हैप्पी बर्थडे अनुष्का शर्मा: कई बार मीडिया को भी आड़े हाथ लेने से नहीं चूकतीं आप

बॉलिवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा को उनके जन्मदिन पर खूब बधाइयां मिल रही हैं

Last Modified:
Wednesday, 01 May, 2019
Anushka Sharma

पत्रकारों के पास यदि कोई सबसे बड़ा हथियार है तो वो हैं उनके सवाल। इस सवाल रूपी हथियार से नेता से लेकर अभिनेता तक हर कोई डरता है। हालांकि, ये बात अलग है कि कुछ इस ‘हथियार’ को देखकर आपा खो बैठते हैं  तो कुछ बड़ी ही चालाकी से सवालों के हथियार को शब्दों की बाजीगरी में उलझाकर उसकी धार कुंद कर देते हैं। ऐसे ही कुछ लोगों में से एक हैं बॉलिवुड अदाकारा अनुष्का शर्मा। आज अपने जीवन के 31 वर्ष पूरे करने वालीं अनुष्का मीडिया के सवालों को निजी जिंदगी में आक्रमण के रूप में नहीं देखतीं। कभी-कभी ज़रूर वो विचलित हो जाती हैं, लेकिन ऐसा कभी-कभी ही होता है। विराट कोहली से शादी के बंधन में बंधने से पहले उनसे बस यही एक सवाल पूछा जाता था और लगभग हर सवाल का वो बड़े ही ‘कूल’ अंदाज़ में जवाब देती थीं।

देखें विडियो

 

हाँ, इतना ज़रूर है कि एबीपी न्यूज़ के स्टूडियो में अनुष्का विराट को लेकर हुए सवालों से इतनी विचलित हो गईं कि एंकर रोमाना को अप्रत्यक्ष रूप से वाजिब सवाल पूछने की नसीहत दे डाली। दरअसल, अनुष्का दो अभिनेताओं के साथ चैनल के स्टूडियो पहुंची थीं। रोमाना ने सीधे उनसे पूछा डाला, ‘क्या आपको क्रिकेट पसंद है, क्योंकि आपको मैच देखते हुए देखा गया है।’ रोमाना का इशारा विराट कोहली की तरफ था और अनुष्का यह समझ चुकी थीं। जैसे ही रोमाना ने बात आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘आप सेलेब्रिटी हैं, लोग आपके बारे में जानना चाहते हैं तो अनुष्का उखड़ गईं। अपने स्वभाव के विपरीत उन्होंने जवाब दिया, ‘जहाँ मैं जाती हूँ वो मेरी पर्सनल लाइफ है। मैं किसी को नहीं बोलती कि आप आकर मेरी फोटो लो, मैं जाती हूँ क्योंकि मुझे जाना है। कोई वहां मेरी फोटो लेगा या नहीं, मुझे फर्क नहीं पड़ता। इसलिए मैं आपको या किसी और को जवाब देने के लिए बाध्य नहीं हूँ। क्योंकि ये मेरे काम से संबंधित नहीं है, आप मुझे मेरे काम के लिए जानते हैं।’

