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इस मंच पर हुआ पत्रकारों का सम्मान, मिला यह अवॉर्ड

कार्यक्रम में वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया की थीम 'हम हैं देश के पत्रकार' और दिल्ली एनसीआर के पत्रकारों की डिजिटल मीडिया डायरेक्टरी भी लॉन्च की गई

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 26 August, 2021
Last Modified:
Thursday, 26 August, 2021
Award

देश भर के पत्रकारों के प्रमुख राष्ट्रीय संगठन 'वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया', दिल्ली द्वारा बुधवार 25 अगस्त को नई दिल्ली स्थित माता सुंदरी कॉलेज ऑडिटोरियम में वृहद राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें देश भर से चुने गए 98 डिजिटल मीडिया पत्रकारों और 48 रेडियो ब्रॉडकास्टर्स को डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डिजिटल मीडिया अवार्ड प्रदान किए गए।

इसके साथ ही वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया की थीम 'हम हैं देश के पत्रकार' और दिल्ली एनसीआर के पत्रकारों की डिजिटल मीडिया डायरेक्टरी भी लॉन्च की गई। समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय कानून राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कोरोना काल में मीडिया की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में पत्रकारों  की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही है। पत्रकारों को भी कोरोना योद्धा माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज देश और दुनिया डिजिटल हो रही है। ऐसे में डिजिटल मीडिया की भूमिका दिन प्रतिदिन महत्वपूर्ण होती जा रही है।

सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक चले इस समारोह के प्रथम सत्र में डिज़िटल मीडिया के विशेषज्ञों तीर्थंकर सरकार, अविनाश, आदित्य सिन्हा, संजय उपाध्याय, नरेन्द्र भंडारी और अनूप चौधरी ने वर्कशॉप में डिजिटल मीडिया का परिचय व महत्व, डिजिटल मीडिया के संबंध में भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की गाइडलाइन, डिजिटल मीडिया से आजीविका, ई-पेपर और न्यूज़ पोर्टल, डिजिटल प्रकाशकों के लिए तथ्य और चेतावनी, पोर्टल पंजीकरण प्रक्रिया आदि से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियां साझा कीं।

समारोह के दूसरे सत्र में देश में पहली बार मृदला घई का मीडिया के लिए लिखा गीत 'हम हैं इस देश के पत्रकार' लॉन्च किया गया, जिसे मशहूर गायिका अलका याग्निक और गायक कलाकार शान ने स्वर दिया है। वहीं इस अवसर पर दिल्ली एनसीआर की एक मीडिया डायरेक्टरी भी लॉन्च की गई और यूनियन के सदस्यों को इंश्योरेंस कवर भी दिया गया।

समारोह में केंद्रीय कानून राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल के अलावा उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर राजा इकबाल सिंह, बीजेपी विधायक अभय वर्मा, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन रमेश चन्द्र रतन, रिटायर्ड  मेजर जनरल पीके सहगल, भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय मीडिया सह प्रभारी संजय मयूख, दिल्ली प्रदेश भारतीय मजदूर संघ अध्यक्ष अनीश मिश्रा, दिल्ली प्रदेश के महामंत्री दीपेंद्र चाहर, माता सुंदरी कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ हरमीत कौर शामिल हुए।

आगरा से बहुउद्देशीय यूट्यूब चैनल 'न्यूजलाइन नेशन' और न्यूज पोर्टल 'न्यूजलाइननेशन डॉट इन' के संपादक प्रमोद कुमार अग्रवाल को भी इस समारोह में अवार्ड प्रदान किया गया। समारोह के सफल आयोजन के लिए वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप चौधरी, महामंत्री नरेंद्र भंडारी, उपाध्यक्ष संजय उपाध्याय, दिल्ली इकाई के अध्यक्ष संदीप शर्मा, महासचिव देवेंद्र तोमर, कोषाध्यक्ष नरेंद्र धवन, उपाध्यक्ष प्रमोद गोस्वामी, सुदीप सिंह, अशोक धवन, सुधीर सलूजा, अशोक सक्सेना, देवेंद्र भदौरिया, सुनील परिहार, प्रितपाल सिंह, लक्ष्मण इंदौरिया, ईश मलिक रोहित आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समारोह में भाग लेने एवं अवार्ड प्राप्त करने के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गोवा, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु आदि राज्यों के चयनित डिजिटल मीडिया पत्रकार एवं रेडियो ब्रॉडकास्टर्स उपस्थित थे।

