IRS: प्रिंट मीडिया के लिए वाकई राहत देने वाले हैं इस तरह के आंकड़े

कुछ रीजनल अखबारों की कुल रीडरशिप व कुछ की एवरेज इश्यू रीडरशिप बढ़ी है तो कई अखबारों ने इन दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की है।

Last Modified:
Tuesday, 12 May, 2020
Newspaper

प्रिंट मीडिया के लिए यह समय काफी मुश्किलों भरा चल रहा है। इन सबके बीच इंडियन रीडरशिप सर्वे (IRS) के आंकड़े नॉन मेट्रो सिटीज से इंडस्ट्री के लिए थोड़ी राहत भरी खबर जरूर लाए हैं। वैसे तो अंत में आशा की किरण रीजनल एरिया से ही सामने आती दिखाई दे रही है, क्योंकि वे ही पब्लिशर्स की ग्रोथ लगातार जारी रखे हुए हैं।

बता दें कि पिछले दिनों 'मीडिया रिसर्च यूजर्स काउंसिल' (MRUC) द्वारा इंडियन रीडरशिप सर्वे 2019 की चौथी तिमाही (IRS 2019 Q4) के डाटा जारी किए गए हैं। यह रिपोर्ट इंडियन रीडरशिप सर्वे 2019 की पिछली तिमाही यानी पहली (Q1), दूसरी (Q2) और तीसरी तिमाही (Q3) के जारी किए गए डेटा पर आधारित है, जिसकी औसतन रिपोर्ट के बाद चौथी तिमाही के नतीजे तैयार किए गए हैं। इन आकड़ों को देखने से पता चलता है कि विभिन्न केंद्रों पर प्रिंट मीडिया की रीडरशिप में कमी आई है, लेकिन मेट्रो शहरों से बाहर जरूर इसमें ग्रोथ दिखाई दे रही है।

एक तरफ कुछ रीजनल अखबारों की ‘कुल रीडरशिप’ (total readership) में बढ़ोतरी देखने को मिली है, जबकि कुछ रीजनल अखबारों की ‘एवरेज इश्यू रीडरशिप’ (average issue readership) बढ़ी है। संयोग से, देश के कुछ लोकप्रिय ब्रैंड्स जैसे- ‘अमर उजाला’ (Amar Ujala), ‘लोकमत’ (Lokmat),  ‘डेली थांथी’ (Daily Thanthi) और ‘बर्तमान’ (Bartaman) की टोटल रीडरशिप और एवरेज इश्यू रीडरशिप दोनों में इजाफा देखने को मिला है।

उत्तर प्रदेश में हिंदी अखबारों से शुरुआत करें तो ‘आज’ (Aj) अखबार की कुल रीडरशिप चौथी तिमाही (Q4) में 4095 हो गई है, जबकि तीसरी तिमाही (Q3) में यह 4053 थी। ‘नवभारत टाइम्स’ (Navbharat Times) की एवरेज इश्यू रीडरशिप का पिछली चार तिमाहियों का आंकड़ा देखें तो यह 488 से 521 और फिर 490 होकर 550 के आंकड़े पर पहुंच गई है।

बिहार में, ‘दैनिक भास्कर’ (Dainik Bhaskar)  ने भी पिछली चार तिमाहियों में लगातार कुल रीडरशिप में बढ़ोतरी दर्ज की है और यह क्रमश: 4970, 5877 और 6263 से बढ़कर चौथी तिमाही में 6706 तक पहुंच गई है। दैनिक भास्कर को हरियाणा, राजस्थान और पंजाब में इसी तरह का ट्रेंड देखने को मिला है। वहीं, पंजाब में ‘दैनिक सवेरा’ और ‘अमर उजाला’ की भी कुल रीडरशिप लगातार बढ़ी है।