रोमाना अनुष्का के मिजाज को भापने में असफल रहीं और उन्होंने दोबारा घुमाफिरा कर विराट से जुड़ा एक और सवाल पूछ डाला। उन्होंने पूछा, ‘क्या आपने हाल फ़िलहाल किसी खिलाड़ी से बात करके उन्हें वर्ल्ड कप के बारे में शुभकामनाएं दीं? ’ जिसके जवाब में अनुष्का ने कहा, ‘जैसा मैंने पहले कहा ये सवाल मेरे काम या फिल्म से जुड़ा नहीं है। ये बहुत ही निजी है कि आपने कल किसे फ़ोन किया था? आप भी सोचेंगे कि ये बेकार सा सवाल क्यों पूछा जा रहा है, कोई इस बारे में जानना नहीं चाहेगा। आपके चैनल में लोग अच्छी न्यूज़ देखते हैं, वो उनके लिए ज्यादा रोमांचक है। और यहाँ पर मैं जिस विषय के बारे में बात करने आई हूँ, मैं करुँगी।’ यह जवाब सुनने के बाद रोमाना ने अपने सवालों को विराट से लिंकअप करने का प्रयास नहीं किया।2017 में जब शाहरुख़ खान के साथ उनकी फिल्म ‘हैरी मैट सेजल’ आई तो फिल्म के प्रमोशन के दौरान भी उन्हें सबसे ज्यादा विराट से जुड़े सवालों का सामना करना पड़ा। एक प्रेस कांफ्रेंस में महिला पत्रकार ने शब्दों की बाजीगरी दिखाते हुए फिल्म को अनुष्का के रियल लाइफ प्यार से जोड़कर प्रश्न दागा। जिसका जवाब अनुष्का ने उसी अंदाज़ में दिया। पत्रकार ने पूछा, ‘हवाई गाना काफी रोमांटिक है, आपके शाहरुख़ के साथ एन्जॉय किया, लेकिन पर्सनली आपने किसी को मिस किया सॉंग के दौरान?’ इस पर अनुष्का ने बड़ी ही गंभीरता से कहा, ‘मैंने बिल्कुल इरशाद कामिल को मिस किया, क्योंकि उन्होंने बहुत अच्छा गाना लिखा है। उन्हें यहां होना चाहिए था।’ इसके बाद प्रेस कांफ्रेंस में ठहाके गूंज उठे।

इसी तरह एक और प्रमोशन कार्यक्रम के दौरान पत्रकार सोनिका ने ‘हैरी मैट सेजल’ के बहाने अनुष्का से विराट के बारे में जानने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने बिना उखड़े अपनी हाजिरजवाबी से सभी का दिल जीत लिया। पत्रकार ने पूछा, ‘हाय अनुष्का, मैं पूछना चाहती हूँ कि आपकी फिल्म हेरी...हैरी और सेजल की मुलाकात के ऊपर है तो अनुष्का की लाइफ में ऐसा कुछ है जैसे अनुष्का मेट समवन?’  इस सवाल का जवाब देने से पहले अनुष्का ने हँसते हुए पत्रकार से पूछा, ‘आर यू गुज्जू?’ फिर उन्होंने कहा, ‘बड़ा ओरिजिनल सवाल है आपका मानना पड़ेगा। बेशक जब मैं इम्तियाज से मिली, वो बहुत ही अच्छा पल था।’

अनुष्का ने अपनी हाजिरजवाबी और सवालों को सवालों के रूप में लेने की कला का प्रदर्शन उस वक़्त भी किया, जब उनसे शादी पर सवाल पूछा गया। अनुष्का एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंची थीं। आसपास कुछ बैंड वाले मौजूद थे और पत्रकार ने तपाक से पूछ डाला, ‘आपकी लाइफ में ‘बैंड बाजे’ कब बज रहे हैं?’ इस पर अनुष्का ने बड़े ही भोले अंदाज़ में कहा, ‘आप के बज गए?’ पत्रकार का जवाब था, ‘मेरे बारे में कौन जानना चाहता है, आप सेलेब्रेटी हो, सब आपके बारे में जानना चाहते हैं’  तो अनुष्का बोलीं, ‘क्यों मैं जानना चाहती हूं, आपके बारे में। खुद को इतना भी वो मत समझो। वैसे अभी इसका समय नहीं है, अभी फिल्मों में ही मेरा बैंड बाजा बजेगा।’ इसके बाद पूरा माहौल हंसी से गूंज उठा।

1 मई, 1988 को जन्मीं अनुष्का ने फिल्म 'रब ने बना दी जोड़ी' से बॉलिवुड में 2008 में एंट्री की थी। इसके बाद वो 2013 में फिल्म 'मटरू की बिजली का मन डोला' में नजर आईं और इसके बाद तो एक के बाद उनकी फ़िल्में आती रहीं। हम उम्मीद करते हैं कि अनुष्का इसी तरह मीडिया के साथ प्यार और तकरार के रिश्ते को कायम रखेंगी, हाँ प्यार ज्यादा और तकरार कम हो तो और भी अच्छा है। समाचार4मीडिया की ओर से अनुष्का शर्मा को जन्मदिन की शुभकामनाएं!

