रमेश अग्रवालजी : सड़क पर हुई मुलाकात और फिर संघर्ष में साथ के दो दशक

रमेश अग्रवालजी ने कोई नौ साल पहले अपने बारे में और अपनी उपलब्धियों को...

Last Modified:
Thursday, 12 April, 2018
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श्रवण गर्ग

वरिष्ठ पत्रकार ।।

रमेश अग्रवालजी ने कोई नौ साल पहले अपने बारे में और अपनी उपलब्धियों को लेकर कहा था: आज जो भी सफलता मेरे पास है उसमें अपने स्वाभाव की तीन बातों को मैं सामने रखता हूंसहज-सरल रहना, स्वयं का लो –प्रोफाइल प्रेजेंटेशन और काम के प्रति जुनून। रमेशजी की शायद ये ही खूबियां थी जिनके कि कारण पिछले छत्तीस सालों के दौरान दैनिक भास्कर प्रकाशन समूह देश के मीडिया जगत में अकल्पनीय ऊंचाइयों पर पहुंच गया, पर रमेशजी ने अपनी एक और विलक्षणता का कभी बखान नहीं किया और वह थी उनकी निडरता और चुनौतियों का साहस के साथ मुकाबला करने की क्षमता।

यह गुण उन्हें अपने पिता द्वारका प्रसाद अग्रवाल से खून और संस्कारों में प्राप्त हुआ था। द्वारका प्रसाद जी ने ही वर्ष 1958 में एक टेबलॉयड के आकार वाले दैनिक भास्कर अखबार की शुरुआत की थी। वही दैनिक भास्कर आज 14 राज्यों और 62 संस्करणों के साथ हिंदी, गुजराती, मराठी और अंग्रेजी भाषाओँ में प्रकाशित होने वाला देश का सबसे बड़ा मीडिया समूह बन गया है।

रमेशजी से मेरी पहली मुलाकात कोई छत्तीस साल पहले इंदौर शहर में एक सड़क पर हुई थी। हमारी इस मुलाकात का रमेशजी ने फिर कई बार सार्वजनिक तौर पर जिक्र भी किया। बात उन दिनों की है जब मैं दिल्ली में इंडियन एक्सप्रेस समूह में आठ वर्षों तक काम करने के बाद 1981 में इंदौर लौटकर नईदुनिया हिंदी दैनिक में काम कर रहा था। नईदुनिया अविभाजित मध्यप्रदेश का और कई मायनों में देश का भी एक बड़ा और प्रतिष्ठित समाचार पत्र था। राजेंद्र माथुर उसके यशस्वी संपादक थे। आपातकाल के दौरान नईदुनिया की भूमिका ने देश के मीडिया जगत के सामने कड़ी चुनौतियां खड़ी कर दी थी।

मैं साईकिल पर सवार था और घर लौट रहा था। तभी बीच सड़क पर पास में एक स्कूटर आकर रुका। स्कूटर एक परिचित चला रहे थे और रमेशजी पीछे की सीट पर बैठे हुए थे। मुझे रोककर रमेशजी ने कहा हम इंदौर से भास्कर का प्रकाशन प्रारंभ करने जा रहे हैं और चाहते हैं कि आप हमारे साथ जुड़ जाएं। मैंने कुछ कारण बताते हुए अपनी असमर्थता व्यक्त कर दी। रमेशजी ने कोई बुरा नहीं माना। मुस्कुराते हुए बोले फिर से विचार करना, अपन फिर मिलेंगे। उन्हें शायद पता था कि मैं आगे-पीछे ऐसा अवश्य करुंगा। वे नास्वीकार करने वालों में नहीं थे। मौका आया पर कोई दस साल बाद। वर्ष 1993  में मैं दैनिक भास्कर के साथ जुड़ा और फिर लगभग दो दशकों तक रमेशजी की हर यात्रा में शामिल रहा। रमेशजी ने जिन-जिन राज्यों और स्थानों से समूह के प्रकाशनों की शुरुआत की वे वहां-वहां मुझे अपने साथ ले जाते रहे।

