अध्ययन-अध्यापन को रोक नहीं सका लॉकडाउन, MCU में अब इस तरह चल रहीं कक्षाएं

लॉकडाउन के बीच माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के भोपाल सहित सभी परिसरों में ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन जारी है

Last Modified:
Tuesday, 19 May, 2020
MCU

भोपाल। लॉकडाउन के बीच माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के भोपाल सहित सभी परिसरों में ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन जारी है। लॉकडाउन के कारण जब प्रत्यक्ष कक्षाओं का संचालन बंद हो गया तब विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने तकनीक का उपयोग कर अपना अध्ययन-अध्यापन जारी रखा है। कोरोना के कारण उत्पन्न परिस्थितियों में शिक्षकों ने पाठ्यक्रम पूरा कराने और विद्यार्थियों को सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में व्यस्त रखने की चुनौती को स्वीकार किया। इस नवाचार में ऑनलाइन विडियो कॉन्फ्रेंसिंग तकनीक और केंद्र सरकार के डिजिटल इन्शिएटिव का बखूबी उपयोग किया गया है।    

कुलसचिव प्रो. संजय द्विवेदी ने बताया है कि विश्वविद्यालय के शिक्षक नियमित तौर पर अपनी कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से ले रहे हैं। कक्षाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति भी उत्साहवर्धक है। विश्वविद्यालय के भोपाल सहित नोएडा, रीवा, खण्डवा और दतिया परिसर में ऑनलाइन कक्षाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ाने के साथ ही उन्हें केंद्र सरकार के डिजिटल उपक्रम स्वयंप्रभा, मूक और नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी सहित अन्य ऑपन सोर्स पर उपलब्ध आवश्यक डिजिटल कंटेंट भी उपलब्ध करा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल सैद्धांतिक अध्ययन कराया जा रहा है, बल्कि उनको व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इस क्रम में विद्यार्थियों ने प्रोड्यूसर के निर्देशन में 200 से अधिक लघु फिल्में एवं न्यूज पैकेज तैयार किए हैं। समाचार, आलेख एवं फीचर लेखन का अभ्यास भी विद्यार्थी कर रहे हैं। कई विद्यार्थियों ने अपने ब्लॉग और यूट्यूब चैनल भी शुरू किए हैं। 

वर्कफ्रॉम होम के लिए तैयार हैं विद्यार्थी :

कुलसचिव प्रो. संजय द्विवेदी का कहना है कि इस कठिन समय में शिक्षकों ने अपनी भूमिका का बखूबी निर्वहन किया है। हमारा प्रयास था कि इस कठिन समय को अवसर में बदलें एवं हमारा विद्यार्थी अपना अध्ययन जारी रखते हुए साथ में कुछ नया सीखे। इस प्रक्रिया में विद्यार्थी वर्कफ्रॉम होम के लिए भी तैयार हुए हैं। उन्होंने घर पर रहते हुए कई अच्छे विडियो बनाए हैं, जो हमें संदेश, प्रेरणा और जानकारी देते हैं। 

शिक्षण में कोई रुकावट नहीं : 

अकादमिक के डीन डॉ. पवित्र श्रीवास्तव ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित समस्त पाठ्यक्रमों की ऑनलाइन कक्षाएं विगत दो माह से सम्पन की जा रही हैं। लॉकडाउन के दौरान हमारे विद्यार्थी देश के विभिन्न हिस्सों में अपने घरों में हैं। उनके शिक्षण में कोई रुकावट न हो इस उद्देश्य से सभी शिक्षकों द्वारा सभी परिसरों में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।  

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आज कम ही ऐसे पत्रकार उभर रहे हैं, जिनमें संघर्ष करने का साहस दिखता हो: राज्यपाल लालजी टंडन

भारत में ऐसे भी पत्रकार हुए हैं, जिन्होंने सामाजिक सौहार्द के लिए अपने प्राणों की आहूति दे दी। ये लोग आज भी पत्रकारिता व पत्रकारों को प्रेरणा देते हैं।

