हैप्पी बर्थडे दीपाली नायर : मार्केटिंग व कम्युनिकेशन में आपने बनाई अपनी खास पहचान

उनका पॉडकास्ट ‘Being CEO with Deepali Naair’ नेतृत्व, निर्णय प्रक्रिया और संगठन संस्कृति पर आधारित है, जिसे श्रोताओं का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।

Last Modified:
Sunday, 30 November, 2025
Deepali Naair


मार्केटिंग और कॉरपोरेट कम्युनिकेशन की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाली और वर्तमान में ‘Biocon Biologics’ में ग्लोबल हेड (ब्रैंड एंड कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस) दीपाली नायर का आज जन्मदिन है।

उनका सफर कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स, फाइनेंसियल सर्विसेज, टेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है, जो भारतीय मार्केटिंग इंडस्ट्री में उन्हें सबसे अनुभवी और बहुमुखी नेताओं की लिस्ट में शामिल करता है।

अपने वर्तमान भूमिका में वह वैश्विक स्तर पर ब्रैंड और कॉरपोरेट कम्युनिकेशन की स्ट्रैटेजी को दिशा देती हैं। इसमें ग्लोबल ब्रैंड पोजिशनिंग, डिजिटल मौजूदगी, रेग्युलेटरी और स्टैट्यूटरी कम्युनिकेशन, फाइनैंशल रिपोर्टिंग, मीडिया रिलेशंस और एम्प्लॉयर ब्रैंडिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की जिम्मेदारी शामिल है। उनका काम कई देशों और बिजनेस यूनिट्स के साथ जुड़ा हुआ है, जिससे वह कंपनी की वैश्विक छवि और दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

‘Biocon Biologics’ से पहले दीपाली नायर ‘CK Birla Group’ में ग्रुप चीफ मार्केटिंग ऑफिसर थीं, जहां उन्होंने विविध उद्योगों वाले इस समूह की ब्रैंड आइडेंटिटी और डिजिटल कनेक्ट को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही है। IBM में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं, जिनमें बेंगलुरु डिजिटल सेल्स सेंटर के लिए डिजिटल सेल्स डायरेक्टर और JAPAC क्षेत्र (जापान, एशिया-पैसिफिक और चीन) के लिए डिजिटल सेल्स ग्रोथ लीडर शामिल हैं। वह IBM इंडिया और साउथ एशिया की CMO भी रहीं और इस दौरान उन्होंने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और मार्केटिंग स्ट्रैटेजी को नई दिशा दी।

वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में उन्होंने IIFL Wealth Group, HSBC ग्लोबल एसेट मैनेजमेंट और L&T Insurance जैसे प्रतिष्ठित संगठनों में मार्केटिंग, डिजिटल सेल्स और प्रोडक्ट से जुड़े कार्यों का नेतृत्व किया। IIFL में वह नॉन-एग्जिक्यूटिव बोर्ड सदस्य भी रहीं।

उनका करियर कंज्यूमर और मोबिलिटी सेक्टर से शुरू हुआ था। Tata Motors, BPL Mobile और Draft FCB-Ulka में काम करने के बाद उन्होंने Marico में Saffola और Mediker जैसे ब्रैंडस की मार्केटिंग संभाली। इसके बाद वह Mahindra Holidays की CMO रहीं और यहां उन्होंने मार्केटिंग, डिजिटल, एनालिटिक्स और इन्वेंटरी सेल्स की जिम्मेदारी निभाई।

कॉरपोरेट जगत में अपनी भूमिका से आगे बढ़कर दीपाली नायर इंडस्ट्री कम्युनिकेशंस में भी सक्रिय हैं। उनका पॉडकास्ट ‘Being CEO with Deepali Naair’ नेतृत्व, निर्णय प्रक्रिया और संगठन संस्कृति पर आधारित है और इसे श्रोताओं का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। अपने जन्मदिन के मौके पर दीपाली नायर का करियर और योगदान इंडस्ट्री में एक प्रेरक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। समाचार4मीडिया की ओर से दीपाली नायर को जन्मदिन की ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

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हैप्पी बर्थडे डॉ. सुभाष चंद्रा: भारतीय TV इंडस्ट्री में क्रांति के सूत्रधार हैं आप

देश के पहले निजी टीवी चैनल की शुरुआत कर बदल दिया मीडिया का चेहरा। 'जी टीवी' से शुरू हुआ सफर आज 190 देशों में पहुंचा।

Last Modified:
Sunday, 30 November, 2025
Dr Subhash Chandra..

