IIMCAA Awards के लिए हुई जूरी मीट, ये रहे शामिल

देश के प्रतिष्ठित मास कम्युनिकेशन शिक्षण संस्थान IIMC...

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 29 January, 2019
Last Modified:
Tuesday, 29 January, 2019
IIMC

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

देश के प्रतिष्ठित मास कम्युनिकेशन शिक्षण संस्थान, इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन के एलुमनी एसोसिएशन (IIMCAA) द्वारा जनसंचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को ‘IIMCAA Awards 2019’ से सम्मानित करने के लिए जोर-शोर से तैयारी चल रही है। ये सभी अवॉर्ड्स दिल्‍ली स्थित आईआईएमसी मुख्‍यालय में 17 फरवरी 2019 को आयोजित एक समारोह में दिए जाएंगे।

इन अवॉर्ड्स के लिए विजेताओं का चयन मास कम्‍युनिकेशन से जुड़े दिग्‍गजों की जूरी द्वारा किया जाएगा। इसके लिए ‘IIMCAA’ की ओर से 14 जूरी का गठन किया गया है और प्रत्येक जूरी में तीन से ज्यादा मेंबर हैं। 33 कैटेगरी में विजेताओं का चयन करने के लिए दिल्ली स्थित ‘IIMC’ मुख्यालय में 27 जनवरी को 14 में से सात जूरी के मेंबर्स आपस में मिले। बाकी के सात जूरी के मेंबर्स की मीटिंग तीन फरवरी को होगी।

हालांकि, कुल 35 कैटेगरी में अवॉर्ड्स दिए जाएंगे, लेकिन ‘एलुमनी ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ और पब्लिक सर्विस अवॉर्ड‘’ के विजेताओं का चयन ‘IIMCAA’ की सेंट्रल कमेटी द्वारा किया जाएगा। इन अवॉर्ड्स के तहत जूरी द्वारा चुने गए विजेताओं को कैश प्राइज के साथ-साथ टॉफी और सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। 33 में से एक कैटेगरी (एग्रीकल्चर रिपोर्टिंग) में 51000 रुपए और बाकी अन्य कैटेगरी में 21000 रुपए का पुरस्‍कार दिया जाएगा।

जूरी प्रक्रिया के बारे में ‘IIMCAA Awards 2019’ की संयोजक अनीता कौल बसु ने बताया, ‘IIMCAA का यह तीसरा सीजन है।  इस पूरी कवायद का उद्देश्‍य उन छात्रों की उपलब्धियों को जानना व बताना होता है, जिन्होंने मास कम्युनिकेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया हो।’

‘IIMCAA Awards 2019’ की को-ऑर्डिनेटर सिमरत गुलाटी ने कहा, ‘इस साल हमें 33 कैटेगरी के लिए लगभग 250 एंट्री मिली थीं, जो पिछले साल के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा थीं। वर्ष 2018 में हमें 21 कैटेगरी में कुल 114 एंट्री मिली थीं। इस साल जूरी पैनल की संख्या भी छह से बढ़ाकर 14 कर दी गई है। खास बात यह है कि विजेताओं के चयन की प्रक्रिया को ज्यादा से ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए जूरी में अधिकांश नॉन एलुमनी मेंबर्स को शामिल करने की कोशिश की जाती है।’

इस बारे में ‘IIMCAA’ के प्रेजिडेंट और ‘ZEE Media’ के ग्रुप डिजिटल एडिटर प्रसाद सान्याल का कहना है, ‘इस कवायद का मुख्य उद्देश्य संस्थान के पूर्व छात्रों के बेहतरीन कार्यों और उनकी उपलब्धियों के बारे में बताने का प्रयास है। इसमें सिर्फ रिपोर्टर और एंकर्स को ही नहीं, बल्कि हम अखबार, टीवी व वेबसाइट्स के रोजाना के काम में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले डेस्क के उन साथियों को भी सम्मानित करने का प्रयास कर रहे हैं, जिन्हें इंडस्ट्री में आमतौर पर खास पहचान अथवा अवॉर्ड नहीं मिल पाता है। इसी तरह एडवर्टाइजिंग और पब्लिक रिलेशन के क्षेत्र में कई कैंपेन को विभिन्न मंचों पर पहचान मिली चुकी है, उनसे जुड़े लोगों को भी हम सम्मानित कर रहे हैं।’