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

'टीवी पत्रकारिता में आ रही विश्वसनीयता की कमी को लेकर हमें समझनी होगी ये बात'

सेंटर फॉर मीडिया रिसर्च एंड एनालिसिस की ओर से आयोजित ‘मीडिया मंथन 2019’ में वरिष्ठ पत्रकारों ने रखे अपने विचार

Last Modified:
Tuesday, 10 December, 2019
Media Manthan

नई दिल्ली के न्यू महाराष्ट्र सदन में मंगलवार को ‘मीडिया मंथन 2019’ का आयोजन किया गया। ‘सेंटर फॉर मीडिया रिसर्च एंड एनालिसिस’ (CMRA) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में तमाम पत्रकारों और दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े कई कॉलेजों के विद्यार्थियों के साथ ही आईआईएमसी, माखनलाल चतुर्वेदी,  श्रीनगर गढ़वाल यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने भी शिकरत की। 

 सम्मेलन के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल का कहना था कि वर्तमान में मीडिया व्यावसायीकरण के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में वह सामाजिक उत्तरदायित्वों को पीछे छोड़ता जा रहा है। उनका कहना था कि किसी भी परिस्थिति में पत्रकार और पत्रकारिता के विद्यार्थियों को अपने सकारात्मक विचारों और राष्ट्रीयता की सोच को कभी मरने नहीं देना चाहिए। नागरिक संशोधन विधेयक के बारे में उनका कहना था कि विरोधी ताकतों द्वारा इस मुद्दे पर आम जनता को गुमराह करके धर्म के नाम पर बांटा जा रहा हैं। इसके साथ ही उन्होंने व्यावसायिक मीडिया के दुष्परिणामों के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि मौजूदा दौर में खोजी पत्रकारिता दम तोड़ रही है।

पहले सत्र के वक्ता उमेश उपाध्याय ने बताया कि वर्तमान में टेलिविजन पत्रकारिता सिर्फ डिबेट तक सीमित होकर रह गई है। मीडिया ने अपने सिद्धांतों को भुलाकर समाज में नकारात्मक भाव को बढ़ाने वाली सामग्री को ज्यादा महत्व देना शुरू कर दिया है। यही कारण है कि पिछले कुछ सालों में टीवी पत्रकारिता की विश्वसनीयता में कमी आयी है।

दूरदर्शन के वरिष्ठ संपादक अशोक श्रीवास्तव का कहना था कि पत्रकारिता के विद्यार्थियों में वैचारिक मंथन होना बहुत जरूरी है। आज की मुख्य धारा की मीडिया का स्वरूप अराजकवादी हो चुका है। टीवी चैनल्स के डिबेट कार्यक्रमों में हिन्दू मुस्लिम का मुद्दा प्रमुखता से दिखाया जा रहा है। इस तरह की डिबेट का मकसद सिर्फ टीआरपी को बढ़ाना है। इसके चलते तमाम मीडिया चैनल्स झूठे तथ्यों को जनता को दिखाकर गुमराह करने का कार्य कर रहे हैं।  

‘ऑर्गेनाइजर’ के संपादक व वरिष्ठ पत्रकार प्रफुल्ल केतकर ने ब्रेकिंग न्यूज की अवधारणा को समाज के लिए घातक बताया। उनका कहना था कि टीआरपी के कारण मीडिया तथ्यों की जांच किए बिना ही समाचारों को दिखा रहा है। इस कारण फेक न्यूज तेजी से फैल रही है। उन्होंने मीडिया को सकारात्मक दिशा में कार्य करने की सलाह दी ।

द्वितीय सत्र के वक्ता विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने  संस्कृति को जीवन मूल्य बताते हुए कहा कि वर्तमान में भारतीय संस्कृति की सुरक्षा के तमाम सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में मीडिया को संस्कृति से संबंधित विषयों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है, ताकि भारतीय संस्कृति को संग्रहित किया जा सके। उन्होंने बताया कि पारिवारिक संस्कृति के अभाव का ही नतीजा है कि युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति से दूर होती जा रही है। आलोक कुमार का कहना था कि सभ्यता आती-जाती रहती है, जबकि संस्कृति निरन्तर चलती रहती है।  