हरियाणा में वर्ष 2019 की चारों तिमाहियों में दो अखबारों की कुल रीडरशिप और एवरेज इश्यू रीडरशिप दोनों में ग्रोथ देखने को मिली है। इनमें ‘अमर उजाला’ भी शामिल है। पहली तिमाही में अखबार की कुल रीडरशिप 1925 थी जो दूसरी तिमाही में बढ़कर 1952 हो गई थी, लेकिन तीसरी तिमाही में इसमें गिरावट दर्ज की गई थी और यह 1872 रह गई थी, लेकिन चौथी तिमाही में तेजी से आगे बढ़ते हुए यह 2027 हो गई है। चारों तिमाहियों में अखबार की एवरेज रीडरशिप इश्यू में लगातार इजाफा हुआ है और यह 391 से 401 और फिर 411 होकर चौथी तिमाही में 474 हो गई है।    

माना जा रहा है कि ब्रैंड द्वारा स्ट्रैटेजी में किया गया बदलाव ही इस ग्रोथ का राज है। इस बारे में ‘अमर उजाला लिमिटेड’ के डायरेक्टर प्रोबल घोषाल का कहना है, ‘हरियाणा में, शुरू में रोहतक से सिर्फ एक संस्करण छपता था। हालांकि, हमने हाल ही में दो और संस्करण एक करनाल और दूसरा हिसार शुरू किया, इन दोनों केंद्रों में प्रिंट की सुविधा है। चूंकि सेंटर पर ही अखबार छपता है, ऐसे में यह सुबह बिना किसी परेशानी के पाठकों तक जल्दी पहुंच जाता है। इन दो एडिशन के और शामिल हो जाने से हम ज्यादा से ज्यादा लोकल खबरें और देर रात तक की खबरें भी शामिल करने लगे हैं। ज्यादा से ज्यादा स्थानीय खबरें शामिल करने से स्थानीय लोगों से जुड़ने में मदद मिल रही है।’

हरियाणा की तरह, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में भी दैनिक भास्कर और अमर उजाला जैसे लोकप्रिय अखबारों की रीडरशिप में वृद्धि देखी गई है। हालांकि, इंडस्ट्री के लिए पिछला समय ज्यादा अच्छा नहीं रहा है। न्यूज प्रिंट की कीमतों में बढ़ोतरी और विज्ञापन की कमी के कारण इंडस्ट्री के सामने तमाम आर्थिक कठिनाई आई। न्यूजप्रिंट की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि के कारण वर्ष 2017 से 2019 के आखिर तक अखबारों की प्रॉडक्शन कॉस्ट काफी बढ़ गई। न्यूजप्रिंट की कीमतें 60 प्रतिशत तक बढ़ गईं। कई अखबारों ने अपने एडिशन कम कर दिए। हालांकि कुछ अखबारों ने हार नहीं मानी और बहादुरी के साथ डटे रहे। कुछ ने अपने कंटेंट की मजबूती पर काम किया तो कुछ ने सोशल मीडिया के जरिये पाठकों तक पहुंच बनाने पर जोर दिया। इन्हीं अखबारों की रीडरशिप में यह बढ़ोतरी देखने को मिली।

इस बारे में ‘एबीपी प्राइवेट लिमिटेड’ (ABP PVT LTD) के एमडी और सीईओ डीडी पुरकायस्थ का कहना है, ‘पिछले साल लगभग प्रत्येक ब्रैंड को तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, हमने हमेशा अपने पाठकों को क्वालिटी कंटेंट और क्रेडिबल न्यूज के द्वारा अपने साथ जोड़े रखने का भरसक प्रयास किया। सोशल मार्केटिंग पर भी हमने काफी जोर दिया और तमाम कैंपेन व पहल शुरू कीं। इसके पीछे हमारी सोच हमेशा लोगों को ज्यादा सशक्त और जागरूक बनाने की है।’

वास्तव में कुछ राज्यों में रीजनल अखबारों की ग्रोथ काफी बेहतर रही है। उदाहरण के लिए महाराष्ट्र में सभी प्रमुख रीजनल अखबारों की ग्रोथ देखने को मिली है। यहां ‘लोकमत’ की कुल रीडरशिप पहली से चौथी तिमाही तक क्रमश: 19469, 20169, 21457 और 22012 हो गई है। वहीं ‘डेली सकाल’ (Daily Sakal) की कुल रीडरशिप एक से चौथी तिमाही तक क्रमश: 11668, 12771, 13960 और 14661 रही है। ‘पुधारी’ (Pudhari) और ‘पुण्य नगरी’ (Punya Nagari) की कुल रीडरशिप में भी वर्ष 2019 की चारों तिमाहियों में बढ़ोतरी देखने को मिली है।

