पत्रकार के कार्यों को बयां करती ये खूबससूरत कविता...

पत्रकारिता को चौथा स्तम्भ कहा जाता है। देश को चलाने में पत्रकारों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है...

Last Modified:
Thursday, 31 May, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

पत्रकारिता को चौथा स्तम्भ कहा जाता है। देश को चलाने में पत्रकारों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। 30 मई यानी हिंदी पत्रकारिता दिवस। 1826 ई. का यह वही दिन था, जब पंडित युगल किशोर शुक्ल ने कलकत्ता से प्रथम हिन्दी समाचार पत्र 'उदन्त मार्तण्ड' का प्रकाशन आरंभ किया था। पत्रकारिता दिवस के मौके पर आगरा के टीवी पत्रकार मानवेन्द्र मल्होत्रा ने चंद बेहतरीन पंक्तियों के जरिए पत्रकार के कार्यों का वर्णित किया है। उनकी ये कविता आप यहां पढ़ सकते हैं-

सरकार बनाने बिगाड़ने की बात है करता

सिस्टम सुधारने की दम है रखता

दीवानगी की हदों को पार है करता 

कलम कैमरे से प्रहार है करता 

कभी दंगो में कभी बलवो में  

खबर पाने की फ़िक्र में  

जनता को सच दिखलाने की जिद में

अपनी फ़िक्र जो नहीं है करता 

धन से वंचित वह है रहता   

सरस्वती की पूजा है करता 

बुद्धिजीवी वह है कहलाता 

अभावग्रस्त जीवन वह जीता 

चौथे स्तम्भ की संज्ञा वो है पाता 

सर्वनाम होकर रह जो जाता 

पत्रकार वह है कहलाता 

 

 

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