथ वारंट है, साथ में इसमें दोषियों की चालबाजी का भी जिक्र है। इस वजह से संशय बरकरार है कि उन्हें तय डेट पर फांसी होगी भी या नहीं? दिल्ली के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने वाले केजरीवाल ने अपने पास कोई विभाग नहीं रखा है। मुख्यमंत्री के इस फैसले को अखबार ने प्रमुखता के साथ पेज पर रखा है।

600 करोड़ रुपए के घोटाले में त्रिपुरा के पूर्व मुख्य सचिव की गिरफ़्तारी और दिल्ली हवाईअड्डे पर सीआईएसएफ की कार्रवाई को भी पर्याप्त स्थान मिला है। सीआईएसएफ ने परफ्यूम के डिब्बों और कपड़ों में छिपाकर ले जाई जा रही विदेशी मुद्रा जब्त की है। वहीं, शाहीन बाग पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी एंकर में है।

इसके अलावा राजस्थान पत्रिका ने सेना में महिलाओं का मिले बराबरी के हक को लीड रखा है।  कॉमन आईब्रो ‘देश में महिलाओं को न्याय की दो खबरें’ से निर्भया के दोषियों के डेथ वारंट संबंधी समाचार को भी लीड से जोड़ दिया है।

शाहीन बाग पर सुप्रीम कोर्ट के रुख को भी बड़ी जगह मिली है। खबर में कोर्ट द्वारा नियुक्त वार्ताकारों के बारे में भी जानकारी दी गई है, जो प्रदर्शनकारियों से बातचीत करेंगे। साथ ही, मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने वाले केजरीवाल की खबर और रेल टिकटों के सबसे बड़े दलाल की गिरफ्तारी से जुड़ी खबर भी पेज पर है। एंकर में शादाब अहमद की बाईलाइन स्टोरी है। उन्होंने कांग्रेस में बढ़ती कलह से पाठकों को रूबरू कराने का प्रयास किया है।

आज सबसे आखिरी में बात करते हैं दैनिक जागरण की। लीड शाहीन बाग पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को बनाया गया है। साथ ही इसमें वार्ताकार नियुक्त करने का भी जिक्र है। सेकंड लीड सेना में महिलाओं को मिला बराबरी का हक है।

निर्भया के दोषियों की फांसी की नई तारीख और कोई विभाग अपने पास न रखने का केजरीवाल का फैसला भी फ्रंट पेज पर है। केजरीवाल की खबर में मंत्रियों और उनके विभागों का भी उल्लेख किया गया है, जो कि अच्छा कदम है। वहीं, एंकर में टेलीकॉम कंपनियों से जुड़े मामले को लगाया गया है।         

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में आज मुख्य मुकाबला दैनिक भास्कर, अमर उजाला, दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका में था, जिसमें से दैनिक भास्कर ने बाजी मार ली है। नवभारत टाइम्स और हिन्दुस्तान ने सीमित जगह में भी अपने पाठकों के लिए आकर्षक फ्रंट पेज तैयार किया है।

2: खबरों की प्रस्तुति का जहां तक सवाल है, दैनिक भास्कर सबसे आगे है। दूसरा नंबर हिन्दुस्तान और तीसरा अमर उजाला को दिया जा सकता है।

3: कलात्मक शीर्षक के मामले में आज दैनिक भास्कर का कोई तोड़ नहीं। लीड का शीर्षक ‘सशस्त्रीकरण’ जिसे ‘स्त्रीकरण’ भी पढ़ा जा सकता है, दर्शाता है कि अखबार में शीर्षक पर काफी काम होता है।

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फ्रंट पेज पर इस बड़ी खबर को रखने से चूक गए आज ये अखबार

विज्ञापन की अधिकता के कारण दैनिक जागरण में आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है।

नीरज नैयर by
Published - Monday, 17 February, 2020
Last Modified:
Monday, 17 February, 2020
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केजरीवाल की शपथ और नागरिकता संशोधन कानून पर पीएम मोदी का रुख आज दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों की सुर्खियां हैं। सबसे पहले बात हैं दैनिक जागरण की, जहां विज्ञापन के चलते तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड केजरीवाल का शपथ ग्रहण समारोह है। इस खबर को अखबार ने लगभग आधा पेज जगह दी है। इसमें समारोह से जुड़ी निहाल सिंह की बाईलाइन भी है।

दूसरी प्रमुख खबर नागरिकता संशोधन कानून पर मोदी का वाराणसी में दिया बयान है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सरकार सीएए पर किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेगी। एंकर में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने से जुड़ा समाचार है। इस तरह से केवल तीन बड़ी खबरों में ही फ्रंट पेज समाप्त हो गया है।

अब रुख करते हैं अमर उजाला का। फ्रंट पेज पर काफी विज्ञापन है, इसके चलते महज दो बड़ी खबरों को ही स्थान मिल सका है। पहली केजरीवाल का शपथ ग्रहण समारोह है, जिसे लीड का दर्जा मिला है और दूसरी कश्मीर पर भारत की यूएन को खरी-खरी। भारत ने साफ किया है कि कश्मीर पर किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

हिन्दुस्तान की बात करें तो लीड केजरीवाल की शपथ है, जिसे ‘मैंने अपने विरोधियों को माफ किया शीर्षक’ के साथ लगाया गया है। नागरिकता संशोधन कानून पर मोदी का सख्त रुख, जामिया कांड के नए वीडियो, उन्नाव और दिल्ली में हुए हादसे सहित स्कन्द विवेक धर की बाईलाइन को भी प्रमुखता से पेज पर लगाया गया है। जामिया कांड के 63 दिन बाद तीन विडियो सामने आये हैं, जिनमें पुलिस की बर्बरता साफ नजर आ रही है।

वहीं, स्कन्द विवेक ने बताया है कि अब दवा खराब मिलने पर मार्केटिंग कंपनियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, पेज पर चार सिंगल समाचार हैं, जिसमें सबसे प्रमुख हैं 11 नौसेना कर्मियों की जासूसी के आरोप में गिरफ्तारी। एंकर में लंदन फैशन वीक है, जहां पहली बार इंडिया डे का आयोजन किया गया।

आज दैनिक भास्कर के फ्रंट पेज पर कोई बड़ा विज्ञापन नहीं है, इस कारण पाठकों के पढ़ने के लिए यहां काफी कुछ है। लीड केजरीवाल की शपथ है, खबर को काफी विस्तार और आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। जामिया कांड में फिर से आए उबाल को सेकंड लीड का दर्जा मिला है, इसी में शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों का भी जिक्र है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे और संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान को भी फ्रंट पेज पर रखा गया है। भागवत का कहना है कि पढ़े-लिखे और अमीरों में तलाक के मामले ज्यादा सामने आते हैं।

पेज पर तीन सिंगल समाचारों को भी जगह मिली है, जिसमें दिल्लीवासियों को डराने वाली खबर सबसे प्रमुख है। राजधानी में स्वाइन फ्लू ने दस्तक दी है, अब तक 43 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है. वहीं, एंकर में मनीषा भल्ला की बाईलाइन को सजाया गया है, जिन्होंने ब्रसेल्स हमले में पीड़ा का प्रतीक बनीं निधि चाफेकर की कहानी के बारे में बताया है।     

विज्ञापनों के मामले में नवभारत टाइम्स के लिए आज का दिन भी अच्छा रहा। फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन है और केवल दो बड़ी खबरों को ही जगह मिल सकी है। लीड केजरीवाल की शपथ है। खबर में शपथ ग्रहण का बड़ा फोटो लगाया गया है, जिस पर केजरीवाल के प्रमुख मंत्रियों की भी फोटो है। दूसरी बड़ी खबर नागरिकता संशोधन कानून पर पीएम मोदी का सख्त रुख है। इसके अलावा, हादसों से जुड़े तीन समाचारों को सिंगल कॉलम में रखा गया है।