‘आईआईएमसी’ के पूर्व महानिदेशक के.जी सुरेश ने कहा कि समाज के अच्छे मुद्दों को मीडिया में लाकर सकारात्मक पत्रकारिता को बढ़ावा देना होगा। साथ ही उन्होंने नारी सशक्तिकरण को विकसित करने पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम संयोजक रविन्द्र चौधरी ने कहा कि मीडिया के अंदर राष्ट्रीय विचारों का प्रवाह होना चाहिए। सीएमआरए संगठन की उपयोगिता और उद्देश्य के बारे में बताते हुए उन्होंने सामाजिक,सांस्कृतिक विषयों पर चिंतन करने की जरूरत बताया। मंच का संचालन कर रहे शेखर त्रिवेदी ने कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

इन आरोपों में घिरा 'हिन्दुस्तान' के आगरा एडिशन का रिपोर्टर, दर्ज हुई FIR

पत्रकार के भाई की ओर से भी दर्ज कराई गई है क्रॉस एफआईआर, फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है

Last Modified:
Tuesday, 10 December, 2019
FIR

मारपीट के आरोप में पुलिस ने हिंदी दैनिक ‘हिन्दुस्तान’ के आगरा एडिशन में कार्यरत रिपोर्टर पवन तिवारी समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मारपीट में घायल व्यक्ति का अभी उपचार चल रहा है। उसके बयान के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पवन तिवारी का कहना है कि दूसरे पक्ष के लोग गाड़ियों में भरकर आए थे और मारपीट शुरू कर दी थी। पवन तिवारी के भाई अमित तिवारी पक्ष की ओर से भी इस मामले में क्रॉस एफआईआर दर्ज कराई गई है।   

इस घटना के बारे में एत्माद्दौला थाने के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पवन तिवारी के भाई अमित तिवारी इवेंट आयोजित करने का काम करते हैं। पिछले दिनों रामबाग में किसी कार्यक्रम के आयोजन को लेकर उनका शिकायकर्ता उजैर खां से विवाद हो गया था। इस विवाद में दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हुई थी। उजैर खां ने पवन तिवारी व अमित तिवारी समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

एफआईआर में उजैर खां ने बताया है कि इस विवाद के चलते पवन तिवारी ने अपने भाई और कई लोगों के साथ मिलकर मारपीट की घटना को अंजाम दिया। यही नहीं, उनकी गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए और 50 हजार रुपयों समेत कई महत्वपूर्ण कागज भी चुरा लिए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

इस बारे में दर्ज कराई शिकायत की कॉपी आप यहां देख सकते हैं।

वहीं, पवन तिवारी पक्ष की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर की कॉपी आप यहां देख सकते हैं।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

जाते-जाते ‘साहस’ दिखा गये साहसी भारत के संपादक कादरी

‘साहसी भारत’ पत्रिका के संपादक अलीम कादरी को ब्रेन हैमरेज के बाद शनिवार को लखनऊ स्थित केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था

Last Modified:
Friday, 06 December, 2019
Alim Qadri

लखनऊ के पत्रकार अलीम कादरी पांच दिन के कड़े संघर्ष के बाद दुनिया छोड़ गये। बृहस्पतिवार शाम चार बजे लखनऊ स्थित ‘केजीएमयू’ के चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शनिवार की शाम इस हट्टे कट्टे पत्रकार को जबरदस्त ब्रेन स्ट्रोक पड़ा था, जिसके बाद इन्हें ट्रामा सेंटर में वेंटीलेटर पर रखा गया था। अलीम अपने पीछे बूढ़ी मां, पत्नी और तीन छोटे-छोटे बच्चे छोड़ गये हैं। शुक्रवार को दोपहर दो बजे जुमे की नमाज के बाद लखनऊ के ऐशबाग स्थित कब्रिस्तान में इन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जायेगा।

'साहसी पत्रिका' के संपादक अलीम कादरी जाते-जाते तमाम ‘साहसी कारनामे’ दिखा गये। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार मौत के चार दिन पहले कादरी को इतना जबरदस्त ब्रेन हैमरेज हुआ था कि दिमाग की नसें लगभग फट गयी थीं , फिर भी वो चार दिन तक मौत से जंग लड़ते रहे।

