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पत्रकार की गिरफ्तारी पर NHRC सख्त, असम DGP से मांगी रिपोर्ट
गुवाहाटी में एक पत्रकार को कवरेज के दौरान हिरासत में लिए जाने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए असम के पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 10 months ago
गुवाहाटी में एक डिजिटल न्यूज पोर्टल के पत्रकार को कवरेज के दौरान हिरासत में लिए जाने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए असम के पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है। आयोग ने इस मामले में चार सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 25 मार्च 2025 को गुवाहाटी स्थित असम कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक लिमिटेड के बाहर हुए धरने को कवर करने गए पत्रकार को पानबाजार थाने में बुलाकर हिरासत में लिया गया। बताया गया है कि पत्रकार ने बैंक में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर बैंक के प्रबंध निदेशक से सवाल पूछे थे, हालांकि हिरासत में लेने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया।
आयोग ने कहा है कि यदि खबर में दी गई जानकारियां सही हैं तो यह मामला पत्रकार के मानवाधिकारों के उल्लंघन का प्रतीत होता है। इसी आधार पर NHRC ने असम सरकार के पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी मांगी है।
धरने में अनियमितताओं की जांच की मांग
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 25 मार्च को बैंक प्रबंधन में हुई कथित वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर धरना दिया था।
धरना स्थल से रिपोर्टिंग कर रहे डिजिटल न्यूज पोर्टल 'द क्रॉसकरंट' के चीफ रिपोर्टर दिलवार हुसैन मजूमदार को उसी रात हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया। कई घंटे थाने में रखने के बाद उन्हें जमानत दे दी गई।
जमानत के बाद फिर हुई गिरफ्तारी
दिलचस्प बात यह रही कि जमानत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले ही दिन उन्हें एक और मामले में फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। यह नया मामला खुद बैंक के प्रबंध निदेशक द्वारा दर्ज कराया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पत्रकार बैंक के दस्तावेज चुराने की कोशिश कर रहा था।
हालांकि, इस दूसरे मामले में भी 28 मार्च को गुवाहाटी की एक अदालत ने उन्हें जमानत दे दी और अगले दिन वह रिहा हो गए।
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रेस की स्वतंत्रता, पत्रकारों की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें असम पुलिस की रिपोर्ट और NHRC की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
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