सबसे आखिरी में चलते हैं राजस्थान पत्रिका पर। केजरीवाल की शपथ को फ्रंट पेज की लीड बनाया गया है। इसमें मुकेश केजरीवाल की बाईलाइन स्टोरी को भी जगह मिली है, जिन्होंने आम आदमी पार्टी में आ रहे बदलावों को पाठकों के समक्ष रखा है। जैसे कि इस बार पार्टी नेता टोपी में नहीं बल्कि माथे पर तिलक के साथ दिखाई दिए। नागरिकता संशोधन कानून पर मोदी के सख्त रुख को सेकंड लीड का दर्जा मिला है।

धीरज कुमार की बाईलाइन और महाराष्ट्र में ‘एकला चलो’ पर कायम रहने के भाजपा के फैसले को भी बड़ी जगह दी गई है। कुमार ने भाजपा की कमजोर होती स्थिति को बयां किया है। अखबार ने जामिया कांड में आए उबाल को फ्रंट पेज पर नहीं रखा है, जबकि शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी सिंगल में हैं। एंकर में भी बाईलाइन स्टोरी है। आनंद मणि त्रिपाठी ने घाटी के बाशिंदों की परेशानियों से देश को रूबरू कराने का प्रयास किया है।   

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में पहले नंबर पर दैनिक भास्कर और दूसरे नंबर पर हिन्दुस्तान है। वहीं, राजस्थान पत्रिका का फ्रंट पेज खास आकर्षक नहीं लग रहा। लेकिन यह जरूर कहना होगा कि नवभारत टाइम्स ने आज फिर सीमित जगह में एक अच्छा पेज तैयार किया है।

2: खबरों की प्रस्तुति में आज अप्रत्याशित तौर पर दैनिक जागरण ने बाजी मारी है। अखबार ने केजरीवाल के शपथ समारोह को विस्तार के साथ ही आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया है। दूसरा स्थान दैनिक भास्कर का है।

3: शीर्षक को कलात्मक बनाने का प्रयास आज दैनिक जागरण ने भी किया है, लेकिन अव्वल दैनिक भास्कर रखा है। लीड की हेडलाइन ‘केजरीशपथ’ में ‘श’ को कुछ शेड लाइट किया गया है, ताकि इसे ‘केजरीपथ’ भी पढ़ा जा सके।

4: खबरों की बात करें तो राजस्थान पत्रिका, दैनिक जागरण और नवभारत टाइम्स ने जामिया कांड से जुड़ी खबर के साथ अन्याय किया है। दैनिक जागरण ने जरूर खबर को संक्षिप्त में जगह दी है, लेकिन बाकी दोनों अखबारों के फ्रंट पेज से यह महत्वपूर्ण समाचार नदारद है।

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फ्रंट पेज के शीर्षक में ये दो बड़े अखबार कर बैठे गलती

नवभारत टाइम्स के पाठकों को आज दो फ्रंट पेज पढ़ने को मिले हैं, जबकि दैनिक जागरण में तीसरे और हिन्दुस्तान में पांचवे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है

नीरज नैयर by
Published - Saturday, 15 February, 2020
Last Modified:
Saturday, 15 February, 2020
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विज्ञापनों की ‘बरसात’ से दिल्ली से प्रकाशित होने वाले प्रमुख अखबार आज भी सराबोर हुए हैं। सबसे पहले आज बात करते हैं नवभारत टाइम्स की। विज्ञापनों के चलते तीसरे और पांचवें पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। पहले पेज पर केजरीवाल का शपथ ग्रहण समारोह के लिए पीएम मोदी को न्योता लीड है। इसके अलावा, पेज पर दो अन्य समाचार और कुछ संक्षिप्त खबरें हैं। दूसरे फ्रंट पेज पर चलें, तो यहां सुप्रीम कोर्ट द्वारा मोदी सरकार को लगाई गई कड़ी फटकार सबसे बड़ी खबर है। टेलिकॉम कंपनियों से वसूली के मामले में सरकार के रवैये से नाराज कोर्ट ने यहां तक कह दिया कि देश में कानून नहीं बचा है, क्यों न सुप्रीम कोर्ट को बंद कर दिया जाए।

महेंद्र सिंह धोनी के चाहने वालों के लिए आई खुशखबरी को भी अखबार ने प्रमुखता के साथ पेज पर रखा है। धोनी एक मार्च से मैदान पर उतरेंगे। कोर्ट से जुड़ी तीन ख़बरों को एकसाथ लगाया गया है। मसलन, ‘निर्भया के दोषी की याचिका खारिज’, ‘फांसी के मामलों में जारी गाइडलाइन’ और ‘सुनवाई के बीच बेहोश हुईं जज’। पुलवामा हमले को लेकर राहुल गांधी का सरकार पर प्रहार और भाजपा नेताओं के पलटवार को भी बड़ी जगह मिली है। इस खबर की हेडलाइन थोड़ी पेचीदा बना दी गई है। इसके अलावा, जल्दबाजी में शीर्षक में एक शब्द भी छूट गया है। दरअसल, लिखा गया है ‘पुलवामा से सबसे फायदा किसे’?, जबकि होना चाहिए था ‘पुलवामा से सबसे ज्यादा फायदा किसे’? अखबार में पहले फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन होने के कारण यहां सिर्फ खबरों वाला भाग ही शो हो रहा है, जबकि दूसरा फ्रंट पेज पूरा शो हो रहा है।  

अब हिन्दुस्तान का रुख करें तो अखबार में विज्ञापन इतने हैं कि पांचवें पेज को फ्रंट पेज बनाया जा सका है। लीड सुप्रीम कोर्ट की फटकार है, लेकिन खबर का शीर्षक ‘फटकार’ पर नहीं टेलीकॉम कंपनियों से वसूली पर केंद्रित है। इससे खबर का तीखापन थोड़ा कम हो गया है। सेकंड लीड के रूप में पुलवामा हमले की बरसी पर हुई सियासी बयानबाजी को रखा गया है।

केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां, निर्भया के दोषी और एनसीआर में निर्माण से हटी पाबंदी को भी प्रमुखता से पेज पर जगह दी गई है। श्याम सुमन ने अपनी बाईलाइन में बताया है कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में निर्माण कार्यों पर लगी रोक को अब पूरी तरह से हटा दिया है। इसके अलावा, पेज पर पांच सिंगल समाचार हैं। जिसमें ‘एकदिन में बन जाएगा पैनकार्ड, अमरनाथ यात्रा 23 जून से, एक अप्रैल से नहीं बिकेंगे बीएस-4 वाहन’ प्रमुख हैं।

आज राजस्थान पत्रिका के फ्रंट पेज पर टॉप बॉक्स में एक बेहतरीन और पढ़ने लायक खबर है। यह खबर बताती है कि कर्नाटक निवासी कंबाला ने उसैन बोल्ट को भी पीछे छोड़ दिया है। वहीं, पुलवामा हमले की बरसी पर सियासत और श्रद्धांजलि को भी बड़ी जगह मिली है। लीड सबसे अलग आम आदमी पार्टी से जुड़ी खबर को लगाया गया है, जो अब पूरे देश में चुनाव लड़ने का सोच रही है।

कांग्रेस में बढ़ी कलह को भी अखबार ने पेज पर रखा है। शादाब अहमद ने अपनी बाईलाइन में राज्यसभा के लिए पार्टी में मचे घमासान को रेखांकित किया है, वहीं मध्यप्रदेश में चल रही उठापठक सिंगल कॉलम में है। निर्भया के दोषी की खारिज याचिका एंकर के पास दो कॉलम में है और एंकर में सुवालाल जांगु की बाईलाइन को स्थान मिला है। उन्होंने अरुणाचल के काबू गांव के बदलाव की कहानी से पाठकों को रूबरू करवाया है। अखबार  ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा मोदी सरकार को लगाई गई फटकार को फ्रंट पेज पर नहीं रखा है।

वहीं, दैनिक भास्कर की बात करें तो लीड मोदी सरकार को मिली फटकार है, जिसे सात कॉलम में विस्तार से पाठकों के समक्ष पेश किया गया है। निर्भया के दोषी विनय की खारिज याचिका, पुलवामा हमले की बरसी से जुड़ी खबर के साथ ही केजरीवाल की शपथ की तैयारियों को भी प्रमुखता के साथ रखा गया है। एंकर में अमीरी के मामले में नए कीर्तिमान स्थापित करते उद्योगपति हैं। इसके पास ही दो कॉलम में बॉम्बे हाई कोर्ट के दूसरे सबसे सीनियर जज का इस्तीफा है। जस्टिस धर्माधिकारी का कहना है कि वो मुंबई से बाहर जाना नहीं चाहते, इसलिए इस्तीफा दिया है।

इसके अलावा, पेज पर तीन सिंगल समाचार हैं। इनमें एनडीएमसी के कर्मचारियों की परेशानी और आशंकित विजय माल्या प्रमुख हैं। एनडीएमसी के 200 कर्मचारियों के खातों से किसी जालसाज ने पैसा निकाल लिया है, वहीं प्रत्यपर्ण की सुनवाई पूरी होने के बाद घबराए माल्या ने भारतीय बैंकों को मूलधन वापस करने की इच्छा जताई है। अखाबर ने संक्षिप्त में एक बेहद महत्वपूर्ण खबर को रखा है, जिसके अनुसार देश के तीन हवाईअड्डे 50 साल के लिए अडाणी ग्रुप को सौंप दिए गए हैं।

सबसे आखिरी में रुख करते हैं दैनिक जागरण का। फ्रंट पेज पर विज्ञापन होने के कारण अखबार ने तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया है। टॉप बॉक्स में दो खबरों को लगाया गया है। पहली, एनडीएमसी कर्मचारियों से हुई जालसाजी और दूसरी, फांसी की सजा पर सुनवाई की समय सीमा तय।

लीड सुप्रीम कोर्ट द्वारा मोदी सरकार को लगाई गई फटकार है। वहीं,  पुलवामा हमले की बरसी पर हुई सियासत को भी प्रमुखता के साथ पेज पर रखा गया है। दिल्ली-एनसीआर में निर्माण कार्यों से हटी रोक और एक अप्रैल से बीएस-4 वाहनों की बिक्री पर रोक को भी स्थान मिला है। एंकर में एक अच्छी खबर है। अब आप नोएडा मेट्रो में जन्मदिन पार्टी जैसे आयोजन कर सकेंगे। हालांकि इसके लिए आपको प्रति घंटे के हिसाब से भुगतान भी करना होगा।

आज का किंग कौन?

1: लेआउट हिसाब से यदि देखें तो आज दैनिक भास्कर अव्वल है। वैसे, नवभारत टाइम्स ने भी सीमित जगह में काफी अच्छा फ्रंट पेज तैयार किया है। खास बात यह है कि दैनिक जागरण का पेज भी पिछले दिनों की अपेक्षा बेहतर दिखाई दे रहा है।

2: खबरों की प्रस्तुति में पहले स्थान पर दैनिक भास्कर, और दूसरे नंबर पर नवभारत टाइम्स है।

3: शीर्षक को कलात्मक बनाने का प्रयास आज किसी भी अख़बार में नजर नहीं आ रहा है। हालांकि, नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर गलती जरूर कर बैठे हैं। नवभारत टाइम्स से जहां पुलवामा पर सियासत की हेडलाइन में गलती हुई है, वहीं दैनिक भास्कर सुप्रीम कोर्ट में अफरा-तफरी के समाचार के शीर्षक में गलती कर बैठा है।

4: खबरों की बात करें, तो राजस्थान पत्रिका ने एक कदम आगे बढ़ाकर खुद को पीछे धकेलने का प्रयास किया है। कर्नाटक के ‘उसैन बोल्ट’ की खबर को जहां फ्रंट पेज पर स्थान दिया गया है, वहीं सुप्रीम कोर्ट की अति महत्वपूर्ण खबर के मामले में अख़बार से चूक हो गई है। वहीं, दैनिक भास्कर ने एक संक्षिप्त खबर से खुद को सबसे आगे पहुंचा दिया है। देश के तीन हवाईअड्डों को मोदी सरकार ने 50 साल के लिए अडाणी समूह को सौंप दिया है। समूह के पास इन हवाईअड्डों के संचालन की जिम्मेदारी होगी।

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दिवालिया होने की कगार पर 30 अखबारों का प्रकाशन करने वाला यह मीडिया समूह

30 दैनिक समाचार पत्रों की प्रकाशक कंपनी ने गुरुवार को दिवालिया होने की घोषणा कर दी है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 14 February, 2020
Last Modified:
Friday, 14 February, 2020
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अमेरिका के अखबार ‘द सैक्रामेंटो बीट’ (The Sacramento Bee), ‘द मियामी हेराल्ड’ (The Miami Herald) समेत 30 अन्य दैनिक समाचार पत्रों की प्रकाशक कंपनी 'मैकक्लैची' (McClatchy) ने गुरुवार को दिवालिया होने की घोषणा कर दी है। इसके लिए उसने अमेरिकी दिवालियापन कानून के चैप्टर 11 के तहत दिवालियापन के लिए याचिका दायर की है। बता दें कि यह अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा समाचार पत्र समूह है।

फिलहाल यह कंपनी प्रिंट विज्ञापन में हो रही गिरावट और तेजी से बढ़ते डिजिटल बिजनेस की चुनौतियों का सामना कर रही है। कंपनी का रेवन्यू भी लगातार घट रहा है, जिसके चलते कंपनी को अपना कर्ज उतारने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि अधिकांश पाठक और विज्ञापनदाता अब ऑनलाइन की ओर अपना रुख कर रहे हैं।  

बता दें कि 163 साल पुरानी इस कंपनी पर कुल देनदारियां लगभग 1.6 बिलियन डॉलर की हैं, जबकि इस पर 703 मिलियन डॉलर का कर्ज है। कंपनी ने दिवालियापन कानून के तहत अपने दावे में यह भी जानकारी दी है कि उसके 24,000 रिटायर्ड कर्मचारी हैं, जिन्हें 530 मिलियन डॉलर की पेंशन देनी है और कुछ हजार वर्तमान कर्मचारी हैं, जो पेंशन के लिए पात्र हैं। कंपनी ने बताया कि यह देनदारी उसके बैंक ऋण से बहुत ही ज्यादा है।

हालांकि, इस बीच कंपनी ने ये घोषणा की है कि वह क्षेत्रीय अखबारों का प्रकाशन जारी रखेगी और ऋण का बोझ कम करके इन अखबारों के डिजिटल संस्करण पर ध्यान देगी। साथ ही कंपनी ने यह भी कहा कि इस दौरान 14 राज्यों में उसके जो न्यूजरूम हैं, वह पहले की तरह काम करते रहेंगे।

कंपनी ने दिवालियापन कानून के तहत अपने दावे में कहा है कि उसने एक पुनर्गठन योजना तैयार की है जिसके तहत इन अखबारों का स्वामित्व कैथम एसेट नाम के प्राइवेट इक्विटी निवेशक समूह को सौंपा जाएगा। हालांकि इससे उसका कंपनी से 163 साल से चला आ रहा परिवार का एकाधिकार खत्म हो जाएगा।

कंपनी के निदेशक मंडल के चेयरमैन केविन मैकक्लैची ने कहा, ‘मैकक्लैची परिचालन के हिसाब से मजबूत कंपनी बनी हुई है और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिये लगातार प्रतिबद्ध रही है। यह प्रतिबद्धता मेरे परिवार की पांच पीढ़ियों से चली आ रही है।’

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इस बड़ी खबर पर राजस्थान पत्रिका ने मारी बाजी, अन्य अखबार नजर आए दूर

विज्ञापन की अधिकता के कारण दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में आज तीसरे पेज को जबकि नवभारत टाइम्स में पांचवे और सातवें पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है

नीरज नैयर by
Published - Friday, 14 February, 2020
Last Modified:
Friday, 14 February, 2020
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राजनीति में बढ़ते अपराधीकरण पर लगाम लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दिशा-निर्देश जारी किये हैं। यही दिशा-निर्देश आज दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों की सबसे बड़ी खबर है। शुरुआत करते हैं दैनिक भास्कर से। राजनीति के अपराधीकरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों से प्रत्याशियों के चयन का आधार पूछा है। इस खबर को काफी विस्तार से पाठकों के समक्ष रखा गया है।

वहीं, दिल्ली चुनाव के बाद भाजपा को अपने नेताओं के बयानों में हार के कारण नजर आने लगे हैं। इस खबर के साथ ही दिल्ली के सामूहिक हत्याकांड का पटाक्षेप प्रमुखता के साथ पेज पर है। निर्भया के दोषी विनय की चालबाजी और गार्गी कॉलेज विवाद को भी फ्रंट पेज पर जगह मिली है। इसके अलावा, तीन समाचारों को सिंगल में रखा गया है। इनमें मैच फिक्सिंग के आरोपित की गिरफ्तारी और बच्चों के लिए अलग रंग का आधार कार्ड प्रमुख हैं। एंकर में अखबार की खास खबर है। गुजरात की एक बेटी ने अपने पिता से दहेज में अपने वजन के बराबर किताबें मांगीं और पिता ने उसकी मांग को पूरा भी किया।

अब दैनिक जागरण की बात करें तो जैकेट विज्ञापन के कारण आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। हालांकि इस पेज पर कोई विज्ञापन नहीं है। पेज की शुरुआत भाजपा के ‘पछतावे’ से हुई है। अमित शाह को लगता है कि नेताओं की ‘नफरत की भाषा’ ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया। लीड नेताओं के ‘दाग’ हैं, जबकि भजनपुर हत्याकांड का पटाक्षेप, 19 साल बाद मैच फिक्सर संजीव चावला की गिरफ्तारी और दिल्ली में दो पुलिसकर्मियों की हत्या भी पेज पर है। पुलिसकर्मियों को बदमाशों ने केवल इसलिए गोली मार दी, क्योंकि उन्होंने पता बताने से इनकार कर दिया था।

इसके अलावा, ब्रिटेन में भारतवंशियों की उपलब्धि को प्रमुखता के साथ पेज पर जगह देने के साथ ही एंकर में पुस्तक पर संग्राम को रखा गया है। किताब में पंडित नेहरू को लेकर लिखीं कुछ बातों पर विदेशमंत्री जयशंकर और इतिहासकार रामचंद्र गुहा आपस में भिड़ गए हैं।

अब हिन्दुस्तान का रुख करें, तो यहां फुल पेज विज्ञापन के चलते तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश हैं, जिनके तहत अब राजनीतिक पार्टियों को बताना होगा कि उन्होंने दागी उम्मीदवारों को टिकट क्यों दिया। दूसरी बड़ी खबर के रूप में निर्भया के दोषी की पैंतरेबाजी को रखा गया है। विनय के वकील का कहना है कि विनय की दिमागी हालत ठीक नहीं है, इसलिए उसे फांसी नहीं दी जा सकती।

अमित शाह के पछतावे सहित केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों को भी प्रमुखता मिली है। भजनपुर हत्याकांड का पटाक्षेप, ब्रिटेन में भारतवंशी की उपलब्धि, मैच फिक्सर की गिरफ्तारी और लखनऊ कोर्ट में देशी बम से हमले सहित छह समाचारों को सिंगल में लगाया गया है।

आज नवभारत टाइम्स पर विज्ञापनों की जमकर ‘बरसात’ हुई है। चार फुल पेज विज्ञापनों के चलते पांचवें और सातवें पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। हालांकि, वहां भी ज्यादा खबरों की गुंजाइश नहीं बन सकी है। पहले फ्रंट पेज पर अमित शाह के पछतावे को लीड का दर्जा मिला है। दूसरी और आखिरी बड़ी खबर के रूप में हार पर भाजपा नेताओं का मंथन है। पन्ना पलटकर दूसरे फ्रंट पेज पर चलें तो यहां नेताओं के दाग पर सवाल लीड है, जिसे काफी अच्छी तरह से प्रस्तुत किया गया है।

मेट्रो में अश्लील हरकत की खबर को प्रमुखता के साथ जगह दी गई है। इसके अलावा, पेज पर कोरोना वायरस, भजनपुर हत्याकांड का पटाक्षेप, मैच फिक्सर की गिरफ्तारी के साथ-साथ कुछ अन्य समाचार हैं। अखबार के पहले फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन होने के कारण यहां सिर्फ खबरों वाला हिस्सा ही शो हो रहा है, जबकि दूसरा फ्रंट पेज पूरा शो हो रहा है।

सबसे आखिरी में नजर डालते हैं राजस्थान पत्रिका पर। फ्रंट पेज की शुरुआत टॉप बॉक्स से हुई है, जिसमें पुलवामा हमले की पहली बरसी को रखा गया है। आनंदमणि त्रिपाठी ने अपनी बाईलाइन में उस काले दिन और उसके बाद से सीआरपीएफ की तैयारियों के बारे में बताया है। ताज्जुब की बात है कि बाकी अखबारों ने शहीदों की शहादत के लिए फ्रंट पेज पर सिंगल कॉलम खबर भी नहीं ली है। लीड सबसे अलग कोरोना वायरस है।

नेताओं के दाग पर सुप्रीम कोर्ट के सवाल को काफी छोटी जगह प्रदान की गई है। अमित शाह के पछतावे, भाजपा के संगठन में होने वाले बदलाव सहित निर्भया के दोषी की चालबाजी भी पेज पर है। एंकर में कनाडाई संसदीय प्रतिनिधि मंडल की लोकसभा अध्यक्ष से हुई मुलाकात है।             

 

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में आज मुकाबला दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका के बीच था, क्योंकि तीनों के फ्रंट पेज पर कोई विज्ञापन नहीं है। इस दौड़ में दैनिक भास्कर अव्वल रहा है।

2: खबरों की प्रस्तुति में पहले स्थान पर दैनिक भास्कर, फिर हिन्दुस्तान और नवभारत टाइम्स हैं।

3: कलात्मक शीर्षक की बात करें तो बाजी नवभारत टाइम्स के नाम रही है। ‘दाग अच्छे हैं, पर क्यों’? शीर्षक दर्शाता है कि कम शब्दों में भी पूरी बात कैसे बयां की जा सकती है।

4: ख़बरों की बात करें तो सभी अखबारों ने प्रमुख खबरों को फ्रंट पेज पर रखने का प्रयास किया है, लेकिन इस प्रयास में राजस्थान पत्रिका को सबसे आगे कहा जा सकता है। इसकी प्रमुख वजह है पुलवामा हमले की बरसी से जुड़ी खबर का फ्रंट पेज पर होना। बाकी अखबारों ने इस खबर को फ्रंट पेज पर सिंगल कॉलम में भी जगह नहीं दी है। दैनिक जागरण ने जरूर अंदर के पन्नों पर लगी खबर को पॉइंटर के रूप में फ्रंट पेज पर रखा है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक,ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

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प्रमुख हिंदी अखबारों के फ्रंट पेज पर आज इन खबरों ने बनाई अपनी जगह

