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भाजपा-माकपा के बीच झड़प को कवर करने गए तीन पत्रकारों पर हमला
त्रिपुरा के खायरपुर में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी माकपा के बीच हुए संघर्ष की कवरेज करने गए तीन स्थानीय पत्रकारों पर हमले की खबर सामने आई है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
त्रिपुरा की राजधानी अगरतला से करीब 10 किलोमीटर दूर खायरपुर में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी माकपा के बीच हुए संघर्ष की कवरेज करने गए तीन स्थानीय पत्रकारों पर हमले की खबर सामने आई है। बता दें कि इस मामले में अब तक तीन अलग-अलग शिकायतें दर्ज की गई हैं, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
नव राजधानी परिसर क्षेत्र की उपमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) प्रिया माधुरी मजूमदार ने बताया कि स्यंदन पत्रिका के प्राणगोपाल आचार्य, राइजिंग त्रिपुरा टीवी चैनल के पिंटू पाल और मृणालिनी, ईएनएन टीवी चैनल के बिस्वजीत देबनाथ पर रविवार को हमला किया गया।
एसडीपीओ ने बताया, ‘इस हमले में करीब चार-पांच व्यक्ति जख्मी हुए हैं और तीन पत्रकारों पर हमला किया गया है लेकिन वे घायल नहीं हुए हैं। इस मामले में तीन शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से एक पत्रकार संगठन की ओर से की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।’
अगरतला प्रेस क्लब ने घटना की निंदा की है और पत्रकारों पर हमले में शामिल लोगों को सख्त सजा देने की मांग की है। अगरतला प्रेस क्लब के सचिव प्रणब सरकार ने कहा कि क्लब के सदस्यों ने एसडीपीओ से मुलाकात की है और उन्होंने हमले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, सोमवार को जारी किए गए बयान में मीडिया अधिकारों के लिए काम करने वाले असेंबली ऑफ जर्नलिस्ट्स (एओजे) ने बताया कि यह घटना रविवार दोपहर को हुई। एओजे के महासचिव सनित देबरॉय ने बताया कि 7-8 उपद्रवियों के समूह द्वारा पत्रकारों के एक समूह पर तब हमला किया गया जब वे उस संघर्ष को कवर करने गए थे। बोधजंगनगर थाने में दर्ज करवाई गई रिपोर्ट में पत्रकारों ने बताया कि उपद्रवियों ने उनका कैमरा छीनने की कोशिश की और उन्हें धमकाया।
एओजे का दावा है कि पत्रकारों पर यह हमला कोई अचानक हुई घटना नहीं है, बल्कि सितंबर में मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब के विवादित बयान, जहां उन्होंने ‘गलत कोविड-19 रिपोर्टिंग’ को लेकर मीडिया के एक वर्ग को ‘माफ न करने’ की बात कही थी, के बाद से ‘त्रिपुरा में मीडिया पर हो रहे लगातार हमलों का हिस्सा’ ही हैं।
गौरतलब है कि सितंबर महीने में मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने कहा था कि ‘कुछ अति उत्साहित अखबार’ राज्य में कोविड-19 की स्थिति के बारे में जनता में भ्रम फैला रहे हैं, जिन्हें मैं कभी माफ नहीं करूंगा।’ मीडिया संगठनों ने इसकी आलोचना करते हुए कहा था कि राज्य सरकार मीडिया को अपना गुलाम बनाने की कोशिश कर रही है।
इस बीच मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में पत्रकारों समेत हर किसी की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि त्रिपुरा में आयुष्मान भारत योजना के तहत काम कर रहे पत्रकारों को 5 लाख रुपए का हेल्थ इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा।
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