‘अजय जी को काम और काम के लोगों की समझ थी’

वह खुद भी बहुत सहज सरल थे। कल जब उनके निधन की ख़बर मिली तो सब याद आने लगा। ईश्वर उन्हें स्वर्ग में स्थान दें। सहज सरल बुद्धिमत्ता की पत्रकारिता और प्रशासनिक योग्यता की उनकी परंपरा भी आगे बढ़े।

Last Modified:
Sunday, 07 July, 2024
Sudhir Mishra Ajay Upadhyay


सुधीर मिश्र, संपादक नवभारत टाइम्स, लखनऊ।। जून 2000 की बात है। मैं ‘दैनिक जागरण’ अखबार में रिपोर्टर था। छह महीने पहले ही शादी हुई थी और...
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