केरल की बात करें तो ‘देशाभिमानी’ (Deshabhimani) और ‘केरल कौमुदी’ (Kerala Kaumudi), कर्नाटक में ‘विजय कर्नाटक’ (Vijay Karnataka), ‘विजयवाणी’ (Vijayavani), ‘प्रजावाणी’ (Prajavani) और  ‘उदयवाणी’ (Udayavani), तमिलनाडु में ‘डेली थांथी’ (Daily Thanthi), ‘दिनामलार’ (Dinamalar) और गुजरात में ‘दिव्य भास्कर’ (Divya Bhaskar) की कुल रीडरशिप में बढ़ोतरी देखने को मिली है।

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कोरोना काल: उर्दू दैनिक ‘अवधनामा’ के समूह संपादक वकार मेहंदी रिजवी का इंतकाल

वरिष्ठ पत्रकार और उर्दू दैनिक ‘अवधनामा’ के समूह संपादक (ग्रुप एडिटर) सै. वकार मेहंदी रिजवी का कोरोना संक्रमण के कारण सोमवार को निधन हो गया।

Last Modified:
Tuesday, 11 May, 2021
Waqar545

वरिष्ठ पत्रकार और उर्दू दैनिक ‘अवधनामा’ के ग्रुप एडिटर सै. वकार मेहंदी रिजवी का कोरोना संक्रमण के कारण सोमवार को निधन हो गया। वे 55 वर्ष के थे।

हजरतगंज क्षेत्र में नरही क्षेत्र के निवासी सै. वकार रिजवी कोरोना संक्रमण से ग्रसित थे और उन्हे पिछली 12 अप्रैल को लखनऊ के एरा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार और सोमवार की रात करीब ढाई बजे उन्होने अंतिम सांस ली। नम आंखों के बीच उन्हें चौक स्थित एक कब्रिस्तान में कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुये सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।

उर्दू भाषा के प्रचार प्रसार के लिये हमेशा तल्लीन रहने वाले रिजवी मृदुल और मिलनसार स्वाभाव के थे। उर्दू के उत्थान और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ वह हमेशा संगोष्ठियों का आयोजन करते थे और ऐसी हर महफिल में शामिल होने की कोशिश करते थे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उर्दू दैनिक समाचार पत्र अवधनामा, लखनऊ के पत्रकार  सै. वकार मेंहदी रिजवी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

उनके जाने से  तमाम पत्रकारों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सूबे के बहुत से मंत्रियो व तमाम नेताओं ने भी ट्वीट करके वरिष्ठ पत्रकार सै. वकार रिजवी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।

 

 

 

 

 

 

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अब दैनिक भास्कर से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार आदित्य द्विवेदी, मिली यह जिम्मेदारी

वरिष्ठ पत्रकार आदित्य द्विवेदी ने ‘न्यूज1इंडिया’ में अपनी संक्षिप्त पारी को विराम दे दिया है। उन्होंने लखनऊ में कुछ महीनों पूर्व ही बतौर संपादकीय प्रभारी जिम्मेदारी संभाली थी।

Last Modified:
Monday, 10 May, 2021
Aditya Dwivedi

वरिष्ठ पत्रकार आदित्य द्विवेदी ने ‘न्यूज1इंडिया’ में अपनी संक्षिप्त पारी को विराम दे दिया है। उन्होंने लखनऊ में कुछ महीनों पूर्व ही बतौर संपादकीय प्रभारी जिम्मेदारी संभाली थी। आदित्य द्विवेदी ने अपनी नई पारी की शुरुआत अब ‘दैनिक भास्कर’, कानपुर में स्पेशल करेसॉन्डेंट के तौर पर की है। एक फेसबुक पोस्ट के जरिये आदित्य द्विवेदी ने यह जानकारी दी है।

