'हम समस्या केन्द्रित पत्रकारिता करते हैं,जरूरत है समाधान केन्द्रित पत्रकारिता करें'

दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में ‘स्वस्थ भारत मीडिया सम्मान-2019’ से सम्मानित हुईं देश की पांच प्रतिभाएं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 05 October, 2019
Last Modified:
Saturday, 05 October, 2019
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‘दिल्ली पत्रकार संघ’ (डीजेए) के अध्यक्ष मनोहर सिंह एवं आईआईएमसी के पूर्व महानिदेशक और वरिष्ठ पत्रकार प्रो. केजी सुरेश ने देश की पांच प्रतिभाओं को नई दिल्ली के गांधी शांति प्रतिष्ठान में ‘स्वस्थ भारत मीडिया सम्मान-2019’ से सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में मीडिया प्राध्यापक डॉ. रामशंकर, शिक्षक विनीत उत्पल, शोधार्थी कमल किशोर उपाध्याय, लेखक डॉ. उत्सव कुमार सिंह और प्राध्यापक प्रभांशु ओझा शामिल हैं। यह सम्मान ‘स्वस्थ भारत डॉट इन’ के पांच वर्ष पूर्ण होने के मौके पर स्वास्थ्य संबंधी विषयों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत ‘स्वस्थ भारत मीडिया’ एवं ‘स्वस्थ भारत (न्यास)’ ने प्रदान किया।

कार्यक्रम के दौरान 'स्वास्थ्य पत्रकारिता दशा एवं दिशा' विषय पर राष्ट्रीय परिसंवाद का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार प्रो. अनिल निगम, डॉ. प्रमोद कुमार, दिल्ली जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अमलेश राजू, वरिष्ठ पत्रकार उमेश चतुर्वेदी, रवि शंकर, डॉ. ममता ठाकुर, डॉ अभिलाषा द्विवेदी, डॉ. आनंदवर्धन, डॉ आलोक रंजन पांडेय, सुबोध कुमार, जलज कुमार, आशुतोष कुमार सिंह, प्रियंका एवं धीप्रज्ञ द्विवेदी आदि उपस्थित थे।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में दिल्ली पत्रकार संघ के अध्यक्ष मनोहर सिंह ने स्वस्थ भारत डॉट इन के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर स्वस्थ भारत मीडिया की मेहनत को रेखांकित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य पत्रकारिता को मजबूत बनाने की आज सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में डीजेए, स्वस्थ भारत डॉट इन के साथ मिलकर पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य रिपोर्टिंग पर वर्कशॉप आयोजित करायेगा। उन्होंने कहा कि देश को स्वास्थ्य संबंधी विषयों के बारे में सूचित एवं शिक्षित करना बहुत जरूरी है। उन्होंने इस परिसंवाद में भाग ले रहे सभी वक्ताओं की बातों को रेखांकित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य पत्रकारिता के क्षेत्र में अभी बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है।

प्रो. के.जी सुरेश ने कहा कि अभी तक हम समस्या केन्द्रित पत्रकारिता करते रहे हैं, जबकि जरूरत इस बात की है कि हम समाधान केन्द्रित पत्रकारिता करें। स्वास्थ्य की शोधपरक रिपोर्टिंग पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य रिपोर्टिंग पर प्रशिक्षण की जरूरत है। उन्होंने तमाम उदाहरणों के माध्यम से यह समझाने की कोशिश की कि किस तरह से पश्चिम से आए किसी शोध पत्र की अनुशंसाओं को हम हूबहू छाप देते हैं। जबकि कई बार बाजार के दबाव में भ्रामक एवं बाजार को लाभ पहुंचाने के लिए भी कुछ खबरों को बढ़ावा दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि विगत पांच वर्षों में स्वस्थ भारत डॉट इन ने स्वास्थ्य पत्रकारिता एवं एक्टिविजम का सार्थक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का धर्म है सूचित करना, शिक्षित करना और साथ में प्रेरित करना।

वरिष्ठ पत्रकार डॉ. प्रमोद कुमार ने न्यूज रूम में पत्रकारों की सेहत पर किए गए अपने शोध का जिक्र करते हुए कहा कि पत्रकार गंभीर तनाव में काम कर रहे हैं। बदलती तकनीक और मीडिया के बदलते प्रतिमानों के परिणामस्वरूप न तो काम के घंटे तय हैं और न ही समय पर वेतन मिल पा रहा है और न ही रोजगार की सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि 85 फीसद से अधिक पत्रकार ठेके पर काम कर रहे हैं और अधिकतर पत्रकार किसी न किसी बीमारी की चपेट में हैं। उन्होंने कहा कि यदि पिछले 10 साल के दौरान हुई पत्रकारों की मौतों की गहराई से जांच की जाए तो उनकी मौत का असली कारण न्यूज रूम में पनप रहा तनाव ही मिलेगा।

उन्होंने मीडिया संस्थानों और पत्रकार संगठनों को आगाह किया कि यदि पत्रकारों में पनप रहे इन तनावों को कम करने के लिए कारगर कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में यह मीडिया के समक्ष एक गंभीर चुनौती पेश करेगा। न्यूयार्क टाइम्स, बिजनेस इनसाइडर, और फोर्ब्स जैसे मीडिया संस्थानों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इन संस्थानों ने पत्रकारों का तनाव कम करने के लिए सार्थक प्रयास किए हैं और इसके उन्हें सार्थक परिणाम भी मिले हैं।

वरिष्ठ पत्रकार प्रो. अनिल निगम ने कहा कि भारत में स्वास्थ्य के क्षेत्र में पत्रकारिता की अनंत संभावनाएं हैं, स्वास्थ्य के क्षेत्र में संजीदगी के साथ इससे जुड़ी समस्याओं और मुद्दों को उठाया जाना चाहिए। सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वास्थ्य विषयक जनोपयोगी योजनाओं के बारे में लोगों को ठीक से सूचित किए जाने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य संबंधी तमाम योजनाएं चला रही है। लेकिन अंतिम जन तक उसकी सूचना सही समय पर नहीं पहुंच पाती है। इस दिशा में भी पत्रकारों को काम करना चाहिए।

इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार रवि शंकर का कहना था कि आज पत्रकारिता का अर्थ केवल राजनीतिक पत्रकारिता से समझा जाता है। इससे स्वास्थ्य जैसे जीवन के महत्त्वपूर्ण आयाम उपेक्षित हो जाते हैं। देखा जाए तो आज स्वास्थ्य का विषय भी राजनीति से ही संचालित हो रहा है। इसलिए राजनीतिक पत्रकारों को भी स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों की सही समझ होना आवश्यक है। केवल रिपोर्टिंग करना ही पत्रकारिता नहीं होती। उदाहरण के लिए यदि कोई शोध निष्कर्ष यह बताए कि घी खाना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है, तो इसकी रिपोर्ट मात्र लिखने वाला रिपोर्टर होगा, पत्रकार नहीं। पत्रकार को इसकी तह तक जाना चाहिए। इसलिए एक पत्रकार के लिए व्यापक अध्ययन आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि चूंकि अपने देश में स्वास्थ्य और चिकित्सा विज्ञान की एक लंबी परंपरा रही है, इसलिए स्वास्थ्य पत्रकार के लिए व्यापक अध्ययन तो आवश्यक है ही, साथ ही उसे देश की स्वास्थ्य परंपरा की भी गंभीर जानकारी होनी चाहिए। उदाहरण के लिए देश में हड्डी वैद्यों की जो परंपरा है, वह आज के चिकित्सा विज्ञान से कहीं उन्नत है, परंतु स्वास्थ्य पत्रकारों को इसकी जानकारी नहीं होती। कैंसर और एड्स जैसे लाइलाज रोगों को ठीक करने वाले वैद्यों के बारे में भी पत्रकारों को कोई जानकारी नहीं होती। इसके अलावा आयुर्वेद के विज्ञान से भी वे परिचित नहीं हैं। ऐसे में कोई पाश्चात्य शोध कितना विश्वसनीय है, इसे जानना उनके लिए कठिन हो जाता है।

स्वस्थ भारत (न्यास) के चेयरमैन एवं स्वस्थ भारत डॉट इन के संपादक आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि यह सम्मान उन लेखकों, मीडियाकर्मियों या शोधार्थियों को दिया गया है, जिन्होंने सेहत विषयक शोध लेख, आलेख या पुस्तक लिखे हैं और गंभीरता से काम किया है. ‘स्वस्थ भारत डॉट इन’ के पांच वर्ष के उपलक्ष्य में पांच व्यक्तियों को सम्मानित किया गया है लेकिन अगले वर्ष से सिर्फ तीन व्यक्तियों को सम्मानित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सम्मान के पात्रों का चयन तीन सदस्यीय निर्णायक मंडल द्वारा किया गया, जिनमें वरिष्ठ पत्रकार उमेश चतुर्वेदी, दिल्ली पत्रकार संघ के पूर्व महासचिव डॉ. प्रमोद कुमार और भारतीय सूचना सेवा के वरिष्ठ अधिकारी ऋतेश पाठक शामिल थे।

स्वस्थ भारत मीडिया की सीइओ प्रियंका सिंह ने बताया कि ‘स्वस्थ भारत’ का मुख्य उद्देश्य देश में स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर जागरूकता लाना है। इसके लिए स्वस्थ भारत मीडिया विभिन्न तरह गतिविधियों के माध्यम से जनसमान्य के बीच पहुंचने का प्रयास कर रहा है और मुख्यतः संचार के माध्यम से इन विषयों की समझ आम नागरिकों में विकसित करने की कोशिश कर रहा है।

स्वस्थ भारत मीडिया के इस आयोजन में दिल्ली पत्रकार संघ एवं स्वस्थ भारत (न्यास) सहआयोजक के रूप में रहे, जबकि इस आयोजन में मस्कट हेल्थकेयर, ब्रेन बिहेवियर रिसर्च फाउंडेशन ऑफ इंडिया (बीबीआरएफआई), वैदेही फाउंडेशन, कॉसमॉस अस्पताल, ज्ञानबिंदु शैक्षणिक संस्थान का संस्थागत सहयोग प्राप्त हुआ। मीडिया सहयोगी के रूप में युगवार्ता साप्ताहिक, बियोंड हेडलाइंस और डायलॉग इण्डिया का साथ मिला। कार्यक्रम का मंच संचालन वरिष्ठ शिक्षाविद संजय कुमार तिवारी ने किया।

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घर में घुसकर पत्रकार को गंभीर रूप से किया घायल

देशभर में पत्रकारों पर हमले की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। बदमाशों द्वारा आए दिन पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है।

Last Modified:
Monday, 26 October, 2020
Attack

देशभर में पत्रकारों पर हमले की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। बदमाशों द्वारा आए दिन पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है।  इसी तरह का एक मामला झारखंड के हजारीबाग से सामने आया है, जहां पर शुक्रवार की रात कुछ बदमाशों ने घर में घुसकर एक अखबार के पत्रकार विवेक कुमार सिंह पर हमला कर दिया।

बताया जाता कि शुक्रवार रात करीब नौ बजे करीब विवेक सिंह के घर के बाहर कुछ लोग झगड़ा कर रहे थे। हल्ला सुनकर पहुंचे विवेक ने झगड़ा बंद करने को कहा। इस दौरान हमलावर, विवेक पर टूट पड़े। जान बचाने के लिए विवेक घर में घुस गए, लेकिन बदमाशों ने घर में घुसकर उन पर चाकू से हमला कर दिया।