रमेशजी की सबसे बड़ी ताकत यह थी कि वे न तो प्रतिस्पर्धियों की चुनौतियों से घबराते थे और न ही राजनेताओं की नाराजगी से डरते थे। रिस्कलेने की एक अद्भुत ताकत उनके पास हमेशा मौजूद रहती थी। वे बने-बनाए औपचारिक सिस्टम से अलग अपनी गट फीलिंगसे काम करते थे और इसे स्वीकार भी करते थे। वे इसी ताकत के दम पर राजनेताओं की नाराजगी और उसके कारण अख़बार को होने वाले वित्तीय नुकसान न की परवाह किये बगैर दैनिक भास्कर को आगे बढ़ाने के काम में परिवार सहित जुटे रहे। रमेशजी ने कहीं भी दैनिक भास्कर की निर्भीक पत्रकारिता के साथ समझौता नहीं  किया। वर्ष 1983 में इंदौर संस्करण की शुरुआत के कोई एक-डेढ़ साल बाद ही रमेशजी के सामने वह चुनौती आ गई थी जिसके जरिये प्रदेश और देश को भास्कर की क्षमता का पता चल गया।

दिसम्बर 1984 में  यूनियन कार्बाइड के भोपाल स्थित प्लांट से जहरीली गैस के रिसने से हजारों लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद रमेशजी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के दबाव की परवाह किये बगैर जिस तरह का कवरेज भास्कर में करने की जोखिम उठाई वह चौकाने वाली थी। दैनिक भास्कर को रमेशजी ने गैस-पीड़ितों की आवाज़ बना दिया। इस समय तक उनके सबसे बड़े पुत्र सुधीर अग्रवाल ने कमान नही संभाली थी। मोर्चे पर रमेशजी ही मुख्य रूप से थे।

इंदौर संस्करण की शुरुआत रमेशजी ने अपने पिता की मर्जी के खिलाफ की थी। द्वारका प्रसादजी को नईदुनिया के मुकाबले भास्कर की सफलता के प्रति संदेह था। पर अपने जुनून से रमेशजी ने इंदौर संस्करण को भी सफलता के शिखर पर खड़ा कर दिया। अब तक उनके बड़े पुत्र सुधीर अग्रवाल ने भी  इंदौर संस्करण के जरिये उनकी मदद करना प्रारंभ कर दिया था।

वर्ष 1996 में रमेशजी ने तय किया कि भास्कर का अगला ठिकाना राजस्थान बनेगा और जयपुर पहुंचकर राजस्थान पत्रिका को चुनौती दी जायेगी। उस समय कहा जाता था कि पत्रिका को मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावतजी का संरक्षण प्राप्त है अतः भास्कर जयपुर में टिक नहीं सकेगा। नवभारत टाइम्स वहां से प्रारंभ होकर बंद हो चुका था। भास्कर को राजस्थान में एक लम्बे समय तक सरकारी विज्ञापन प्राप्त नहीं हुए। निजी विज्ञापन एजेंसियों ने भी पर्याप्त सहयोग नहीं किया। रमेशजी ने एक लम्बे समय तक वित्तीय घाटा सहते हुए भास्कर के प्रकाशन को जारी रखा और उसे पूरे राजस्थान में ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

वर्ष 2003 में जब रमेशजी ने अहमदाबाद से गुजराती दैनिक दिव्य भास्कर की शुरुआत की तो वहां चर्चा चल पड़ी कि भास्कर के गुजराती संस्करण का प्रकाशन भाजपा में मोदीजी के विरोधी गुट द्वारा करवाया जा रहा है। मोदीजी उस समय वहां मुख्यमंत्री थे। कहना होगा कि इस तरह की अफवाहों  के चलते रमेशजी ने गुजरात में भी एक लम्बे समय तक सत्ता की नाराजगी और वित्तीय नुकसान  को सहा।