मूल रूप से कानपुर के रहने वाले आदित्य द्विवेदी को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब 20 साल का अनुभव है और वह प्रिंट, टीवी व डिजिटल तीनों में काम कर चुके हैं। आदित्य ने वर्ष 2000 में कानपुर में ‘जनसत्ता’ के साथ अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की थी। करीब चार साल यहां काम करने के बाद वह वर्ष 2004 में बतौर कानपुर हेड ऑनलाइन चैनल ‘ABC’ के साथ जुड़ गए। करीब तीन साल बाद उन्होंने यहां से बाय बोलकर वर्ष 2007 में ‘सहारा अखबार’ जॉइन कर लिया। वर्ष 2010 में उन्होंने अखबार से टीवी का रुख किया और ‘सहारा टीवी’ में बतौर ब्यूरो चीफ अपनी जिम्मेदारी संभाली।

करीब सात साल तक ‘सहारा टीवी’ में अपनी भूमिका निभाने के बाद उन्होंने वेब पोर्टल ‘समाजा’ के साथ नई शुरुआत की और बतौर हेड (हिंदी और अंग्रेजी) यहां जॉइन कर लिया। इसके बाद जनवरी 2020 में वे वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री के नेतृत्व में लॉन्च हुए न्यूज चैनल ‘R9’ से जुड़ गए थे, जहां से उन्होंने पिछले साल सितंबर में अपना इस्तीफा दे दिया था। ‘R9’ में स्पेशल करेसपॉन्डेंट के पद पर वह लखनऊ में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे और कई महत्वपूर्ण विभागों की बीट उनके पास थी। इसके बाद उन्होंने ‘न्यूज1इंडिया’, लखनऊ में बतौर संपादकीय प्रभारी नई पारी की शुरुआत की थी, जहां से इस्तीफा देकर अब वह ‘दैनिक भास्कर’ के साथ जुड़ गए हैं।  

समाचार4मीडिया की ओर से आदित्य द्विवेदी को उनकी नई पारी के लिए ढेरों शुभकामनाएं। आदित्य द्विवेदी द्वारा अपनी नई पारी के बारे में की गई फेसबुक पोस्ट को आप यहां देख सकते हैं।

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आज समाज में संपादक अमित गुप्ता का प्रमोशन, मिली यह बड़ी जिम्मेदारी

आईटीवी नेटवर्क (iTV Network) ने अपने अखबार दैनिक ‘आज समाज’, अम्बाला के संपादक अमित गुप्ता को प्रमोट किया है।

Last Modified:
Thursday, 06 May, 2021
Amit Gupta

आईटीवी नेटवर्क (iTV Network) ने अपने अखबार दैनिक ‘आज समाज’, अम्बाला के संपादक अमित गुप्ता को प्रमोट कर मैनेजिंग एडिटर की जिम्मेदारी सौंपी है। पिछले वर्ष ही अमित गुप्ता ने अम्बाला में बतौर संपादक जॉइन किया था। इससे पहले वह अम्बाला में ही ‘दैनिक भास्कर’ में संपादक के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

मूल रूप से अम्बाला के रहने वाले अमित गुप्ता को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब 22 साल का अनुभव है। इनमें से सबसे ज्यादा समय तक यानी करीब 20 साल तक वह ‘दैनिक भास्कर’ में कार्यरत रहे हैं। उन्होंने ‘अमर उजाला’ में भी अपनी सेवाएं दी हैं।

अमित गुप्ता ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत ‘दैनिक ट्रिब्यून’ के साथ बतौर फ्रीलॉन्सर की थी। इसके अलावा वह अपना अखबार भी निकाल चुके हैं। अमित गुप्ता को नई जिम्मेदारी मिलने पर समाचार4मीडिया की ओर से ढेरों शुभकामनाएं।

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छंटनी के बाद BCCL ने सैलरी को लेकर एंप्लॉयीज से कही अब ये बात

इस बारे में कंपनी के चेयरमैन ऑफिस की ओर से मेल जारी की गई है।

Last Modified:
Thursday, 29 April, 2021
BCCL

वित्तीय वर्ष 2021 (FY 21) की आखिरी तिमाही में अपने कई पत्रकारों को बाहर का रास्ता दिखाने के बाद ‘बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड’ (BCCL) ने अब द इकनॉमिक टाइम्स (The Economic Times) और द टाइम्स ऑफ इंडिया (The Times of India) में सैलरी कटौती की घोषणा की है।  

