होम / मीडिया फोरम / महज इस आधार पर पत्रकार को हिरासत में रखना उसके जीने के अधिकार का उल्लंघन है: SC
महज इस आधार पर पत्रकार को हिरासत में रखना उसके जीने के अधिकार का उल्लंघन है: SC
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मणिपुर के पत्रकार एरेन्ड्रो लेचोम्बाम (Erendro Leichombam) को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मणिपुर के पत्रकार एरेन्ड्रो लेचोम्बाम (Erendro Leichombam) को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है। एरेन्ड्रो लेचोम्बाम को एक विवादित फेसबुक पोस्ट करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था, साथ ही उन पर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) लगाया गया था।
दरअसल, बीते गुरुवार को मणिपुर बीजेपी के अध्यक्ष प्रोफेसर एस. टिकेंद्र सिंह का कोरोना संक्रमित होने के कारण निधन हो गया था और उसी दिन पत्रकार एरेन्ड्रो ने अपनी फेसबुक पोस्ट पर लिखा था, ‘गाय का गोबर और गोमूत्र काम नहीं करता है। रेस्ट इन पीस।’
सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हम इस व्यक्ति को एक भी दिन हिरासत में रखने की इजाजत नहीं दे सकते। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि वह (पत्रकार) इसके लिए एक रात भी जेल में नहीं डाला जा सकता है। हालांकि, SG की अपील पर रिहाई मंगलवार तक के लिए रखी गई है, लेकिन बेंच की ओर से कहा गया कि लेचोम्बाम को हिरासत में रखना उनके जीने के अधिकार का उल्लंघन है।
दरअसल, बीजेपी नेता के निधन के बाद एरेन्ड्रो लेचोम्बाम द्वारा फेसबुक पर पोस्ट किया गया था, जिसे विवादित बताते हुए स्थानीय बीजेपी नेताओं ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। स्थानीय पुलिस ने इसी मामले में एक्शन लेते हुए मई महीने में उन पर कई धाराओं में केस दर्ज किया था, साथ ही एनएसए भी लगाया था। मई महीने से ही एरेन्ड्रो लेचोम्बाम जेल में बंद हैं।
एरेन्ड्रो लेचोम्बाम के पिता द्वारा सुप्रीम कोर्ट में इस गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका लगाई गई थी, जिसपर अब सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए पत्रकार की तुरंत रिहाई का आदेश दिए हैं।
टैग्स पत्रकार सुप्रीम कोर्ट मणिपुर एरेन्ड्रो लेचोम्बाम