सूचना:
मीडिया जगत से जुड़े साथी हमें अपनी खबरें भेज सकते हैं। हम उनकी खबरों को उचित स्थान देंगे। आप हमें mail2s4m@gmail.com पर खबरें भेज सकते हैं।

PM मोदी के सियासी सफर पर लिखी इस किताब ने दी दस्तक, उपराष्ट्रपति ने किया विमोचन

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पीएम नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन के 20 वर्षों पर आई पुस्तक को राजनीति में सक्रिय लोगों के लिए गीता के समान बताया।

Last Modified:
Wednesday, 11 May, 2022
Book Launching

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 20 साल के सियासी सफर और उन पर दिए गए वक्तव्यों पर आधारित किताब ‘मोदी@ड्रीम्स मीट डिलीवरी’ (MODI@20 DREAMS MEET DELIVERY) 11 मई को लॉन्च की गई। दिल्ली के विज्ञान भवन में होने वाले एक कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने इस किताब का विमोचन किया। इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी मौजूद रहे।

बता दें कि यह किताब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बुद्धिजीवियों और विशेषज्ञों के वक्तव्यों का संकलन है। ‘ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन’ (BlueKraft Digital Foundation) ने इस किताब को संपादित किया है। पांच चैप्टर और 21 सेक्शन वाली इस किताब को रूपा पब्लिकेशन ने पब्लिश किया है। कार्यक्रम को दूरदर्शन की सीनियर कंसल्टेंट और न्यूज एंकर रीमा पाराशर ने होस्ट किया।

किताब की लॉन्चिंग के मौके पर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जो लोग भारत के सर्वांगीण और समावेशी विकास पर विश्वास करते हैं,  विशेषकर समाज सेवा में काम करते है, उनके लिए ये पुस्तक गीता के समान है। मोदी जी के 20 साल को सबने देखा है, लेकिन इससे पहले के उनके 30 सालों के सफर को जाने बिना यह अधूरा है।

वहीं, उपराष्ट्रपति ने पुस्तक के लेखकों को विश्लेषण और प्रस्तुति के लिए बधाई देते हुए कहा कि लेखकों ने पीएम मोदी की 20 साल की यात्रा को कुशलता से लिखा है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि नरेंद्र भाई दामोदरदास मोदी ने पिछले 20 वर्षों में एक अलग स्थान बनाया है। वह लगभग 13 वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और पिछले आठ सालों से देश के प्रधानमंत्री हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

सोशल मीडिया लोकप्रिय पर भरोसेमंद नहीं: प्रो. संजय द्विवेदी

'जनमोर्चा' के 65वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोले आईआईएमसी के महानिदेशक

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 05 December, 2022
Last Modified:
Monday, 05 December, 2022
Janmorcha

‘भारतीय जनसंचार संस्थान’ (IIMC) के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी का कहना है कि बदलते समय में जहां सोशल मीडिया का प्रभाव बढ़ा है, वहीं प्रिंट मीडिया आज भी सबसे महत्वपूर्ण और विश्वसनीय है। हिंदी दैनिक 'जनमोर्चा' के 65वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. द्विवेदी का कहना था कि डिजिटल क्रांति के दौर में सबसे पहले खबर पहुंचाने की प्रतिस्पर्धा में कई बार सही खबर लोगों तक नहीं पहुंच पाती है। ऐसे में जनता को अगले दिन प्रिंट मीडिया में छपी खबर का इंतजार होता है, ताकि वे सच्चाई जान सकें।

'पत्रकारिता की स्थिति एवं संभावनाएं' विषय पर आयोजित संगोष्ठी को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित करते हुए प्रो. द्विवेदी ने कहा कि प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता अन्य किसी भी माध्यम के मुकाबले सबसे अधिक है। यह उस मजबूत पत्रकारीय परंपरा का परिणाम है, जिसका प्रिंट मीडिया अनुसरण करता है। उन्होंने कहा कि खबर या समाचार सिर्फ पत्रकार दे सकता है। खबर के साथ एक प्रक्रिया और जिम्मेदारी जुड़ी है, जबकि सूचनाएं कोई भी दे सकता, लेकिन ये जरूरी नहीं कि वे सच भी हों।

आईआईएमसी के महानिदेशक के अनुसार एक दिन में सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा 320 करोड़ से ज्यादा तस्वीरों को शेयर किया जाता है। एक दिन में फेसबुक पर 800 करोड़ से ज्यादा वीडियो देखे जाते हैं। एक व्यक्ति एक दिन में लगभग 145 मिनट सोशल मीडिया पर बिताता है। अगर सोशल मीडिया पर सभी यूजर्स के द्वारा बिताए गए वक्त को जोड़ दिया जाए, तो हर दिन 10 लाख साल के बराबर का समय सिर्फ सोशल मीडिया पर ही खर्च हो जाता है। इन लगातार बढ़ते आंकड़ों के बावजूद पाठक हर सुबह अखबार की प्रतीक्षा में होता है, जो बताता है कि प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता आज भी कायम है।

प्रो. द्विवेदी के अनुसार संकट का समाधान ढूंढना और अपने लोगों को न्याय दिलाना भी अखबार की जिम्मेदारी है। एक संस्था के रूप में अखबार बहुत ताकतवर हैं। इसलिए उन्हें सामान्य लोगों की आवाज बनकर उनके संकटों के समाधान के प्रकल्प के रूप में सामने आना चाहिए। हाल ही में जारी कई सर्वे भी ये बताते हैं कि आज भी प्रिंट मीडिया का समाज पर पहले की तरह प्रभाव है। उन्होंने 65 वर्षों से लगातार प्रकाशित हो रहे 'जनमोर्चा' समाचार पत्र को उसके सफल प्रकाशन के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षाविद् डॉ. बल्देव राज गुप्ता ने कहा कि पत्रकारिता में आज जिस तरह से बदलाव हो रहा है, उसमें 'जनमोर्चा' को अपना वजूद बचाये रखने के लिए संघर्ष करने होंगे, इसके लिए सबके सहयोग की जरुरत है। 'जनमोर्चा' ने जो मुहिम शुरू की है, उसके लिए वह बधाई का पात्र है। पूर्व सांसद निर्मल खत्री ने कहा कि 'जनमोर्चा' पत्रकारिता के क्षेत्र में एक मिसाल है। तमाम झंझावातों के बावजूद महात्मा हरगोविन्द, बलभद्र प्रसाद गुप्त और संपादक शीतला सिंह के त्याग और तपस्या से यह समचार पत्र यहां तक पहुंचा है।

स्थापना दिवस समारोह के विशिष्ट अतिथि नवभारत टाइम्स, लखनऊ के संपादक मो. नदीम ने कहा कि सत्ता जनित दबाव नया नहीं है। सरकारों का यह दबाव मीडिया तक ही सीमित नहीं है, यह संकट दूसरी सभी संस्थाओं में है। वर्तमान के पीछे हम अतीत के पन्नों में नहीं जाते और कहते हैं कि मीडिया पर दबाव अब कुछ ज्यादा बढ़ गया है। मीडिया पर सरकारों का दबाव हमेशा रहा है। अयोध्या के कमिश्नर गौरव दयाल ने कहा कि पत्रकारिता हमेशा चुनौतीपूर्ण रही है। वह आइने का कार्य करती है। कलम में बड़ी ताकत होती है, इसलिए पत्रकार शासन-प्रशासन  की कमियों को सच्चाई के साथ उजागर करें।

इस अवसर पर अयोध्या के कमिश्नर गौरव दयाल, पूर्व सांसद निर्मल खत्री, शिक्षाविद् डॉ. बल्देव राज गुप्ता, नवभारत टाइम्स, लखनऊ के संपादक मोहम्मद नदीम 'जनमोर्चा' के प्रधान संपादक शीतला सिंह एवं संपादक डॉ. सुमन गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

