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दुनिया को अलविदा कह गए पत्रकार घनश्याम सती
पिछले दिनों लगभग याददाश्त खो चुके थे और लोगों को पहचान पाने में असमर्थ थे
पंकज शर्मा 6 years ago
रामनगर के वरिष्ठ पत्रकार घनश्याम सती का असमय चले जाना पत्रकारिता और अभिनय क्षेत्र की बड़ी क्षति के साथ हमारे लिए व्यक्तिगत भी क्षति भी है। हमारे बाल सखा, उम्र में डेढ़-दो साल छोटे और रिश्ते में चाचा घनश्याम सती दबंग और मानवीय गुणों से भरपूर थे।
मनोहर कहानियां और सत्यकथा से लेखन की शुरुआत करने वाले घनश्याम सती गंभीर विषय पर लिखते रहे थे। रीजनल रिपोर्टर के वे रामनगर प्रतिनिधि रहे और उत्तराखंड की जल समस्या पर रीजनल रिपोर्टर में प्रकाशित उनका आलेख प्रतिनिधि आलेख था। रामनगर में पत्रकार संगठनों के वे आवश्यक अंग थे।
हम दोनों एक ही गांव-घर की उपज, चाहे उस भूमि के लिए कुछ न कर पाए हों, लेकिन हैं अल्मोड़ा जिला के रानीखेत प्रखण्ड फयाटनोला गांव की ही पैदावार। रामनगर और गैरसैंण की दूरी अधिक न होने और पत्रकारिता के कारण भी उनसे निकटता शायद अधिक रही होगी।
25 जून को जब उनसे अंतिम मुलाकात हुई वे लगभग याददाश्त खो चुके थे और पहचान पाने में असमर्थ थे। ठीक 10 दिन बाद आज प्रात: चाचा जी ख्याली दत्त असनोड़ा से घनश्याम सती जी के निधन की सूचना मिली। नश्वर शरीर को एक बार विदा होना है, लेकिन जो अच्छाई आप छोड़ गये, वहीं पुण्य संतत्ति के काम आयेंगे और आपकी याद को अक्षुण्ण रखेंगे।
विनम्र श्रद्धांजलि
(पत्रकार पुरुषोत्तम असनोड़ा की फेसबुक वॉल से)
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