रमेशजी भाषाई पत्रकारिता में साहस की एक अद्भुत मिसाल थे। ऐसी मिसाल कि जिसने तमाम सफलताओं के बावजूद किसी भी तरह के अहंकार को अपनी सहज और सरल छवि पर हावी नहीं होने दिया। रमेशजी को श्रेय जाता है  कि देश के अलग-अलग राज्यों से भास्कर के संस्करणों की शुरुआत करके न सिर्फ उन्हें सफल बनाया, भाषाई पत्रकारिता को अंग्रेजी के मुकाबले सम्मान का स्थान प्राप्त करवाया। रमेशजी का योगदान सिर्फ दैनिक भास्कर तक ही सीमित नहीं था, वे कई सामाजिक, शैक्षणिक और धार्मिक संस्थाओं के साथ तन-मन-धन से जुड़े हुए थे।वे उन्हें हर प्रकार की मदद करते रहते थे। रमेशजी की अनुपस्थिति से अब देश भर के लाखों लोग अपने-आपको अकेला महसूस करने वाले हैं।

 

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दैनिक भास्कर समूह के चेयरमैन स्व. रमेशचंद्र अग्रवाल की माताजी का निधन, अंतिम संस्कार आज

श्रीमती कस्तूरीदेवी अग्रवाल ने गुरुवार रात 8.19 बजे अंतिम सांस ली, वे 96 साल की थीं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 28 February, 2020
Last Modified:
Friday, 28 February, 2020
Kasturi Agarwal

दैनिक भास्कर समूह के चेयरमैन स्व. रमेशचंद्र अग्रवाल की माताजी और स्व. द्वारकाप्रसाद अग्रवाल की धर्मपत्नी श्रीमती कस्तूरीदेवी अग्रवाल का निधन हो गया है। कस्तूरीदेवी अग्रवाल ने गुरुवार रात करीब 8:19 बजे अंतिम सांस ली। वे 96 साल की थीं। 

कस्तूरीदेवी दैनिक भास्कर समूह के प्रबंध संचालक सुधीर अग्रवाल, संचालक गिरीश अग्रवाल और पवन अग्रवाल की दादी थीं। कस्तूरीदेवी अग्रवाल की अंतिम यात्रा शुक्रवार शाम 4 बजे ई-1/79 अरेरा कॉलोनी से निकलेगी। अंतिम संस्कार 5 बजकर 15 मिनट पर भदभदा विश्रामघाट (भोपाल) पर होगा। वे अपने पीछे दाे बेटियाें, बहुओं और नाती-पाेताें का भरा-पूरा परिवार छाेड़ गई हैं।

 

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पत्रकार की शिकायत पर हरकत में आया प्रेस काउंसिल, उठाया ये कदम

'दैनिक जागरण' लखनऊ के पत्रकार धर्मेंद्र मिश्र के खिलाफ पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने के मामले में अब ‘प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया’ हरकत में आ गया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 27 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 27 February, 2020
PCI

'दैनिक जागरण', लखनऊ के पत्रकार धर्मेंद्र मिश्र के खिलाफ उत्तर प्रदेश में सुल्तानपुर की नगर कोतवाली पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने के मामले में अब ‘प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया’ (PCI) हरकत में आ गया है। इस मामले में ‘प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया’ ने उत्तर प्रदेश के गृह सचिव, डीजीपी व आइपीएस हिमांशु कुमार को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के अनुसार, प्रथमदृष्टया यह पाया गया है कि प्रेस की स्वतंत्रता पर तत्कालीन एसपी हिमांशु ने कुठाराघात किया था। ‘प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया’ की ओर से जारी इस नोटिस में दो हफ्ते में लिखित जवाब देने के लिए कहा गया है।

बता दें कि सितंबर 2018 में 'दैनिक जागरण' ने अमेठी जिले के निवासी धर्मेंद्र मिश्र को सुल्तानपुर में ब्यूरो चीफ के पद पर तैनात किया था। धर्मेंद्र मिश्र के खिलाफ पिछले साल 16 नवंबर को जो एफआईआर दर्ज की गई है, उसमें लूट का आरोप लगाते हुए घटना की तारीख दिसंबर 2018 बताई गई है। एक साल बाद इस मामले में दर्ज एफआईआर को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, अपने खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद धर्मेंद्र मिश्र ने सोशल मीडिया पर इस मामले को उठाते हुए पुलिस पर कई आरोप लगाए हैं।

धर्मेंद्र मिश्र का आरोप है कि सुल्तानपुर एसपी हिमांशु कुमार उनके द्वारा पुलिस की नाकामियों को उजागर करने वाले खबरों से नाराज थे और सच्चाई की आवाज दबाने के लिए उनके ऊपर लूट का फर्जी मुकदमा दर्ज करवाया गया है। यह मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में भी पहुंचा हुआ है।