27 जनवरी को हुई मीटिंग में ये जूरी मेंबर्स शामिल रहे-

IIMCAA Awards 2019 Jury No. 7

Q W Naqvi, Chair

Sarvesh Tiwari

Parmanand Khetan

B 1- Print Production- Large Publications

B 2- Print Production- Medium & Small Publications

B 3- Broadcast Production- Large Network

B 7- Digital Production- Video

Jury No. 8

Nilanjana Jha, Chair

Nirendra Nagar

Suresh Kumar

Priyarag Verma

B 5- Digital Production- Content

B 6- Digital Production- Innovation

Jury No. 9

Deepak Chaurasia, Chair

Sumit Awasthi

Mehraj Dubey

Chandrika Joshi

RJ Raunac

B 8- Anchor/ Presenter/ Broadcaster [Audio]

B 9 - Anchor/ Presenter/ Broadcaster [Video]

Jury No. 10

Milind Khandekar, Chair

Shome Basu

Mike Sangma

B 10– Documentary Film Making

B 11- Photography– Amateur

B 12- Photography– Professional

Jury No. 11

Ashish Chakravarty, Chair

Anita Bose

Sambit Mohanty

Nitin Thakur

C 1- Advertising

C 2- Media Innovation

Jury No. 12

Prof. Jaishri Jethwaney, Chair

Sunila Dhar

Partha Ghosh

Samir Kapur

Sourav Das

C 3- Image Building (Public Relations)

C 4- Advocacy

C 5- Crisis Management

C 6- Image Management

Jury No. 13

Kavita Ayyagari, Chair

Tushar Bajaj

Neeraj Seth

Prateek Chaterjee

Karnika Kohli

C 7- Social Media Management- Small

C 8- Social Media Management- Big

C 9- Social Media Influencer

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

लाइव कवरेज के दौरान पत्रकार का मोबाइल चुराना चोर को यूं पड़ा महंगा

मिस्र में एक चोर को लाइव कवरेज कर रहे पत्रकार का मोबाइल चुराना महंगा पड़ गया। दरअसल, चोर ने मोबाइल छीनने के बाद ऐसी गलती कर दी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 23 October, 2021
Last Modified:
Saturday, 23 October, 2021
egypt4548

मिस्र में एक चोर को लाइव कवरेज कर रहे पत्रकार का मोबाइल चुराना महंगा पड़ गया। दरअसल, चोर ने मोबाइल छीनने के बाद ऐसी गलती कर दी, जिससे कई हजार लोगों ने उसे चोरी करते हुए देख लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार होना पड़ा। अब उसका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

घटना मिस्र की राजधानी काहिरा की है। चोरी उस समय हुई जब न्यूज साइट Youm7 के पत्रकार महमूद राघेब इस सप्ताह देश में आए भूकंप के बाद की लाइव रिपोर्ट दे रहे थे। इस बीच ही एक चोर बाइक पर आया और पत्रकार का मोबाइल छीनकर भाग निकला। मोबाइल पर लाइव कवरेज बंद नहीं हुआ था, इसलिए कवरेज देख रहे 20 हजार लोगों ने पूरी घटना के साथ चोर का चेहरा भी देख लिया। चोर की सिगरेट पीते हुए लाइव स्ट्रीमिंग हो गई। इस वीडियो को 70 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं। इस पर हजारों कमेंट्स भी आ चुके हैं।

पुलिस ने चोर को गिरफ्तार कर चोरी के लिए इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया है। पुलिस ने बताया कि चोर बेरोजगार था। उसने पुलिस के हाथ लगने से पहले ही वह फोन एक कारोबारी को बेच दिया था।

 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

MCU और चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मिलकर इस दिशा में करेंगे काम, हुआ करार

एक कार्यक्रम में इस एमओयू पर एमसीयू के कुलपति प्रो. केजी सुरेश और सीसीएसयू के कुलपति प्रो. नरेन्द्र कुमार तनेजा ने हस्ताक्षर किए।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 23 October, 2021
Last Modified:
Saturday, 23 October, 2021
MCU MOU