करीब छह बदमाशों ने विवेक कुमार सिंह के सिर व पीठ में कई चाकू मारे, जिससे वह घायल हो गए। शोरशराब सुनकर जब तक लोग मौके पर पहुंचे, हमलावर फरार हो गए। गंभीर हालत में परिजनों ने विवेक को आरोग्यम अस्पताल में भर्ती कराया। कटकमदाग थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।

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कोविड-19 ने छीन ली एक और पत्रकार की जिंदगी

कोरोना से त्रिपुरा में पत्रकार की मौत का पहला मामला, निजी चैनल में बतौर वीडियो जर्नलिस्ट कार्यरत थे जितेंद्र देबबर्मा

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 22 October, 2020
Last Modified:
Thursday, 22 October, 2020
Jitendra Debbarma

देश में कोरोनावायरस (कोविड-19) का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस वायरस की चपेट में आकर अब तक कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, वहीं तमाम लोग अभी भी विभिन्न अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं।

अब कोरोनावायरस के कारण त्रिपुरा में एक पत्रकार की मौत का पहला मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार रात अस्पताल में कोरोनावायरस संक्रमित एक स्थानीय न्यूज चैनल के पत्रकार जितेंद्र देबबर्मा की मौत हो गई।

जितेंद्र देबबर्मा 46 वर्ष के थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां तथा अन्य सदस्य हैं। बताया जाता है कि जितेंद्र देबबर्मा हल्के बुखार की वजह से करीब एक हफ्ते से घर पर ही अलग रहकर उपचार करा रहे थे, लेकिन उन्होंने कोरोना टेस्ट नहीं कराया था।

सांस लेने संबंधी समस्याओं के कारण सोमवार रात को उन्हें त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद मुख्यालय के खुमुलवंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उनका कोरोना वायरस टेस्ट पॉजिटिव आया। उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया, लेकिन धीरे-धीरे उनकी हालत बिगड़ती गई और अस्पताल में भर्ती होने के 24 घंटे के अंदर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

जितेंद्र देबबर्मा के निधन पर ‘जर्नलिस्ट फोरम असम’ (JFA) समेत तमाम पत्रकारों ने दुख जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

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पत्रकार के बेटे का अपहरण, अपहर्ताओं ने मांगी 45 लाख की फिरौती

तेलंगाना के महबूबाबाद जिले में कुछ अज्ञात लोगों ने एक पत्रकार के नौ साल के बेटे का अपहरण कर लिया। फिरौती के लिये अपहर्ताओं ने 45 लाख रुपए देने की मांग की है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 20 October, 2020
Last Modified:
Tuesday, 20 October, 2020
Crime

तेलंगाना के महबूबाबाद जिले में कुछ अज्ञात लोगों ने एक पत्रकार के नौ साल के बेटे का अपहरण कर लिया। फिरौती के लिये अपहर्ताओं ने 45 लाख रुपए देने की मांग की है। सोमवार को पुलिस ने इसकी जानकारी दी है।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बच्चे का अपहरण रविवार की शाम सात बजे के करीब हुआ जब वह महबूबाबाद शहर में स्थित अपने घर के बाहर खेल रहा था। अपहर्ता मोटरसाइकिल पर सवार होकर आये थे और बच्चे को उठा ले गए। पुलिस के मुताबिक, बच्चा संभवत: उनको जानता था।

बाद में अपहर्ताओं ने इंटरनेट के माध्यम से फोन पर बच्चे की मां से संपर्क किया और उसकी रिहाई के लिये पैसे मांगे।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसके लिए दस टीमें गठित की गई हैं और अपहर्ताओं और बच्चे का पता लगाने के लिये सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है।

मिली जानकारी के मुताबिक, महबूबाबाद शहर के कृष्णा कॉलोनी निवासी में रंजीत कुमार का परिवार रहता है। रंजीत कुमार पेशे से पत्रकार हैं। उनका 9 वर्षीय बड़ा बेटा दीक्षित रेड्डी का रविवार शाम 6.30 बजे के आसपास बाइक सवार अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया। इसके बाद अपहर्ताओं ने रंजीत को फोन करके 45 लाख रुपए की फिरौती मांगी। साथ ही पुलिस को इस बात की जानकारी देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की भी धमकी भी दी है। फोन करने वाले ने यह भी बताया है कि उसके लोग अब भी उसी एरिया में है।

 

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इस बीमारी ने निगल ली वरिष्ठ पत्रकार हैदर अली की जिंदगी

उत्तर प्रदेश के जाने-माने उर्दू अखबार ‘आग’ के फाउंडर और वरिष्ठ पत्रकार हैदर अली का शनिवार की रात निधन हो गया।

Last Modified:
Monday, 19 October, 2020
Haider Ali

उत्तर प्रदेश के जाने-माने उर्दू अखबार ‘आग’ के फाउंडर और वरिष्ठ पत्रकार हैदर अली का शनिवार की रात निधन हो गया। करीब 51 वर्षीय हैदर अली एरा मेडिकल कॉलेज समूह के उर्दू दैनिक ‘आग’ और हिंदी दैनिक ‘इन्किलाबी नजर’ का मैनेजमेंट देखने के साथ मान्यता प्राप्त राज्य मुख्यालय पत्रकार भी थे।

बताया जाता है कि हैदर अली करीब तीन साल से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से जूझ रहे थे। शुरू में वह इलाज के लिए मुंबई के टाटा अस्पताल व दिल्ली में भी गए थे, लेकिन बाद में वह लखनऊ लौट आए थे।

हैदर अली के परिवार में बुजुर्ग माता-पिता और दो बेटे हैं। रविवार की सुबह उनके पार्थिव शरीर को अब्बास बाग के कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। हैदर अली के निधन से आग अखबार के साथ-साथ पत्रकार जगत में शोक की लहर है। तमाम पत्रकारों ने हैदर अली के निधन पर दुख जताते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी है।  

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ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे पर iTV Foundation और Dettol की सराहनीय पहल

ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे (15 अक्टूबर) मनाने और कोविड-19 के दौरान लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए ‘आईटीवी फाउंडेशन’की कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी(CSR) विंग ने सराहनीय पहल शुरू की है।

Last Modified:
Friday, 16 October, 2020
india-news595

ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे (15 अक्टूबर) मनाने और कोविड-19 के दौरान लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए ‘आईटीवी फाउंडेशन’ (iTV Foundation) की कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) विंग ने ‘डिटॉल’ (Dettol) के साथ मिलकर एक पहल शुरू की है।

  • इस पहल के तहत आईटीवी नेटवर्क के चैनल्स पर हैंडवॉशिंग और इसके महत्व को लेकर एक स्पेशल प्रोग्रामिंग शुरू की गई है। 
  • उत्तर प्रदेश के जिलों में डिटॉल साबुन बांटे गए हैं।
  • दर्शकों के लिए विशेष प्रतियोगिता शुरू की गई है, इसके तहत दर्शक हाथ धोते हुए अपनी तस्वीरें/वीडियो शेयर करेंगे और चयनित विजेताओं को एक साल के लिए ‘डिटॉल’ साबुन मुफ्त मिलेगा।

ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे पर कोविड19 (COVID 19) के बीच स्वच्छता के प्रति जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘हाथ धोना रोके कोरोना’ (#HaathDhonaRokeyCorona) अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि हम सभी सामान्य दिखने वाली स्वच्छता की आदतों को अपनाकर स्वस्थ एवं आरोग्यपूर्ण जीवन जी सकते हैं। उन्होंने कहा कि हाथ धोना हमारे व्यवहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे हम विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बच सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम सब हैंडवॉशिंग का महत्व सामान्य दिनचर्या के रूप में जानते हैं। लेकिन, आधुनिक जीवन शैली के कारण बहुत बार लोग इन सभी क्रियाकलापों से दूरी बना लेते हैं। इसका परिणाम हमारे सामने अनेक बीमारियों के रूप में सामने आ जाता है।

वहीं इस मौके पर उन्होंने ‘यू-राइज पोर्टल’ (U-Rise portal) के माध्यम से छात्रों को संबोधित किया और सभी छात्रों, फैकेल्टी मेंबर्स, ऑफिसर्स और स्टॉफ को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर, iTV नेटवर्क के संस्थापक कार्तिकेय शर्मा ने कहा, ‘हाथ की सफाई बार-बार करते रहना चाहिए, साथ ही स्वच्छता प्रणाली को मजबूत रखना चाहिए। हैंडवॉशिंग सुविधाएं बिना किसी भेदभाव के दुनिया के हर कोनें तक पहुंचनी चाहिए। यह एक समय है, जब हर इंसान को एक साथ आना होगा और मानवता दिखानी होगी। COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए अपनी भागीदारी निभानी होगी।’

iTV फाउंडेशन ने इस पहल के तहत 10 लाख डेटॉल हैंडवाश किट और 1 लाख मास्क डोनेट करने का संकल्प लिया है।

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कोरोना काल में मीडियाकर्मियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सामूहिक हवन

आगरा में यमुना आरती स्थल व्यू पॉइंट पार्क, यमुना नदी के तट पर शहर के तमाम मीडियाकर्मियों के अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सामूहिक हवन का आयोजन किया गया।

Last Modified:
Friday, 16 October, 2020
Event

आगरा में यमुना आरती स्थल व्यू पॉइंट पार्क, यमुना नदी के तट पर शहर के तमाम मीडियाकर्मियों के अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण के लिए पुरुषोत्तम मास के समापन पर सामूहिक हवन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वैदिक सूत्रम के चेयरमैन पंडित प्रमोद गौतम द्वारा कराया गया।

सामूहिक यज्ञ के समापन पर पंडित प्रमोद गौतम ने बताया कि पुराणों शास्त्रों में बताया गया है कि पुरुषोत्तम मास या अधिक मास के समापन पर व्रत-उपवास, दान-पूजा और यज्ञ-हवन करने से मनुष्य के सारे पाप कर्मों का नाश होकर कई गुना पुण्यफल प्राप्त होता है। अधिक मास में तीर्थस्थलों की परिक्रमा और स्नान करने से व्यक्ति को मोक्ष और अनंत पुण्यों की प्राप्ति होती है।

उन्होंने बताया कि जिस माह में सूर्य की संक्रांति नहीं होती, वह अधिक मास कहलाता है। इस मास में खासतौर पर सर्वमांगलिक कार्य वर्जित माने गए है, लेकिन यह माह धर्म-कर्म के कार्य करने में बहुत फलदायी है। इस मास में किए गए धार्मिक आयोजन पुण्य फलदायी होने के साथ ही दूसरे माहों की अपेक्षा करोड़ गुना अधिक फल देने वाले माने गए हैं।

सामूहिक यज्ञ में रिवर कनेक्ट अभियान के प्रमुख वरिष्ठ पत्रकार बृज खण्डेलवाल, श्री मथुराधीश मंदिर के नंदन श्रोतिय, जुगल किशोर व अभिनव श्रोतिय का सहयोग रहा। पार्षद अनुराग चतुर्वेदी व रिवर कनेक्ट अभियान के श्रवण कुमार, डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य, पत्रकार प्रवीन शर्मा, मुकेश शर्मा, राहुल राज, दीपक राजपूत, पत्रकार जगन प्रसाद तेहरिया, वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेन्द्र पटेल आदि मौजूद रहे। सभी ने पत्रकारों के लिए यमुना मैया से प्रार्थना की, क्योंकि कोरोना काल में कई पत्रकारों पर संकट आ चुका है और कई दिवंगत हो चुके हैं। हवन के समापन पर सभी ने श्रीहरि विष्णु से देश को कोरोना रूपी संकट से जल्दी मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की।

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नहीं रहे जाने-माने खेल पत्रकार किशोर भीमनी

खेल पत्रकार के साथ किशोर भीमनी जाने-माने क्रिकेट कॉमेंटेटर भी थे। 80 वर्ष की उम्र में हुआ निधन

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 15 October, 2020
Last Modified:
Thursday, 15 October, 2020
Kishore Bhimani

वरिष्ठ खेल पत्रकार और जाने माने क्रिकेट कॉमेंटेटर किशोर भीमनी (Kishore Bhimani) का गुरुवार को निधन हो गया। वह 80 साल के थे। किशोर भीमनी खेल पत्रकारिता की दुनिया में एक बड़ा नाम थे और क्रिकेट कॉमेंट्री की अपनी विशिष्ट शैली के लिए काफी मशहूर थे। स्पोर्ट्स कॉमेंट्री के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2103 में उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा गया था।   

किशोर भीमनी के निधन पर वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई और सागरिका घोष समेत तमाम पत्रकारों और खेल जगत से जुड़ीं कई हस्तियों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

 

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हाई कोर्ट ने पत्रकार के खिलाफ दर्ज FIR को किया खारिज, कही ये बात

जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट ने श्रीनगर में एक अखबार के पत्रकार पर कथित फर्जी खबर लिखने के मामले में दर्ज एफआईआर को खारिज कर दिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 14 October, 2020
Last Modified:
Wednesday, 14 October, 2020
Court

जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट ने श्रीनगर में एक अखबार के पत्रकार पर कथित फर्जी खबर लिखने के मामले में दर्ज एफआईआर को खारिज कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, किसी ऐसी घटना के बारे में बताना, जिसे सच मानने के लिए रिपोर्टर के पास सही वजह है, अपराध नहीं हो सकता।

जस्टिस संजय धर की एकल पीठ ने यह भी कहा कि मीडिया द्वारा ‘घटनाओं की निष्पक्ष और स्पष्ट रिपोर्टिंग’ पर केवल इसलिए अंकुश नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि इससे किसी वर्ग के व्यक्तियों के व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.

दरअसल, एक अंग्रेजी दैनिक के पत्रकार एम. सलीम पंडित ने तीन अप्रैल को ‘Stone pelters in J&K now target tourists, four women injured’ शीर्षक से खबर पब्लिश की थी। इस खबर में उन्होंने बताया था कि पथराव करने वालों ने पर्यटकों को निशाना बनाया जिसमें चार महिलाएं घायल हो गई हैं।

इस खबर को लेकर टूरिज्म व्यवसाय से जुड़े लोगों ने पत्रकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, ‘ऐसा ‘शांतिपूर्ण पर्यटन सीजन’ को बाधित करने और देश के नागरिकों के बीच ‘डर का माहौल बनाने’ के दुर्भावनापूर्ण इरादे से किया गया था।’ पत्रकार ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को खारिज करने की मांग की थी।

इस मामले में  हाई कोर्ट की पीठ ने कहा कि उपरोक्त दस्तावेज जो जांच के रिकॉर्ड का हिस्सा हैं, स्पष्ट रूप से बताते हैं कि याचिकाकर्ता के पास यह मानने के लिए उचित आधार थे कि समाचार रिपोर्ट, जिसे उन्होंने प्रकाशित किया था, सत्य तथ्यों पर आधारित है। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने एम. सलीम पंडित के खिलाफ दायर एफआईआर खारिज कर दी।

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पत्रकार हत्याकांड में आरोपित गिरफ्तार, वारदात को अंजाम देने के पीछे बताई यह वजह

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में करीब पांच दिन पूर्व हुए पत्रकार हत्याकांड का पुलिस ने सोमवार को खुलासा कर दिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 13 October, 2020
Last Modified:
Tuesday, 13 October, 2020
Arrest

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में करीब पांच दिन पूर्व हुए पत्रकार हत्याकांड का पुलिस ने सोमवार को खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से हत्याकांड में प्रयुक्त हथियार बरामद कर लिया है। पकड़े गए हत्यारोपित का नाम शीबू उर्फ सैफुल हक पुत्र रेहनुल हक निवासी महगांव है।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शीबू ने बताया कि उसने इस हत्याकांड को इसलिए अंजाम दिया क्योंकि फराज ने उसके बारे में मुखबिरी की थी। इस वजह से उसे जेल जाना पड़ा था। जेल से आने के बाद इसी बात से नाराज होकर उसने फराज की हत्या कर दी। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर शीबू को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

पुलिस का दावा है कि शीबू, फराज से रंजिश रखता था। वर्ष 2019 में गोकशी के मामले में फराज ने उसे जेल भिजवा दिया था। जेल से आने के बाद वह फराज की हत्या करने के लिए मौका तलाश रहा था। मौका मिलते ही शीबू ने सात अक्टूबर को गोली मारकर फराज की हत्या कर दी है। पुलिस के अनुसार, शीबू पर इससे पहले भी दो मुकदमे दर्ज हैं। इन मुकदमों में वह जमानत पर है।

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गौरतलब है कि सात अक्टूबर को कौशांबी जिले में पत्रकार फराज की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मलाक मोहिनिद्दीनपुर गांव निवासी फराज असलम एक हिंदी साप्ताहिक अखबार में बतौर जिला संवाददाता काम कर रहे थे। हत्याकांड की ये वारदात पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र के महगाव कस्बे से पैगंबरपुर गांव जाने वाली रोड की है। बुधवार की दोपहर वह पैगंबरपुर गांव से अपने घर बाइक से जा रहे थे। हाई-वे पर पहुंचने से पहले ही गांव के बाहर बदमाशों ने उन्हें घेरकर गोली मार दी थी, जिसमें फराज असलम की मौके पर ही मौत हो गई थी।

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कोरोना के खिलाफ ‘जंग’ में एकजुट हुए IIMC एम्प्लॉयीज, ली ये शपथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोनावायरस के खिलाफ सतर्क रहने के लिए शुरू किए गए जन आंदोलन के तहत सोमवार को भारतीय जनसंचार संस्थान के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने जागरूक रहने की शपथ ली।

Last Modified:
Monday, 12 October, 2020
IIMC

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोनावायरस (कोविड-19) के खिलाफ सतर्क रहने के लिए शुरू किए गए जन आंदोलन के तहत सोमवार को भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने जागरुक रहने की शपथ ली।

इस मौके पर आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने सभी लोगों के साथ मिलकर ये संकल्प लिया कि वह कोराना के प्रसार को रोकने के लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरतेंगे। प्रो. द्विवेदी ने कहा कि हम एक साथ मिलकर ही कोविड-19 के खिलाफ इस लड़ाई को जीत सकते हैं। कार्यक्रम में संस्थान के अपर महानिदेशक श्री सतीश नम्बूदिरीपाद, प्रो. आनंद प्रधान, प्रो. अनुभूति यादव, प्रो. सुनेत्रा सेन नारायण एवं श्रीमती नवनीत कौर आदि मौजूद थे।

बता दें कि प्रधानमंत्री द्वारा गुरुवार को कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए इस जन आंदोलन की शुरुआत की गई है। आगामी त्योहारों और सर्दियों के मौसम के साथ-साथ अर्थव्यवस्था के पुनः खुलने के मद्देनजर यह अभियान शुरू किया गया है। इस जन आंदोलन के जरिए मास्क पहनने, दो गज की दूरी का पालन करने और लगातार हाथों की सफाई करने का संदेश दिया जाएगा।

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