भारतीय मीडिया इंडस्ट्री के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक और ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (ZEEL) के चेयरमैन एमेरिटस डॉ. सुभाष चंद्रा का आज जन्मदिन है। यह अवसर उनके उस असाधारण सफर को याद करने का है, जिसने भारतीय ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री की दिशा बदल दी।

डॉ. चंद्रा को अक्सर ‘भारतीय टेलीविजन का पिता’ कहा जाता है। उन्हें देश में पहले निजी सैटेलाइट टीवी चैनल लाने का श्रेय जाता है, जिसने भारत में मल्टी-बिलियन डॉलर की एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का आधार तैयार किया।

उनकी कहानी देश में आर्थिक उदारीकरण के दौर में आए बड़े बदलाव की मिसाल है। वर्ष 1992 में, जब निजी प्रसारण की कल्पना भी नहीं थी, उन्होंने ‘जी टीवी’ लॉन्च किया। उस समय ‘दूरदर्शन’ का एकछत्र राज था, ऐसे में यह कदम तकनीकी और राजनीतिक दोनों ही स्तर पर बेहद साहसी माना गया। यही कदम आगे चलकर भारतीय मीडिया उपभोग के तरीके में बड़ा बदलाव साबित हुआ। इसके बाद उन्होंने ‘जी न्यूज’ की शुरुआत की, जो देश का पहला निजी न्यूज चैनल बना। इसी से उन्हें दूरदर्शी रणनीतिकार के रूप में पहचान मिली।

उनकी पहल के बाद जो मीडिया उद्योग विकसित हुआ, उसने पूरे इकोसिस्टम का चेहरा बदल दिया। उद्योग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, आज इस क्षेत्र में 50 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है—उस सेक्टर से, जिसकी शुरुआत उन्होंने की थी।

डॉ. चंद्रा का ब्रैंड ‘जी’ आज वैश्विक पहचान रखता है। यह नेटवर्क 190 देशों में पहुंच चुका है और प्रसारण, डिजिटल, फिल्म, संगीत और लाइव इवेंट सहित कई क्षेत्रों में अरबों दर्शकों तक कंटेंट पहुंचा रहा है, जो किसी भी भारतीय मीडिया कंपनी के लिए बड़ी उपलब्धि है।

मनोरंजन जगत के अलावा उनकी महत्वाकांक्षा ने अन्य क्षेत्रों को भी छुआ। ‘एस्सेल ग्रुप’ (Essel Group) के तहत उन्होंने पैकेजिंग, अवसंरचना, शिक्षा, तकनीक और मनोरंजन से जुड़े कई व्यवसाय खड़े किए। उनकी राजनैतिक भूमिका भी महत्वपूर्ण रही और वे हरियाणा से राज्यसभा सदस्य चुने गए।

भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों ने भी उनके योगदान को सम्मान दिया है। वे इंटरनेशनल एमी डायरेक्टोरेट अवॉर्ड पाने वाले पहले भारतीय हैं—यह वैश्विक टेलीविजन जगत का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है।

डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपने करियर में दूरदर्शिता, जोखिम उठाने की क्षमता और लंबे समय तक सोचने के नजरिए का अनोखा मेल दिखाया। भारतीय टीवी इंडस्ट्री का विस्तार, मीडिया उद्यमशीलता की नई संस्कृति और दर्शकों की पसंद—इन सभी पर उनके निर्णयों की छाप आज भी नजर आती है।

आज उनके जन्मदिन के अवसर पर, उनका यह सफर हमें याद दिलाता है कि एक साहसिक विचार भी इतिहास लिख सकता है—अगर उसके पीछे दृढ़ इच्छाशक्ति और विश्वास हो। समाचार4मीडिया की ओर से डॉ. सुभाष चंद्रा को जन्मदिन की ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