तिलक स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के मध्य 22 अक्टूबर 2021 को एक एमओयू हुआ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) में आयोजित कार्यक्रम में इस एमओयू पर एमसीयू के कुलपति प्रो. केजी सुरेश और सीसीएसयू के कुलपति प्रो. नरेन्द्र कुमार तनेजा ने हस्ताक्षर किए।

इस मौके पर प्रो. केजी सुरेश ने कहा कि दोनों विश्वविद्यालय पत्रकारिता एवं संचार के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देंगे और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय एवं माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के बीच जो एमओयू साइन हुआ है, इससे दोनों को ही लाभ मिलेगा। दोनों विश्वविद्यालय शोधकार्य को बढ़ावा देंगे।

वहीं, प्रो. नरेंद्र कुमार तनेजा ने कहा कि इस प्रकार के एमओयू अन्य विभागों को भी करने चाहिए। एक-दूसरे की अच्छाइयों को ग्रहण करते हुए आगे बढ़ने का काम करना चाहिए। एमओयू होने के बाद सीसीएसयू की प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर सीसीएसयू के कुलसचिव धीरेंद्र कुमार वर्मा और पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के निदेशक प्रो. प्रशांत कुमार आदि मौजूद रहे।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

लखीमपुर हिंसा: पत्रकार के परिवार को कांग्रेस ने सौंपा एक करोड़ का चेक

लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को हिंसा के दौरान मारे गए चार किसानों और एक पत्रकार को कांग्रेस ने आर्थिक सहायता प्रदान की है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 23 October, 2021
Last Modified:
Saturday, 23 October, 2021
Financial Assistance

लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को हिंसा के दौरान मारे गए चार किसानों और एक पत्रकार को कांग्रेस ने आर्थिक सहायता प्रदान की। पंजाब सरकार के कृषि मंत्री रणदीप सिंह नाभा व छत्तीसगढ़ सरकार के नगरीय प्रशासन मंत्री शिवकुमार डहरिया ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में इन पांचों को एक-एक करोड़ रुपए का चेक सौंपा। 

बता दें कि पांचों मृतकों के परिजनों को पंजाब व छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से 50-50 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करने घोषणा की गयी थी, जिसके बाद अब दोनों ही राज्यों की सरकारों ने यह सहायता राशि प्रदान की।

लखीमपुर में बीते तीन अक्टूबर को हुई घटना में किसान नक्षत्र सिंह, लवप्रीत सिंह, दलजीत सिंह, गुरविंदर सिंह व पत्रकार रमन कश्यप समेत कुल आठ लोगों की मौत हो गयी थी। इनमें तीन बीजेपी नेता शामिल थे। इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ बीती छह अक्टूबर को लखीमपुर पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मृत किसानों व पत्रकार के आश्रितों को अपनी राज्य सरकारों की ओर से 50-50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी।

वहीं, इस मामले में प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के लिए न्याय की लड़ाई पुरजोर तरीके से लड़ेगी। यही हमारी प्रतिज्ञा भी है और प्रतिबद्धता भी। उधर, पंजाब सरकार के कृषि मंत्री रणदीप सिंह नाभा ने कहा कि शहीद किसानों के परिवारों को न्याय मिले, इसके लिए कांग्रेस हर संभव प्रयास करेगी। कांग्रेस हर कदम पर पीड़ित परिवारों के साथ है।

छत्तीसगढ़ सरकार के नगरीय प्रशासन मंत्री शिवकुमार डहरिया ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार किसानों को अपने कारपोरेट मित्रों के हित में बर्बाद करने पर तुली है। कांग्रेस पार्टी यहां अपना वचन निभाने व आपके दर्द को साझा करने आयी है।

सहायता राशि का चेक पत्रकार रमन कश्यप की पत्नी आराधना कश्यप,  सरदार नक्षत्र सिंह की पत्नी जसवंत कौर, लवप्रीत सिंह के पिता सरदार सतनाम सिंह, दलजीत सिंह की पत्नी परमजीत कौर व गुरविंदर सिंह के पिता सरदार सुखविंदर सिंह को सौंपा गया। 