Last Modified:
Tuesday, 02 June, 2020
laljitondon

आज हमें उन पत्रकारों को याद करना चाहिए, जिन्होंने अपनी लेखनी से समाज जागरण का कार्य किया, जिन्होंने समाज की समस्याओं के समाधान दिए हैं। भारत के यशस्वी पत्रकारों ने अपनी कलम से स्वतंत्रता आंदोलन को धारदार बना दिया था। अनेक पत्रकारों ने छोटे-छोटे समाचार पत्र निकालकर स्वतंत्रता की अलख जगाई। भारत में ऐसे भी पत्रकार हुए हैं, जिन्होंने सामाजिक सौहार्द के लिए अपने प्राणों की आहूति दे दी। ये लोग आज भी पत्रकारिता व पत्रकारों को प्रेरणा देते हैं। यह विचार मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने हिंदी पत्रकारिता दिवस पर आयोजित ऑनलाइन व्याख्यान में व्यक्त किए।

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की ओर से हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने ‘शिक्षा, पत्रकारिता एवं जीवन मूल्य’ विषय पर अपने संबोधन में कहा कि हमें पूर्वजों से जो इतिहास धरोहर के रूप में मिला है, उसे देखना जरूरी है। महापुरुषों के संघर्ष और उनकी वैचारिक प्रतिबद्धता को देखकर, उससे प्रेरित होकर रास्ता निकालने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिस समय पत्रकारिता मिशन थी, तब पत्रकारिता का उद्देश्य शोहरत नहीं था। उस समय पत्रकारिता विदेशी गुलामी के प्रति जो जनाक्रोश था, उसकी अभिव्यक्ति थी। उस समय समाज की विकृतियों को दूर करने और उसके जागरण के लिए पत्रकारिता का उपयोग किया जाता था। किंतु, धीरे-धीरे यह प्रतिबद्धता कम होने लगी। इसी कारण आज जो स्थिति है, उसमें बहुत कम ऐसे लोग उभर रहे हैं, जिनमें बौद्धिक क्षमता, आत्मबल, प्रतिबद्धता और सामाजिक उद्देश्य के लिए संघर्ष करने का साहस दिखता हो।

राज्यपाल ने कहा कि सामाजिक समस्याओं के प्रति पत्रकारों की निश्चित अवधारणा एवं विचार जब लेखनीबद्ध होते हैं, तो वे ज्वाला बन जाते हैं। आपातकाल के दौर की साहसिक पत्रकारिता का भी उल्लेख माननीय राज्यपाल ने किया। सोशल मीडिया के दुरुपयोग के प्रति भी उन्होंने चेताया और उसे रोकने के लिए आगे आने की बात कही।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि हिंदी के विस्तार में हिंदी पत्रकारिता का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने बताया कि बांग्लाभाषी कोलकाता से हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत हुई। कोलकाता भारतीय भाषायी पत्रकारिता का सबसे बड़ा केंद्र रहा है। पंडित जुगलकिशोर शुक्ल ने 30 मई, 1826 को उदंत्त मार्तंड का प्रकाशन कर हिंदी पत्रकारिता की नींव रखी। उन्होंने बताया कि आगामी सात दिन तक ‘हिंदी पत्रकारिता सप्ताह’ के अंतर्गत विश्वविद्यालय विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर भी ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित कराने जा रहा है।

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निजी चैनल के वाहन पर हमला, दो एम्प्लॉयीज की गई जान, 6 घायल

एक निजी टीवी चैनल के वाहन पर विस्फोट से हमला किया गया, जिसमें चैनल के दो कर्मचारियों की मौत हो गई। इनमें एक पत्रकार और एक ड्राइवर बताया जा रहा है

Last Modified:
Monday, 01 June, 2020
bus

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक निजी टीवी चैनल के वाहन पर विस्फोट से हमला किया गया, जिसमें चैनल के दो कर्मचारियों की मौत हो गई। इनमें एक पत्रकार और एक ड्राइवर बताया जा रहा है। आंतरिक मंत्रालय के एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है।  

बता दें कि अफगानिस्तान के इस टेलिविजन चैनल का नाम ‘खुर्शीद टीवी’ है, जिसके वाहन पर निशाना साधते हुए शनिवार को आइइडी ब्लास्ट किया गया। इस विस्फोट में एक पत्रकार और ड्राइवर की मौत हो गई। खुर्शीद टीवी के संपादक सिद्दकी के मुताबिक, इस विस्फोट में चैनल के 6 स्टाफ विस्फोट में जख्मी है और दो की हालत गंभीर है।

अफगानिस्तान के पूर्व चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर अब्दुल्ला ने ट्वीट में कहा कि खुर्शीद टीवी के स्टाफ पर हमले से वे काफी दुखी हैं और मामले में जांच के लिए उन्होंने कानून प्रवर्तन प्राधिकारियों को निर्देश दिया है। अफगानिस्तान राष्ट्रपति के प्रवक्ता सिदिक सिद्दकी ने भी हमले की निंदा की है।

फिलहाल इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ग्रुप ने ली है।   

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इस कार्यक्रम के जरिये याद किए गए वरिष्ठ पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर नेशनल मीडिया क्लब की ओर से पंकज कुलश्रेष्ठ की पत्नी को सौंपा गया एक लाख रुपए का चेक

Last Modified:
Sunday, 31 May, 2020
Journalism Day

हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर शनिवार को नेशनल मीडिया क्लब (एनएमसी) की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ को श्रद्धांजलि दी गई। पंकज कुलश्रेठ की श्रद्धाजंलि सभा में ऑनलाइन रूप से (जूम एप के माध्यम से) शिरकत करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ह्रदय नारायण दीक्षित ने कहा कि  पत्रकारिता दिवस के मौके पर नेशनल मीडिया क्लब के द्वारा जो कार्य किया गया है, वह सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि नेशनल मीडिया क्लब पत्रकारों की रक्षा को लेकर समय-समय पर जो कार्य करता है, वह काबिले तारीफ हैं। इस क्लब के माध्यम से पत्रकारों को नया मुकाम मिला है। उन्होंने कहा कि पंकज कुलश्रेठ की मृत्यु पत्रकार जगत की लिए बहुत बड़ी क्षति है।

कर्यक्रम के दौरान नेशनल मीडिया क्लब के अध्यक्ष सचिन अवस्थी ने पंकज कुलश्रेष्ठ की पत्नी को एक लाख रुपए का चेक प्रदान किया। श्रद्धांजलि सभा में ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए विधानसभा अध्यक्ष ह्रदय नारायन दीक्षित व नेशनल मीडिया क्लब के संस्थापक रमेश अवस्थी समेत तमाम पत्रकारों ने पंकज कुलश्रेष्ठ को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही वक्ताओं ने हिंदी पत्रकारिता दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।

इस दौरान नेशनल मीडिया क्लब के संस्थापक रमेश अवस्थी ने आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार से बात कर जल्द ही पंकज कुलश्रेष्ठ के परिवार के एक सदस्य की सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस महामारी के खत्म होने के बाद नेशनल मीडिया क्लब के द्वारा एक बड़ा आयोजन किया जाएगा, जिसमें कोरोना वॉरियर्स पत्रकारों के साथ ही उन सभी पत्रकारों का सम्मान किया जाएगा, जिन्होंने इस समय में अपने कार्य को लगातार अंजाम दिया। वहीं, सचिन अवस्थी ने कहा कि नेशनल मीडिया क्लब पंकज कुलश्रेठ के परिवार के सदस्यों के साथ हमेशा खड़ा है। सरकार से बात करके जल्द परिवार को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। इस दौरान शहर के वरिष्ठ पत्रकार बृजेंद्र पटेल, समीर कुरेशी, अनिल शर्मा, पंकज राठोर, अनिल राणा, कमिर कुरेशी आदि मौजूद रहे।

गौरतलब है कि दैनिक जागरण, आगरा के वरिष्ठ पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ का पिछले दिनों निधन हो गया था। कोरोनावायरस (कोविड-19) पॉजिटिव होने के बाद उन्हें आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने आखिरी सांस ली थी।

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दुनिया को अलविदा कह गए वरिष्ठ पत्रकार केके शर्मा

पंजाब केसरी के वरिष्ठ पत्रकार केके शर्मा का निधन हो गया है। वह कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे।

Last Modified:
Saturday, 30 May, 2020
KK Sharma

पंजाब केसरी के वरिष्ठ पत्रकार केके शर्मा का निधन हो गया है। वह कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। राजधानी दिल्ली के संजय गांधी अस्पताल में शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

बता दें कि केके शर्मा के पुत्र अश्विनी कुमार भी पत्रकार हैं और इन दिनों समाचार एजेंसी ‘हिन्दुस्थान’ में कार्यरत हैं। केके शर्मा के निधन पर ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट’ (इंडिया) से संबद्ध ‘दिल्ली पत्रकार संघ’ (DELHI JOURNALISTS ASSOCIATION) और तमाम पत्रकारों समेत दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शोक जताते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

 

 

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इस बीमारी ने छीन ली वरिष्ठ पत्रकार पीयूष कांति दास की जिंदगी

असम के वरिष्ठ पत्रकार पीयूष कांति दास का बुधवार की देर रात निधन हो गया। वे 55 वर्ष के थे।

Last Modified:
Friday, 29 May, 2020
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असम के वरिष्ठ पत्रकार पीयूष कांति दास का बुधवार की देर रात निधन हो गया। वे 55 वर्ष के थे और किडनी की बीमारी से ग्रसित थे। तबीयत ज्यादा खराब होने चलते उन्हें गुवाहाटी के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां बीते बुधवार रात करीब 11 बजे अंतिम सांस ली।

पत्रकार की फैमिली में उनकी पत्नी और एक बेटी शिंजिनी सौहार्दियो हैं। पत्रकार के निधन पर विभिन्न दल एवं संगठनों के अलावा सरकार की ओर से भी गहरा शोक व्यक्त किया गया है।

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कोरोना की चपेट में आए दूरदर्शन के कैमरामैन की मौत

देश में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसकी चपेट में आकर अब तक कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, वहीं बड़ी संख्या में लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

Last Modified:
Friday, 29 May, 2020
Corona

देश में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसकी चपेट में आकर अब तक कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, वहीं बड़ी संख्या में लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। बुधवार को कोरोना की चपेट में आकर पब्लिक ब्रॉडकास्टर दूरदर्शन (डीडी) के कैमरामैन योगेश कुमार (53) की मौत हो गई। कोरोना से अपने एक एम्प्लॉयी की मौत के बाद दूरदर्शन ने अपने कुछ एम्प्लॉयीज को आइसोलेशन में जाने के लिए कहा है। वहीं, बिल्डिंग में सैनिटाइजेशन का काम किया जा रहा है।    

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, योगेश कुमार की मौत बुधवार को हुई हालांकि उनकी कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट गुरुवार को आई। अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि वह कैसे संक्रमित हुए थे। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ‘योगेश ने बेचैनी की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें शालीमार बाग एरिया में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां से हमें पता चला कि कार्डियक अरेस्ट के कारण उनकी मौत हुई है, हालांकि, गुरुवार को उनकी कोविड-19 की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। हम दूरदर्शन के ऑपरेशन के परिचालन को दूसरी बिल्डिंग में शिफ्ट कर रहे हैं और सभी जरूरी प्रोटकॉल का पालन किया जाएगा।’

बताया यह भी जाता है कि योगेश कुमार ने पिछले दिनों कम से कम दो वरिष्ठ अधिकारियों के इंटरव्यू में अपनी सहभागिता निभाई थी। इनमें एक रेलवे के और दूसरा केंद्रीय मंत्रालय के अधिकारी थे। यही नहीं, करीब 12 दिन पहले वह ‘एम्स’ (AIIMS) एरिया में भी गए थे। इस घटना के बाद प्रसार भारती ने डीडी न्यूज के ट्रांसमिशन का कार्य कुछ दिन तक खेलगांव स्थित ऑफिस में शिफ्ट कर दिया है।

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नहीं रहे मातृभूमि ग्रुप के प्रबंध निदेशक एमपी वीरेंद्र कुमार

समाचार एजेंसी ‘प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया’(PTI) के तीन बार चेयरमैन रह चुके थे वीरेंद्र कुमार, वह पीटीआई के निदेशक मंडल में भी शामिल थे

Last Modified:
Friday, 29 May, 2020
Veerendra Kumar

मलयालम लेखक-पत्रकार और केरल से राज्यसभा सदस्य एमपी वीरेंद्र कुमार का गुरुवार को कोझिकोड में निधन हो गया। वह 84 साल के थे। वीरेंद्र कुमार मलयालम दैनिक समाचार पत्र मातृभूमि समूह के प्रबंध निदेशक थे। वीरेंद्र कुमार समाचार एजेंसी ‘प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया’(PTI) के  तीन बार चेयरमैन रह चुके थे। वह समाचार एजेंसी के निदेशक मंडल में भी शामिल थे। वीरेंद्र कुमार का अंतिम संस्कार आज वायनाड में किया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वीरेंद्र कुमार को गुरुवार रात करीब 8.30 बजे कार्डियक अरेस्ट के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने देर रात करीब साढ़े 11 बजे कोझिकोड के निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली।

