होम / मीडिया फोरम / इस तरह की बातों के लिए प्रसार भारती के चेयरमैन ने की संपादक की खिंचाई
इस तरह की बातों के लिए प्रसार भारती के चेयरमैन ने की संपादक की खिंचाई
ए. सूर्यप्रकाश ने भारत के लोकतंत्र की जमकर की तारीफ
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
लंदन में ग्लोबल कॉन्फ्रेंस फॉर मीडिया फ्रीडम में 'धर्म और मीडिया' सत्र के दौरान भारत विरोधी व्याख्यान देने पर प्रसार भारती के चेयरमैन ए. सूर्यप्रकाश ने 'कारवां' मैगजीन के कार्यकारी संपादक विनोद के. जोस की जमकर खिंचाई की। उन्होंने कहा कि जोस के कई बयान ‘गलत और अधूरे' थे। दरअसल, जोस ने सत्र के दौरान दावा किया था कि भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर अत्याचार किया जा रहा है।
अपने तर्क के समर्थन में उन्होंने अल्पसंख्यकों पर हमले के मीडिया कवरेज के क्लिप दिखाए थे। व्याख्यान के दौरान जोस ने दावा किया कि भारत में सैकड़ों ईसाइयों की हत्या कर दी गई। इसके अलावा 1984 में सिखों के नरसंहार को अंजाम दिया गया। उनके व्याख्यान के बाद संवाद सत्र के दौरान ए. सूर्यप्रकाश ने जोस के भाषण की आलोचना की।
सूर्यप्रकाश ने भारत के लोकतंत्र की तारीफ करते हुए कहा कि यह न सिर्फ दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, बल्कि यह जीवंत भी है। इसमें विविध समाज के लोग रहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर श्रोताओं ने जोस की बातों पर भरोसा किया तो दुनिया भर में लोकतंत्र संदेह के घेरे में होगा।
प्रसार भारती के अध्यक्ष ने इसके साथ ही यह आरोप लगाया कि दुनिया के कुछ कार्यकर्ताओं को हाल में हुए चुनाव में भारत के मतदाताओं का निर्णय रास नहीं आया और उन्होंने अपनी बातों के लिए इस तरह के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा, 'आयोजकों द्वारा भारत विरोधी व्याख्यान के लिए इस तरह प्लेटफॉर्म मुहैया कराए जाने से मैं दुखी हूं।‘ बता दें कि सम्मेलन का आयोजन ब्रिटेन और कनाडा की सरकारों ने संयुक्त रूप से किया था। सत्र की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रमंडल और संयुक्त राष्ट्र के सचिव विम्बलडन के लॉर्ड अहमद ने सूर्यप्रकाश की टिप्पणियों का संज्ञान लेते हुए कहा कि वह भारत के लोकतंत्र का काफी सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि जातीय एवं अन्य संघर्षों पर चर्चा तो की जा सकती है, लेकिन लोकतांत्रिक देश में भारत की मजबूती पर सवाल नहीं खड़े किए जा सकते हैं।
आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)
टैग्स प्रसार भारती ए. सूर्य प्रकाश कारवां मैगजीन विनोद के. जोस