बता दें कि लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को किसानों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई भिड़ंत में एक पत्रकार सहित आठ लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। हिंसा में मारे गए 30 वर्षीय स्थानीय पत्रकार रमन कश्यप साधना टीवी के लिए काम करते थे। वे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की रैली को कवर करने घटना स्थल पर पहुंचे थे, जहां उनकी रैली निकलने से पहले ही हिंसा हो गयी और उनकी रैली को डायवर्ट कर दिया गया। हिंसा के बाद से ही पत्रकार रमन कश्यप लापता थे। चार अक्टूबर को उनका शव बरामद हुआ।

वहीं सूबे की सरकार की ओर से एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने यह जानकारी दी थी कि घटना में मारे गए किसानों के परिवारजन को सरकार की ओर से 45-45 लाख रुपए की धनराशि व परिवार के एक सदस्य को सरकार नौकरी देगी। वहीं घायलों को 10-10 लाख रुपए मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे। फिलहाल प्रशासन की ओर से 45 लाख रुपए का मुआवजा चेक सभी पीड़ित परिवारों को सौंपा जा चुका है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

IIMC का सत्रारंभ समारोह 25 से, विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगी जानी-मानी हस्तियां

कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार 25 अक्टूबर की सुबह 10:30 बजे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे। कोरोना के कारण इस वर्ष सत्रारंभ समारोह ऑनलाइन आयोजित किया जा रहा है।

Last Modified:
Friday, 22 October, 2021
IIMC

‘भारतीय जनसंचार संस्थान‘ (आईआईएमसी) का सत्रारंभ समारोह 25 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार 25 अक्टूबर की सुबह 10:30 बजे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे। कोरोना के कारण इस वर्ष सत्रारंभ समारोह ऑनलाइन आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम के संयोजक और डीन (अकादमिक) प्रो. गोविंद सिंह ने बताया कि इस पांच दिवसीय आयोजन में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर,  केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान,  राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह,  सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन,  सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव एवं आईआईएमसी के अध्यक्ष अपूर्व चंद्र,  दूरदर्शन के महानिदेशक मयंक अग्रवाल,  प्रख्यात लोक गायिका मालिनी अवस्थी एवं फिल्म अभिनेता अनंत महादेवन जैसी जानी-मानी हस्तियां विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगी।

इसके अलावा  ‘न्यूज 24 ‘ की प्रबंध निदेशक अनुराधा प्रसाद,  ‘एनडीटीवी ‘ की पत्रकार नगमा सहर,  पैरालंपिक मेडल विजेता एवं नोएडा के कलेक्टर सुहास लालिनाकेरे यथिराज,  ‘भारतीय विश्वविद्यालय संघ ‘ की महासचिव प्रो. पंकज मित्तल,  ‘गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय ‘,  नोएडा के कुलपति प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा, ‘विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय ‘, हरियाणा के कुलपति प्रो. राज नेहरू,  ‘भारतीय विज्ञापन मानक परिषद ‘ की महासचिव मनीषा कपूर,  ‘हिन्दुस्तान टाइम्स ‘ के प्रधान संपादक सुकुमार रंगनाथन, ‘जी न्यूज ‘ के प्रधान संपादक सुधीर चौधरी,  ‘एशियन न्यूज इंटरनेशनल ‘ (एएनआई) की प्रधान संपादक स्मिता प्रकाश,  ‘दैनिक जागरण ‘ के कार्यकारी संपादक विष्णु त्रिपाठी,  लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन,  मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) ध्रुव कटोच,  ‘महाराष्ट्र टाइम्स ‘ के संपादक पराग करंदीकर, ‘ न्यूज 18 ‘ उर्दू के संपादक राजेश रैना, ओडिया समाचार पत्र 'समाज' के संपादक सुसांता मोहंती,  मलयालम समाचार पत्र 'जन्मभूमि' के संपादक केएनआर नंबूदिरी,  लेखक संक्रान्त सानु एवं  ‘काठमांडू विश्वविद्यालय ‘ के प्रो. निर्मल मणि अधिकारी भी समारोह में हिस्सा लेंगे।