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PTI के वरिष्ठ संवाददाता आशीष दीक्षित का निधन

प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) के वरिष्ठ पत्रकार आशीष दीक्षित का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार को निधन हो गया।

Last Modified:
Friday, 28 November, 2025
AshishDixit

प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) के जाने-माने पत्रकार आशीष दीक्षित का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार को निधन हो गया। वह केवल 39 वर्ष के थे और लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे।

उनका अंतिम संस्कार महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली में संपन्न हुआ।

आशीष दीक्षित 2022 में पीटीआई की वीडियो सेवा में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में शामिल हुए थे। पत्रकारिता जगत में उनकी ईमानदारी और काम के प्रति समर्पण की हमेशा सराहना की जाती रही।

उनके परिवार में उनकी पत्नी और छह साल की बेटी हैं। उनके जाने से पत्रकारिता और उनके परिवार दोनों के लिए अपूरणीय क्षति हुई है।

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कबड्डी चैंपियंस लीग: हरियाणा की ग्रासरूट प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच

कबड्डी चैंपियंस लीग (KCL) हरियाणा के युवा कबड्डी सितारों को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। यह लीग ग्रामीण स्तर की प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी।

Last Modified:
Friday, 28 November, 2025
KabaddiChampionsLeague

हरियाणा में उभरती खेल प्रतिभाओं के लिए कबड्डी चैंपियंस लीग (KCL) ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ₹4 करोड़ के खिलाड़ी पर्स के साथ अपने नए मिशन की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य गांव-देहात से निकलने वाले युवा कबड्डी खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा, पेशेवर प्रशिक्षण और राष्ट्रीय पहचान देकर भविष्य के अंतरराष्ट्रीय स्टार के रूप में तैयार करना है।

लीग की कमान द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित कोच बलवान सिंह और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी नवीन गोयत के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है। KCL का विज़न सिर्फ़ प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना है जहाँ खिलाड़ी खेल के साथ सुरक्षित भविष्य देख सकें।

बलवान सिंह ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि KCL से निकलने वाले कई खिलाड़ी 2036 ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और देश के लिए पदक जीतेंगे। उनके मुताबिक, युवा खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर पर सही प्रशिक्षण और संसाधन मिलना बेहद जरूरी है, और KCL इसी दिशा में काम कर रही है।

वहीं स्टार रेडर नवीन गोयत ने हरियाणा के खिलाड़ियों की दशकों पुरानी मेहनत पर बात करते हुए कहा कि इतने वर्षों तक खिलाड़ियों को सही पहचान और आर्थिक लाभ नहीं मिला, लेकिन अब ₹4 करोड़ का पर्स उनके संघर्ष की असली कीमत साबित होगा।

इस लीग के ज़रिए खिलाड़ियों को न केवल उच्चस्तरीय कोचिंग और मेंटरशिप मिलेगी, बल्कि आधुनिक स्पोर्ट्स साइंस, फिटनेस सपोर्ट और रिकवरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही मीडिया कवरेज और डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए युवा एथलीटों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी, जिससे उनके प्रोफेशनल करियर को नई उड़ान मिल सकेगी।

KCL को सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि हरियाणा की खेल संस्कृति को सशक्त करने वाली एक व्यापक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसका मकसद भारत को कबड्डी के वैश्विक नक्शे पर और मजबूत करना है।

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76 वर्ष की आयु में वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार सिन्हा का निधन

बिहार के जाने-माने पत्रकार और हिन्दुस्तान टाइम्स के सीनियर असिस्टेंट एडिटर रहे अशोक कुमार सिन्हा का सोमवार को निधन हो गया।

Last Modified:
Thursday, 27 November, 2025
AshokKumar5421

बिहार के जाने-माने पत्रकार और हिन्दुस्तान टाइम्स के सीनियर असिस्टेंट एडिटर रहे अशोक कुमार सिन्हा का सोमवार को निधन हो गया। वह 76 वर्ष के थे और पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। उनका उपचार शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार गुलबी घाट पर किया गया।