वरिष्ठ पत्रकार योगेश भट्ट को उत्तराखंड सरकार ने सौंपी ये बड़ी जिम्मेदारी

राज्यपाल से स्वीकृति मिलने के बाद अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस बारे में सचिव (प्रभारी) सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय की ओर से 25 नवंबर 2022 को आदेश जारी किए गए हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 05 December, 2022
Last Modified:
Monday, 05 December, 2022
Yogesh

उत्तराखंड सरकार ने वरिष्ठ पत्रकार योगेश भट्ट को राज्य का सूचना आयुक्त नियुक्त किया है। राज्यपाल से स्वीकृति मिलने के बाद अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस बारे में सचिव (प्रभारी) सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय की ओर से 25 नवंबर को आदेश जारी किए गए हैं।

इन आदेशों में कहा गया है कि राज्य सूचना आयुक्त के पद पर योगेश भट्ट की नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी। इस पद पर उनकी नियुक्ति तीन वर्ष की अवधि के लिए अथवा 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक (इनमें जो भी पहले हो) प्रभावी होगी।

बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गठित चयन समिति ने शासन को प्राप्त आवेदनों के आधार पर योगेश भट्टा का चयन किया है। समिति में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कैबिनेट मंत्री चन्दनराम दास भी शामिल हैं। योगेश भट्ट उत्तराखण्ड राज्य आंदोनल में काफी सक्रिय रहे हैं।

90 के दशक में पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले योगेश भट्ट की पहचान जुझारू पत्रकारों के रूप में बनी हुई है। उन्होंने कई अखबारों में काम करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। वह पत्रकारों के हितों के मुद्दे पर भी हमेशा से मुखर रहे हैं। वह उत्तरांचल प्रेस क्लब में महामंत्री और अध्यक्ष का दायित्व भी निभा चुके हैं।

योगेश भट्ट की नियुक्ति के बारे में शासन की ओर से जारी आदेश की प्रति आप यहां देख सकते हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

दैनिक भास्कर समूह ने पूर्व चेयरमैन रमेश अग्रवाल की याद में देश भर में लगाए रक्तदान शिविर

220 स्थानों पर लगाए गए इन रक्तदान शिविरों में 9200 यूनिट रक्त एकत्रित कर ब्लड बैंकों को सौंपा गया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 01 December, 2022
Last Modified:
Thursday, 01 December, 2022
Blood Donation Camp

‘दैनिक भास्कर’ (Dainik Bhaskar) समूह ने अपने पूर्व चेयरमैन रमेश अग्रवाल की 78वीं जयंती को प्रेरणा दिवस के रूप में मनाया और इस उपलक्ष्य में 30 नवंबर को देशभर में 220 स्थानों पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया।

इस मौके पर रक्तदाताओं ने रक्तदान करके समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के साथ ही मानवता की सेवा के लिए दूसरों को भी रक्तदान करने का संदेश दिया। सुबह से ही शिविरों में रक्तदान करने वालों में उत्साह देखने को मिला। कई जगह पर रक्तदान के इच्छुक लोग अपनी बारी का इंतजार करते हुए दिखे। कई स्थानों पर शिविरों में लोगों ने पहली बार रक्तदान किया।

बता दें कि दैनिक भास्कर समूह के पूर्व चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल (स्वर्गीय) अपने जीवनकाल में सामाजिक सरोकार से जुड़े लोगों के लिए हमेशा तत्पर रहे। उनकी इसी सोच को आगे बढ़ाने के लिए 30 नवंबर को उनकी 78वीं जयंती पर रमेश एण्ड शारदा अग्रवाल फाउंडेशन की ओर से देश भर में अलग-अलग शहरों में 220 स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए गए, ताकि जरूरतमंदों को रक्त उपलब्ध करवाकर उनकी जान बचाई जा सके। इन शिविरों में 9200 यूनिट रक्त एकत्रित कर ब्लड बैंकों को सौंपा गया।

शिविर के अंत में ‘दैनिक भास्कर’ समूह के ओर से रक्तदाताओं का आभार जताया गया। इसके साथ ही समूह की ओर से रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