कार्यक्रम के समापन सत्र में  ‘आईआईएमसी ‘ के पूर्व छात्र, नए विद्यार्थियों से रूबरू होंगे। इन पूर्व छात्रों में  ‘आजतक ‘ के न्यूज डायरेक्टर सुप्रिय प्रसाद,  ‘इंडिया न्यूज ‘ के प्रधान संपादक राणा यशवंत,  जनसंपर्क विशेषज्ञ सिमरत गुलाटी,  ‘इफको ‘ के जनसंपर्क प्रमुख हर्षेंद्र सिंह वर्धन एवं  ‘आईआईएमसी एलुमिनाई एसोसिएशन ‘ के अध्यक्ष कल्याण रंजन शामिल हैं। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण  ‘आईआईएमसी ‘ के फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल पर किया जाएगा।

बता दें कि  ‘भारतीय जनसंचार संस्थान ‘ नए विद्यार्थियों के स्वागत और उन्हें मीडिया,  जनसंचार, विज्ञापन एवं जनसंपर्क के क्षेत्र में करियर संबंधी मार्गदर्शन दिलाने के लिए प्रतिवर्ष सत्रारंभ कार्यक्रम का आयोजन करता है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

नवनिर्मित मकान ढहने से मलबे में दबकर पोता-पोती समेत वरिष्ठ पत्रकार की मौत

अल्मोड़ा में हुआ हादसा, पत्रकार की पत्नी को ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 20 October, 2021
Last Modified:
Wednesday, 20 October, 2021
Anand Negi

भारी बारिश के चलते अल्मोड़ा में नवनिर्मित मकान ढहने से मलबे में दबकर ‘क्रिएटिव न्यूज एक्सप्रेस’ (CNE) न्यूज पोर्टल के संवाददाता व वरिष्ठ पत्रकार आनंद नेगी की मौत हो गई। तहसील भिकियासैंण थाना भतरौजखान के तहत ग्राम रापड़ में सोमवार की रात हुए इस हादसे में उनके पोते और पोती की भी मौत हुई है। तीनों के शव बरामद हो गए हैं, जबकि नेगी की पत्नी को ग्रामीणों ने मलबे से सकुशल बाहर निकाल लिया।  

अमर उजाला के पूर्व उप संपादक आनंद नेगी सल्ट, भिकियासैंण व रानीखेत से लगातार बारिश की कवरेज कर रहे थे। अपनी मौत से एक दिन पहले तक उन्होंने बारिश से हुए नुकसान पर खबरें भी प्रेषित की थीं, लेकिन देर रात वह खुद इस आपदा की चपेट में आ गए।

बताया जाता है कि सोमवार की देर रात करीब एक बजे भारी बारिश के कारण आनंद नेगी का नवनिर्मित मकान ढह गया। इस हादसे में आनंद नेगी (60), उनकी पत्नी ऊषा (55), आनंद के बड़े भाई की पुत्री के बच्चे यानी पोती किरण (16) व पोता तनुज (12) मलबे में दब गए। जिस वक्त यह घटना हुई, उस समय परिवार के सभी लोग सो रहे थे।

ग्रामीणों ने किसी तरह रात्रि में ऊषा को मलबे से सकुशल बाहर निकाल लिया, मंगलवार की सुबह पुलिस व राजस्व दल ने ग्रामीणों का मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया, जिसमें किरण व तनुज मलबे में मृत मिले, जबकि बाद में आनंद नेगी का भी शव मलबे से बरामद हुआ।

आनंद नेगी के निधन पर स्थानीय पत्रकारों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। जिला पत्रकार संघ ने संगठन के जिला उपाध्यक्ष नेगी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की है। इसके साथ ही भगवान से परिजनों को यह दु:ख सहने की ताकत देने की प्रार्थना की है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

दुनिया को अलविदा कह गए वरिष्ठ पत्रकार सतीश जुगरान

वरिष्ठ पत्रकार व न्यूज एजेंसी ‘भाषा’ के पूर्व विशेष संवाददाता सतीश जुगरान का शुक्रवार तड़के निधन हो गया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 16 October, 2021
Last Modified:
Saturday, 16 October, 2021
SatishJugran4545

वरिष्ठ पत्रकार व न्यूज एजेंसी ‘भाषा’ के पूर्व विशेष संवाददाता सतीश जुगरान का शुक्रवार तड़के निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे।