अशोक सिन्हा ने पत्रकारिता की शुरुआत 1972 में की थी और वे टाइम्स ऑफ इंडिया के शुरुआती सदस्यों में शामिल रहे थे। उन्होंने लंबे समय तक हिन्दुस्तान टाइम्स, पटना में सीनियर असिस्टेंट एडिटर के रूप में काम किया और राज्य में पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ी।

स्व. अशोक सिन्हा के परिवार में उनकी पत्नी निशा सिन्हा, जो दूरदर्शन में न्यूज रीडर और अरविंद महिला कॉलेज की विजिटिंग फैकल्टी रही हैं, बेटी नंदिता सिन्हा, दामाद सुजीत प्रसाद, बहू पूजा सिन्हा, और पोते अक्षत और अर्जुन सिन्हा शामिल हैं।

अशोक सिन्हा ने अपने करियर की शुरुआत बहुत कम उम्र में की थी और अपनी पत्रकारिता यात्रा में हमेशा ईमानदारी और गंभीरता बनाए रखी। 

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दिल्ली में ‘बज़्म-ए-सहाफ़त’ का आयोजन, उर्दू को बताया विरासत की भाषा

दिल्ली में भारत एक्सप्रेस के उर्दू कॉन्क्लेव ‘बज़्म-ए-सहाफ़त’ का उद्घाटन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया। CMD उपेन्द्र राय ने कहा कि उर्दू मजहब की नहीं, विरासत की भाषा है।

Last Modified:
Thursday, 27 November, 2025
rekhagupta

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार को भारत एक्सप्रेस के बैनर तले आयोजित उर्दू कॉन्क्लेव ‘बज़्म-ए-सहाफ़त’ में भाषा, संस्कृति और विकास के सवालों पर गहन संवाद हुआ। उद्घाटन रेखा गुप्ता ने किया, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में उपेंद्र राय ने उर्दू के सांस्कृतिक पक्ष को मजबूती से सामने रखा।

कार्यक्रम दिल्ली उर्दू अकादमी में दिल्ली सरकार के सहयोग से हुआ, जिसमें राजनीति, मीडिया और साहित्य जगत के कई नामचीन चेहरों ने शिरकत की। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली को 'मिली-जुली संस्कृति का जीवंत केंद्र' बताते हुए कहा कि राजधानी की गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूत किया जाएगा।

उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ा ऐलान करते हुए राजधानी में 1100 ‘आरोग्य मंदिर’ स्थापित करने की योजना सार्वजनिक की। मुख्यमंत्री के मुताबिक अब तक 250 केंद्र शुरू हो चुके हैं और आने वाले समय में हर विधानसभा क्षेत्र में औसतन 15 आरोग्य मंदिर होंगे, जिससे आम नागरिकों को प्राथमिक उपचार सुलभ हो सकेगा।

कॉनक्लेव का केंद्र बिंदु बने उपेंद्र राय ने साफ कहा, 'उर्दू किसी एक मजहब की नहीं, यह हमारी विरासत और समृद्ध संस्कृति की भाषा है।' उन्होंने उर्दू की ऐतिहासिक यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि यह भाषा अलग-अलग सभ्यताओं के संवाद से निखरी और इसकी जड़ें साझी संस्कृति में हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि उर्दू को किसी खांचे में बाँधना भाषा और समाज दोनों के साथ अन्याय है। केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री ने उर्दू की मधुरता की सराहना की, वहीं कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ नेताओं और बुद्धिजीवियों ने उर्दू के संरक्षण और आधुनिक माध्यमों में इसकी उपस्थिति बढ़ाने पर जोर दिया।

उर्दू-हिंदी के सांस्कृतिक सेतु के रूप में मीडिया की भूमिका पर भी चर्चा हुई। सीएमडी उपेंद्र राय ने भारत के ज्ञान-वैभव और वैश्विक नेतृत्व की धारणा पर बोलते हुए युवाओं से आत्मविश्वास और सृजनशीलता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

अंत में अल्लामा इक़बाल के शेर का हवाला देते हुए उन्होंने सामूहिक पहचान और सांस्कृतिक गौरव की बात कही। कुल मिलाकर, ‘बज़्म-ए-सहाफ़त’ ने यह संदेश दिया कि उर्दू किसी समुदाय की नहीं, बल्कि साझा विरासत की आवाज़ है और दिल्ली उसकी गवाही देती है।

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NDTV गुड टाइम्स ने की 'माय स्टोरी’ टूर की घोषणा, हनी सिंह होंगे ‘अनफिल्टर्ड’

NDTV गुड टाइम्स ने हनी सिंह के खास ‘माय स्टोरी’ टूर का एलान किया है, जिसमें दर्शक पहली बार कलाकार नहीं बल्कि इंसान हनी सिंह से रूबरू होंगे। ‘माय स्टोरी’ टूर 11 शहरों में आयोजित होगा।

Last Modified:
Thursday, 27 November, 2025
honeysingh

देश के लोकप्रिय रैपर और म्यूज़िक आइकन हनी सिंह अब अपने जीवन की अनकही परतें मंच से साझा करने जा रहे हैं। NDTV गुड टाइम्स ने उनके खास कार्यक्रम ‘माय स्टोरी’ टूर की घोषणा की है, जो केवल एक म्यूज़िक शो नहीं होगा, बल्कि एक भावनात्मक और ईमानदार सफ़र होगा जहाँ दर्शक हिट गानों के पीछे छिपी ज़िंदगी को करीब से देख पाएंगे।

इस टूर में हनी सिंह सिर्फ अपने सुपरहिट ट्रैक्स नहीं सुनाएंगे, बल्कि उन अनुभवों की कहानी भी बताएंगे, जिन्होंने उन्हें गढ़ा -संघर्ष, ठहराव, आत्ममंथन और फिर मज़बूत वापसी की दास्तान। ‘माय स्टोरी’ टूर 11 शहरों में आयोजित होगा और हर शहर में अलग रंग-रूप और अनुभव देखने को मिलेगा।

खास बात यह है कि यात्रा की शुरुआत दिल्ली से होगी। वही शहर जहाँ से हनी सिंह के सपनों ने उड़ान भरी थी। यह टूर उन प्रशंसकों के लिए खास होगा जो वर्षों से उनके संगीत से जुड़े हैं, लेकिन कलाकार के भीतर के इंसान को जानना चाहते हैं।

हाल ही में NDTV स्टूडियो में इसकी भव्य घोषणा की गई, जहाँ जश्न के माहौल के बीच हनी सिंह ने बताया कि अब वह अपनी कहानी दुनिया से साझा करने को तैयार हैं। उनके मुताबिक, यह वह मंच है जहाँ वह अपने जीवन के उस हिस्से को सामने लाएंगे जो सुर्ख़ियों से दूर रहा है।

NDTV गुड टाइम्स की ओर से इसे ऐसे अनुभव के तौर पर तैयार किया जा रहा है, जिसमें लाइव म्यूज़िक की ऊर्जा और निजी किस्सों की आत्मीयता एक साथ महसूस होगी। आयोजकों का कहना है कि यह टूर यादगार, भावनात्मक और प्रेरक होने वाला है, जहाँ हर श्रोता को लगेगा कि वह हनी सिंह की दुनिया का हिस्सा है। यह टूर न सिर्फ संगीत का उत्सव होगा, बल्कि एक इंसान के भीतर झाँकने का दुर्लभ अवसर भी -जहाँ सफलता की चमक के पीछे की सच्चाई सामने आएगी।

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विज्ञापन जगत के जाने-माने नाम राम सहगल का निधन

राम सहगल दो वर्षों तक ‘एडवर्टाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (AAAI) के प्रेजिडेंट और ‘एडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया’ (ASCI) के चेयरमैन रहे।

Last Modified:
Wednesday, 26 November, 2025
Ram Sehgal

विज्ञापन जगत के जाने-माने नाम राम सहगल का निधन हो गया है। 40 वर्ष से अधिक लंबे करियर में राम सहगल ने विज्ञापन इंडस्ट्री में अपनी खास पहचान बनाई थी। बताया जाता है कि राम सहगल पिछले कुछ समय से पुडुचेरी में रह रहे थे और श्री ऑरोबिंदो आश्रम से जुड़े हुए थे।

विज्ञापन के क्षेत्र में उनका सफर S.H. Benson (Ogilvy) से शुरू हुआ और बाद में वह JWT से जुड़ गए। JWT में करीब 15 साल काम करने के बाद उन्हें JWT की सहायक कंपनी ‘Contract Advertising’ में प्रेजिडेंट के तौर पर नियुक्त किया गया।

‘Contract Advertising’ में करीब 16 वर्षों के कार्यकाल के दौरान राम सहगल ने कंपनी को देश की शीर्ष विज्ञापन एजेंसियों में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विज्ञापन इंडस्ट्री में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें ‘Advertising Man of the Year’ (A&M) अवॉर्ड दिया गया। वर्ष 2001 में कोलकाता एडवर्टाइजिंग क्लब ने उन्हें ‘हॉल ऑफ फेम’ में शामिल किया।

राम सहगल दो वर्षों तक ‘एडवर्टाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (AAAI) के प्रेजिडेंट और ‘एडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया’ (ASCI) के चेयरमैन रहे। राम सहगल को एडवर्टाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडियाकी ओर से लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

वह एक बेहतरीन लेखक भी थे और उन्होंने कई अख़बारों और पत्रिकाओं में विभिन्न विषयों पर लेख लिखे। उनकी चार किताबें-Mixed Feelings, Secrets of Advertising, Around the World in 40 Years और What’s Cooking? प्रकाशित हुईं। 

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वरिष्ठ पत्रकार माइकल रॉबर्ट पाट्राओ का निधन

'डेक्कन हेराल्ड' के साथ तीस साल से अधिक समय तक जुड़े रहे वरिष्ठ पत्रकार माइकल रॉबर्ट पाट्राओ का मंगलवार को निधन हो गया। वह 66 वर्ष के थे।

Last Modified:
Wednesday, 26 November, 2025
Michael Patrao

'डेक्कन हेराल्ड' के साथ तीस साल से अधिक समय तक जुड़े रहे वरिष्ठ पत्रकार माइकल रॉबर्ट पाट्राओ का मंगलवार को निधन हो गया। वह 66 वर्ष के थे।

मंगलुरु में 9 सितंबर 1959 को एक कोंकणी भाषी कैथोलिक परिवार में जन्मे पाट्राओ ने सेंट एलोइज़ियस कॉलेज, मंगलुरु से बीकॉम और कर्नाटक विश्वविद्यालय, धारवाड़ से एमए (अंग्रेजी) की पढ़ाई की।

विज्ञापन क्षेत्र में काम करने के बाद उन्होंने 1992 में डेक्कन हेराल्ड जॉइन किया। वह पहले बेंगलुरु ब्यूरो में रिपोर्टर रहे, फिर कर्नाटक की राजनीति और सार्वजनिक नीतियों को कवर किया। उन्होंने कई चुनावों की रिपोर्टिंग की, बेंगलुरु के इतिहास और विरासत पर बहुत कुछ लिखा और एक निपुण म्यूजिक क्रिटिक के रूप में कई एल्बम की समीक्षा की।

अपने करियर के आखिरी हिस्से में वह न्यूज डेस्क पर आए और विभिन्न संपादकीय भूमिकाओं में काम किया। 2017 में सेवानिवृत्त हुए, लेकिन बाद में उन्होंने अखबार के स्कूल संस्करण में योगदान देना जारी रखा।

उनके परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी है। उ 

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महिला एंकर की फर्जी प्रोफाइल बनाकर छवि बिगाड़ने की कोशिश, आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने एक महिला न्यूज एंकर की फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर आपत्तिजनक और गलत कंटेंट पोस्ट करने के आरोप में मुंबई से एक 40 साल के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

Last Modified:
Wednesday, 26 November, 2025
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दिल्ली पुलिस ने एक महिला न्यूज एंकर की फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर आपत्तिजनक और गलत कंटेंट पोस्ट करने के आरोप में मुंबई से एक 40 साल के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान चेत कमल प्रकाश के रूप में हुई है, जो जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है और मुंबई में रहता था।

महिला एंकर ने पुलिस में शिकायत की थी कि उसके नाम से कई फर्जी प्रोफाइल बनाकर गलत और भद्दी बातें पोस्ट की जा रही हैं। इतना ही नहीं, उसे एक फोन कॉल भी आया जिसमें उसकी कुछ हफ्तों में होने वाली शादी को खराब करने की धमकी दी गई थी।

डीसीपी (आउटर नॉर्थ) हरेश्वर स्वामी के अनुसार, मामला दर्ज कर आरोपी को पकड़ने के लिए टेक्निकल सर्विलांस लगाया गया। जांच में पता चला कि आरोपी मुंबई के सहार गांव में छिपा हुआ है। पुलिस टीम वहां पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन और लैपटॉप भी जब्त किया है। दोनों डिवाइस फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है।

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प्रसार भारती की रिपोर्ट: D2M सिग्नल से नहीं होता मोबाइल हीट, न 5G में आती है दिक्कत

प्रसार भारती ने Direct-to-Mobile (D2M) तकनीक को लेकर की गई बड़ी टेस्टिंग की रिपोर्ट जारी कर दी है।

Last Modified:
Wednesday, 26 November, 2025
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प्रसार भारती ने Direct-to-Mobile (D2M) तकनीक को लेकर की गई बड़ी टेस्टिंग की रिपोर्ट जारी कर दी है। यह जांच इसलिए की गई थी क्योंकि टेलीकॉम कंपनियों ने चिंता जताई थी कि 470–582 MHz बैंड में चल रहे D2M प्रसारण से 4G/5G नेटवर्क में दिक्कत आ सकती है या मोबाइल फोन ज्यादा गर्म हो सकते हैं।

इससे पहले प्रसार भारती ने IIT कानपुर के साथ मिलकर अगली पीढ़ी के ब्रॉडकास्ट सिस्टम के लिए एक रोडमैप तैयार किया था। इसका पहला ट्रायल बेंगलुरु में हुआ और फिर दिल्ली में हाई-पावर टीवी ट्रांसमीटर और कई लो-पावर साइट्स के साथ हाइब्रिड ट्रायल किया गया। उद्योग जगत के सवालों के बाद प्रसार भारती ने आधिकारिक रूप से लैब टेस्ट कराने का फैसला लिया।

14 नवंबर 2025 को हुए इन टेस्ट में ATSC 3.0 पर आधारित D2M Broadcast Radio Head का इस्तेमाल किया गया। टेस्टिंग दो हिस्सों में की गई- क्या इससे 4G/5G नेटवर्क के रिसीवर पर कोई असर पड़ता है और क्या D2M वीडियो देखने पर मोबाइल फोन ज्यादा गर्म होते हैं।

परिणामों में पाया गया कि उन मोबाइल नेटवर्क बैंड्स (n71, n28, n5) में कोई इंटरफेरेंस नहीं हुआ जिनका आमतौर पर इस्तेमाल होता है। मोबाइल का रिसीवर सेंसिटिविटी बिल्कुल पहले जैसी रही और अपलिंक–डाउनलिंक स्पीड भी 95% से ज्यादा बनी रही। यानी D2M सिग्नल से 4G/5G की क्वालिटी पर कोई असर नहीं पड़ा।

मोबाइल हीटिंग टेस्ट में भी पता चला कि D2M के जरिए वीडियो देखने पर फोन की तापमान सीमा सामान्य ही रहती है, यानी मोबाइल गर्म नहीं होता। यह डेटा 30-30 मिनट के अंतराल पर 3 घंटे तक रिकॉर्ड किया गया था।

इसके अलावा, जिस 40-वॉट D2M रेडियो हेड से सिग्नल भेजा गया, उसके स्प्यूरियस इमीशन (अनचाहे सिग्नल) भी नियमों से काफी कम पाए गए। यानी D2M किसी दूसरे कम्युनिकेशन बैंड में दखल नहीं करता।

प्रसार भारती ने कहा कि सभी रिपोर्टें सार्वजनिक कर दी गई हैं ताकि इस तकनीक पर उद्योग जगत और सरकार खुलकर चर्चा कर सके, क्योंकि देश में बड़े पैमाने पर D2M को अपनाने पर विचार किया जा रहा है।

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