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इस मामले में दिल्ली की दो महिला पत्रकारों पर असम में केस दर्ज
धार्मिक आधार पर दो समूहों के बीच वैमनस्यता फैलाने के आरोप में त्रिपुरा पुलिस ने दिल्ली की दो महिला पत्रकारों को हिरासत में ले लिया है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
धार्मिक आधार पर दो समूहों के बीच वैमनस्यता फैलाने के आरोप में त्रिपुरा पुलिस ने दिल्ली की दो महिला पत्रकारों को हिरासत में ले लिया है। दोनों पत्रकारों को रविवार रात असम से हिरासत में लिया गया। इन पर 26 अक्टूबर को त्रिपुरा में हुए सांप्रदायिक हिंसा की कवरेज के दौरान नफरत फैलाने का आरोप है।
वहीं हिरासत में ली गईं पत्रकार समृद्धि सकुनिया और स्वर्णा झा ने आरोप लगाया कि रविवार को पुलिस (Tripura Police) उनके होटल में आई और उन्हें डराया व धमकाया, जिसके बाद देर शाम उन्हें हिरासत में ले लिया गया। हालांकि, बाद में कोर्ट ने समृद्धि सकुनिया और स्वर्णा झा को जमानत दे दी है।
बता दें कि समृद्धि सकुनिया और स्वर्ण झा नाम की दोनों पत्रकार दिल्ली स्थित एचडब्लू न्यूज (HW News) के लिए काम करती हैं। दोनों गुरुवार को राज्य में कथित सांप्रदायिक तनाव को कवर करने आई थीं। पुलिस ने यह कार्रवाई विश्व हिंदू परिषद (VHP) की नेता कंचन दास द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की थी।
त्रिपुरा पुलिस के आईजी (लॉ एंड ऑर्डर) अरिंदम नाथ ने कहा कि पुलिस ने दोनों महिला पत्रकारों समृद्धि सकुनिया और स्वर्णा झा के खिलाफ कई केस दर्ज किए हैं। झूठी और बनावटी खबरों को प्रकाशित करने और सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने के मामले में उन पर केस दर्ज किया गया है।
एक अधिकारी ने बताया कि दोनों पत्रकारों को अगरतला पुलिस से बातचीत कर के जाना था, लेकिन दोनों पुलिस को सूचित किए बिना ही असम चली गईं। अधिकारी ने बताया कि महिला पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो शेयर किए थे, जिसमें कथित रूप से गोमती जिले की एक मस्जिद में अधजली कुरान दिख रही थी, जिससे छेड़छाड़ किए जाने की आशंका है और इस वजह से पिछले दो दिन से महाराष्ट्र में हिंसा हुई। पुलिस का दावा है कि ये पत्रकार उस टीम का हिस्सा हैं जो पिछले दो हफ्तों से ग्रुप्स में आकर सांप्रदायिक हिंसा के बारे में झूठी जानकारी फैला रही है।
जबकि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि त्रिपुरा में एक मस्जिद को नुकसान पहुंचाने और तोड़फोड़ के बारे में सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरें फर्जी हैं और गलतबयानी की गई है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि त्रिपुरा में ऐसी किसी भी घटना में साधारण या गंभीर रूप से घायल होने अथवा बलात्कार या किसी व्यक्ति की मौत की कोई सूचना नहीं है जैसा कि कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया गया है।
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