परिवार के सूत्रों ने बताया कि उनका निधन गुरुग्राम में उनके छोटे पुत्र के निवास पर हुआ। उनका बड़ा पुत्र स्वीडन में रह रहा है और उसके यहां आने पर जुगरान का अंतिम संस्कार 16 अक्टूबर को किया जाएगा। उनके परिवार में पत्नी, दो पुत्र एवं एक पुत्री है।

जुगरान 'भाषा' के विशेष संवाददाता के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने न्यूज एजेंसी के लिए गृह एवं रेलवे सहित विभिन्न मंत्रालयों को कवर किया। इससे पहले वह समाचार भारती और समाचार संवाद एजेंसियों में भी काम कर चके थे।

सेवानिवृत्त होने के बाद भी जुगरान काफी सक्रिय थे और रेडियो के लिए संसद समीक्षा व विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के लिए स्वतंत्र लेखन करते थे। हंसमुख स्वभाव के जुगरान का मित्रता दायरा काफी विस्तृत था।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

श्रीनगर पहुंची प्रेस काउंसिल की टीम, करेगी पत्रकारों पर शोषण के आरोपों की जांच

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी (तथ्यान्वेषी समिति) बुधवार को अपने तीन दिवसीय दौरे पर श्रीनगर पहुंची।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 14 October, 2021
Last Modified:
Thursday, 14 October, 2021
PCI

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी (तथ्यान्वेषी समिति) बुधवार को अपने तीन दिवसीय दौरे पर श्रीनगर पहुंची। जम्मू-कश्मीर में पत्रकारों के उत्पीड़न की शिकायतों की जांच के लिए वह यहां आयी है। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।

प्रवक्ता ने बताया कि यह कमेटी कश्मीर के मीडिया वर्ग के लोगों से मुलाकात करेगी। तीन सदस्यीय इस कमेटी में ‘दैनिक भास्कर’ के ग्रुप एडिटर प्रकाश दुबे, ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ के गुरबीर सिंह और ‘जन मोर्चा’ के एडिटर डॉ. सुमन गुप्ता शामिल हैं।

‘पीडीपी’ अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती द्वारा घाटी में पत्रकारों के शोषण का आरोप लगाए जाने के बाद प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए यह कमेटी गठित की है।

गौरतलब है कि महबूबा मुफ्ती ने 27 सितंबर को ‘प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया’ और ‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ (Editors Guild of India) को एक पत्र लिखकर केंद्र शासित प्रदेश में पत्रकारों को धमकी, जासूसी और उत्पीड़न के आरोप लगाए थे और तथ्यों की जांच के लिए दोनों निकायों से क्षेत्र में एक टीम भेजने का आग्रह किया था।

उन्होंने कहा था कि पुलिस ने कई पत्रकारों पर छापे मारे और उनके व्यक्तिगत सामान जब्त किए। महबूबा मुफ्ती ने पीसीआई के अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा था कि उन्हें यकीन है कि वह जानते हैं कि पुलिस ने इस महीने की शुरुआत में कश्मीर में कई पत्रकारों के घरों पर छापेमारी की थी। उन्होंने कहा था कि यह सब 5 अगस्त, 2019 के बाद से देखने को मिल रहा है।

 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

हिन्दुस्तान की आजादी के बाद का सफर बताएगी वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल की ये नई किताब

जब यह देश आजाद हुआ तो किस हाल में था। बंटवारे की छुरी कलेजे पर चली थी। अंग्रेजों ने जी भरकर लूटा था।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 13 October, 2021
Last Modified:
Wednesday, 13 October, 2021
rajeshbadal544

जब यह देश आजाद हुआ तो किस हाल में था। बंटवारे की छुरी कलेजे पर चली थी। अंग्रेजों ने जी भरकर लूटा था। न पेट भर अनाज था, न तन ढकने को कपड़े और न बच्चों के लिए दूध। पढ़ने के लिए स्कूल, कॉलेज, इंजीनियरिंग, मेडिकल कॉलेज नाम मात्र के थे। उद्योग धंधे नहीं थे। हर हाथ को काम नहीं था। सब कुछ छिन्न-भिन्न था। इस हाल में भारत ने अपने आप को समेटा और तिनका-तिनका कर अपना मजबूत लोकतांत्रिक घोंसला बनाया। अफसोस हमारी नई पीढ़ी संघर्ष के उस दौर से परिचित नहीं है।

मैनें इन नौजवानों के लिए एक छोटी सी पुस्तिका लिखी है- ‘हिन्दुस्तान का सफ़र’। दरअसल इससे पहले मैनें इसी विषय पर एक फिल्म बनाई थी। उसे जाने माने गांधीवादी और गांधी जी के साथ वर्षों काम कर चुके प्रेमनारायण नागर ने देखा। नागर जी 96 बरस के हैं और सदी के सुबूत की तरह हमारे सामने हैं। उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए भोपाल के गौरव फाउंडेशन ने यह पुस्तिका प्रकाशित की है।

गौरव फाउंडेशन के प्रेरणा पुरुष और माधव राव सप्रे स्मृति राष्ट्रीय संग्रहालय के संस्थापक पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर की देख रेख में यह पुस्तिका उपयोगी बन पड़ी है। इसका लोकार्पण उज्जैन विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के वाग्देवी भवन में हुआ। इसमें श्रीधरजी के अलावा स्वयं प्रेमनारायण नागर जी, विवि के कुलपति अखिलेश पांडे, पूर्व कुलपति डॉक्टर रामराजेश मिश्र, विभागाध्यक्ष डॉक्टर प्रोफेसर शैलेन्द्र शर्मा, जानी-मानी लेखिका डॉक्टर मंगला अनुजा, नेहरू युवा केंद्र के संभागीय निदेशक श्री अरविन्द श्रीधर समेत अनेक विद्वान, पत्रकार, लेखक और छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

ज़ाहिर है इस कार्यक्रम में नागरजी को सुनने से बेहतर और कोई अनुभव नहीं हो सकता था। आज भी उन्हें अस्सी पचासी साल पुराने भारत की कहानी याद है। सन 1924 में जन्में श्री नागर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के निर्देश पर हजारों कार्यकर्ताओं के साथ गांवों को मजबूत बनाने के मिशन पर निकल पड़े थे। गांधीजी ने 8 अक्टूबर, 1946 को खादी ग्रामोद्योग से जुड़े अपने कार्यकर्ताओं को बुलाया और उनसे कहा, ‘असल तस्वीर देखनी है तो शहरों में नहीं गांवों में जाओ। ग्रामीण क्षेत्रों के काम-धंधों को बचाना ही पर्याप्त नहीं है। उनमें सुधार लाकर गांव के लोगों को रोजगार भी देना होगा। श्री नागर कहते हैं, ‘बापू के निर्देश पर मैं और मेरे साथी ग्वालियर तहसील में भांडेर से पंद्रह किलोमीटर दूर गांव उड़ीना पहुंचे। उन दिनों वहां जाने के लिए कोई सड़क नहीं थी और न कोई अन्य बुनियादी ढांचा। बरसात के दिनों में तो दो नदियों को तैरकर पार करना पड़ता था। मैं उस क्षेत्र में एक साल तक काम करता रहा।

उन्हीं दिनों पास के गांव भिटारी भरका में आपसी संघर्ष में एक दलित श्रमिक को मार डाला गया। पास के पड़ोखर थाने से पुलिस आई। भांडेर से तहसीलदार जांच के लिए उस श्रमिक के घर पहुंचा। उस परिवार की गरीबी को देखकर वह द्रवित हो गया। उसने अंतिम संस्कार और कुछ समय तक पेट भरने के लिए कुछ आर्थिक सहायता देनी चाही। झोपड़ी के द्वार पर श्रमिक का शव रखा था। देहरी पर उसकी बेटी बैठी आंसू बहा रही थी। गांव के चौकीदार ने उससे कहा कि अपनी मां को बाहर लेकर आ। साहब कुछ मदद देना चाहते हैं। रोती हुई बेटी ने कहा कि अम्मा बाहर नहीं आएगी। उससे बार-बार कहा गया, लेकिन हर बार उसने मना कर दिया। जब बहुत देर तक उसने मां को नहीं बुलाया तो चौकीदार ने कहा कि मैं अंदर जाकर मिल लेता हूं। तब उस बिलखती बेटी ने बेबसी से कहा, ‘अम्मा बाहर नई आ सकत। वा नंगी बैठी है। उसके पास एकई धोती (साड़ी) हती। वा दद्दा (पिता) पै डार दई तो कैसें बाहर आहै"।

(इसी पुस्तिका- हिन्दुस्तान का सफ़र का एक अंश )

 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

बाइक सवार पत्रकार की पेड़ गिरने से मौत

केरल के पतनमतिट्टा जिले के अडूर में एक पत्रकार की रविवार को पेड़ गिरने से मौत हो गयी।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 12 October, 2021
Last Modified:
Tuesday, 12 October, 2021
journalist

केरल के पतनमतिट्टा जिले के अडूर में एक पत्रकार की रविवार को पेड़ गिरने से मौत हो गयी। बता दें कि पत्रकार का नाम पीटी राधाकृष्ण कुरुप था।

हादसा तब हुआ जब रविवार रात करीब रात 8 बजे वह अपना काम खत्म करके बाइक पर अडूर से घर जा रहे थे। वे चेन्नमपल्ली जंक्शन के पश्चिम में एक लकड़ी मिल के पास पहुंचे थे कि तभी सड़क किनारे खड़ा एक पेड़ उनकी बाइक पर गिर गया, जिसके चलते उनका हेलमेट भी निकल गया। वे बाइक से गिर गए।

बताया जा रहा है कि घटना के वक्त इलाके में तेज बारिश हो रही थी। राधाकृष्णन को अडूर जनरल अस्पताल और बाद में तिरुवल्ला के एक निजी मेडिकल कॉलेज में ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचायी जा सकी।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

शांति पुरस्कार मेरे अखबार के लिए है, मेरे लिए नहीं: रूसी नोबेल विजेता मुरातोव

‘नोवाया गजेटा' अखबार के संपादक दमित्री मुरातोव का कहना है कि उन्हें पता था कि उनका अखबार नोबेल शांति पुरस्कार की दौड़ में अग्रणी दावेदार है

Last Modified:
Monday, 11 October, 2021
DmitryMuratov575

‘नोवाया गजेटा' अखबार के संपादक दमित्री मुरातोव का कहना है कि उन्हें पता था कि उनका अखबार नोबेल शांति पुरस्कार की दौड़ में अग्रणी दावेदार है, क्योंकि उसने लगतार सत्ता, सरकार में भ्रष्टाचार और रूस में मानवाधिकार उल्लंघनों की आलोचना की।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुरातोव को जब सह-विजेता घोषित किया गया, तब प्रतिष्ठित पुरस्कार मिलने की बात उनके दिमाग में नहीं थी। शुक्रवार के दिन पुरस्कार की घोषणा के वक्त मुरातोव एक रिपोर्टर एलेना मिलाशिना के साथ फोन पर किसी खबर के बारे में चर्चा कर रहे थे।

मुरातोव ने ‘एखो मोस्कवी रेडियो’ से कहा, अचानक ओस्लो से एक ही बार कई फोन आए, लेकिन मिलाशिना से कोई लापरवाह आदमी ही कहेगा रुको, मैं ओस्लो से बात करूंगा और फिर तुम और मैं चर्चा करते रहेंगे। आखिरकार मुरातोव के अखबार के प्रवक्ता ने उन्हें बताया कि उन्होंने फिलीपीन की पत्रकार मारिया रसा के साथ, 2021 का नोबेल शांति पुरस्कार जीता है।

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता ने इस बारे में चिंता जताई कि 'नोवाया गजेटा' को रूसी कानून के तहत 'विदेशी एजेंट' के रूप में नामित किया जा सकता है। यह शब्द उन संगठनों और व्यक्तियों पर लागू होता है, जो विदेशी धन प्राप्त करते हैं और अनिर्दिष्ट राजनीतिक गतिविधि में लगे हुए हैं।

‘नोवाया वर्मेया’ समाचार पत्रिका के संपादक येवगेनिया अलबाट्स ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि मुरतोव को पुरस्कार मिलने से ‘नोवाया गजट’ को विदेशी एजेंट करार देने से परहेज किया जाएगा और एक तरह से रूसी पत्रकारों को भी सुरक्षा मिलेगी, जिन्हें अक्सर विदेशी एजेंट करार दिया जाता है। मुझे उम्मीद है कि इससे रूसी पत्रकारिता को इन कठिन परिस्थितियों में जीवित रहने में मदद मिलेगी।’

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए