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इन शर्तों के साथ कोर्ट से पत्रकार मनदीप पूनिया को मिली राहत
स्वतंत्र पत्रकार मनदीप पूनिया को रोहिणी कोर्ट से जमानत मिल है। मनदीप को कोर्ट ने 25 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दी है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
स्वतंत्र पत्रकार मनदीप पूनिया को रोहिणी कोर्ट से जमानत मिल है। मनदीप को कोर्ट ने 25 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दी है। मंदीप को बेल देते हुए कोर्ट ने कहा कि जमानत एक नियम है जबकि जेल एक अपवाद है।
मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सतबीर सिंह लाम्बा ने पूनिया की जमानत मंजूर करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता, पीड़ित और गवाह सिर्फ पुलिसकर्मी ही हैं, इसलिए, इस बात की कोई संभावना नहीं है कि आरोपी/प्रार्थी किसी पुलिस अधिकारी को प्रभावित कर सकता है।’
न्यायाधीश ने आदेश में इस बात का जिक्र किया कि कथित हाथापाई की घटना शाम करीब साढ़े छह बजे की है, जबकि मौजूदा प्राथमिकी अगले दिन रात करीब 1 बजकर 21 मिनट पर दर्ज की गई।
उन्होंने यह भी कहा, ‘आरोपी फ्रीलांस पत्रकार है। आरोपी व्यक्ति जांच को प्रभावित नहीं करेगा और आरोपी को न्यायिक हिरासत में रखे जाने से किसी उद्देश्य की पूर्ति नहीं होगी।’ न्यायधीश ने कहा कि कानून का यह बखूबी स्थापित विधिक सिद्धांत है कि जमानत एक नियम है और जेल एक अपवाद है।
न्यायाधीश ने कहा, ‘इसलिए, तथ्यों एवं परिस्थितियों पर, दोनों पक्षों की ओर से पेश की गई दलीलों पर और न्यायिक हिरासत में आरोपी को रखने की अवधि पर संपूर्णता से विचार करते हुए वह 25,000 रुपए की जमानत और इतनी ही राशि के मुचलके के साथ जमानत मंजूर करते हैं।’
अदालत ने पूनिया पर अदालत की पूर्व अनुमति के बिना देश से बाहर नहीं जाने सहित शर्तें भी लगाई हैं। अदालत ने कहा, ‘आरोपी जमानत पर रिहा रहने के दौरान इस प्रकार का कोई अपराध या कोई अन्य अपराध नहीं करेगा। आरोपी किसी भी तरह सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेगा।’
अदालत ने निर्देश दिया कि जब जांच एजेंसी को आवश्यकता होगी, तब आरोपी पेश होगा। पूनिया ने अदालत से कहा है कि वह बेकसूर हैं और उन्हें मामले में फंसाया गया है।
बता दें कि पत्रकार पूनिया को शनिवार को सिंघू बॉर्डर (Singhu Border) पर किसानों के प्रदर्शन स्थल पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने के आरोप में शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ आईपीसी के सेक्शन 186, 323 और 353 के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं।किसान आंदोलन को कवर कर रहे स्वतंत्र पत्रकार मनदीप पूनिया को दिल्ली पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें रविवार दोपहर म्यूनिसिपल मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया था।
पति को जमानत मिलने पर मनदीप की पत्नी लीना ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'खुश हूं, इस बात से संतुष्ट हूं कि वे जल्दी बाहर आ जाएंगे। मैं खुद को खुशखकिस्मत समझती हूं कि बड़ी संख्या में लोगों ने मनदीप के पक्ष में आवाज उठाई।'
मनदीप पूनिया को हिरासत में लेने का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें दिख रहा है कि बड़ी संख्या में पुलिस के जवान उसे घेरे हुए हैं और लेकर जा रहे हैं। हिरासत में लिए जाने से कुछ घंटे पहले पूनिया ने सिंघु बॉर्डर पर हुई हिंसा के संबंध में फेसबुक पर एक लाइव वीडियो शेयर किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि कैसे खुद को स्थानीय होने का दावा करने वाली भीड़ ने आंदोलनस्थल पर पुलिस की मौजूदगी में पथराव किया था।
इससे पहले पूनिया के साथ दूसरे पत्रकार धर्मेंद्र सिंह को भी हिरासत में लिया था, लेकिन पुलिस ने धर्मेंद्र को बाद में छोड़ दिया थी जबकि पूनिया के खिलाफ आरोप दर्ज कर लिया था।
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