NDTV के वरिष्ठ पत्रकार मुन्ने भारती को मिला ये सम्मान

एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार व सोशल वर्कर एम अतहरउद्दीन उर्फ मुन्ने भारती को इंडियन काउंसिल ऑफ ज्यूरिस्ट्स संस्था ने ‘नेशनल लॉ डे’ अवॉर्ड से सम्मानित किया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 29 November, 2022
Last Modified:
Tuesday, 29 November, 2022
MunneBharati454

एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार व सोशल वर्कर एम अतहरउद्दीन उर्फ मुन्ने भारती को इंडियन काउंसिल ऑफ ज्यूरिस्ट्स संस्था ने ‘नेशनल लॉ डे’ अवॉर्ड से सम्मानित किया है। पत्रकारिता के अलावा उनके सामाजिक क्षेत्र में किए गए कार्य को देखते हुए उन्हें सुप्रीम कोर्ट के इंडियन लॉ इंस्टिट्यूट में ये सम्मान दिया गया।

सम्मान देने वालों में पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डॉ. जस्टिस के जी बालाकृष्णन, हरियाणा एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन, जस्टिस इंदिरा बनर्जी, आरएसएस लीडर डॉ. इंद्रेश कुमार, जस्टिस एडिशनल सेक्रेटरी राजेंद्र कुमार कश्यप सहित इंडियन काउंसिल ऑफ ज्यूरिस्ट्स संस्था अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील डॉक्टर आदिश सी अग्रवाल शामिल रहे।

लाइफ टाइम सम्मान इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया सेक्टर में मुन्ने भारती को दिया गया, जिन्हें लगभग 25 वर्षों से इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया में कार्यरत हैं। वर्तमान समय में एनडीटीवी में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं।

नेशनल लॉ डे अवॉर्ड से मीडिया के वरिष्ठ पत्रकार सुमित अवस्थी, रिदम भारद्वाज (रिपब्लिक टीवी), सुशील बत्रा (ANI), राहुल गौतम (इंडिया टुडे), संजीव शर्मा (न्यूज नेशन), पवन कुमार (दैनिक भास्कर) को भी सम्मानित किया। इसके अलावा पुलिस में बेहतर कार्य करने पर असम डीजीपी भास्कर ज्योति, उत्तराखण्ड डीजीपी अशोक कुमार, लॉ कमीशन हेड ऋतु राज अवस्थी, सुप्रीम कोर्ट रिटायर्ड जज इंदिरा बनर्जी, आर्म्ड फ़ोर्स ट्रिब्यूनल चेयरमैन राजेंद्र मेनन, झारखंड एडिशनल एडवोकेट जनरल दर्शाना पोद्दार मिश्रा, स्टेट बार काउंसिल चेयरमैन सुबीर सिद्धू, वरिष्ठ एडवोकेट सखा राम सिंह, परमजीत सिंह पटवालिया, नीरज किशन कौल, जेएस अत्री, प्रमोद स्वरूप, राजीव दत्ता सहित अन्य एडवोकेट, जज को भी सम्मान दिया गया।

इस सम्मान से पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, डॉक्टर शंकर दयाल शर्मा, पूर्व उप राष्ट्रपति एम हामिद अंसारी, पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह, आई के गुजराल, एचडी देवेगौड़ा, पीवी नरसिम्हा राव, पूर्व लोकसभा स्पीकर सोमनाथ चटर्जी सहित जानी मानी हस्तियों को भी सम्मानित किया जा चुका है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार तीन पत्रकारों की मौत, CM ने जताया शोक

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तीनों पत्रकारों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 29 November, 2022
Last Modified:
Tuesday, 29 November, 2022
Accident

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के तीन पत्रकारों का पड़ोसी रायसेन जिले के सलामतपुर थाना क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में पुलिस के हवाले से दी गई जानकारी में बताया गया है कि विदिशा प्रेस क्लब अध्यक्ष राजेश शर्मा अपने पत्रकार साथियों सुनील शर्मा और नरेंद्र दीक्षित के साथ मोटरसाइकिल से सोमवार की देर रात विदिशा लौट रहे थे।

तीनों पत्रकार कई सालों से जिले में साप्ताहिक समाचार पत्र का प्रकाशन कर रहे थे और अक्सर सप्ताह में एक बार अखबार छपवाने के लिए भोपाल प्रिंटिंग प्रेस जाते थे। इसी सिलसिले में सोमवार की सुबह भी तीनों मोटरसाइकिल से भोपाल गए थे।

भोपाल से विदिशा लौटते समय सोमवार की रात करीब साढ़े नौ बजे सलामतपुर लांबाखेड़ा जोड़ पर अज्ञात ट्रक ने उनकी मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी। इस हादसे में तीनों पत्रकारों की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही विदिशा से कई साथी पत्रकार और उनके मित्र घटना स्थल पर पहुंच गए थे। पुलिस के अनुसार, टक्कर मारने वाले ट्रक चालक को बेरखेड़ी चौराहे के पास पकड़ लिया गया है। तीनों पत्रकारों के शवों को रायसीन जिले के सांची अस्पताल में रखा गया है, जहां आज उनका पोस्टमार्टम होगा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा समेत कई मंत्रियों और कांग्रेसी नेताओं ने तीनों पत्रकारों के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से तीनों पत्रकारों के परिजनों को चार—चार लाख रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की है।

 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी राहत, ठुकराई यह अर्जी

महिला साथी के कथित यौन शोषण के मामले में ‘तहलका’ मैगजीन के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 29 November, 2022
Last Modified:
Tuesday, 29 November, 2022
Tarun Tejpal

महिला साथी के कथित यौन शोषण के मामले में ‘तहलका’ मैगजीन के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें तेजपाल ने बंद कमरे में सुनवाई (in-camera hearing) की अपील की थी।

बता दें कि इससे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा पीठ ने वर्ष 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में बंद कमरे में सुनवाई के लिए तरुण तेजपाल की याचिका को खारिज कर दिया था। हाई कोर्ट के इसी आदेश को चुनौती देने के लिए तरुण तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन वहां भी तरुण तेजपाल की यह याचिका खारिज हो गई है। प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा ने इस मामले में तेजपाल के वकील से कहा कि वह यह नहीं कह सकते कि अपील पर सुनवाई बंद कमरे में होनी चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ का कहना था, ‘आरोपी को यह मांग करने का कोई अधिकार नहीं है कि सुनवाई को बंद कमरे में होना चाहिए।’ गौरतलब है कि ट्रायल कोर्ट ने पिछले साल मई में तेजपाल को उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों से बरी कर दिया था। इन आरोपों में गलत तरीके से कैद करना, शील भंग करने के इरादे से हमला, यौन उत्पीड़न और महिला सहकर्मी से दुष्कर्म शामिल था।

गोवा सरकार ने ट्रायल कोर्ट द्वारा तेजपाल को बरी किए जाने को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील दायर की थी। तेजपाल ने बंद कमरे में मामले की सुनवाई के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। वहां से अर्जी खारिज होने के बाद तरुण तेजपाल ने हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

कला प्रेमियों के लिए 30 नवंबर से शुरू होगी राजीव मिश्रा की पेंटिंग प्रदर्शनी

दिल्ली के रविन्द्र भवन में 30 नवंबर से छह दिसंबर तक होगा प्रदर्शनी का आयोजन, आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी करेंगे शुभारंभ

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 28 November, 2022
Last Modified:
Monday, 28 November, 2022
Rajeev Mishra

कला प्रेमियों के लिए दिल्ली में 30 नवंबर से राजीव मिश्रा की समकालीन कलाकृतियों पर आधारित पेंटिंग प्रदर्शनी 'पावर ऑफ सेल्फ रिफ्लेक्शन' का आयोजन किया जा रहा है। दिल्ली के मंडी हाउस स्थित ललित कला अकादमी के रविन्द्र भवन में 30 नवंबर से छह दिसंबर 2022 तक इस प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा।