अपने उत्पीड़न से परेशान पत्रकार धर्मेंद्र ने ‘प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया’ से गुहार लगाई थी और पूरे मामले की लिखित शिकायत की थी। इस पर अब ‘प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया’ ने संज्ञान लिया है।‘ प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया’ की ओर से जारी नोटिस की कॉपी आप यहां पढ़ सकते हैं।

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वरिष्ठ पत्रकार रमेश ठाकुर को मिला ये सम्मान

हिन्दुस्तान समेत एशिया के सभी देशों की मीडिया की जॉइंट मॉनेटरिंग वेंचर संस्था ने दिल्ली के पांच सितारा होटल ‘द लीला‘ में ‘एशियन एक्सीलेंस अवॉर्ड‘ वितरण समारोह का आयोजन किया।

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Published - Tuesday, 25 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 25 February, 2020
ramesh thakur

हिन्दुस्तान समेत एशिया के सभी देशों की मीडिया की जॉइंट मॉनेटरिंग वेंचर संस्था ने दिल्ली के पांच सितारा होटल ‘द लीला‘ में ‘एशियन एक्सीलेंस अवॉर्ड‘ वितरण समारोह का आयोजन किया। संस्था ने विभिन्न क्षेत्रों से एशिया के टॉप-30 विभूतियों को चुना। पत्रकारों में दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार रमेश ठाकुर को भी शामिल किया गया। ठाकुर के नाम की संतुति ‘लाइव-24 न्यूज’ की ओर से उनकी हालिया कुछ रिसर्च खोजी रिपोर्ट्स के लिए किया गया। मलेशिया के प्रेष परिषद पत्रकार एम. मानीमरन, ‘लाइव-24’ न्यूज चैनल के मुख्य संपादक प्रमोद सिंह व नेपाल-बंग्लादेश और श्रीलंका के प्रतिनिधियों के हाथों रमेश को सम्मानित किया गया।

सम्मान ग्रहण के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पत्रकारिता मौजूदा समय में बेशक चुनौतीपूर्ण है लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति से किया गया कोई भी काम आपको बुलंदियों तक पहुंचने से नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा देश-विदेश का संयुक्त मिश्रण एशियन अवॉर्ड उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराता रहेगा। साथ ही काम करने के तरीके में और बेहतरी की ललक पैदा करेगा। अवॉर्ड के लिए उन्होंने एशियन संस्थान का धन्यवाद दिया।

बता दें, रमेश ठाकुर बीते पंद्रह वर्षों से पत्रकारिता कर रहे हैं। इससे पहले भी उनको उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई नेशनल-इंटरनेशन अवॉर्ड मिल चुके हैं। अभी कुछ दिनों पहले ही उन्हें सीडीएस प्रमुख बिपिन रावत ने ‘जर्नलिज्म ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड से नवाजा था।

रमेश ठाकुर के आलेख अग्रणी पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप प्रकाशित होते रहते हैं। इसके अतिरिक्त वे  न्यूज चैनलों की डिबेट्स में भी रोजाना राजनीतिक, सामाजिक और मार्मिक मुद्दों पर अपनी बात प्रमुखता से रखते हैं। हाल ही में उन्हें दक्षिण अफ्रीका में जांबिया (Zambia) की लुसाका स्थिति ‘एसबुड यूनिवर्सिटी ‘ (YESBUD UNIVERSITY)  ने डॅाक्टरेट की मानद उपाधि भी दी गई थी।  

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चुनाव आयोग ने इस गायक पर जताया भरोसा, बनाया नेशनल आइकॉन

चुनाव आयोग ने सोमवार 24 फरवरी को पंजाबी गायक और अभिनेता जसबीर सिंह बैंस उर्फ जसबीर जस्सी को नेशनल आइकॉन नियुक्त किया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 25 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 25 February, 2020
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चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने सोमवार 24 फरवरी को पंजाबी गायक और अभिनेता जसबीर सिंह बैंस उर्फ जसबीर जस्सी को नेशनल आइकॉन नियुक्त किया है। आयोग ने माना कि उनकी संगीत की प्रतिभा विभिन्न आयु वर्ग के लोगों को विशेषकर युवाओं को मतदान के लिए ज्यादा प्रेरित कर सकती है। इस तरह से वे अपने प्रेरक गीतों और संदेशों से आयोग की निश्चित रूप से मदद करेंगे।

आयोग ने जस्सी पर भरोसा जताते हुए कहा कि जस्सी का योगदान देश के आगामी चुनावों में मतदाताओं को जागरूक करने और नैतिक भागीदारी में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करेगा।

जसबीर एक गायक होने के साथ-साथ गीतकार, कलाकार और अभिनेता भी हैं। उनके गानों की करीब 13 एलबम रिलीज हो चुके हैं। उनके कई गाने जैसे 'दिल ले गई कुड़ी गुजरात दी', 'कोका तेरा कुछ- कुछ केंदा नी कोका' अपने समय के सुपरहिट गानों में से एक थे।

जसबीर का जन्म 1970 में पंजाब के गुरदासपुर में हुआ था। 1980 के दशक में उन्होंने अपने गानों की रिकॉर्डिंग शुरू कर दी थी। उनकी पहली विडियो एल्बम 1993 में 'चन्ना वे तेरी चन्नी' रिलीज हुई थी। उसके बाद 1998 में 'दिल ले गई', 1999 में 'कुड़ी कुड़ी', 2001 में ‘निशानी प्यार दी’, 2002 में 'जस्ट जस्सी', 2004 में ‘मुखड़ा चन्न वर्गा’ और 2007 में ‘अख मस्तानी’ जैसे कई एलबम रिलीज हो चुके हैं।

शायद ही ये किसी को पता हो कि जसबीर की पहली कमाई 125 रुपए की थी, जो उन्हें जालंधर के रेडियो में तीन गीत गाकर मिली थी। इन पैसों की उम्मीद तो जस्सी को नहीं थी पर जब पैसे मिले तो उन्हें लगा कि ऐसे ही गाकर पैसे कमाता रहूंगा तो मुझे पुलिस में भर्ती नहीं होना पड़ेगा। वैसे डाक से आया यह 125 रुपए का चेक जस्सी ने अभी भी फ्रेम करा कर रखा है।   

 

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TV पत्रकार के साथ हुआ ये भीषण हादसा, चली गई जान

अपने दोस्तों के साथ कार से जा रहे थे टीवी पत्रकार, एक दोस्त की भी हो गई मौत, दूसरा घायल

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 19 February, 2020
Last Modified:
Wednesday, 19 February, 2020
Accident Death

भीषण सड़क हादसे में टीवी पत्रकार समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया। यह हादसा तमिलनाडु के किनाठुकदावु (Kinathukadavu) इलाके में मंगलवार को हुआ। बताया जाता है कि पोल्लाची इलाके में ‘कैप्टन टीवी’ (Captain TV) में कार्यरता बी चंद्रशेखर (36) अपने दोस्त आर किशोर (19) और टी सेंथिलकुमार (36) के साथ जा रहे थे।

इसी दौरान उनकी कार एक डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में बी चंद्रशेखर और आर किशोर की मौत हो गई, जबकि टी सेंथिलकुमार कुमार घायल हो गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 

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इंडिया न्यूज कम्युनिकेशंस से जुड़े रोहित कुमार, मिली बड़ी जिम्मेदारी

रोहित कुमार पूर्व में जी मीडिया, आजतक और न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों में निभा चुके हैं अहम भूमिका

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 17 February, 2020
Last Modified:
Monday, 17 February, 2020
Rohit Kumar

इमेज मैनेजमेंट और कॉरपोरेट कम्युनिकेशन कंसल्टेंसी कंपनी ‘इंडिया न्यूज कम्युनिकेशंस लिमिटेड’ (India News Communications Limited) में रोहित कुमार ने बतौर सीओओ जॉइन किया है। संस्थान की संपूर्ण ग्रोथ की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर होगी।

रोहित कुमार पूर्व में ‘पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री’ (PHD Chamber of Commerce and Industry) के साथ बतौर डायरेक्टर (Media, Special Projects/Mega Programs, Bidding/Tendering, States and Young Business Leadership Forum) काम कर चुके हैं।

रोहित कुमार को मार्केटिंग के क्षेत्र में काम करने का 18 साल से ज्यादा का अनुभव है।  पूर्व में वह प्रमुख मीडिया संस्थानों जैसे-‘जी मीडिया’, ‘आजतक’ और ‘न्यूज वर्ल्ड इंडिया’ में बतौर मार्केटिंग हेड अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

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राष्ट्रवाद और मीडिया के संबंधों को बखूबी दर्शाती है ये किताब

भोपाल स्थित गांधी भवन में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. सौरभ मालवीय और लोकेंद्र सिंह की इस किताब का किया गया विमोचन

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 12 February, 2020
Last Modified:
Wednesday, 12 February, 2020
Book Launching

मीडिया विमर्श की ओर से आयोजित पं. बृजलाल द्विवेदी अखिल भारतीय साहित्यिक सम्मान समारोह में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर पीएचडी करने वाले डॉ. सौरभ मालवीय और लोकेन्द्र सिंह की किताब ‘राष्ट्रवाद और मीडिया’ का विमोचन किया गया। भोपाल स्थित गांधी भवन में आयोजित कार्यक्रम में समाजवादी विचारक एवं लेखक रघु ठाकुर ने कहा, ‘एक सच्चा राष्ट्रवाद वही होगा जो सच्चा विश्ववादी होगा। अगर सभी देश अपनी सीमाओं को छोड़ने के लिए तैयार हो जाएं, तभी असली राष्ट्रवाद की नींव रखी जा सकती है।’ उन्होंने कहा कि मीडिया और राष्ट्रवाद के बीच किसी भी तरह के संघर्ष की स्थिति नहीं होनी चाहिए।

प्रख्यात साहित्यकार एवं व्यंग्यकार गिरीश पंकज का कहना था, ‘आज के दौर में जब सभी तरफ राष्ट्रवाद की चर्चा है और कुछ मीडिया घरानों पर भी राष्ट्रवादी होने के ठप्पे लगाये जा रहे हैं, तब इस पुस्तक का आना काफी प्रासंगिक हो जाता है। मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के पूर्व निदेशक एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. उमेश कुमार सिंह का कहना था कि कोई एक वाद इस राष्ट्र का पर्याय नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि लेखकों ने पुस्तक में भारतीय राष्ट्रवाद को सही अर्थों में परिभाषित करने का प्रयास किया है। उन्होंने राष्ट्रवाद की जगह ‘राष्ट्रत्व’ या ‘राष्ट्रीय विचार’ शब्द का उपयोग करने पर जोर दिया।

यश प्रकाशन, नई दिल्ली की ओर से प्रकाशित इस किताब में वर्तमान परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रवाद, राष्ट्रवाद एवं मीडिया के संबंध, मीडिया की भूमिका जैसे विषयों पर मीडिया विशेषज्ञ एवं वरिष्ठ स्तम्भकारों के महत्वपूर्ण आलेख शामिल किये गए हैं। इस किताब में प्रो. संजय द्विवेदी, संतोष कुमार पाण्डेय, डॉ. मयंक चतुर्वेदी, डॉ. शशि प्रकाश राय, डॉ.साधना श्रीवास्तव, डॉ. मंजरी शुक्ला, डॉ. मनोज कुमार तिवारी, डॉ. मीता उज्जैन, डॉ. सीमा वर्मा, उमेश चतुर्वेदी, अमरेंद्र आर्य, अनिल पांडेय आदि के लेख शामिल हैं।

किताब विमोचन के लिए मंच पर प्रख्यात समाजवादी चिन्तक रघु ठाकुर, वरिष्ठ संपादक प्रो. कमल दीक्षित, सप्रे संग्रहालय के संस्थापक विजयदत्त श्रीधर, मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के पूर्व निदेशक डॉ. उमेश कुमार सिंह, व्यंग्यकार गिरीश पंकज, संपादक कमलनयन पाण्डेय, मीडिया आचार्य प्रो. संजय द्विवेदी, डॉ. बीके रीना और साहित्यकार पूनम माटिया आदि उपस्थित रहे।

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जानें, दिल्ली के बारे में क्या कहता है ABP News-CVoter का एग्जिट पोल

दिल्ली में आठ फरवरी को डाले गए हैं वोट, 11 फरवरी को मतों की गिनती का काम होगा

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 10 February, 2020
Last Modified:
Monday, 10 February, 2020
ABP News

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आठ फरवरी को हुई वोटिंग के बाद अब सभी की नजरें 11 फरवरी को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। सभी इस बात को लेकर काफी उत्सुक हैं कि आखिर दिल्ली में किसकी सरकार बनेगी। तमाम मीडिया संस्थान भी एग्जिट पोल के जरिये अनुमान लगा रहे हैं कि दिल्ली का ताज किसके सिर सजने वाला है।

इन सबके बीच एग्जिट पोल के हवाले से ‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) ने खबर दी है कि दिल्ली में एक बार फिर अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार बन सकती है। एबीपी न्यूज-सी वोटर (ABP News-Centre for Voting Opinion & Trends in Election Research) के एग्जिट पोल के मुताबिक, आप को 50.4 प्रतिशत, बीजेपी को 36 प्रतिशत, कांग्रेस को नौ प्रतिशत और अन्य पॉलिटिकल पार्टियों को 4.7 वोट प्रतिशत मिलने की संभावना है।

इस एग्जिट पोल के अनुसार, दिल्ली में आम आदमी पार्टी को 49 से 63 सीट मिल सकती हैं। बीजेपी को पांच से 19 सीटों पर जीत मिल सकती है और यह दूसरे स्थान पर रह सकती है, वहीं कांग्रेस को शून्य से चार सीट मिलने की संभावना जताई गई है।

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नहीं रहे जाने-माने क्रिकेट पत्रकार राजू भारतान

साप्ताहिक मैगजीन ‘the Illustrated Weekly of India’ से करीब 42 साल तक जुड़े रहे थे राजू भारतान

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 07 February, 2020
Last Modified:
Friday, 07 February, 2020
Raju Bharatan

जाने-माने फिल्म इतिहासकार और क्रिकेट पत्रकार राजू भारतान (Raju Bharatan) का लंबी बीमारी के बाद शुक्रवार को निधन हो गया। वह 86 साल के थे। राजू भारतान साप्ताहिक मैगजीन ‘the Illustrated Weekly of India’ से करीब 42 साल तक जुड़े रहे थे। खुशवंत सिंह, एमवी कामत, प्रीतिश नंदी और अनिल धारकर जैसे दिग्गज पत्रकारों के साथ काम कर चुके राजू भारतान असिस्टेंट एडिटर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।

इस मैगजीन में अपनी काफी लंबी पारी के दौरान उन्होंने दो क्रिकेट स्पेशल इश्यू भी निकाले थे, जिन्होंने 4.05 लाख और 3.8 लाख सर्कुलेशन का आंकड़ा भी छुआ था। इसके अलावा वह क्रिकेट पर कॉलम भी लिखते थे। उन्होंने वर्ष 1974 में क्रिकेट पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘The Victory Story’ का निर्देशन भी किया था।

‘पीटीआई’ के पहले जनरल मैनेजर ए.एस भारतान के बेटे राजू भारतान ने ‘Rivals in the Sun’(1952) और ‘Indian Cricket-The Vital Phase’ (1977) समेत छह किताबें भी लिखी थीं।

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वरिष्ठ पत्रकार रवि सुबैय्या ने दुनिया को कहा अलविदा

पोलियो से ग्रस्त रवि सुबैय्या कर्मठता व जीवटता की साक्षात मिसाल थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 06 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 06 February, 2020
Ravi Subbaiah

स्वतंत्र पत्रकार रवि सुबैय्या का निधन हो गया है। नवी मुंबई के रहने वाले 51 वर्षीय सुबैय्या ने यहां वाशी इलाके में स्थित अपने आवास पर रविवार को अंतिम सांस ली।

पोलियो से ग्रस्त होने के बावजूद रवि ने अपनी ग्रेजुएशन पूरी की और ‘एनएमटीवी’ (NMTV) नाम से केबल टीवी इंफॉर्मेशन सर्विस शुरू की। वह कई एनजीओ से जुड़े हुए थे और प्रेरणादायक भाषण देने के लिए जाने जाते थे। रवि के परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं।

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