वीरेंद्र कुमार का जन्म 22 जुलाई को केरल के वायनाड में एम के पाथमप्रभा के घर हुआ था। वीरेंद्र कुमार कई किताब लिख चुके हैं। वह वर्ष 1987 में केरल विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। वह दो बार लोकसभा के लिए भी चुने गए। मार्च 2018 में वह केरल से राज्यसभा के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित हुए थे।

उनके परिवार में पत्नी, तीन पुत्रियां और एक पुत्र हैं। वर्ष 2016 में हिमालय पर यात्रा वृत्तांत (हैमवाता भूमिइल) के लिए उन्हें मूर्तिदेवी पुरस्कार दिया गया था। एमपी वीरेंद्र कुमार के निधन पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

 

 

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राजद्रोह के मामले में गिरफ्तार एडिटर को मिली जमानत

गुजरात की एक अदालत ने बुधवार को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार 'फेस ऑफ नेशन' न्यूज पोर्टल के एडिटर धवल पटेल को जमानत दे दी

Last Modified:
Thursday, 28 May, 2020
Court

गुजरात की एक अदालत ने बुधवार को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार 'फेस ऑफ नेशन' न्यूज पोर्टल के एडिटर धवल पटेल को जमानत दे दी।  एडिटर धवल पटेल ने राज्य में कोरोना वायरस के बढ़ते मामले पर रिपोर्ट करते हुए गुजरात में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना जताई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

सत्र अदालत के न्यायाधीश पीसी चौहान ने एडिटर को नियमित जमानत देते हुए कहा कि वह अब प्राथमिकी को रद्द करने का अनुरोध करने वाली याचिका पर सुनवाई करेंगे। यह प्राथमिकी अहमदाबाद पुलिस की अपराध शाखा ने भारतीय दंड संहिता की धारा 124(ए) और आपदा प्रबंधन कानून के तहत दर्ज की गई थी।

प्राथमिकी के मुताबिक, धवल पटेल ने 7 मई को अपने पोर्टल पर एक खबर लिखी थी, जिसका शीर्षक था, 'मनसुख मंडाविया को हाईकमान ने बुलाया, गुजरात में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना'। वहीं खबर में कहा गया था कि कि मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के कोरोना वायरस संकट से निपटने के तरीके से आलाकमान खुश नहीं है, लिहाजा रूपाणी के स्थान पर केंद्रीय मंत्री मंसुख मंडाविया को मुख्यमंत्री बना सकता है।

बता दें कि मंडाविया केंद्रीय मंत्री और गुजरात से राज्यसभा सांसद हैं।

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जानिए, क्यों कार्यक्रम छोड़ जान बचाने के लिए स्टूडियो से बाहर भागी महिला एंकर

टीवी चैनल पर लाइव चले इस दृश्य को जिसने भी देखा वह हैरान रह गया, जिसके बाद कई यूजर्स ने महिला एंकर और चैनल के प्रबंधन की मूर्खता की आलोचना भी की

Last Modified:
Wednesday, 27 May, 2020
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कई बार ऐसा सुनने या पढ़ने को मिला होगा कि किसी टीवी कार्यक्रम में अचानक कुछ हादसा हो जाए और दर्शक उसे लाइव देख रहे हों। हो सकता है कि शायद इस तरह के दृश्य को आपने टीवी पर लाइव देखा भी हो। दरअसल कुछ इसी तरह का मामला मिस्र (Egypt) से सामने आया है।

यहां की एक महिला एंकर लुबना असल (Lubna Asal) को अपने टीवी शो में एक मेहमान के साथ बंदर बुलाना महंगा पड़ गया। 'अरब मीडिया' की रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीवी कार्यक्रम (अल-हयात अल-यूएम) 'जिंदगी आज' की मेजबान लुबना असल ने एक व्यक्ति को इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया था, जिसमें वह अपने साथ एक बंदर भी लाया था। कार्यक्रम में बातचीत के दौरान बंदर अचानक महिला एंकर की ओर देखने लगा। महिला भी घबरा गई। फिर अचानक बंदर उस पर कूद पड़ा, जिसके बाद स्टूडियो में भगदड़ मच गई।

जब टीवी कार्यक्रम चल रहा था, महिला एंकर ने स्टूडियो में अपनी कुर्सी के पास बंदर को बैठाया और मेहमान से सवाल पूछने में व्यस्त रहीं। महिला समय-समय पर बंदर को देखती रही, ताकि वह उनके पास न जाए और आराम से बैठ जाए, लेकिन बंदर अचानक महिला की तरफ कूद पड़ा, जिसके बाद स्टूडियो में भगदड़ मच गई। स्‍टूडियो में मौजूद लोग इधर-उधर दौड़ने लगे। लुबना असल ने बचाव करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सकीं और फिर महिला घबराहट में चिल्लाने लगीं। उन्‍होंने अपनी जान बचाने के लिए कार्यक्रम छोड़ दिया और स्टूडियो से बाहर भाग गईं।

टीवी चैनल पर लाइव चले इस दृश्य को जिसने भी देखा वह हैरान रह गया, जिसके बाद कई यूजर्स ने महिला एंकर और चैनल के प्रबंधन की मूर्खता की आलोचना भी की और कहा कि वे भविष्य में किसी भी जानवर को अपने कार्यक्रम में आमंत्रित न करें, अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता है।  

यहां देखें वीडियो-

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महिला आयोग ने न्यूज चैनल के इस रवैये को बताया असंवेदनशील, लिया ये स्टेप

मामला असम स्थित ‘प्राग’ न्यूज चैनल से जुड़ा हुआ है। आयोग ने मंगलवार को चैनल के असंवेदनशील रवैये की निंदा करते हुए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।

Last Modified:
Wednesday, 27 May, 2020
NCW

न्यूज चैनल द्वारा गर्भावस्था के कारण अपनी महिला पत्रकार को कथित रूप से इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने के मामले की राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने कड़ी निंदा की है। मामला असम स्थित ‘प्राग’ न्यूज चैनल से जुड़ा हुआ है। आयोग ने मंगलवार को चैनल के असंवेदनशील रवैये की निंदा करते हुए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। बताया जाता है कि रंजीता राभा नामक यह महिला पत्रकार इस चैनल से करीब 14 साल से जुड़ी हुई थी। आरोप है कि गर्भवती होने के कारण उसे इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया है।     

इस बारे में जारी एक बयान में राष्ट्रीय महिला आयोग का कहना है, ‘महिलाओं के सभी अधिकारों में से एक मातृत्व का अधिकार भी है। हालांकि, असम की एक हालिया घटना ने विभिन्न संस्थानों द्वारा अपनी गर्भवती एंप्लाईज के प्रति दोहरे मापदंड को उजागर किया है।’

‘NCW’ का कहना है कि 22 मई को एक मीडिया रिपोर्ट सामने आई थी। ‘Indian Journalists Union criticises Prag News for sacking pregnant journalist’ शीर्षक से प्रकाशित इस रिपोर्ट में कहा गया था कि संस्थान ने गर्भवती महिला पत्रकार को नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर किया है।

इसके बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने चैनल द्वारा अपनी गर्भवती एंप्लाईज के प्रति अपनाए गए इस रवैये की निंदा की है। आयोग ने चैनल से इस मामले में जल्द से जल्द अपना पक्ष भेजने के लिए कहा है। बता दें कि इससे पहले ‘इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन’ (IJU) ने रंजीता राभा को चैनल प्रबंधन द्वारा हटाए जाने पर गहरी चिंता जताई थी।

‘इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन’ का कहना था, ‘राभा के अनुसार वह इस मामले को सीएमडी संजीव नारायण के पास ले गई थी, जिन्होंने कहा कि चैनल में मैटरनिटी लीव की कोई व्यवस्था नहीं है और इस अवधि की सैलरी नहीं दी जाएगी। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने के आदेश भी दिए।’

‘इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन’ का यह भी कहना था कि राभा को नौकरी से हटाया जाना अस्वीकार्य है और यह सीधे-सीधे लैंगिक भेदभाव का मामला है।

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