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दुनिया को अलविदा कह गए जनमत के पूर्व संपादक और कवि अग्निपुष्प
मैथिली साहित्य में उनके योगदान, विशेषकर उनकी कविताएं और ‘मुक्ति प्रसंग’ के अनुवाद — उन्हें हमेशा स्मरणीय बनाए रखेंगे।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 9 months ago
जाने-माने कवि और ‘जनमत’ के पूर्व संपादक अग्निपुष्प का निधन हो गया है। उन्होंने तीन मई को कोलकाता के वुडलैंड्स अस्पताल में अंतिम सांस ली।
अग्निपुष्प, दरभंगा के तरौनी गांव (जो बाबा नागार्जुन का भी पैतृक स्थान है) से ताल्लुक रखते थे। वे नक्सलबाड़ी किसान आंदोलन और उस दौर के युवा उभार से प्रेरित होकर सीपीआई(एमएल) से जुड़े। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने दरभंगा में कार्य किया और फिर पटना स्थानांतरित हो गए, जहां उन्होंने अरविंद कुमार के साथ मिलकर पार्टी के प्रकाशन विभाग को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाई।
वे ‘समकालीन जनमत’ के संपादक रहे और 'संवाद' जैसी काव्य-पत्रिका का संपादन भी किया। इसके अलावा मैथिली साहित्य में उनके योगदान, विशेषकर उनकी कविताएं और ‘मुक्ति प्रसंग’ के अनुवाद — उन्हें हमेशा स्मरणीय बनाए रखेंगे।
अग्निपुष्प के निधन पर उनके तमाम परिचितों और शुभचिंतकों ने शोक जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है और ईश्वर से शोक संतप्त परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
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