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वरिष्ठ पत्रकार रजनी शंकर ने इस तरह किया नारी शक्ति का बखान
पीआईबी की ओर से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिला सशक्तिकरण पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
’अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ के उपलक्ष्य में ‘पत्र सूचना कार्यालय’ (PIB) की ओर से पटना के मगध महिला कॉलेज में छह मार्च को महिला सशक्तिकरण विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। पद्मश्री उषा किरण खान, जस्टिस मृदुला मिश्रा, उधमी, उषा झा, समाजसेवी निवेदिता झा, आटो चालक सरिता, चिकित्सक डाक्टर मनीषा सिंह, राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित आभा चौधरी सहित कई प्रतिष्ठित महिलाओं ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर संगोष्ठी का उद्घाटन किया।
इस मौके पर पद्मश्री साहित्यकार उषा किरण खान ने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में शिखर को छू रही हैं चाहे वह साहित्य का क्षेत्र हो या फिर कोई और। महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपने बलबूते मुकाम हासिल किया है। उन्होंने आने वाली पीढ़ी की बच्चियों को सलाह दी कि वे खुद आगे बढ़ने के साथ-साथ आसपास के रहने वाली बच्चियों को भी आगे बढ़ाने में सहयोग करें। चाणक्य विधि विश्वविद्यालय की कुलपति मृदुला मिश्रा ने कहा कि महिलाओं में इतनी क्षमता है कि वह तकलीफों को पीछे छोड़ते हुए आगे बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज के लिये जीती हैं और एक समय में कई कार्य करती हैं।
मगध महिला कालेज की प्राचार्य डाक्टर शशि शर्मा ने कहा कि युवा और समाज को जगाने की जरूरत है। डाक्टर शर्मा ने कहा कि जरूरत है व्यवस्था को बदलने की और बच्चियों के अधिकार को हर संभव देने की कोशिश होनी चाहिए। कैंसर विशेषज्ञ डाक्टर मनीषा सिंह ने कहा कि महिलाओं में सबसे ज्यादा कैंसर देखने को मिलता है। जरूरत है कैंसर से पीड़ित महिलाओं को सशक्त बनाने की। डाक्टर सिंह ने कहा कि कैंसर पीड़ित महिलाएं लोक लज्जा में स्तन कैंसर सहित अन्य जानलेवा बीमारियों को छुपा लेती हैं और अंतिम क्षण में अस्पताल आती हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता निवेदिता झा ने कहा कि महिलाओं को ना कहना सीखना होगा। वह इसलिए जरूरी है कि बराबरी उनका अधिकार है और वे जब तक न नहीं कहेंगी, तब तक उन्हें उनका हक नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें हक के लिये लड़ना होगा, पढ़ना होगा और आगे बढ़ना होगा।
आटो चालक सरिता का कहना था कि महिलाएं कोमल जरूर हैं लेकिन मजबूर नहीं हैं। वहीं, वरिष्ठ पत्रकार और ‘यूएनआई’ न्यूज एजेंसी की पटना में स्पेशल करेसपॉन्डेंट (प्रोजेक्ट) रजनी शंकर ने कहा कि महिलाएं एक पेड़ की तरह होती हैं, जो संघर्ष करती हैं और दूसरों को छाया प्रदान करती हैं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर ज्यादा से ज्यादा कार्यक्रमों को किये जाने पर जोर दिया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उधमी उषा झा ने कहा कि उद्योग से महिलाएं काफी दूर हैं, उन्हें इस क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा आगे लाने की जरूरत है।
संगोष्ठी को राष्ट्रीय प्राप्त शिक्षिका आभा चैधरी, अधिवक्ता सुधा अम्बष्ठ, गायिका रंजना झा ने भी संबोधित किया। पीआईबी के निदेशक दिनेश कुमार ने कार्यक्रम की रूपरेखा रखी। वहीं, संचालन वरिष्ठ पत्रकार सीटू तिवारी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन पीआईबी के सहायक निदेशक संजय कुमार ने किया।
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