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महज साढ़े चार साल की उम्र में अजिंक्य ने विश्व रिकॉर्ड में दर्ज कराया अपना नाम

केवल सात मिनट और 40 सेकेंड में 195 देशों के झंडे (फ्लैग) देखकर बताए उन देशों, उनकी राजधानी और महाद्वीप के नाम

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 03 February, 2023
Last Modified:
Friday, 03 February, 2023
Ajinkya

प्रतिभा उम्र और संसाधनों की मोहताज नहीं होती। अपनी प्रतिभा के बल पर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर गुरुग्राम के अजिंक्य राम मोहन ने यह पूरी तरह साबित कर दिया है। दरअसल, महज चार साल सात महीने की छोटी सी उम्र में अजिंक्य ने 29 जनवरी 2023 को सिर्फ सात मिनट और 40 सेकंड में 195 देशों के झंडे (फ्लेग) देखकर उन देशों, उनकी राजधानी और महाद्वीप के नाम बताकर विश्व रिकॉर्ड बना लिया है।

गुरुग्राम के द श्रीराम स्कूल, अरावली में पढ़ने वाले अजिंक्य के इस विश्व रिकॉर्ड को ‘ओएमजी बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ (OMG Book Of Records) और ‘इंटरनेशनल टैलेंट ऑफ रिकॉर्ड्स’ (International Talent Book Of Records) द्वारा दर्ज किया गया है। छह जून 2018 को जन्मे अजिंक्य की बचपन से ही मार्डन हिस्ट्री और इंटरनेशनल रिलेशन में गहरी रुचि रही है। फुटबॉल खेलने के साथ ही अजिंक्य को अपना पसंदीदा यूट्यूब चैनल देखना, डांस करना और साइकिल चलाना काफी पसंद है।

दरअसल, लॉकडॉउन के दौरान अजिंक्य ने यूट्यूब चैनल्स पर एजुकेशनल वीडियो देखना शुरू किया था और यहां जो भी वह सीखता, उसे परिजनों के साथ शेयर करता था। इसके बाद अजिंक्य के माता-पिता ने उसकी बातों को रिकॉर्ड कर फेसबुक पर अपलोड करना शुरू कर दिया। परिजनों के साथ ही दोस्तों और अन्य लोगों ने भी अजिंक्य की इस प्रतिभा को पहचानते हुए उसे काफी सराहा, जिससे उसे आगे बढ़ने का मौका मिला।

अब अजिंक्य के नाम महज सात मिनट और 40 सेकंड में झंडे देखकर उन देशों, उनकी राजधानी और महाद्वीप के नाम सबसे तेजी से बताने का विश्व रिकॉर्ड दर्ज हुआ है। यह उपलब्धि हासिल करने वाले अजिंक्य दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं।

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28 महीने बाद जेल से रिहा हुए पत्रकार सिद्दीकी कप्पन, इन शर्तों पर मिली जमानत

लखनऊ की जेल में बंद केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन को 28 महीने बाद जेल से रिहाई मिल गई। वह गुरुवार की सुबह जेल से रिहा हुए।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 02 February, 2023
Last Modified:
Thursday, 02 February, 2023
SiddiquiKappan548541

लखनऊ की जेल में बंद केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन को 28 महीने बाद जेल से रिहाई मिल गई। वह गुरुवार की सुबह जेल से रिहा हुए। बता दें कि 23 दिसंबर को हाई कोर्ट से सिद्दीकी कप्पन को सशर्त जमानत मिली थी।

जेल से रिहा होने के बाद सिद्दीकी कप्पन ने कहा कि मैं 28 महीने बाद जेल से बाहर आया हूं। मुझे सपोर्ट करने के लिए मैं मीडिया का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। मुझ पर झूठे आरोप लगाए गए। मैं अब बाहर आकर खुश हूं।

दो मामलों में सशर्त जमानत मिलने के एक महीने से अधिक समय बाद लखनऊ की एक विशेष अदालत ने कप्पन की रिहाई के आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं।

कप्पन को जिन शर्तों पर जमानत मिली है, उसमें कहा गया है कि वह दिल्ली में जंगपुरा पुलिस के अधिकार क्षेत्र में रहेंगे और निचली अदालत की स्पष्ट अनुमति के बिना दिल्ली के अधिकार क्षेत्र को नहीं छोड़ेंगे। कप्पन प्रत्येक सोमवार को स्थानीय पुलिस थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे और यह शर्त अगले छह सप्ताह के लिए लागू होगी। वह छह सप्ताह के बाद केरल जाने के लिए स्वतंत्र होंगे, लेकिन उन्हें प्रत्येक सोमवार को वहां के स्थानीय पुलिस थाने में रिपोर्ट करनी होगी। साथ ही वहां बनाए गए रजिस्टर में अपनी हाजिरी दर्ज करनी होगी। कप्पन कोर्ट की ओर से दी गई स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेंगे और विवाद से जुड़े किसी भी व्यक्ति से संपर्क नहीं करेंगे।

हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद पीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश संजय शंकर पांडे ने कप्पन को एक-एक लाख रुपए की दो जमानतें और इसी धनराशि का मुचलका दाखिल करने पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था।

कप्पन की ओर से गत 9 जनवरी को जमानतनामे कोर्ट में दाखिल किए गए थे। इस पर कोर्ट ने जमानतदारों की हैसियत का सत्यापन कराए जाने का आदेश दिया था। बुधवार को जमानतदारों व उनके द्वारा दाखिल दस्तावेजों का सत्यापन हो गया, जिस पर कोर्ट आरोपी को रिहा करने का आदेश दे दिया। 

बुधवार शाम को कप्पन के जेल से बाहर निकलने की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें रिहा नहीं किया जा सका क्योंकि मनी लॉन्ड्रिंग की रोकथाम पर विशेष अदालत के न्यायाधीश बार काउंसिल के चुनाव में व्यस्त थे।

उल्लेखनीय है कि सिद्दीकी कप्पन को अक्टूबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था, , जब वह उत्तर प्रदेश के हाथरस जा रहे थे, जहां कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार के बाद 20 वर्षीय एक दलित लड़की की मौत हो गई थी। यूपी सरकार ने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत केरल के पत्रकार के खिलाफ मामला दर्ज किया था।   

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इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड से नवाजे जाएंगे ‘IIMC’ के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी

'मातृभाषा उन्नयन संस्थान' की ओर से 19 फरवरी को इंदौर में होने वाले एक कार्यक्रम में प्रो. द्विदेवी को इस अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 02 February, 2023
Last Modified:
Thursday, 02 February, 2023
Pro. Sanjay Dwivedi

‘भारतीय जनसंचार संस्थान’ (IIMC) के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी को वर्ष 2023 का 'हिंदी गौरव अलंकरण' सम्मान देने की घोषणा की गई है। 'मातृभाषा उन्नयन संस्थान' द्वारा मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य में 19 फरवरी को इंदौर में होने वाले अलंकरण समारोह में प्रो. द्विवेदी को यह अवॉर्ड दिया जाएगा। प्रो. द्विवेदी के साथ प्रख्यात साहित्यकार एवं इतिहासविद् डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित को भी 'हिंदी गौरव अलंकरण' अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा।

'मातृभाषा उन्नयन संस्थान' के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' के अनुसार, अलंकरण का यह चौथा वर्ष है। हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए 'मातृभाषा उन्नयन संस्थान' द्वारा प्रतिवर्ष दो हिंदी साधकों को 'हिंदी गौरव अलंकरण' से विभूषित किया जाता है। इस अलंकरण में चयनित विभूतियों की दो श्रेणी हैं। एक हिंदी साहित्य और दूसरी हिंदी पत्रकारिता। चयन समिति द्वारा वर्ष 2023 के लिए डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित के हिंदी साहित्य एवं प्रो. संजय द्विवेदी के हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में दिए गए योगदान के लिए 'हिंदी गौरव अलंकरण' प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है।

बता दें कि प्रो. संजय द्विवेदी देश के प्रख्यात पत्रकार, मीडिया प्राध्यापक, अकादमिक प्रबंधक एवं संचार विशेषज्ञ हैं। डेढ़ दशक से अधिक के अपने पत्रकारिता करियर के दौरान वह विभिन्न मीडिया संगठनों में अहम जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके हैं। प्रो. द्विवेदी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के प्रभारी कुलपति भी रहे हैं। वह कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर में पत्रकारिता विभाग के संस्थापक अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

प्रो. द्विवेदी वर्तमान में भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई), पुणे की सोसायटी एवं गवर्निंग काउंसिल के सदस्य हैं। वह महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा;  विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन; मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय, हैदराबाद एवं असम विश्वविद्यालय, सिलचर के 'बोर्ड ऑफ स्टडीज' के सदस्य हैं।

राजनीतिक, सामाजिक और मीडिया के मुद्दों पर उनके 3000 से ज्यादा लेख विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने 32 पुस्तकों का लेखन-संपादन किया है। वह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा अनुमोदित शोध पत्रिकाओं 'कम्युनिकेटर' एवं 'संचार माध्यम' के प्रधान संपादक हैं। प्रो. द्विवेदी 'राजभाषा विमर्श' एवं 'संचार सृजन' के प्रधान संपादक तथा 'मीडिया विमर्श (त्रैमासिक)' के मानद सलाहकार संपादक भी हैं। मीडिया के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें अब तक तमाम पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

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NIA ने 6 पत्रकारों से की पूछताछ,आतंकी संगठनों से जुड़े होने का संदेह

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकवादी संगठनों के साथ संदिग्ध संबंध रखने के मामले में केरल में छह पत्रकारों से पूछताछ की है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 01 February, 2023
Last Modified:
Wednesday, 01 February, 2023
NIA45121

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकवादी संगठनों के साथ संदिग्ध संबंध रखने के मामले में केरल में छह पत्रकारों से पूछताछ की है। 

बताया जा रहा है कि एनआईए की हैदराबाद टीम ने दूसरे दिन केरल में अपने कोच्चि कार्यालय में आतंकवादी संगठनों के साथ संदिग्ध संबंध रखने के मामले में छह मीडियाकर्मियों से पूछताछ की थी। ये मीडियाकर्मी पिछले कई महीनों से एनआईए की जांच के दायरे में थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन छह पत्रकारों से पूछताछ की गई, वह कथित तौर पर उत्तरी केरल के युवाओं को आतंकवादी संगठनों में भर्ती कराने का काम कर रहे थे। एनआईए ने अपने दावे को पुख्ता करने के लिए पत्रकारों से डिजिटल सबूत भी हासिल किए हैं।

बताया जा रहा है कि इन पत्रकारों ने पूछताछ में सहयोग नहीं किया है। हालांकि, जब एनआईए की टीम ने उन्हें उनके कनेक्शन को लेकर डिजिटल सबूत दिखाए, तो वे ठीक से जवाब नहीं दे पाए। इन पत्रकारों से एनआईए द्वारा फिर से पूछताछ किए जाने की संभावना है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, केरल के 12 और पत्रकार आतंकवादी संगठनों के साथ अपने संबंधों के लिए एनआईए की जांच के दायरे में हैं। आने वाले दिनों में इनमें से कुछ पत्रकारों से एनआईए द्वारा पूछताछ किए जाने की संभावना है।

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PTI से लंबे समय तक जुड़े रह चुके वरिष्ठ पत्रकार एस.पी.के. गुप्ता का निधन

वरिष्ठ पत्रकार एस.पी.के. गुप्ता का सोमवार को दिल्ली में निधन हो गया। वह 92 साल के थे

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 31 January, 2023
Last Modified:
Tuesday, 31 January, 2023
SPK-Gupta4521

वरिष्ठ पत्रकार एस.पी.के. गुप्ता का सोमवार को दिल्ली में निधन हो गया। वह 92 साल के थे। उनके परिजनों ने मीडिया को इसकी जानकारी दी।

गुप्ता निमोनिया से पीड़ित थे। वह दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती थे। अस्पताल में ही उन्होंने अंतिम श्वांस ली।

प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) के लिए मॉस्को संवाददाता समेत विभिन्न भूमिकाओं में 38 साल तक उन्होंने काम किया। पीटीआई में विभिन्न पदों पर गुप्ता 1952 से 1990 तक भारत और मॉस्को में कार्यरत रहे। उन्होंने एजेंसी के ब्यूरो प्रमुख और दिल्ली में इसके विदेश संपादक के रूप में कार्य किया था। गुप्ता के परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटे हैं।

आंध्र प्रदेश के गुंटूर में जन्मे गुप्ता ने कई किताबें लिखीं, जिनमें ‘इन क्वेस्ट ऑफ पैनेशिया’, ‘एपोस्टल जॉन एंड गांधी’, ‘ए रीथ फॉर डॉक्टर रामैय्या’, ‘समारा संवादी’ और ‘द राइज एंड एकलिप्स ऑफ द सोवियत सिविलाइजेशन’ शामिल हैं। पीटीआई में उन्हें पीकेजी के नाम से जाना जाता था।

वहीं उनके भतीजे उन्नी मेनन ने मीडिया को बताया कि वह एक संस्था और एक उत्कृष्ट रिपोर्टर थे। पत्रकार के रूप में 1981 से 1988 के बीच पीटीआई में काम कर चुके मेनन ने कहा, ‘पिछले महीने जब मैं उनसे मिला तो उन्होंने मुझे बताया कि वह अब भी कम से कम दो किताबों पर काम कर रहे हैं और चिंतित थे कि उनका समय खत्म हो रहा है।’

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'डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन' में अहम भूमिका निभा रहे हैं ये चार 'C' और तीन 'V': प्रो. द्विवेदी

जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय में 'मीडिया मैटर्स' सीरीज के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे ‘भारतीय जनसंचार संस्थान’ के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) संजय द्विवेदी

Last Modified:
Monday, 30 January, 2023
Pro Sanjay Dwivedi

‘भारतीय जनसंचार संस्थान’ (IIMC) के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) संजय द्विवेदी का कहना है कि आज पारंपरिक मीडिया स्वयं को डिजिटल मीडिया में परिवर्तित कर रहा है। इस 'डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन' को अगर कोई चला रहा है, तो वो चार 'C' हैं। इन चार 'C' का मतलब है, Content, Communication, Commerce और Context। जब ये चारों 'C' मिलते हैं, तब एक पारंपरिक मीडिया हाउस, डिजिटल मीडिया हाउस में बदलता है।

प्रो. संजय द्विवेदी ‘जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय’ (Jamia Hamdard University) के ‘सेंटर फॉर मीडिया एंड मास कम्युनिकेशन स्टडीज’ द्वारा आयोजित 'मीडिया मैटर्स' सीरीज के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रो. द्विवेदी ने कहा कि इन चार 'C' के अलावा 3 'V' यानी Voice, Video और Vernacular भी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जो लोग पढ़ या लिख नहीं सकते, वे पॉडकास्ट और वीडियो के माध्यम से कंटेंट को समझ सकते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के हर कोने में भारतीयों के साथ, भारत की स्थानीय भाषाओं ने भी अपना स्थान बनाया है। इसलिए हमें अपनी मातृभाषाओं पर ध्यान देना चाहिए।

इसके साथ ही प्रो. द्विवेदी का यह भी कहना था कि सबसे अधिक आबादी वाले देश के रूप में भारत को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि वैश्विक मीडिया भारतीय सिद्धांतों और मूल्यों का पालन करे। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता को बहुत कुछ विज्ञान की तरह होना चाहिए। जहां तक संभव हो, तथ्य सत्यापन योग्य होने चाहिए। यदि पत्रकार टिकाऊ विश्वसनीयता चाहते हैं, तो उन्हें इसी दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अफसार आलम, केंद्र की निदेशक एवं डीन प्रो. रेशमा नसरीन एवं सीरीज के आयोजक प्रो. फरहत बशीर खान भी उपस्थित रहे।

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पेड़ से बांधकर पत्रकार की पिटाई, कांग्रेस बोली- 'जंगलराज'

मध्य प्रदेश का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पत्रकार को पेड़ से बांधकर पीटने का मामला सामने आया है

Last Modified:
Monday, 30 January, 2023
Journalist4512

मध्य प्रदेश का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पत्रकार को पेड़ से बांधकर पीटने का मामला सामने आया है। घटना होशंगाबाद की बतायी जा रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में देख जा सकता है कि किस तरह से कुछ लड़के एक 25 वर्षीय पत्रकार को पेड़ से बांधकर उसे थप्पड़ और घूंसे मार रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पेड़ से बांधकर जिसकी पिटाई की गई, वह पेशे से पत्रकार है, जिसका नाम प्रकाश यादव है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला कि कुछ दिन पहले किसी बात को लेकर पीड़ित पत्रकार और आरोपियों के बीच बहस हुई थी, जिसका बदला लेने के लिए शनिवार को आरोपियों ने पत्रकार को रोका और बाद में उसकी पिटाई भी की।

इस मामले में पुलिस ने वीडियो में दिख रहे सभी छह आरोपियों को फिलहाल गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले को लेकर पीड़ित पत्रकार प्रकाश यादव ने एक शिकायत भी दर्ज कराई है, जिसमें उसने बताया कि वह पास के गांव से एक विज्ञापन की बुकिंग करके अपने गांव कोटगांव वापस जा रहा था। इसी दौरान आरोपी नारायण यादव ने उसे रोका। प्रकाश को रोकने के बाद एक जनवरी को उसके साथ हुए विवाद को लेकर नारायण यादव उसे गालियां देने लगा।

प्रकाश ने अपनी शिकायत में कहा कि जब मैंने उन्हें गाली देने से मना किया तो उसके भाई नरेंद्र यादव और कुछ अन्य लड़कों ने मुझे पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। पुलिस ने फिलहाल मिली शिकायत को लेकर मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच भी शुरू कर दी है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इस घटना का वीडियो ट्विटर पर शेयर करते हुए बीजेपी सरकार पर निशाना साधा और लिखा कि मध्य प्रदेश फिर हुआ शर्मसार, नर्मदापुरम में एक पत्रकार की पेड़ से बांधकर बेरहमी से पिटाई की गई। शिवराज जी, अब तो जंगलराज भी छोटा शब्द लगता है। ‘बीजेपी हटाओ, मध्य प्रदेश बचाओ’

 

 

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हरियाणा सरकार ने जवाहर सिंह यादव को नियुक्त किया मुख्यमंत्री का OSD

हरियाणा सरकार ने जवाहर सिंह यादव को मुख्यमंत्री का ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में जवाहर सिंह यादव का यह दूसरा कार्यकाल है।

Last Modified:
Friday, 27 January, 2023
Jawahar Singh Yadav

हरियाणा सरकार ने भाजपा नेता जवाहर सिंह यादव को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगा। इस बारे में हरियाणा सरकार में मुख्य सचिव संजीव कौशल की ओर से 24 जनवरी 2023 को आदेश जारी किए गए हैं।

इन आदेशों में कहा गया है कि जब तक मुख्यमंत्री चाहेंगे, जवाहर सिंह यादव मुख्यमंत्री कार्यालय में ओएसडी के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। इन आदेशों के अनुसार इस पद पर जवाहर सिंह की नियुक्ति के बारे में अन्य सेवा शर्तें बाद में जारी की जाएंगी।

बता दें कि मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में जवाहर सिंह यादव का यह दूसरा कार्यकाल होगा। इससे पहले भी वह मनोहर लाल के पिछले कार्यकाल में ओएसडी रहे हैं। इसके बाद उन्हें हाउसिंग बोर्ड का चेयरमैन भी नियुक्त किया गया था। 

अपनी इस नियुक्ति के बारे में जवाहर सिंह यादव ने एक ट्वीट कर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। अपने ट्वीट में जवाहर सिंह यादव का कहना है, ‘मुझ जैसे सामान्य कार्यकर्ता को एक बार पुनः दायित्व देने के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री @mlkhattar जी एवं शीर्ष नेतृत्व का हृदय से आभार धन्यवाद।’

 

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‘ABP माझा’ ने इन जांबाजों की वीरता को सराहा, शौर्य पुरस्कार से किया सम्मानित

‘एबीपी नेटवर्क’ (ABP Network) के मराठी न्यूज चैनल ‘एबीपी माझा’ ने 24 जनवरी को मुंबई के Trident BKC होटल में अपने वार्षिक कार्यक्रम ‘शौर्य पुरस्कार’ का आयोजन किया।

Last Modified:
Friday, 27 January, 2023
ABP Majha Channel

‘एबीपी नेटवर्क’ (ABP Network) के मराठी न्यूज चैनल ‘एबीपी माझा’ (ABP Majha) ने 24 जनवरी को मुंबई के Trident BKC होटल में अपने वार्षिक कार्यक्रम ‘शौर्य पुरस्कार’ (Shourya Puraskar) का आयोजन किया। इस साल ‘शौर्य पुरस्कार’ उन आठ जांबाजों को प्रदान किए गए, जिन्होंने निस्वार्थ भाव से दूसरों के लिए अपनी जान जोखिम में डाली। पुरस्कार प्राप्त करने वालों में किशोर गढ़े, नम्रता काले, प्रवीण राठौड़, दीपक घरात, लताबाई कोली, मयूर पाटिल, संजना पावड़े और सतीश कांबले शामिल थे।

इनमें किशोर गढ़े ने बाढ़ की चिंता न करते हुए नदी में छलांग लगा दी और डूब रहे तीन लोगों की जान बचाई। नम्रता काले ने भाई की जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह न करते हुए कुएं में छलांग लगा दी। दीपक घरात ने आग में फंसे एक परिवार की जान बचाई।

गैस रिसाव के कारण लगी आग में फंसे 25 लोगों को निकालने के लिए प्रवीण राठौड़ को सम्मानित किया गया। लताबाई कोली ने बाढ़ के पानी में 13 घंटे तक तैरकर तेंदुए से अपनी जान बचाई।

मयूर पाटिल को चाकू के हमले से एक लड़की की जान बचाने पर अनुकरणीय साहस दिखाने के लिए पुरस्कार मिला, जबकि इस हमले में वह खुद घायल हो गए। इस अवॉर्ड को पाने वालों में शामिल संजना पावड़े अपने पति को बचाने के लिए एक तेंदुए से भिड़ गईं। सतीश कांबले को मरणोपरांत इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उन्हें स्कूल बस चलाते समय दिल का दौरा पड़ा था, फिर भी वे बस को नियंत्रित करने और उसे रोकने में कामयाब रहे, जिससे बस में बैठे बच्चों की जान बच गई। यह सम्मान उनकी पत्नी प्रमिला को मिला।

कार्यक्रम में मौजूद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, मुंबई पुलिस के आयुक्त विवेक फनसालकर और जाने-माने टीवी व फिल्म अभिनेता शिवाजी साटम ने भी इन बहादुरों के जज्बे को सलाम किया और उन्हें सम्मानित किया।

बता दें कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य महाराष्ट्र के उन आमजन को एक नई पहचान देना और उन्हें सम्मानित करना है, जिन्होंने अपनी वीरता और साहस का परिचय दिया है औऱ अपनी जान की परवाह न करते हुए वीरता का परिचय दिया है और लोगों की जान बचाई है।

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दुनिया को अलविदा कह गए UNI के पूर्व संपादक सनी अब्राहम

देश की अग्रणी न्यूज एजेंसी ‘युनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया’ (UNI) के पूर्व संपादक सनी अब्राहम का निधन हो गया

Last Modified:
Friday, 27 January, 2023
sunny4541

देश की अग्रणी न्यूज एजेंसी ‘युनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया’ (UNI) के पूर्व संपादक सनी अब्राहम का बीते मंगलवार रात निधन हो गया। वह लगभग 70 वर्ष के थे।

बताया जा रहा है कि अब्राहम कोविड के बाद होने वाली तकलीफों से जूझ रहे थे। उन्होंने मंगलवार रात नई दिल्ली के अपने समाचार अपार्टमेंट स्थित आवास पर अंतिम सांस ली।

उन्होंने यूएनआई में सेवा के दौरान विदेशों में नियुक्ति के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारियां निभाईं। UNI के साथ लगभग 29 वर्षों तक काम किया। वह इसके साथ अक्टूबर 1980 में एजेंसी से जुड़े मार्च 2009 तक यहां रहे। इस दौरान जुलाई 2003 से मार्च 2009 तक वह इसके संपादक रहे। वहीं, मार्च 1993 से दिसंबर 1999 तक उन्होंने खाड़ी, मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका क्षेत्रों में विदेशी संवाददाता के तौर पर कार्य किया। UNI से अलग होने के बाद वह लंबे समय तक ‘नेटइंडियन मीडिया कार्पोरेशन’ में चीफ एडिटर व सीईओ के पद पर कार्य किया।

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