जैकेट विज्ञापन के कारण हिन्दुस्तान में आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज का दर्जा दिया गया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 13 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 13 February, 2020
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प्रचंड बहुमत के बाद केजरीवाल सरकार गठन की तैयारियों में व्यस्त हैं। वहीं, तेल कंपनियों ने आम आदमी की जेब पर बड़ा प्रहार किया है। एलपीजी सिलेंडर के दामों में छह साल बाद सबसे बड़ी बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अधिकांश अखबारों ने इन खबरों को प्रमुखता से उठाया है। हालांकि, नवभारत टाइम्स से ‘महंगे सिलेंडर’ की अहमियत को समझने में चूक हो गई है। लिहाजा, आज शुरुआत नवभारत टाइम्स से ही करते हैं।

फ्रंट पेज पर काफी विज्ञापन हैं, इसलिए तीन बड़ी खबरों की ही गुंजाइश बन सकी है। लीड, केजरीवाल का 16 फरवरी को प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह है। यह भी काफी हद तक साफ हो गया है कि उनकी टीम में पुराने चेहरे ही रहेंगे। इसी पर फोकस करते हुए खबर को उठाया गया है। साथ ही कांग्रेस में उपजी कलह का भी लीड में जिक्र है। पेज पर दूसरी प्रमुख खबर के रूप में पीएम मोदी की अपील है। मोदी ने देशवासियों से ईमानदारी से इनकम टैक्स भरने की अपील की है। दिल्ली में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या को भी पेज पर रखा गया है। इसके अलावा, चार सिंगल समाचारों को जगह मिली है, लेकिन एलपीजी सिलेंडर के दाम में 144 रुपए की बढ़ोतरी संक्षिप्त में है।

अब हिन्दुस्तान की बात करें तो जैकेट विज्ञापन के चलते तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड, अरविंद केजरीवाल का 16 को संभावित शपथ ग्रहण समारोह है। जिसे ‘नई सरकार में सभी पुराने चेहरे होंगे’ शीर्षक के साथ लगाया गया है। कांग्रेस की कलह को लीड में जगह नहीं मिली है। नवभारत टाइम्स से इतर हिन्दुस्तान ने चुनावी मौसम में बढ़े गैस के दाम की अहमियत को समझते हुए खबर को प्रमुखता से पेज पर रखा है। सोशल मीडिया पर तेल कंपनियों के इस कदम को दिल्ली चुनाव में भाजपा की हार से जोड़कर देखा जा रहा है। 

पाकिस्तान की एक अदालत ने आतंकी हाफिद सईद को सजा सुनाई है, इस समाचार को अखबार ने पर्याप्त जगह दी है। हालांकि, खबर का शीर्षक गफलत पैदा करता है। सईद को दो मामलों में साढ़े पांच-साढ़े पांच साल की सजा हुई है, इस लिहाज से कुल सजा अवधि हुई 11 वर्ष, लेकिन हेडलाइन में केवल साढ़े पांच साल का जिक्र है, जबकि बाकी अखबार 11 ही लिख रहे हैं। वहीं, गार्गी कॉलेज विवाद में 10 लोगों की गिरफ्तारी और दिल्ली में परिवार के पांच लोगों की हत्या को भी पेज पर जगह मिली है। इसके अलावा, पांच सिंगल समाचार हैं, जिनमें ‘दो भारतीयों में कोरोना की पुष्टि’, ‘निर्भया मामले में सुनवाई’, और ‘महाराष्ट्र के सभी कॉलेजों में राष्ट्रगान अनिवार्य’ प्रमुख हैं।

अब रुख करते हैं दैनिक जागरण का। लीड केजरीवाल का 16 फरवरी को संभावित शपथ ग्रहण समारोह है, जबकि दिल्ली में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या को दूसरी बड़ी खबर के रूप में पेश किया गया है। आतंकी हाफिज सईद को मिली सजा प्रमुखता के साथ पेज पर है।

अखबार ने सजा की अवधि 11 वर्ष बताई है। वहीं, कांग्रेस की कलह को संजय मिश्र ने अपनी बाईलाइन स्टोरी के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाया है, इस खबर को एंकर में जगह मिली है। नवभारत टाइम्स की तरह दैनिक जागरण ने भी सिलेंडर के दामों में जबरदस्त इजाफे की खबर को संक्षिप्त में रखा है।

अमर उजाला ने निर्भया की मां की टूटती आस को फ्रंट पेज की लीड लगाया है। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने रोते हुए सभी दोषियों के खिलाफ फिर से डेथ वारंट जारी करने की मांग की। सीबीआई बनाम सीबीआई मामले में अदालत की फटकार को भी लीड के हिस्से के रूप में रखा गया है। केजरीवाल के 16 फरवरी को संभावित शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही महंगाई की बढ़ती मार को प्रमुखता के साथ जगह मिली है। दिल्ली में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या सेकंड लीड है।

सड़क हादसे में 16 की मौत, हाफिज सईद को 11 साल की सजा और बाल सुरक्षा पर अदालत का सख्त रुख भी फ्रंट पेज पर है। बाल सुरक्षा वाली खबर को डॉटेड बॉक्स में रखा गया है। कभी-कभी इस तरह के प्रयोगों से पेज में निखार आ जाता है। एंकर की बात करें, तो यहां मुद्रा तस्करी के अनोखे तरीके का जिक्र है। दिल्ली एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ ने मूंगफली में छिपाकर ले जाई जा रही 45 लाख की विदेशी मुद्रा जब्त की है। इसके अलावा, घाटी के दौरे पर आए 25 विदेशी राजनयिकों से जुड़े समाचार को फोटो के रूप में पेज पर जगह दी गई है।

वहीं, दैनिक भास्कर की बात करें तो दिल्ली में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या की खबर को लीड लगाया गया है। महंगाई बढ़ने और उत्पादन घटने से जुड़ी खबर को भी काफी बड़ी जगह दी गई है। निर्भया मामले की खबर भी पेज पर है। इसके अलावा गार्गी कॉलेज फेस्ट छेड़छाड़ के मामले में 10 आरोपितों की गिरफ्तारी और हाफिज सईद को 11 साल की सजा की खबर को डेढ़-डेढ़ कॉलम में आसपास रखा गया है। एंकर में अखबार ने खास रिपोर्ट दी है, जिसके अनुसार रतन टाटा ने पांच महीने में ही 17 पोस्ट से 10 लाख फालोअर्स जोड़ने का कीर्तिमान रचा है।   

सबसे आखिरी में बात करते हैं राजस्थान पत्रिका की। फ्रंट पेज की शुरुआत गैस सिलेंडर की कीमतों में जबर्दस्त इजाफे की खबर से हुई है। इस खबर को रंगीन बैकग्राउंड में रखा गया है। टॉप बॉक्स में अमेरिकी अख़बार का सनसनीखेज खुलासा है, जिसके मुताबिक सीआईए और जर्मन एजेंसियों ने कोड मशीनों से भारत की जासूसी की थी। लीड सबसे अलग आतंकी हाफिज सईद को मिली 11 साल की सजा है। कश्मीर पहुंचे विदेशी राजनयिकों को फोटो के रूप में पेज पर रखा गया है।

वहीं, निर्भया मामले की सुनवाई के साथ ही हाई कोर्ट के जज पर यौन शोषण के आरोप से जुड़े महत्वपूर्ण समाचार को भी जगह मिली है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है ग्वालियर पीठ से ताल्लुक रखने वाले इस मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सकता है। उमर अब्दुल्ला की नागरिक सुरक्षा कानून के तहत हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से जज ने खुद को हटा लिया है। इस खबर को अखबार ने सिंगल कॉलम में रखा है। एंकर में मुकेश केजरीवाल की बाईलाइन है, जिन्होंने केजरीवाल की ताजपोशी की तैयारियों पर प्रकाश डाला है।

आज का किंग कौन?

1: लेआउट के लिहाज से आज अमर उजाला सबसे आगे है। अखबार ने बेहद खूबसूरत फ्रंट पेज डिजाइन किया है।

2: खबरों की प्रस्तुति में भी बाजी अमर उजाला के नाम रही है। हिन्दुस्तान को दूसरे नंबर पर रखा जा सकता है।

3: शीर्षक को कलात्मक बनाने के प्रयास में नवभारत टाइम्स अव्वल है। लीड खबर का शीर्षक ‘सरकार नई, टीम वही’ काफी अच्छा है।

4: खबरों की बात करें, तो नवभारत टाइम्स और दैनिक जागरण दोनों ने महंगाई की मार से जुड़ी खबर की अहमियत को आंकने में गलती की है। यूं तो सिलेंडर के दामों में इजाफा होता रहता है, लेकिन यह वृद्धि छह साल में सबसे बड़ी है। इसके अलावा, दिल्ली चुनाव परिणाम के ठीक बाद यह बढ़ोतरी की गई है, इस लिहाज से खबर को प्रमुखता के साथ फ्रंट पेज पर रखा जाना चाहिए था।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक,ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

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तीसरी बार फिर केजरी योग, दैनिक भास्कर ने किया जबर्दस्त ‘प्रयोग’

दिल्ली विधानसभा के चुनाव में आम आदमी पार्टी की बंपर जीत को सभी अखबारों ने काफी जगह दी है

नीरज नैयर by
Published - Wednesday, 12 February, 2020
Last Modified:
Wednesday, 12 February, 2020
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दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों में आज ‘दिल्ली चुनाव’ से बड़ी खबर और क्या हो सकती है। आम आदमी पार्टी की बंपर जीत को सभी अखबारों ने बंपर जगह दी है। आज हम भी अखबारों को उनके प्रदर्शन के अनुसार घटते हुए क्रम (descending order) में लगाते हैं, यानी जिसने ‘दिल्ली के फैसले’ को सबसे अच्छी तरह से पाठकों तक पहुंचाया है, वो पहले। इस लिहाज से पहला नंबर है दैनिक भास्कर का, जिसने काफी क्रिएटिविटी दिखाई है। खबर की प्रस्तुति से लेकर शीर्षक तक सब कुछ बेहतर है। मास्टहेड को छोटा करके आप, भाजपा और कांग्रेस की सीटों के गुणा-भाग को समझाया गया है।

इसके ठीक नीचे प्रचार के दौरान मोदी द्वारा किए गए तंज को वापस उनकी तरफ मोड़ती हुई आईब्रो ‘दिल्ली की महाभारत 2020: न संयोग, न प्रयोग, तीसरी बार फिर केजरी योग’ है। दिल्ली के परिणाम मंगलवार को आये और मंगलवार बजरंगबली का दिन होता है। इसलिए अखबार ने ‘हनुमान चालीसा’ की पंक्तियों से केजरीवाल की प्रचंड जीत को रेखांकित किया है। ‘आपन तेज सम्हारो आपै’ शीर्षक के साथ लीड को सजाया गया है। जिसका अर्थ है ‘आपके सिवाय आपके वेग को कोई नहीं रोक सकता’। भाजपा की हार और आप की जीत के विश्लेषण के साथ ही देश की बदलती सियासी तस्वीर और शाहीन बाग का जिक्र भी खबर में है।

आज दूसरे नंबर पर है हिन्दुस्तान, जिसने बिना ज्यादा तामझाम के साफ-सुथरे अंदाज में केजरीवाल की जीत को बयां किया है। शुरुआत जीत और हार के आंकड़ों से हुई है। पार्टियों के प्रदर्शन की वजह गिनाने के साथ ही केजरीवाल की चुनौतियों का भी जिक्र किया गया है।

इसके अलावा, बड़ी जीत और बड़ी हार का सामना करने वालों की तस्वीर मय आंकड़ों के प्रकाशित है, ताकि पाठकों को ज्यादा मशक्कत न करनी पड़े। प्रधान संपादक शशि शेखर की त्वरित टिप्पणी ने पेज को और भी ज्यादा मजबूत बना दिया है। उन्होंने केजरीवाल की जीत के मायने समझाए हैं।

तीसरे नंबर पर आता है नवभारत टाइम्स, जिसने वैलेंटाइन वीक में केजरीवाल की जीत को दिल्ली के प्यार से जोड़कर पाठकों के समक्ष पेश किया है। यह कहना गलत नहीं होगा कि यदि विज्ञापनों ने सीमा रेखा नहीं खींची होती तो अखबार का फ्रंट पेज आज सबसे अलग होता।

वैसे, दो फ्रंट पेज बनाये गए हैं, लेकिन हम बात केवल दूसरे पेज की ही करेंगे। ‘तीसरी बार मिला दिल्ली का प्यार, वेलेंटाइन वीक में केजरीवाल बोले आई लव यू’ सबहेड के नीचे सीटों का गुणा-भाग है। खबर के बीच में दिल की आकृति में केजरीवाल की फोटो है और शीर्षक है ‘लव, लव, लव’। इस दिल में एक तीर भी है, जो आम आदमी पार्टी और दिल्लीवासियों की बॉन्डिंग दर्शाता है। इसके अलावा, इस प्रचंड जीत के कारणों को भी समझाने का प्रयास किया गया है।

चौथा स्थान है अमर उजाला का। सीटों के गुणा-भाग को मास्टहेड में रखकर ‘आप की आंधी’ शीर्षक के साथ खबर को उठाया गया है। मंगलवार को मिली जीत के बाद केजरीवाल ने बजरंगबली का आशीर्वाद भी लिया, इस फोटो को बड़ी जगह देते हुए स्लग लगाया गया है ‘सत्ता का मंगल प्रसाद’।

चुनावी नतीजों के 10 निहितार्थ भी पेज पर हैं, जो पाठकों को एक ही नजर में आम आदमी पार्टी की जीत और भाजपा की हार के कारणों से रूबरू कराते हैं। इसके अलावा शाहीन बाग के जिक्र के साथ ही कुछ दिलचस्प आंकड़े भी पेज पर रखे गए हैं।

पांचवें नंबर पर राजस्थान पत्रिका को रखा जा सकता है। हालांकि, अख़बार ने दिल्ली के इतने बड़े फैसले को पर्याप्त जगह देने में बेहद ‘कंजूसी’ दिखाई है। ऐसे मौके पांच साल में एक बार आते हैं, लिहाजा बाकी खबरों को अंदर करके पूरा पेज ‘परिणामों’ के नाम करना गलत नहीं होता। इस मामले में अखबार को काफी सुधार करने की आवश्यकता है। खैर, ‘दिल्ली फिर हुई आपकी’ शीर्षक के साथ केजरीवाल की प्रचंड जीत को पेज पर रखा गया है।

हार-जीत के आंकड़े, वोट प्रतिशत के साथ ही केजरी की जीत के सात मंत्रों से भी पाठकों को परिचित कराने का प्रयास किया गया है। इसके अलावा, रंगीन बॉक्स में ‘भाजपा से यूं लड़े हनुमान भक्त केजरीवाल’ शीर्षक के साथ आम आदमी पार्टी की रणनीति पर प्रकाश डाला गया है। दिल्ली के नतीजों पर गुलाब कोठारी की त्वरित टिप्पणी भी पढ़ने लायक है।

दिल्ली के फैसले को पाठकों तक पहुंचाने में दैनिक जागरण कमजोर साबित हुआ है। ‘फिर आप की हुई दिल्ली’ शीर्षक के साथ मुख्य खबर को लगभग आधे पेज तक लगाया गया है। खास बात यह है कि रनिंग खबर बाएं के बजाय दाएं से शुरू हुई है, जबकि शुरुआत में आप की ताकत, भाजपा की कमजोरी और कांग्रेस की नाकामी को पॉइंट दर पॉइंट समझाया गया है।

सीटों और वोट प्रतिशत का गुणा-भाग भी खबर में है। पेज पर कुछ अन्य समाचार भी हैं, जैसे आप विधायक के काफिले पर हमला आदि। एंकर में सौरभ श्रीवास्तव की बाईलाइन को जगह मिली है, जिन्होंने केजरीवाल की जीत के कारणों को गिनाया है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक,ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

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आज कैसा रहा हिंदी अखबारों के फ्रंट पेज का हाल, पढ़ें यहां

नवभारत टाइम्स में आज फ्रंट पेज की शुरुआत तीसरे पेज से हुई है, जबकि दैनिक जागरण में दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं।

नीरज नैयर by
Published - Tuesday, 11 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 11 February, 2020
Newspapers

एससी/एसटी एक्ट, शाहीन बाग और आज आने वाला दिल्ली चुनाव का फैसला राजधानी से प्रकाशित होने वाले अखबारों की सुर्खियां हैं। सबसे पहले बात करते हैं दैनिक भास्कर की। फ्रंट पेज की शुरुआत दिल्ली चुनाव वाले टॉप बॉक्स से हुई है, इसे लीड के रूप में पेश कियl गया है। दूसरी बड़ी खबर आरक्षण पर बवाल है। सुप्रीम कोर्ट के प्रमोशन पर आरक्षण को मौलिक अधिकार नहीं मानने संबंधी टिप्पणी को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है। एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी इस खबर का हिस्सा बनाया गया है। कोर्ट ने पुरानी व्यवस्था को बरकरार रखा है। यानी अग्रिम जमानत नहीं होगी और तुरंत गिरफ्तारी की व्यवस्था जारी रहेगी।

पेज पर तीसरी प्रमुख खबर शाहीन बाग है। हालांकि, सड़क बंद करने को लेकर कोर्ट की टिप्पणी के बजाय प्रदर्शन के दौरान बच्ची की मौत पर अदालत के सवाल से खबर को उठाया गया है। कोरोना वायरस पर डब्लूएचओ की चेतावनी और एकतरफा प्यार की भेंट चढ़ी महिला, ये समाचार भी फ्रंट पेज पर हैं। डब्लूएचओ का कहना है कि वायरस दुनिया भर में फैल सकता है। एंकर में ऑस्कर पुरस्कारों का जिक्र है. इसके अलावा, पेज पर दो सिंगल और कुछ संक्षिप्त ख़बरें हैं।

अब नवभारत टाइम्स की बात करें, तो तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। हालांकि, वहां भी विज्ञापन के चलते खबरों के लिए आधा पेज जगह ही मिल सकी है। अखबार ने एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लीड लगाया है। आज आने वाले दिल्ली के फैसले को टॉप बॉक्स में जगह मिली है। शाहीन बाग पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को भी प्रमुखता के साथ पेज पर रखा गया है। अखबार ने इस खबर में प्रदर्शन और बच्ची की मौत दोनों का जिक्र किया है। इसके अलावा, गार्गी कॉलेज विवाद, जामिया छात्रों का प्रदर्शन और ऑस्कर पुरस्कार से जुड़ी खबर भी पेज पर है।

अब रुख करते हैं हिन्दुस्तान का। शाहीन बाग प्रदर्शन पर कोर्ट की टिप्पणी को लीड का दर्जा मिला है। कोर्ट का कहना है कि प्रदर्शनकारियों का पक्ष सुने बगैर कोई निर्देश नहीं दिया जा सकता। हालांकि अदालत ने सड़क बंद करने को गलत करार दिया है। इसी में जामिया छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस के लाठीचार्ज को भी जगह मिली है। दिल्ली चुनाव के आज आने वाले फैसले को टॉप बॉक्स में रखा गया है। प्रमोशन पर आरक्षण को लेकर मचा बवाल और एससी/एसटी एक्ट पर सर्वोच्च अदालत का फैसला भी पेज पर है।

इसके अलावा, ब्रिटिश एयरवेज की उपलब्धि और दिल्ली केंट में रहने वालों को मिली राहत को भी अखबार ने प्रमुखता के साथ पेज पर स्थान दिया है। ब्रिटिश एयरवेज के विमान ने न्यूयॉर्क से लंदन तक का सफ़र पांच घंटे से भी कम समय में पूरा करके रिकॉर्ड बनाया है। वहीं, गार्गी कॉलेज विवाद के साथ ही ऑस्कर पुरस्कार सिंगल कॉलम में है।

वहीं, राजस्थान पत्रिका में फ्रंट पेज की शुरुआत ऑस्कर पुरस्कारों से हुई है, जिन्हें बेहतरीन अंदाज़ में पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। इन पुरस्कारों की अहमियत इस लिहाज से भी बढ़ गई है कि पहली बार विदेशी भाषा की फिल्म को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया है। लीड शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी है, इसी में जामिया छात्रों के प्रदर्शन का भी जिक्र है।

शाहीन बाग में बच्ची की मौत से जुड़ी खबर अलग से दो कॉलम में है, लेकिन कॉमन आईब्रो से उसे लीड के हिस्से के रूप में पेश किया गया है। एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले सहित जम्मू-कश्मीर में नागरिक सुरक्षा कानून के खिलाफ दायर याचिका को भी प्रमुखता के साथ फ्रंट पर रखा गया है। एंकर में दिल्ली चुनाव से जुड़ा समाचार है।

अमर उजाला ने शाहीन बाग पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई को सबसे अलग अंदाज में पेश किया है। प्रदर्शन के दौरान सड़क बंद करने और प्रदर्शन के दौरान हुई बच्ची की मौत पर कोर्ट के रुख को चार-चार कॉलम में रखा गया है और रिवर्स पॉइंटर से उन्हें जोड़ा गया है। वहीं, दिल्ली चुनाव की खबर बेहतरीन शीर्षक के साथ लगाई गई है। लीड की बात करें तो एससी/एसटी पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सबसे बड़ी खबर का दर्जा मिला है। साथ ही प्रमोशन में आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मचे बवाल को कॉमन आईब्रो के जरिये लीड के हिस्से के रूप में पेश किया गया है।

सबसे आखिरी में रुख करते हैं दैनिक जागरण का, जिसके पाठकों को आज दो फ्रंट पेज मिले हैं। पहले फ्रंट पेज के टॉप बॉक्स में दिल्ली चुनाव से जुड़ा समाचार है। लीड शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी है। इसके अलावा, तीसरी और आखिरी बड़ी खबर के रूप में फैजल खान की बाईलाइन स्टोरी को जगह मिली है। उन्होंने बताया है कि 1993 मुंबई बम ब्लास्ट के मुख्य आरोपित मूसा को गिरफ्तार कर लिया गया है।

दूसरे फ्रंट पेज पर चलें तो यहां आरक्षण पर मचे घमासान को लीड का दर्जा मिला है। एससी/एसटी पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी प्रमुखता से लगाया गया है। आरक्षण पर कांग्रेस की पैंतरेबाजी दर्शाती खबर के साथ ही कोरोना वायरस से जुड़े समाचार को अख़बार ने कुछ ज्यादा ही बड़ी जगह प्रदान की है।

1: लेआउट की बात करें तो पहले स्थान पर दैनिक भास्कर जबकि दूसरे नंबर पर अमर उजाला को रखा जा सकता है। सीमित जगह में भी अमर उजाला ने अच्छा फ्रंट पेज तैयार किया है।

2: खबरों की प्रस्तुति के लिहाज से अमर उजाला सबसे आगे है। दूसरे नंबर पर दैनिक भास्कर और तीसरे नंबर पर राजस्थान पत्रिका को रखा जा सकता है।

3: कलात्मक शीर्षक के मामले में आज सभी बराबर हैं, क्योंकि सभी ने दिल्ली चुनाव से जुड़े समाचार के शीर्षक में प्रयोग किया है।

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हिंदी अखबारों में फ्रंट पेज पर आज इन खबरों को मिली जगह

हिन्दुस्तान के फ्रंट पेज पर दो बड़े विज्ञापन हैं, जबकि नवभारत टाइम्स में आज आधा पेज विज्ञापन है।

नीरज नैयर by
Published - Monday, 10 February, 2020
Last Modified:
Monday, 10 February, 2020
Newspapers

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग तो हो गई, लेकिन अब चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। जिस तरह मतदान के 24 घंटों बाद वोटिंग के आंकड़े जारी किये गए, उसे लेकर आम आदमी पार्टी हमलावर हो गई है। इसके साथ ही इससे एग्जिट पोल के विपरीत परिणामों की आशंका भी बढ़ गई है। यही खबर आज दिल्ली से प्रकाशित होने वाले प्रमुख अखबारों की सुर्खियां है। सबसे पहले बात करते हैं अमर उजाला की। लीड दिल्ली चुनाव है, जिसमें आरोप, जवाब और पलटवार तीनों शामिल हैं।

पीएम मोदी की कोरोना वायरस पर चीन को मदद की पेशकश को डॉटेड सिंगल बॉक्स में रखा गया है। वहीं, डार्टनेट पर नशीली दवाएं बेचने वाले तस्कर की गिरफ्तारी सहित आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार का दुखद अंत भी पेज पर है। शालीमार बाग में एक व्यक्ति ने अपने दो बच्चों की हत्या कर मेट्रो ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। विदेशी कंपनी को खुफिया जानकारी देने वाले आईपीएस के निलंबन को भी अखबार ने फ्रंट पेज पर जगह दी है। एंकर की बात करें, तो यहां राम मंदिर से जुड़ा समाचार है, जिसकी निर्माण तिथि की घोषणा 19 को हो सकती है।

अब रुख करते हैं दैनिक भास्कर का, जिसके फ्रंट पेज की शुरुआत टॉप बॉक्स में लगे अखबार के अभियान से हुई है। अखबार ने पोर्न साइट्स पर प्रतिबंध के लिए अभियान छेड़ा हुआ है। लीड दिल्ली चुनाव है। वहीं, कोरोना वायरस के प्रकोप को रंगीन बॉक्स में रखा गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत कोरोना के खतरे वाले 20 संवेदनशील देशों में शामिल है।

नौकरी/प्रमोशन में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ सभी सियासी दल लामबंद हो गए हैं। कोर्ट ने कहा है कि नौकरी और प्रमोशन में आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं है। वहीं, तीन निगेटिव ख़बरों को पेज पर सिंगल-सिंगल कॉलम में एकसाथ लगाया गया है। मसलन, ‘लोकपाल में शिकायतों की न जांच, न मुकदमा चला’, ‘गुरुग्राम में अवैध संबंधों के शक में भाजपा नेत्री को पति ने गोली मारी’ और ‘शालीमार बाग में बच्चों की हत्या कर पिता ट्रेन के आगे कूदा’। एंकर में अमित कुमार निरंजन की पॉजिटिव स्टोरी है।

काफी दिनों के बाद दैनिक जागरण में आज एक फ्रंट पेज देखने को मिला है। दिल्ली चुनाव से जुड़ी अहम खबर को अखबार ने फ्रंट पेज पर जगह नहीं दी है। हालांकि, उसका पॉइंटर जरूर मास्टहेड पर लगाया है। दिल्ली के एडिशन में आज इससे बड़ी कोई और खबर नहीं हो सकती थी, लिहाजा ये कहना गलत नहीं होगा कि अखबार से इस मामले में चूक हुई है।

राममंदिर की निर्माण तिथि की संभावित घोषणा को लीड का दर्जा मिला है। दूसरी बड़ी खबर के रूप में पेज पर कोरोना वायरस से निपटने के लिए भारत की चीन को मदद की पेशकश है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार का अंत और वित्तमंत्री की सलाह को भी प्रमुखता के साथ पेज पर रखा गया है। वित्तमंत्री ने जीएसटी काउंसिल को सलाह दी है कि साल में केवल एक बार जीएसटी की दरों में बदलाव किया जाए।

हिन्दुस्तान पर नजर डालें, तो फ्रंट पेज पर दो बड़े विज्ञापन हैं, लेकिन हमेशा की तरह ज्यादा से ज्यादा खबरें पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। लीड दिल्ली चुनाव है, जिसे ‘आखिरी घंटों में खूब मतदान, पर दिल्ली रिकॉर्ड से चूकी’ शीर्षक के साथ आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। सेकंड लीड का दर्जा राम मंदिर निर्माण तिथि के संभावित ऐलान मिला है।

आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के दुखद अंत के साथ ही कोरोना वायरस से जुड़े समाचार और सुहेल हामिद की बाईलाइन को भी पेज पर पर्याप्त जगह मिली है। हामिद ने बताया है कि उपभोक्ताओं की 23 फीसदी शिकायतों का निपटारा केवल सलाह देकर किया जाता है। इसके अलावा, पेज पर पांच सिंगल समाचार हैं। इनमें अंडर 19 विश्वकप में टीम इंडिया की हार और लेखक गिरिराज किशोर का निधन प्रमुख हैं।

वहीं, नवभारत टाइम्स के फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन है, इस वजह से ज्यादा खबरों की गुंजाइश नहीं बन सकी है। लीड दिल्ली चुनाव है। भाजपा नेत्री की हत्या और आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के दुखद अंत को भी पेज पर रखा गया है। इसके अलावा, गार्गी कॉलेज के सालाना फेस्ट में छात्राओं से हुई छेड़छाड़ को भी अखबार ने फ्रंट पेज पर जगह दी है।

सबसे आखिरी में रुख करते हैं राजस्थान पत्रिका का। फ्रंट पेज की शुरुआत दिल्ली चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका पर उठ रहे सवालों से हुई है। लीड कोरोना वायरस का फैलता दायरा है। भारत 20 संवेदनशील देशों में शामिल हो गया है। इसी खबर में भारत की चीन को मदद की पेशकश का भी जिक्र है। नौकरी/प्रमोशन में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले और उस पर शुरू हुई राजनीति को प्रमुखता के साथ स्थान दिया गया है।

जासूसी के आरोप में सस्पेंड आईपीएस अधिकारी के साथ ही महिला सैन्य अधिकारियों की सुप्रीम कोर्ट में दलील और करतारपुर साहिब से जुड़ा समाचार भी पेज पर है। महिला अधिकारियों ने केंद्र सरकार के बयान की आलोचना करते हुए कहा है कि कमांड न देने से उनके गौरव और साहस पर असर होता है। उधर, पाकिस्तान सरकार भारतीयों को बिना पासपोर्ट करतारपुर साहिब के दर्शन की इज़ाजत देने पर विचार कर रही है। एंकर में एनआरसी के इतिहास से पाठकों को रूबरू कराता समाचार है।

आज का 'किंग' कौन?

1: लेआउट के मामले में आज सभी अखबार अच्छे नजर आ रहे हैं। दैनिक जागरण का फ्रंट पेज भी बाकी दिनों के मुकाबले बेहतर है।

2: खबरों की प्रस्तुति का जहां तक सवाल है तो पहले स्थान पर हिन्दुस्तान और दूसरे पर राजस्थान पत्रिका को रखा जा सकता है।

3: कलात्मक शीर्षक आज किसी भी अखबार में नजर नहीं आ रहा है।

4: खबरों की बात करें तो निश्चित तौर पर दैनिक जागरण ने बड़ी चूक की है। दिल्ली चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका पर उठे सवाल को अखबार ने फ्रंट पेज के बजाय अंदर के पन्ने पर रखा है, जबकि यह विशुद्ध रूप से फ्रंट पेज की खबर है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक,ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

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