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अफगानिस्तान में मीडिया के बुरे हालात, फिर शिकंजा कसने की तैयारी में तालिबान
अफगानिस्तान में मीडिया को कंट्रोल करने के लिए तालिबानी अधिकारी उचित गाइडलाइंस बनाने की तैयारी कर रहे हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
अफगानिस्तान में तालिबान ने देश के मीडिया आउटलेट्स को एक बार फिर हाशिये पर धकेल दिया है। खामा प्रेस ने तालिबान के हवाले से बताया कि मीडिया को कंट्रोल करने के लिए तालिबानी अधिकारी उचित गाइडलाइंस बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इस योजना के जरिए अफगानिस्तान में मीडिया की आवाज को दबाकर उन पर नए और पहले से ज्यादा प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
बल्ख प्रांत में एक सभा के बाद सूचना व संस्कृति विभाग के कार्यकारी मोहम्मद यूनिस राशिद ने कहा, अभी पाबंदी जारी रहेंगी। राशिद ने टिप्पणी की कि उत्तरी मजार-ए-शरीफ में मीडिया और तालिबान की कार्यवाहक सरकार के बीच हाल ही में बैठक हुई, जिसमें पत्रकारों की स्वतंत्रता के लिए रोडमैम तैयार करने के बजाय मीडिया आउटलेट्स पर और प्रतिबंध जारी रखने की बात कही गयी।
अफगानिस्तान के बल्ख प्रांत के एक निजी मीडिया आउटलेट के प्रमुख अब्दुल बशीर आबिद ने कहा, मौजूदा शासन में हम मीडिया पर नियंत्रण को महसूस कर रहे हैं। बैठक में ब्लूप्रिंट की कमी के चलते हम गंभीर चुनौतियां महसूस कर रहे हैं। खामा प्रेस के स्थानीय पत्रकार सैयद मोहम्मद यज्दान ने कहा कि सरकार को ऐसी नीति पेश करना चाहिए, जो दोनों के बीच एक पुल का काम कर सके।
कई मानवाधिकार संगठनों ने अफगानिस्तान में पत्रकारों के खिलाफ उल्लंघनों की निंदा की। उधर, देश में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ने भी अब अफगानिस्तान में पत्रकारों के मानवाधिकार हनन को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है।
संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ने कहा, अगस्त 2021 से अफगानिस्तान में 200 से ज्यादा पत्रकारों के मानवाधिकारों हनन का दर्जा दिखाई दिया है। इसमें रिकॉर्ड संख्या में मनमानी गिरफ्तारी, दुर्व्यवहार, धमकी और डराना शामिल है।
संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ने ट्वीट किया, अफगानिस्तान में मीडिया संकट में है। यहां तालिबान कब्जे के बाद से ही उसने देश में लैंगिक समानता और अभिव्यक्ति की आजादी, महिला अधिकारों की प्रगति और मीडिया की स्वायत्तता वापस ले ली थी। अब पिछले दिनों में मीडिया पर अंकुश और बढ़ा दिया गया है।
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