कादरी के ब्रेन स्ट्रोक की घटना से लेकर उनकी मौत तक लखनऊ के पत्रकारों की तादाद ने बहुत कुछ संदेश दे दिए। साबित हो गया कि अपने हमपेशेवरों के बीच लोकप्रिय पत्रकार बनने के लिए बड़े बैनर की नहीं, बल्कि अपने काम, व्यवहार और विचार की अहमियत होती है, जिससे कोई भी हरदिल अजीज बन जाता है।

कादरी छोटी सी पत्रिका और न्यूज पोर्टल चलाते थे। उनकी प्रेस मान्यता भी नहीं थी। फिर भी जिस तरीके से पत्रकारों ने बीमारी से लेकर उनकी अंतिम यात्रा में शिरकत की तो लगा कि ये गलत धारणा है कि लखनऊ में मान्यता प्राप्त पत्रकारों और गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों के बीच कोई खाई है। यही नहीं, मरहूम के इलाज के लिए हिंदू पत्रकार भाई मुस्लिम अजीजों से भी बहुत आगे रहे।

कादरी की इस कद्र को देखकर लगा कि उनके जैसे लोगों के व्यवहार, सौहार्द और संस्कारों की ताकत से ही हमारा देश साहसी भारत बना है। अलीम कादरी रहें न रहें, लेकिन इन जैसे पत्रकारों का इल्म और साहस भारतीय पत्रकारिता की नसों में दौड़ता रहेगा और भारत को साहसी भारत बनने की ताकत देता रहेगा।

अलविदा अलीम कादरी

(वरिष्ठ पत्रकार नवेद शिकोह की फेसबुक वॉल से साभार)

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

'दैनिक जागरण' के युवा पत्रकार ने उठाया घातक कदम, साथी हैरान

मंगलवार की दोपहर से लापता चल रहा था पत्रकार, तभी से तलाश में जुटे हुए थे परिजन और मित्र

Last Modified:
Thursday, 05 December, 2019
Mritunjay Shukla

दैनिक जागरण के आगरा संस्करण में कार्यरत पत्रकार मृत्युंजय शुक्ल ने आत्महत्या कर ली है। शुक्रवार को उनका शव रेलवे लाइन के पास मिला है। परिजनों ने कपड़ों से शव की शिनाख्त कर ली है। बताया जाता है कि डिप्रेशन के चलते उन्होंने यह कदम उठाया है। मृत्युंजय मंगलवार से लापता चल रहे थे। उनका मोबाइल घर पर ही पड़ा मिला था। परिजन और मित्र तभी से उनकी तलाश में जुटे थे, लेकिन उनका पता नहीं चल पा रहा था।  

बहेड़ी (बरेली) के मूल निवासी मृत्युंजय लंबे समय से आगरा में मीडिया संस्थानों के साथ जुड़े हुए थे। अक्टूबर में ही मृत्युंजय के पिता का देहांत हुआ था। फिलहाल परिजन मृत्युंजय के शव को पोस्टमार्टम के बाद पैतृक निवास बरेली ले जा रहे हैं।। DNA के भी प्रयास हो रहे हैं।

मृत्युंजय के आत्महत्या करने की खबर सुनकर उनके पत्रकार साथी काफी हैरान और सदमे में हैं। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा है कि मृत्युंजय इस तरह का कदम उठा सकते हैं। इन पत्रकारों का कहना है कि मृत्युंजय पत्रकारिता में आकर बेहद उत्साहित था। न जाने ऐसा क्या हुआ कि उसे आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। मृत्युंजय के आत्महत्या करने की बात सुनकर पत्रकारों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।

  

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

दैनिक जागरण संवादी में इस बार क्या होगा खास, जानें यहां

13 से 15 दिसंबर तक लखनऊ में आयोजित किया जाएगा यह कार्यक्रम

Last Modified:
Wednesday, 04 December, 2019
Dainik Jagran

दैनिक जागरण ‘संवादी’ का छठा संस्करण 13 दिसंबर से 15 दिसंबर तक होने जा रहा है। यह आयोजन लखनऊ के गोमती नगर स्थित भारतेंदु नाट्य अकादमी में किया जाएगा। तीन दिवसीय इस उत्सव में साहित्य, राजनीति, संगीत, खान-पान, सिनेमा, धर्म और देशभक्ति समेत कई मुद्दों पर खुलकर चर्चा होगी।

इस कार्यक्रम में भारतीय साहित्य के स्तंभ एवं मूर्धन्य साहित्यकार नामवर सिंह, केदारनाथ सिंह, कृष्णा सोबती एवं नवनीता देव सेन को श्रद्धांजलि भी दी जाएगी। कार्यक्रम में प्रवेश निशुल्क रखा गया है।

हिंदी में मौलिक शोध को बढ़ावा देने के लिए ‘दैनिक जागरण’ के अभियान ‘हिंदी हैं हम’ के तहत इस कार्यक्रम में ‘ज्ञानवृत्ति’ के विजेताओं की घोषणा भी की जायेगी। इस अभियान के विजताओं को कम से कम छह महीने और अधिकतम नौ महीने के लिए दैनिक जागरण ज्ञानवृत्ति दी जाती है।

‘संवादी’ में दैनिक जागरण की नई पहल ‘सृजन’ का कॉपीराइट बाजार भी लगेगा। इस कॉपीराइट बाजार में शामिल होने के लिए हिंदी के तमाम प्रकाशकों को आमंत्रित किया गया है। इसमें युवा लेखकों को प्रकाशकों के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर भी मिलेगा।

बता दें कि दैनिक जागरण सृजन देश के युवा लेखकों को प्रेरित और प्रोत्साहित करने का एक मंच है। यह मंच हिंदी में सृजनात्मक लेखन का जज्बा रखने वाले युवाओं को अपने सपने को हकीकत में बदलने का अवसर देता है। इस साल लखनऊ विश्वविद्यालय के 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस उपलक्ष्य में विशेष रूप से तैयार किये सत्र का भी आयोजन भी यहां किया जाएगा

कार्यक्रम से संबंधित विस्तृत जानकारी http://jagranhindi.in/ अथवा www.jagranhindi.in पर क्लिक कर ली जा सकती है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

अमर उजाला समूह का नया इनिशिएटिव, अब IT फील्ड की ओर भी अग्रसर

जल्द ही आगरा, बनारस, मेरठ, देहरादून और हल्द्वानी में भी इस तरह के आयोजन किए जाएंगे

Last Modified:
Tuesday, 03 December, 2019
Amar Ujala Group

‘अमर उजाला वेब सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’ (एयूडब्ल्यू) आईटी के प्रोजेक्ट्स भी शुरू करने की तैयारी में है। इसके तहत ‘सीआईआई’ लखनऊ व ‘एयूडब्ल्यू’ द्वारा सीआईआई के विभूति खंड स्थित कार्यालय सभागार में आयोजित आईटी कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने इससे जुड़ी जानकारी व अनुभव साझा किए।

कॉन्फ्रेंस में अमर उजाला के आईटी हेड आयुष्मान सिन्हा ने इस पहल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'हमारे अधिकांश उपभोक्ता सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) से हैं और उनकी आईटी से संबंधित समस्याओं को समझते हुए इस तरह की पहल शुरू की गई है।‘ उन्होंने बताया कि अब से एमएसएमई ‘अमर उजाला’ के सभी स्थानीय कार्यालयों में आईटी सर्विस के लिए संपर्क कर सकेंगे।

बताया जाता है कि आईटी पर होने वाले खर्च को कैसे कम किया जाए, इसके लिए यह कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। जल्द ही आगरा, बनारस, मेरठ, देहरादून और हल्द्वानी में भी इस तरह की कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी।

(साभार: अमर उजाला)

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

अंतर्राष्ट्रीय प्रेस फोटो प्रतियोगिता में इन चार भारतीयों ने गाड़े झंडे

दिल्ली में चल रही प्रदर्शनी में इन चारों भारतीयों की तस्वीरों को भी शामिल किया गया है

Last Modified:
Tuesday, 03 December, 2019
Photographers

फोटो जर्नलिज्म के क्षेत्र में दुनिया भर की सम्मानित आंद्रेई स्टेनिन प्रेस फोटो प्रतियोगिता 2019 में चार भारतीय युवाओं ने अपने झंडे गाड़े हैं। इस प्रतियोगिता में 80 देशों के 18 से 32 साल की उम्र के 6000 से ज्यादा युवाओं ने भाग लिया था।

कोलकाता के पत्रकार और फ्रीलांस डॉक्यूमेंट्री फोटोग्राफर देवरचन चटर्जी ने विरोध आंदोलन पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी तस्वीर के लिए शीर्ष समाचार श्रेणी में प्रतियोगिता जूरी का पुरस्कार जीता है। अमित मौलिक और अयानवा सिल ने खेल श्रेणी में बेहतरीन और गतिशील चित्रों का योगदान दिया है। शांतनु डे ने कोलकाता में बहुरूपी अभिनेताओं से स्ट्रीट ग्लास कटर तक विलुप्त होने की श्रृंखला के कगार पर शामिल व्यवसायों को दिखाया है।

प्रतियोगिता के विजेताओं की तस्वीरों की प्रदर्शनी इन दिनों दिल्ली के रफी मार्ग स्थित एआईएफएसीएस गैलरी में लगी है। यह प्रदर्शनी पांच दिसंबर तक चलेगी। इस प्रदर्शनी में रूस, भारत, दक्षिण अफ्रीका, इटली, अमेरिका, फ्रांस सहित कई देशों के सर्वश्रेष्ठ युवा फोटोग्राफरों द्वारा तैयार तस्वीरें दिखाई जा रही हैं। यह आयोजन दूसरी बार रोसिया सेगोडन्या समाचार एजेंसी द्वारा यूनेस्को के सहयोग से किया जा रहा है। प्रदर्शनी में भारत के इन चारों विजेताओं द्वारा ली गई तस्वीरें भी शामिल हैं।

आंद्रेई स्टेनिन इंटरनेशनल प्रेस फोटो प्रतियोगिता का उद्देश्य युवा फोटोग्राफर्स को सपोर्ट करना और आधुनिक फोटो जर्नलिज्म के कार्यों पर जनता का ध्यान आकर्षित करना है। यह उन युवा फोटोग्राफर्स के लिए एक प्लेटफॉर्म है, जो प्रतिभाशाली, संवेदनशील और कुछ नया करने के लिए प्रयासरत रहते हैं।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

पत्रकार की हालत गंभीर, इलाज के लिए आर्थिक मदद की जरूरत

ब्रेन हैमरेज के बाद लखनऊ के ट्रामा सेंटर में कराया गया है भर्ती, फिलहाल वेंटीलेटर पर रखा गया है

Last Modified:
Monday, 02 December, 2019
alim Qadri

ब्रेन हैमरेज के बाद शनिवार को लखनऊ स्थित केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराए गए ‘साहसी भारत’ पत्रिका के वरिष्ठ पत्रकार अलीम कादरी की हालत गंभीर है। उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम (वेंटीलेटर) पर रखा गया है। अलीम कादरी की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कई पत्रकार उनकी मदद के लिए आगे आए हैं। इसके साथ ही अलीम कादरी के पत्रकार साथियों ने अन्य पत्रकारों से भी अलीम कादरी के परिवार की मदद के लिए आगे आने की अपील की है, ताकि उनके इलाज में किसी तरह की आर्थिक दिक्कत न आए।

मदद करने के इच्छुक पत्रकार अलीम कादरी के मोबाइल नंबर (9696244177) पर संपर्क कर सकते हैं। अलीम कादरी का मोबाइल फिलहाल उनकी पत्नी के पास है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

चुने जाएंगे दिल्ली पत्रकार संघ के नए पदाधिकारी, ये है पूरा कार्यक्रम

चुनाव के लिए वरिष्ठ पत्रकार रास बिहारी को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है

Last Modified:
Friday, 29 November, 2019
DJA

‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट’ (इंडिया) से संबद्ध ‘दिल्ली पत्रकार संघ’ (DELHI JOURNALISTS ASSOCIATION) की नई कार्यकारिणी के गठन के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है। 23 अक्टूबर को हुई एसोसिएशन की वर्तमान एग्जिक्यूटिव कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। चुनाव के लिए वरिष्ठ पत्रकार रास बिहारी को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है। इस कमेटी में एक प्रेजिडेंट, चार वाइस प्रेजिडेंट, एक जनरल सेक्रेटरी, तीन सेक्रेटरी, एक कोषाध्यक्ष और 15 एग्जिक्यूटिव मेंबर्स के पदों पर चुनाव के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है।

इस चुनाव कार्यक्रम के तहत 20 दिसंबर 2019 को डीजेए के मेंबर्स की सूची प्रकाशित की जाएगी। चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया 2 जनवरी 2020 से शुरू की जाएगी। दो जनवरी से 10 जनवरी तक सुबह 10 से शाम चार बजे तक नामांकन किए जा सकेंगे। 11 जनवरी को सभी नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी की जाएगी। 16 जनवरी की शाम चार बजे तक नाम वापस लिए जा सकते हैं। 23 जनवरी को चुनाव होगा और इसके बाद परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

बताया जाता है कि चुनाव लड़ने के लिए कम से कम एक साल पुराना सदस्य होना जरूरी है। चित्तौड़गढ़ यूनियन काउंसिल में लिए गए फैसले के मुताबिक किसी प्रतिस्पर्धी यूनियन का सदस्य पाए जाने पर नामांकन पत्र रद्द कर दिया जाएगा। चुनाव में शामिल होने के लिए सदस्य का दिसंबर 2019 तक का सदस्यता शुल्क जमा होना आवश्यक है।

चुनाव वाले दिन वोट डालने से पहले भी सदस्यता शुल्क जमा कराया जा सकता है। इसके साथ ही उम्मीदवार के प्रस्तावक और अनुमोदक का दिसंबर 2019 तक का सदस्यता शुल्क जमा होना जरूरी है। 500 रुपए शुल्क जमा करके कोई भी सदस्य कार्यालय से एसोसिएशन के सदस्यों की सूची प्राप्त कर सकता है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

पत्रकारों की मुहिम को मिली नई पहचान, इस मंच पर हुआ सम्मान

पर्यावरण के क्षेत्र में लगातार गंभीर कार्य करने वाले पत्रकारों को यह अवॉर्ड देने की शुरुआत वर्ष 2007 में की गई थी

Last Modified:
Thursday, 28 November, 2019
AWARD DELHI

दिल्ली में चल रहे ग्रीन फिल्म फेस्टिवल 'वातावरण'  (VATAVARAN) में पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पत्रकारों को अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया। डॉ. अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में चल रहे इस फेस्टिवल के तहत 27 नवंबर को आयोजित एक समारोह में ‘गांव कनेक्शन’ की पर्यावरण संपादक निधि जम्वाल,‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ के जयश्री नंदी, ‘दैनिक जागरण’ के राहुल मानव, ‘आजतक’ के मिलन शर्मा और ‘इंडिया स्पेंड’ के भास्कर त्रिपाठी को IHCAP CMS युवा पर्यावरण पत्रकार अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

‘इंडियन हिमालयाज क्लाइमेट एडॉपटेशन प्रोग्राम’ (IHCAP) की फेलो रह चुकीं जम्वाल को हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन पर काम करने के लिए 'विशेष श्रेणी' में यह पुरस्कार मिला है। पर्यावरण के क्षेत्र में लगातार गंभीर कार्य करने वाले पत्रकारों को यह अवॉर्ड ‘इंडियन हिमालयाज क्लाइमेट एडॉपटेशन प्रोग्राम’ (IHCAP) और ‘सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज’ (CMS) की तरफ से दिया जाता है। इस अवॉर्ड की शुरुआत वर्ष 2007 में की गई थी।

अवॉर्ड वितरण समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु, पर्यावरण मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव रवि अग्रवाल, भारत में स्विट्जरलैंड की राजदूत तमारा मोना, सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज के भास्कर राव सहित तमाम लोग शामिल रहे। बता दें कि 30 नवंबर तक चलने वाले इस फेस्टिवल में पर्यावरण और वाइल्डलाइफ से जुड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों का मंचन भी किया जाएगा।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए