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महिला पत्रकारों की सुरक्षा व निजता के लिए 'NWMI' ने जारी किए नए दिशा-निर्देश
महिला पत्रकारों के प्रमुख संगठन ‘NWMI’ की ओर से पेश किए गए इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कार्यस्थल पर महिलाएं बिना किसी भय या पक्षपात के अपने कार्य को जारी रख सकें।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
महिला पत्रकारों के प्रमुख संगठन ‘NWMI’ (Network of Women in Media, India) ने कार्यस्थल पर महिला पत्रकारों की सुरक्षा, निजता व समानता को बढ़ाने के लिए हाल ही में नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 'द हिंदू' (The Hindu) की एक खबर के मुताबिक, यह दिशा-निर्देश पत्रकारिता में महिलाओं के प्रति हो रहे असुरक्षित माहौल को सुधारने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।
इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाएं बिना किसी भय या पक्षपात के कार्यस्थल पर अपने कार्य को जारी रख सकें। इसके साथ ही इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य महिला पत्रकारों के लिए सुरक्षा और समानता को बढ़ावा देना है, ताकि उनके अधिकारों की रक्षा की जा सके।
इन दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि एंप्लॉयीज को वार्षिक रूप से न्यूनतम 30 दिनों का भुगतान अवकाश मिलना चाहिए, जिसमें अर्जित अवकाश, आकस्मिक अवकाश, बीमारी अवकाश और त्योहारों की छुट्टियां शामिल हों। दिशानिर्देशों में स्वास्थ्य से संबंधित अवकाश, जैसे मानसिक स्वास्थ्य और मासिक धर्म अवकाश, के साथ-साथ मातृत्व, पितृत्व, और बाल देखभाल अवकाश के लिए कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया गया है।
इन दिशा-निर्देशों में कई अन्य महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं:
कार्यस्थल पर सुरक्षा: इन दिशा-निर्देशों में महिला पत्रकारों के लिए यह सुनिश्चित किया गया है कि कार्यस्थल पर उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। इसमें यह भी शामिल है कि महिला पत्रकारों को किसी भी तरह की धमकियों या उत्पीड़न से बचाया जाए और उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए।
निजता का संरक्षण व समानता की दिशा में प्रयास: इन दिशा-निर्देशों में यह भी जोर दिया गया है कि महिलाओं को उनके कार्यस्थल पर समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए। इसके तहत, पत्रकारिता में महिलाओं के प्रति किसी भी तरह के भेदभाव को समाप्त करने के लिए कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही उनकी निजता के संरक्षण पर भी जोर दिया गया है।
कार्य के घंटे तय करना व समान अवसर उपलब्ध कराना: इन दिशा-निर्देशों का एक महत्वपूर्ण पहलू कानूनी रूप से स्वीकृत कार्य घंटों का पालन है। वर्ष 2020 के व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थितियां कोड का हवाला देते हुए इन दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि पत्रकारों को लगातार चार हफ्तों में 144 घंटे से अधिक काम नहीं करना चाहिए, और प्रत्येक हफ्ते में कम से कम एक दिन की छुट्टी होनी चाहिए। इस सीमा से अधिक काम को ओवरटाइम के रूप में गिना जाना चाहिए। इसके अलावा समान योग्यता होने पर महिला पत्रकारों को पुरुषों की तरह ही समान वेतनवृद्धि का लाभ, प्रमोशन व अन्य समान सुविधाएं देनी चाहिए।
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