‘भारतीय जनसंचार संस्थान’ (IIMC) के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी के मुख्य आतिथ्य में होने वाले एक समारोह में 30 नवंबर की दोपहर 3:00 बजे इस प्रदर्शनी का शुभारंभ किया जाएगा। रोजाना प्रात: 11 बजे से सायं 7 बजे तक लगने वाली इस प्रदर्शनी में राजीव मिश्रा की कलाकृतियों को प्रस्तुत किया जाएगा। बता दें कि राजीव मिश्रा ने 'पावर ऑफ सेल्फ रिफ्लेक्शन' के माध्यम से आत्मप्रतिबिंब की शक्ति को अपने कैनवास पर उकेरा है।

इस बारे में राजीव मिश्रा का कहना है, ‘आज बहुत बड़ी संख्या में पेंटिंग्स बनाई जा रही हैं, लेकिन उनका असर नहीं हो रहा है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से हम चाहते हैं कि व्यक्ति स्वयं को जानने ओर समझने का प्रयास करे। उन्होंने कहा कि आज हमें घरों में बहुत सारी पेंटिंग्स दिखाई देती हैं, जिनसे हमें प्रेरणा मिलती है, लेकिन जब एक कलाकार पेंटिंग बनाता है, तो वो न जाने कितनी रातें जागता है और कितने दिन भूखे रहता है। उस पेंटिंग का जो असर एक दर्शक पर पड़ता है, उससे देखने वाले के जीवन में असीम ऊर्जा का संचार होता है।’

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

चीन में विरोध-प्रदर्शन की कवरेज कर रहे BBC के पत्रकार की पिटाई

मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से मिली खबर के अनुसार, बीबीसी का कहना है कि इस बारे में उन्हें अधिकारियों की तरफ से किसी तरह का स्पष्टीकरण अथवा माफी नहीं मिली है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 28 November, 2022
Last Modified:
Monday, 28 November, 2022
BBC

चीन में कोरोना संक्रमण के मामले फिर तेजी से बढ़ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां रविवार को करीब 40,000 नए मामले सामने आए। इस बीच कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए कड़े प्रतिबंधों के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स में आई खबरों के अनुसार, चीन की सरकार ने शंघाई में ऐसे ही एक विरोध प्रदर्शन की कवरेज कर रहे ‘बीबीसी’ (BBC) के पत्रकार एडवर्ड लॉरेंस को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि इस दौरान पत्रकार की पिटाई भी की गई। हालांकि, बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।

वहीं, बीबीसी ने अपने पत्रकार के साथ मारपीट और उसे गिरफ्तार किए जाने पर चिंता जताई है। बीबीसी का कहना है, 'हम अपने कैमरामैन एडवर्ड लॉरेंस के इलाज के बारे में बेहद चिंतित हैं, जिसे शंघाई में विरोध प्रदर्शन की कवरेज के दौरान गिरफ्तार किया गया और हथकड़ी लगाई गई थी। रिहा होने से पहले उन्हें कई घंटों तक हिरासत में रखा गया था। लॉरेंस की गिरफ्तारी के दौरान, पुलिस ने उन्हें पीटा और लात मारी थी। यह तब हुआ, जब लॉरेंस मान्यता प्राप्त पत्रकार के रूप में काम कर रहे थे।'

इसके साथ ही ‘बीबीसी’ का यह भी कहना है, ‘इस मामले में हमारे पास चीनी अधिकारियों की तरफ से किसी तरह का आधिकारिक स्पष्टीकरण या माफी नहीं आई है।’

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

सपा के ट्विटर हैंडल से विवादित टिप्पणी करने वाला पत्रकार गिरफ्तार

सपा के मीडिया सेल के ट्विटर हैंडल से कथित रूप से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एक स्वतंत्र पत्रकार को गिरफ्तार किया गया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 28 November, 2022
Last Modified:
Monday, 28 November, 2022
Arrest

यूपी की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल के ट्विटर हैंडल से कथित रूप से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एक स्वतंत्र पत्रकार को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि 23 नवंबर को एक अन्य पत्रकार मनीष पांडे की शिकायत पर हजरतगंज पुलिस ने यह गिरफ्तारी की है।