इस बारे में द टाइम्स ऑफ इंडिया में करीब सात साल से कार्यरत एक वरिष्ठ पत्रकार का कहना है, ‘वर्ष 2020 में जब पहली बार सैलरी कटौती की गई थी, तो हमें हमारे मैनेजर्स द्वारा इस बारे में बताया गया था, लेकिन इस बार मेल से घोषणा की गई है। हममें में अधिकांश 10-15 प्रतिशत सैलरी कटौती का सामना कर रहे हैं।’

यह भी पढ़ें: BCCL में फिर शुरू हुआ छंटनी का दौर!

छंटनी की घोषणा के एक हफ्ते बाद ही सैलरी कटौती की घोषणा की गई है। बता दें कि वर्ष 2020 के दौरान ‘टाइम्स लाइफ’ (Times Life) और ‘संडे ईटी’ (Sunday ET) जैसे एडिशन बंद होने के बाद ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’(TOI) और ‘इकनॉमिक टाइम्स’ (ET) में पिछले दो-तीन महीनों के दौरान कई एम्प्लॉयीज की छंटनी की गई है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, कंपनी के करीब 100 एम्प्लॉयीज को या तो नौकरी छोड़ने के लिए कहा गया है अथवा पिछले कुछ महीनों में उनके कॉन्ट्रैक्ट को रिन्यू नहीं किया गया। सूत्रों का यह भी कहना है कि बड़ी संख्या में पत्रकारों को कंसल्टेंट के पदों पर शिफ्ट किया गया है।

पिछले हफ्ते की गई घोषणा के दो दिनों के भीतर चेयरमैन ऑफिस से भेजी गई मेल में 'अभूतपूर्व और आर्थिक संकट' पर जोर दिया गया है। इस बारे में हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) की ओर से बीसीसीएल के चेयरमैन शिवकुमार सुंदरम को उनका पक्ष जानने के लिए मेल किया गया, लेकिन वहां से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई।

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महामारी के बीच अमर उजाला फाउंडेशन ने की ये सराहनीय पहल

इस पहल के तहत ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ जरूरतमंदों के लिए एक विशेष कोरोना किट का वितरण कर रहा है।

Last Modified:
Tuesday, 27 April, 2021
Amar Ujala Foundation

देश में कोरोनावायरस (कोविड-19) का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम लोगों की इस संक्रमण के चलते जान जा चुकी है, वहीं कई पीड़ितों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। इस दौरान देश के कई हिस्सों से ऑक्सीजन व अन्य मेडिकल सुविधाओं में कमी की खबरें पढ़ने को मिल रही हैं। इन सबके बीच ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ (Amar Ujala Foundation) ने एक अच्छी पहल की है।

इस पहल के तहत ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ जरूरतमंदों के लिए एक विशेष कोरोना किट का वितरण कर रहा है। इस किट में पल्स-ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर, सर्जिकल फेस मास्क, एन95 फेस मास्क, हैंड सेनेटाइजर आदि जरूरी चीजें शामिल हैं।

इसके साथ ही ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ ने अन्य लोगों से भी दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए साथ आने की अपील की है।

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‘द हिन्दू’ के वरिष्ठ फोटो पत्रकार विवेक बेंद्रे की जिंदगी पर भारी पड़ी महामारी, गई जान

‘द हिन्दू’ अखबार के वरिष्ठ फोटो पत्रकार और बॉम्बे न्यूज फोटोग्राफर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक बेंद्रे का कोरोना से संक्रमित होने की वजह से निधन हो गया।

Last Modified:
Tuesday, 27 April, 2021
Vivek-Bendre54

‘द हिन्दू’ अखबार के वरिष्ठ फोटो पत्रकार और बॉम्बे न्यूज फोटोग्राफर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक बेंद्रे का कोरोना से संक्रमित होने की वजह से निधन हो गया। लंबे संघर्ष के बाद भी वे कोरोना को मात नहीं दे पाए और रविवार को अंतिम सांस लीं। वह 59 वर्ष के थे। उनके निधन से मीडिया जगत और मुंबई के क्रिकेट सर्कल में शोक की लहर दौड़ गई।

उन्होंने अपनी तस्वीरों से विशेष रूप से क्रिकेट के क्षेत्र में अपनी एक अलग छाप छोड़ी थी। 59 वर्षीय बेंद्रे को 17 अप्रैल को बांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स (बीकेसी) में स्थित कोविड के लिए बनाए गए केंद्र में भर्ती कराया गया था। तब से वे ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। उन्हें 23 अप्रैल को वार्ड से ऑब्जर्वेशन रूम में रखा गया था, क्योंकि उनकी हालत में सुधार नहीं हो रहा था। 24 अप्रैल को उनकी हालत और ज्यादा बिगड़ गई और 25 अप्रैल की सुबह कोरोना के खिलाफ लड़ाई में आखिरकार उन्होंने अपनी जान गंवा दी।

क्रिकेट, विवेक बेंद्रे की पसंदीदा बीट थी। वह 1995 से ‘द हिन्दू’ अखबार के लिए फोटो खींच  रहे थे। बेंद्रे ने वानखेड़े स्टेडियम में खेले जाने वाले अधिकांश मैचों को कवर अपने कैमरे में कैद किया था। इसलिए, मुंबई क्रिकेट सर्कल में एक ऐसे व्यक्ति को ढूंढना मुश्किल था जो विवेक बेंद्रे को नहीं जानता था।

बेंद्रे ने 1990 में ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में ट्रेनी फोटोग्राफर के तौर पर अपना करियर शुरू किया था। बाद में उन्होंने 1995 में ‘द हिन्दू’ के मुंबई ब्यूरो में शामिल हो गए और क्रिकेट को कवर करते हुए खेल फोटोग्राफी में अपनी एक अलग जगह बना ली। कई लोगों ने उनकी मृत्यु के बाद ट्विटर पर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया है।

 

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अमर उजाला में अपनी पारी को विराम दे वरिष्ठ पत्रकार नवीन गुप्ता ने शुरू किया नया सफर

वरिष्ठ पत्रकार नवीन गुप्ता ने हिंदी दैनिक ‘अमर उजाला’ में करीब आठ साल पुरानी अपनी पारी को विराम दे दिया है।

Last Modified:
Monday, 26 April, 2021
Naveen Gupta

वरिष्ठ पत्रकार नवीन गुप्ता ने हिंदी दैनिक ‘अमर उजाला’ में करीब आठ साल पुरानी अपनी पारी को विराम दे दिया है। ‘अमर उजाला’ में अपनी इस पारी के दौरान वह जम्मू-कश्मीर में संपादक और आगरा में न्यूज एडिटर रह चुके हैं। इन दिनों वह नोएडा मुख्यालय में एनसीआर हेड के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे और फिलहाल नोटिस पीरियड पर चल रहे थे।  

नवीन गुप्ता ने अपने नए सफर की शुरुआत हिंदी दैनिक ‘अमृत विचार’ के साथ की है। उन्होंने मुरादाबाद में बतौर एडिटोरियल हेड जॉइन किया है।

मूल रूप से मुजफ्फरनगर के रहने वाले नवीन नवीन गुप्ता को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब 27 साल का अनुभव है। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने अपने सफर की शुरुआत ‘मुजफ्फरनगर बुलेटिन’ से की थी। अब तक वह ‘दैनिक जागरण’ (दिल्ली), ‘दैनिक भास्कर’ (पंजाब-हरियाणा) और ‘दैनिक सवेरा’ (जालंधर) में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

समाचार4मीडिया से बातचीत में नवीन गुप्ता ने बताया कि ‘अमृत विचार’ अपने विस्तार की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। इसके तहत जल्द ही यह अखबार लखनऊ में अपनी प्रिंटिंग प्रेस लगाने जा रहा है। समाचार4मीडिया की ओर से नवीन गुप्ता को उनके नए सफर के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

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कोरोना काल के बीच The New Indian Express लिया ये बड़ा फैसला

कोरोना वायरस ने एक बार फिर तेजी से अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। महामारी की दूसरी लहर ने पूरे देश को अपनी चपेट में ले रखा है।

Last Modified:
Monday, 26 April, 2021
NewIndianExpress5

कोरोना वायरस ने एक बार फिर तेजी से अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। महामारी की दूसरी लहर ने पूरे देश को अपनी चपेट में ले रखा है। हर दिन देशभर में वायरस के रिकॉर्ड मामले दर्ज किए जा रहे हैं। इस बीच कोरोना का असर आईपीएल के आयोजन पर भी पड़ता दिखने लगा है। आईपीएल को लेकर दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। पहली खबर है कि दिग्गज भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने ये कहते हुए लीग बीच में छोड़ दी है कि वो कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपने परिवार को सहयोग देना चाहते हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के तीन खिलाड़ी एडम जम्पा, केन रिचर्डसन और एजे टाई ने भी IPL 2021 को बीच में ही छोड़कर अपने देश लौटने का फैसला किया है।

वहीं दूसरी खबर है कि अंग्रेजी के प्रमुख अखबार ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ ने आईपीएल की खबरों को छापने पर बैन लगा दिया है। फिलहाल ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ (The New Indian Express) आईपीएल से जुड़ी खबरों को अपने अखबार में प्रकाशित नहीं करेगा। इसकी जानकारी रविवार 25 अप्रैल को खुद अखबार के एडिटर ने एडिटर्स नोट में दी है। अखबार ने यह निर्णय देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण और चारों तरफ फैले दुख के माहौल की वजह से लिया है। 

एडिटर्स नोट में अखबार ने अपने पाठकों से कहा है कि भारत इस समय महामारी के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है, यह देखते हुए ‘देश का ध्यान जीवन और मृत्यु के मुद्दे की ओर केंद्रित करने की यह उसकी एक छोटी सी कोशिश है। पूरे देश में कोरोना ने कोहराम मचाया हुआ है। हजारों लाखों लोग इस समय जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी होने वाले रोजाना हेल्थ बुलेटिन में लाखों लोगों के संक्रमित होने और हजारों के मरने की खबरें आ रही हैं। लोग ऑक्सीजन की किल्लत से जूझ रहे हैं। अस्पताल लोगों को बेड देने से मना कर रहे हैं। शमशान और कब्रिस्तानों में कतारें लगी हुई हैं। आपदा की इस घड़ी में हम आईपीएल के आयोजन को बेतुका पाते हैं। ऐसे में हमने खेल के आयोजन की कवरेज न करने का फैसला लिया है।

अखबार में कहा गया कि समस्या खेल से नहीं, बल्कि इसकी टाइमिंग से है। क्रिकेट को भी स्वीकार करना चाहिए कि हम एक बहुत ही मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। अखबार में कहा गया कि जब तक कि स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक ‘द संडे स्टैंडर्ड’ और ‘द मॉर्निंग स्टैंडर्ड’ अखबार में आईपीएल की खबरें प्रकाशित नहीं की जाएंगी और इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

आपदा की इस घड़ी में हम आईपीएल के आयोजन को बेतुका पाते हैं। एक तरफ देश संकट काल से गुजर रहा है तो वहीं दूसरी तरफ बायो बबल की सुरक्षा में भारत में क्रिकेट का त्योहार मनाया जा रहा है। क्रिकेट खेल के साथ समस्या नहीं है बल्कि इसके आयोजन के समय को लेकर है। जब तक सब कुछ सामान्य नहीं हो जाता तब तक संडे स्टैंडर्ड और मॉर्निंग स्टैंडर्ड में आईपीएल की खबरें प्रकाशित नहीं की जाएंगी। 

आईपीएल के 14 वें संस्करण का आयोजन 7 अप्रैल से शुरू हुआ है। क्रिकेट की इस लीग का आयोजन कुल 6 शहरों में हो रहा है। जिसमें दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और अहमदाबाद शामिल हैं।

‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ में एडिटर ने और क्या कुछ कहा, पढ़िए यहां-

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कोविड ने छीन ली ET के फीचर एडिटर चंचल पाल चौहान की जिंदगी

जर्नलिस्ट चंचल पाल चौहान का 21 अप्रैल की रात कोविड के कारण निधन हो गया। वे ‘इकनॉमिक टाइम्स’ ऑटो के फीचर एडिटर थे

Last Modified:
Friday, 23 April, 2021
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जर्नलिस्ट चंचल पाल चौहान का 21 अप्रैल की रात कोविड के कारण निधन हो गया। वे ‘इकनॉमिक टाइम्स’ ऑटो के फीचर एडिटर थे और हिन्दुस्तान टाइम्स के नेशनल एडिटर चेतन चैहान के भाई थे।

चंचल पाल चैहान जिला शिमला के कोटखाई क्षेत्र के निवासी थे। चंचल ने ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ और ‘दि इंडियन एक्सप्रेस’ के लिए शिमला और चंडीगढ़ में अपनी सेवाएं दी और इसके बाद दिल्ली में भी विभिन्न मीडिया संगठनों के साथ कार्य किया।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वरिष्ठ पत्रकार चंचल पाल चैहान के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने परमात्मा से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंचल पाल चैहान के निधन से राज्य ने एक अनुभवी और उत्कृष्ट पत्रकार खोया है।

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नहीं रहे हिन्दुस्तान के वरिष्ठ संवाददाता रमेन्द्र सिंह

दैनिक हिन्दुस्तान के वरिष्ठ संवाददाता रमेन्द्र सिंह नहीं रहे। कोरोना संक्रमण के चलते गुरुवार को उनका निधन हो गया।

Last Modified:
Friday, 23 April, 2021
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दैनिक हिन्दुस्तान के वरिष्ठ संवाददाता रमेन्द्र सिंह नहीं रहे। कोरोना संक्रमण के चलते गुरुवार को उनका निधन हो गया। वाराणसी के भदवर स्थित हेरिटेज मेडिकल कॉलेज में उन्हें भर्ती कराया गया था।

उनके परिवार में उनकी पत्नी और एक बेटी है। हरिश्चंद्र घाट पर उनकी अंत्येष्टि हुई। दो भाइयों के भी संक्रमित होने के कारण साढ़ू ने मुखाग्नि दी।

लगभग दो दशक पूर्व पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले रमेन्द्र सिंह वायरस की चपेट में आ गए थे। बुधवार रात तक वह अच्छी स्थिति में थे, लेकिन गुरुवार सुबह उनका ऑक्सीजन लेवल नीचे आने लगा। उनकी निगरानी कर रहे डॉक्टर ने गुरुवार सुबह वेंटीलेटर की व्यवस्था करने को कहा। रमेन्द्र सिंह को एंबुलेंस से हेरिटेज अस्पताल ले जाया गया। हेरिटेज में वेंटीलेटर की सुविधा मिली, लेकिन रमेन्द्र सिंह बचाए नहीं जा सके।

हरिश्चंद्र घाट पर मौजूद हिन्दुस्तान परिवार के सदस्यों ने हरदिल अजीज अपने साथी को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी। कोरोना पीड़ितों की सेवा में अहर्निश लगे रहने वाले युवा सामाजिक कार्यकर्ता अमन कबीर ने जरूरी व्यवस्थाएं कराई।

विनम्रता, मिलनसारिता, सौम्यता के धनी रमेन्द्र सिंह ने विगत डेढ़ दशक के दौरान शैक्षणिक पत्रकारिता में विशिष्ट पहचान बनाई थी। बेसिक से लेकर उच्च शिक्षा से जुड़े सभी आयामों पर उन्होंने सफल लेखनी चलाई। मौसम संबंधी खबरों में भी उनकी अच्छी दखल थी। इस दौरान उन्होंने कई युवाओं को अखबारनवीसी भी सिखाई। हिन्दुस्तान के दफ्तर से लेकर कार्यक्षेत्र तक सभी के लिए अजातशत्रु रहे रमेन्द्र सिंह के निधन की जिसने भी खबर सुनी, स्तब्ध रह गया। कई शैक्षणिक, सामाजिक और व्यापारी संगठनों ने वरिष्ठ पत्रकार के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

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