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TRAI ने IMT स्पेक्ट्रम नीलामी को लेकर जारी किया परामर्श पत्र
ट्राई ने एक परामर्श पत्र जारी किया है जिसमें अंतरराष्ट्रीय मोबाइल टेलीकम्युनिकेशन (IMT) के लिए चिन्हित रेडियो फ्रिक्वेंसी स्पेक्ट्रम की नीलामी पर राय मांगी गई है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 4 months ago
टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने एक परामर्श पत्र जारी किया है जिसमें अंतरराष्ट्रीय मोबाइल टेलीकम्युनिकेशन (IMT) के लिए चिन्हित रेडियो फ्रिक्वेंसी स्पेक्ट्रम की नीलामी पर राय मांगी गई है। यह जानकारी आधिकारिक प्रेस नोट में दी गई है।
IMT एक वैश्विक मानक है जिसे अंतरराष्ट्रीय टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) ने मोबाइल कम्युनिकेशन जैसे 3G, 4G और 5G नेटवर्क के लिए परिभाषित किया है। सरल शब्दों में, IMT मोबाइल ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए इस्तेमाल होने वाली फ्रिक्वेंसी बैंड और तकनीक को कहा जाता है।
परामर्श पत्र में स्टेकहोल्डर्स से नीलामी के नियम, कीमतें, बैंड प्लान और ब्लॉक साइज पर सुझाव मांगे गए हैं, जिनमें पुराने और नए स्पेक्ट्रम दोनों शामिल हैं।
पृष्ठभूमि:
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दूरसंचार विभाग (DoT) ने मई 2025 में TRAI को TRAI अधिनियम के तहत इस मामले का हवाला दिया और 600 MHz, 700 MHz, 800 MHz, 900 MHz, 1800 MHz, 2100 MHz, 2300 MHz, 2500 MHz, 3300 MHz, 26 GHz, 37–37.5 GHz, 37.5–40 GHz, और 42.5–43.5 GHz बैंड में स्पेक्ट्रम नीलामी पर सिफारिशें मांगी।
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DoT ने 600 MHz बैंड पर नई सिफारिशें मांगी और तुरंत उपलब्ध फ्रैगमेंटेड 700 MHz स्पेक्ट्रम के नीलामी पर मार्गदर्शन भी चाहा।
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TRAI को नीलामी का समय, शर्तें, रिजर्व प्राइस और तकनीकी/नियमित आवश्यकताओं पर सलाह देने को कहा गया, जो नवीनतम National Frequency Allocation Plan और ITU नियमों के अनुरूप हो।
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अगस्त 2025 में DoT ने और स्पष्ट किया कि 1427–1518 MHz रेंज में सरकारी उपयोग के लिए लगातार 24 MHz ब्लॉक निर्धारित करना अनिवार्य है।
उपभोक्ताओं और टेलिकॉम कंपनियों के लिए इसका क्या मतलब है?
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TRAI की यह नीलामी विशिष्ट रेडियो फ्रिक्वेंसी बैंड्स को टेलीकॉम ऑपरेटरों को आवंटित करेगी, जिससे वे 4G, 5G और भविष्य की नेटवर्क सेवाएं प्रदान कर सकेंगे।
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स्पेक्ट्रम सीमित संसाधन है, इसलिए सरकार इसे नीलामी के जरिए बेचती है ताकि इसका प्रभावी उपयोग और राजस्व सुनिश्चित हो सके।
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टेलिकॉम कंपनियों के लिए IMT स्पेक्ट्रम हासिल करना नेटवर्क कवरेज बढ़ाने, इंटरनेट स्पीड तेज करने और कॉल क्वालिटी सुधारने का मौका है।
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ऑपरेटर अपनी सेवाओं की योजना उसी स्पेक्ट्रम के आधार पर बनाते हैं — जैसे 600 MHz या 700 MHz बैंड व्यापक कवरेज के लिए बेहतर हैं, जबकि 3.3 GHz या 26 GHz उच्च गति डेटा के लिए शहरी क्षेत्रों में उपयुक्त हैं।
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उपभोक्ताओं के लिए यह नीलामी बेहतर मोबाइल कनेक्टिविटी, तेज इंटरनेट और भरोसेमंद नेटवर्क सेवाएं लाने में मदद करेगी।
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नीलामी का अप्रत्यक्ष असर सर्विस प्लान की कीमतों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि ऑपरेटर स्पेक्ट्रम की लागत को अपनी योजनाओं में शामिल करते हैं।
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