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एक पत्रकार की गिरफ्तारी पर मच गया बवाल, छापेमारी के बाद बुजुर्ग पिता की मौत
राजीव शर्मा धुबरी प्रेस क्लब के महासचिव और रीजनल न्यूज चैनल के संवाददाता हैं। वो अपने 64 वर्षीय पिता सुधीन शर्मा के साथ रहते थे।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
असम में एक पत्रकार की गिरफ्तारी से राज्य में हंगामा मच गया है। पत्रकार को कथित तौर पर धुबरी जिले के एक अधिकारी की पत्नी के साथ जबरन वसूली और दुर्व्यवहार के आरोप में गुरुवार को गौरीपुर शहर में उनके निवास स्थान से गिरफ्तार किया गया।
पत्रकार का नाम राजीव शर्मा है और वे DY365 चैनल में कार्यरत हैं। गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद, उनके 64 वर्षीय बीमार पिता की हृदय गति रुकने से मृत्यु हो गई।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजीव शर्मा धुबरी प्रेस क्लब के महासचिव और रीजनल न्यूज चैनल के संवाददाता हैं। उन्हें जबरन वसूली के मामले में उनके आवास से रात के करीब 2 बजे के लगभग गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया था, वो अपने 64 वर्षीय पिता सुधीन शर्मा के साथ रहते थे।
वहीं अधिकारियों ने बताया कि इस गिरफ्तारी से राज्य में हंगामा मच गया, जिसके बाद जिला पुलिस अधीक्षक और प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) का तबादला कर दिया गया। धुबरी DFO बिस्वजीत रॉय ने शर्मा के खिलाफ एक पुलिस शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उनकी पत्नी पर जबरन वसूली और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया गया था।
बता दें कि राजीव शर्मा ने कई रिपोर्ट्स के जरिए पशु तस्करी के मामलों का खुलासा किया था। अपनी कई रिपोर्ट में उन्होंने दावा किया था कि धुबरी जिले में पशु तस्करी डीएफओ और जिला पुलिस के बीच कथित सांठगांठ पर चल रही थी।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) जी पी सिंह ने शुक्रवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के एक स्थानीय पत्रकार की गिरफ्तारी का मामला उचित जांच के लिए आपराधिक जांच विभाग को स्थानांतरित कर दिया गया है। शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए पुलिस अधिकारी ने सरमा के निवास का दौरा किया। सिंह ने धुबरी पुलिस स्टेशन का भी दौरा किया।
शुक्रवार को एक स्थानीय अदालत ने शर्मा को अपने पिता के अंतिम संस्कार को पूरा करने के लिए अंतरिम जमानत दे दी थी। गुरुवार को शाम को कई पत्रकारों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में गौरीपुर श्मशान घाट पर उन्होंने अपने पिता का अंतिम संस्कार किया।
वहीं, एडीजीपी ने कहा कि सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक सेल डीएफओ के मामले की अलग से जांच करेगा और यह पत्रकार के खिलाफ आपराधिक मामले से संबंधित नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मवेशियों की तस्करी के मामलों में धुबरी जिला पुलिस की भूमिका के बारे में पूछताछ करने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाएगा।
पुलिस अधिकारी ने कहा, 'मैंने आज प्राथमिक जांच की है और आज रात तक अपने निष्कर्ष डीजीपी और मुख्यमंत्री को सौंप दूंगा।'
प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनोज कुमार नाथ और सचिव संजय रे ने एक बयान में कहा कि हम चाहते हैं कि मुख्यमंत्री इस मामले में हस्तक्षेप करें। जांच के नाम पर राजीव शर्मा को परेशान न किया जाए।
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