हालांकि, सपा ने गिरफ्तार स्वतंत्र पत्रकार का उसके मीडिया सेल से कोई संबंध होने से इनकार किया है। सपा ने कहा कि अनिल यादव का उसके ट्विटर अकाउंट से कोई लेना-देना नहीं है।

बता दें कि मनीष पांडे ने 23 नवंबर को सपा के मीडिया सेल के ट्विटर हैंडल को चलाने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हजरतगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हजरतगंज के अपर पुलिस आयुक्त अरविंद कुमार वर्मा ने न्यूज एजेंसी ‘पीटीआई-भाषा’ को यह जानकारी दी थी कि प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि यादव सपा के मीडिया सेल के हैंडल से टिप्पणी कर रहा था।

उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। संपर्क करने पर, समाजवादी पार्टी के नेताओं ने यादव के पार्टी के साथ किसी भी तरह के संबंध होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह एक स्वतंत्र पत्रकार है, जो प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार को बेनकाब कर रहा है।

हजरतगंज थाने में यूट्यूब चैनल चलाने वाले अनिल यादव के खिलाफ, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153 ए (धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 295 ए (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य), 504 (जानबूझकर अपमान) 505 (अफवाह फैलाने के इरादे से किसी भी मिथ्या कथन का प्रकाशन या प्रसारण) और 500 (मानहानि) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। फिलहाल अनिल यादव को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

शिकायतकर्ता पांडे ने आरोप लगाया था कि सपा के मीडिया सेल के ट्विटर हैंडल से गोरक्षनाथ मठ के खिलाफ आपत्तिजनक ट्वीट किया गया था, जिस पर उन्होंने मठ को लेकर इस तरह के पोस्ट न करने का आग्रह किया था, क्योंकि यह करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। पांडेय ने दावा किया कि इसके बाद सपा के मीडिया सेल के हैंडल से उनके खिलाफ अपमानजनक पोस्ट किए गए।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर की गोरक्षनाथ पीठ के पीठाधीश्वर हैं।

सपा के मीडिया सेल के ट्विटर हैंडल से शनिवार को ट्वीट किया गया था, ‘पत्रकार अनिल यादव जी अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से भाजपा सरकार में जनता के साथ हो रही ज्यादतियों और अत्याचारों की पोल खोल रहे थे। इससे नाराज होकर भाजपा सरकार ने प्रशासन के माध्यम से अनिल यादव जी को असंवैधानिक रूप से गुंडागर्दी करके गिरफ्तार करवा दिया। शर्मनाक।’

एक अन्य ट्वीट में कहा गया था, ‘अनिल यादव जी की तत्काल रिहाई और ससम्मान घर वापसी हो। भाजपा सरकार लोकतंत्र का गला घोंटने, संविधान का अपमान करने और जनपक्षधारी पत्रकारिता को सत्ता की ताकत से रोकने की कुचेष्टा कर रही है। आजाद आवाज हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। संविधान दिवस पर संविधान का अपमान न करे भाजपा।’

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

स्वस्थ समाज के लिए कानून और मीडिया बहुत ही आवश्यक: जस्टिस सूर्यकांत

संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर ‘आईटीवी नेटवर्क’ के फ्लैगशिप प्रोग्राम ‘Legally Speaking’ ने दिल्ली स्थित ‘इंडिया इंटरनेशनल सेंटर’ में 1st law and constitution dialogue का आयोजन किया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 26 November, 2022
Last Modified:
Saturday, 26 November, 2022
iTV Network

देश के प्रमुख मीडिया नेटवर्क्स में शुमार ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV Network) के फ्लैगशिप प्रोग्राम ‘Legally Speaking’ के तहत संविधान दिवस (Constitution Day) की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को दिल्ली स्थित ‘इंडिया इंटरनेशनल सेंटर’ (IIC) में पहले लॉ और संविधान डायलॉग (1st Law and Constitution Dialogue) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत और ‘आईटीवी नेटवर्क’ के प्रमोटर व राज्यसभा सदस्य कार्तिकेय शर्मा द्वारा ‘Legally Speaking’ की वेबसाइट legallyspeakings.com और ऐप को भी लॉन्च किया गया।

इस मौके पर जस्टिस सूर्यकांत का कहना था, ‘स्वस्थ समाज के लिए कानून और मीडिया बहुत ही आवश्यक हैं।’ संवैधानिक नैतिकता (constitutional morality) के बारे में जस्टिस सूर्यकांत का कहना था कि महत्वपूर्ण व्याख्याओं की श्रृंखला में कई अवसरों पर इसे सुना और लागू किया गया है। समय के साथ उभरा संवैधानिक नैतिकता का सामान्य विचार उन मूल्यों को बनाए रखना चाहता है, जिन्हें हमारे संविधान में बनाए रखने का दावा किया जाता है।

इसके साथ ही जस्टिस सूर्यकांत का यह भी कहना था, ‘इस अवधारणा का पहला उल्लेख हमारे समय से लगभग पचास वर्ष पूर्व का है, जब न्यायमूर्ति ए.एन. रे और जगन मोहन रेड्डी ने पहली बार संवैधानिक नैतिकता की धारणा को केशवानंद भारती के सबसे चर्चित निर्णयों में से एक में पेश किया।’

हमारे पुरखों के दृष्टिकोण के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा,‘   नि:संदेह, बाबा साहेब आंबेडकर ने अपने भाषण में संवैधानिक नैतिकता को भविष्योन्मुखी बताया। यह विचार भारतीय समाज को एक ऐसे राज्य और संस्थाओं में बदलना चाहता है जो लोकतांत्रिक विचारों और लक्ष्यों के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

जस्टिस सूर्यकांत के अनुसार, ‘उस दौर को याद करें, जब देश उपनिवेशवाद से उबर रहा था और पूरी तरह लोकतांत्रिक बनने की दिशा में बढ़ रहा था। ऐसे में संविधान का उद्देश्य अपने कई परस्पर विरोधी दायित्वों के बीच उचित संतुलन की खोज में देश को आगे बढ़ाने के लिए एक प्रेरक के रूप में कार्य करना था। अंग्रेज सिर्फ शासन की बात करते थे। एक राज्य जो अपने लोगों पर शासन करता है, उनकी जरूरतों के प्रति उदासीन होता है, जबकि संविधान की नैतिकता लोगों के प्रति उत्तरदायी होनी चाहिए।’

कानूनी रिपोर्टिंग में मीडिया की जिम्मेदारी को रेखांकित करते हुए जस्टिस सूर्यकांत का कहना था, ‘मीडिया की जिम्मेदारी है कि वह सच्चाई को सामने लाए और यह सुनिश्चित करे कि उसकी रिपोर्टिंग में भरोसा और ईमानदारी हो। भारतीय कानून रिपोर्ट अधिनियम 1875 से अब तक कानूनी रिपोर्टिंग की स्थिति में कई गुना वृद्धि हुई है। तमाम डेटाबेस और लीगल न्यूज वेबसाइट्स के साथ कानून की बारीकियों को संप्रेषित करने की हमारी क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।’ उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और निचली अदालतों में क्या हो रहा है, मीडिया उस पर नजर रखने का एक तरीका है।

इस कार्यक्रम में कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि कानून की बारीकियों को लोगों तक पहुंचाने के विजन के साथ छह साल साल पहले ‘Legally speaking’ की शुरुआत की गई थी और इसका तेजी से विकास हुआ है। ‘Legally speaking’ जैसी वेबसाइट्स और रिपोर्टिंग की जरूरत के बारे में बोलते हुए जस्टिस सूर्यकांत ने आईटीवी नेटवर्क के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘कानून के बारे में जानकारी समय की जरूरत है। इसलिए ‘Legally Speaking’ और इसके जैसे अन्य प्लेटफॉर्म्स अस्तित्व में हैं। वो कानून को लोगों तक ले जा रहे हैं, जो एक अनिवार्य सेवा है।’

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए