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प्रतिभाओं को मिली नई पहचान, इस मंच पर हुआ सम्मान
हर साल चयनित बंदियों और जेल अधिकारियों को दिए जाते हैं ये अवॉर्ड्स, इस साल तीन श्रेणियों में हुआ चयन
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
मानवाधिकार दिवस (10 दिसंबर) पर लखनऊ की जिला जेल में कैदियों व जेल प्रशासन को ‘तिनका तिनका इंडिया अवॉर्ड्स’ से सम्मानित किया गया। जेलों के सुधार की दिशा में कार्यरत ‘तिनका तिनका’ फाउंडेशन की ओर से पेंटिंग श्रेणी में 13 बंदियों को पुरस्कार दिया गया। (इनमें चार मुख्य पुरस्कार और 9 सांत्वना पुरस्कार दिए गए) इसके अलावा जेल में विशेष काम के लिए 8 बंदियों और विशेष जेल सेवा के लिए 8 जेलकर्मियों को पुरस्कार दिया गया।
यह पुरस्कारों का पांचवा साल है। इस साल ये पुरस्कार तीन श्रेणियों- पेंटिंग, विशेष प्रतिभा और जेल प्रशासकों के लिए पुरस्कार के तहत दिए गए। इस साल छत्तीसगढ़ की बिलासपुर जेल से अजय को पेंटिंग में प्रथम पुरस्कार दिया गया है। दूसरा पुरस्कार भोपाल केंद्रीय जेल के संजय फूल सिंह को दिया गया है। तीसरा पुरस्कार उत्तर प्रदेश के दो बंदियों को दिया गया है। 56 वर्षीय निगम पंवार को सहारनपुर जिला जेल से और बरेली जिला जेल से 30 वर्षीय बंदी दिनेश कुमार को यह पुरस्कार दिया गया है।
पेंटिग में 9 सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए हैं। इस बार छत्तीसगढ़ की सेंट्रल जेल, बिलासपुर जेल को 3 पुरस्कार दिए गए हैं। 30 साल के प्रेम सिंह तिहाड़ जेल में बंद हैं। वे पहले फिजियोथेरेपिस्ट थे। 27 वर्षीय भार्गव मनसुख बुटानी गुजरात में सूरत की लाजपोर सेंट्रल जेल में बंद हैं। उत्तर प्रदेश से पूनम शाक्या और अरूण राणा को भी पुरस्कार दिए गए हैं। पूनम मैनपुरी जिला जेल की बंदी है और अरूण गाजियाबाद जिला जेल में बंदी हैं। मध्य प्रदेश की भोपाल सेंट्रल जेल में बंद 42 वर्षीय सचिन राय और सेंट्रल जेल, भटिंडा के 34 वर्षीय राजा राम को भी सांत्वना पुरस्कार मिला है। राजा राम ‘तिनका तिनका इंडिया अवॉर्ड 2018’ में पेंटिंग की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार जीते थे।
विशेष प्रतिभा की श्रेणी में 8 बंदियों को पुरस्कार दिए गए हैं। 46 वर्षीय नवीन आहूजा तिहाड़ जेल में सजायाफ्ता बंदी हैं। जेल में रहते हुए उन्होंने बी.कॉम. की डिग्री और कंप्यूटर में निपुणता हासिल की है। वह साबुन, डिटर्जेंट, हाथ धोने का साबुन व अगरबत्ती समेत अन्य चीज़ों को बनाने में निपुण हैं। वह अन्य बंदियों को इन्हें बनाने के लिए प्रशिक्षण भी देते हैं। 25 साल की संध्या उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में सजायाफ्ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल भारत को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त कराने को आगे बढ़ाते हुए संध्या जेल में कपड़े के थैले बना रही हैं। वह बंदियों के बच्चों को भी पढ़ाती हैं।
विशेष प्रतिभा में आगरा जिला जेल के उदय स्वरूप औऱ तुहिना को तिनका तिनका जेल सुधार मॉडल से जेल रेडियो चलाने के लिए सम्मानित किया गया। वे खास तौर पर इस समारोह के लिए बुलाए गए थे। इन दोनों बंदियों ने तिनका तिनका जेल सुधार के मॉडल पर आगरा जेल में रेडियो स्थापित करने में विशेष भूमिका निभाई है।
फिरोजाबाद जिला जेल में बंद 35 वर्षीय कमलेश अपनी साथी महिला बंदियों को बीमारी और जरूरत के समय में सहायता देती हैं। 22 साल की योगेश्वरी भोपाल जेल में सजायाफ्ता हैं। वह एक योग्य मनोवैज्ञानिक हैं और वह महिला बंदियों के जीवन में सुधार लाने के लिए सकारात्मक और रचनात्मक प्रयास कर रही हैं। 28 वर्षीय चरण सिंह राजस्थान की अलवर सेंट्रल जेल में सजायाफ्ता हैं। वह सीआरपीएफ में सब-इंस्पेक्टर हैं। वह जेल रेडियो में जॉकी भी हैं। 60 वर्षीय, उत्तम शांतराम पोतदार इन-हाउस जेल रेडियो में एक रेडियो जॉकी के रूप में काम कर रहे हैं, जिसे ‘एफएम लाई भर्री’ कहा जाता है जिसमें उन्होंने जेल सुधारों से संबंधित कई कार्यक्रमों की रचना की है।
8 जेल अधिकारियों को भी इस साल ‘तिनका तिनका’ अवार्ड दिए गए। बांदा के जेलर रंजीत कुमार सिंह, लखनऊ से संतोष कुमार सिंह, कौशांबी से बी एस मुकुंद, मैनपुरी से ब्रजेश कुमार, नारी बंदी निकेतन लखनऊ से शबनम निगार, महाराष्ट्र से समाकांत चंद्रकांत शडगे, कपूरथला से सुरिंदर पाल खन्ना, अलवर से भरत लाल मीणा को सम्मानित किया गया है। लखनऊ जिला कारागार के सुपरिटेंडेंट पी एन पांडे को विशेष जेल सेवा सम्मान दिया गया।
इस मौके पर जेलों पर वर्तिका नन्दा की किताब ‘तिनका तिनका डासना’ का भी विमोचन किया गया। वर्तिका नन्दा को 2014 में भारत के राष्ट्रपति से स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। पुरस्कार के तहत बांदा जेल में बना विशेष मोमेंटो, जेल में बने कुछ थैले, जेलों पर किताबें और एक सर्टिफिकेट दिया गया है। बंदियों को जेल की अपनी तरह की खास कॉफी टेबल बुक ‘तिनका तिनका मध्य प्रदेश’ भी दी गई है।
ये सभी पुरस्कार देश के जेलों में सुधार के लिए लंबे समय से काम कर रहीं और ‘तिनका तिनका’ की संस्थापक वर्तिका नन्दा, उत्तर प्रदेश के कारागार महानिदेशक आनन्द कुमार, उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह ने दिए। ‘तिनका तिनका इंडिया अवॉर्ड्स’ हर साल चयनित बंदियों और जेल प्रशासन को देश की किसी जेल में दिए जाते हैं। इस साल निर्णायक मंडल में जावेद अहमद, (महानिदेशक, एनआईसीएफएस), राम फल यादव(महानिदेशक, नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) और वर्तिका नन्दा ( संस्थापक, तिनका तिनका) शामिल रहे।
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