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राम मंदिर निर्माण की गौरवपूर्ण यात्रा को रेखांकित करती पुस्तक ‘राम फिर लौटे’ का लोकार्पण
वरिष्ठ पत्रकार और ‘टीवी9’ के न्यूज डायरेक्टर हेमंत शर्मा द्वारा लिखित इस पुस्तक का लोकार्पण दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने किया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
श्रीराम मंदिर के निर्माण की ऐतिहासिक व गौरवपूर्ण यात्रा को रेखांकित करती वरिष्ठ पत्रकार और ‘टीवी9’ के न्यूज डायरेक्टर हेमंत शर्मा द्वारा लिखित नई पुस्तक ‘राम फिर लौटे’ का लोकार्पण दिल्ली में नौ दिसंबर, 2023 को किया गया।
दिल्ली में जनपथ स्थित ‘आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर’ में शनिवार की शाम आयोजित एक कार्यक्रम में ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने ‘प्रभात प्रकाशन’ द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक का लोकार्पण किया।
स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज के पावन सानिध्य में होने वाले इस लोकार्पण कार्यक्रम में सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता विशिष्ट अतिथि थे, वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दत्तात्रेय होसबाले का कहना था, ‘राम फिर लौटे पुस्तक भगवान श्रीराम की प्रेरणा से लिखी गई है। भगवान श्रीराम पर और भी पुस्तकें भारतीय भाषाओं में आनी चाहिए। हमें राम मंदिर आंदोलन के इतिहास व संघर्ष यात्रा को आने वाली नई पीढ़ियों को बताना होगा। यह पुस्तक राम मंदिर आंदोलन की यात्रा, संघर्ष, भगवान श्रीराम के जीवन व आंदोलन से जुड़े लोगों के बारे में बताती है। यह पुस्तक आठ अध्यायों में लिखी गई है। सभी को यह पुस्तक पढ़नी चाहिए।’
इस मौके पर स्वामी श्री ज्ञानानंदनी जी महाराज का कहना था, ‘देश में तुष्टीकरण के बादल छंटे हैं। दुनिया में सनातन की स्थिति अनुकूल हुई है और अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण से राष्ट्र की नींव मजबूत हुई है।‘ वहीं, सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता का कहना था, ‘राम मंदिर हमारी आस्था का प्रतीक है। नकारात्मक शक्तियों से आज भी हमें बचने की जरूरत है। तर्कों व तथ्यों पर आधारित यह पुस्तक अद्भुत है। सभी को यह पुस्तक जरूर पढ़नी चाहिए।‘
‘विश्व हिंदू परिषद’ के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि पांच सौ साल का हमारा इंतजार खत्म हुआ है। 20 पीढ़ियों का त्याग अब रंग ला रहा है। समय आ गया है, जब 22 जनवरी 2024 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट गर्भ गृह में रामलला को विराजमान किया जाएगा।
इस दौरान पुस्तक के लेखक और वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा का कहना था कि यह पुस्तक भगवान श्रीराम की प्रेरणा से लिखी गई है। जो प्रभु ने आदेश दिया, वही इस पुस्तक में लिखा है। हेमंत शर्मा का यह भी कहना था कि वह तो इस पुस्तक के ‘गणेश’ हैं, ‘व्यास’ तो स्वयं भगवान श्रीराम हैं।
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