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‘लोकसत्ता’ के संपादक गिरीश कुबेर पर फेंकी गई स्याही, नेताओं ने की निंदा
मराठी दैनिक अखबार ‘लोकसत्ता’ के संपादक व वरिष्ठ पत्रकार गिरीश कुबेर पर एक संगठन के संदिग्ध कार्यकर्ताओं द्वारा स्याही फेंके जाने का मामला सामने आया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
मराठी दैनिक अखबार ‘लोकसत्ता’ के संपादक व वरिष्ठ पत्रकार गिरीश कुबेर पर एक संगठन के संदिग्ध कार्यकर्ताओं द्वारा स्याही फेंके जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है यह घटना महाराष्ट्र में आयोजित 94वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन के दौरान रविवार को करीब दो बजे घटी।
इसके पीछे संभाजी ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि वे कुबेर की किताब (Renaissance State: The Unwritten Story of the Making of Maharashtra) में छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र छत्रपति संभाजी महाराज के बारे में दिए गए कुछ संदर्भों से नाराज थे।
वरिष्ठ पत्रकार गिरीश कुबेर रविवार को यहां कुसुमाग्रज नगरी आए हुए थे, जहां साहित्यिक सम्मेलन चल रहा है। उनका एक संगोष्ठी में भाग लेने का कार्यक्रम था। जब वह मुख्य पंडाल के मंच के पीछे खड़े थे, तभी दो-तीन अज्ञात व्यक्ति उनके पास आए और उन पर स्याही फेंक दी, जो उनके चेहरे, बालों और कमीज पर गिरी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर भी कुछ स्याही गिरी। इस घटना के बाद इलाके में पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है
इस घटना की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने निंदा की। शरद पवार ने कहा कि एक लेखक पर उसके काम के विरोध में हमला किया जाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सिद्धांत पर हमले के समान है। उन्होंने कहा, 'मैं इस घटना की निंदा करता हूं, जो महाराष्ट्र की छवि के अनुकूल नहीं है।'
पवार ने कहा कि उन्होंने कुबेर की किताब पढ़ी है। उन्होंने कहा, 'हालांकि इस किताब के कुछ हिस्सों को लेकर विवाद है, लेकिन कुबेर को भी अपनी बात रखने का अधिकार है। जो लोग उनके विचारों से असहमत हैं, उन्हें भी उनका विरोध करने का अधिकार है, लेकिन इस तरह का हमला स्वीकार्य नहीं है।'
महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष फडणवीस ने कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज के खिलाफ लिखी गई किसी भी बात की निंदा की जानी चाहिए, लेकिन एक साहित्य सम्मलेन के दौरान स्याही फेंकना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, 'अगर तथ्यात्मक रूप से कुछ गलत है, तो तथ्यों और सबूतों के साथ उसका जवाब देना चाहिये।'
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