YouTube TV और Disney के बीच दो हफ्ते से चल रहा विवाद थमा

गूगल की YouTube TV और Disney के बीच दो हफ्ते से चल रहा विवाद आखिर खत्म हो गया है और अब दोनों कंपनियों ने समझौता कर लिया है।

Last Modified:
Saturday, 15 November, 2025
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गूगल की YouTube TV और Disney के बीच दो हफ्ते से चल रहा विवाद आखिर खत्म हो गया है। दोनों कंपनियों ने समझौता कर लिया है, जिसके बाद ABC, ESPN और अन्य Disney चैनल दोबारा YouTube TV पर लौट आए हैं। यह विवाद 31 अक्टूबर से जारी था, जिसके कारण कई लाइव स्पोर्ट्स इवेंट्स, जैसे कॉलेज फुटबॉल और दो Monday Night Football मैच प्लेटफॉर्म पर नहीं दिख पाए।

YouTube ने एक बयान में कहा, 'हमें खुशी है कि हम Disney के साथ एक नया समझौता करने में सफल रहे हैं। इससे हमारी सर्विस का वैल्यू सब्सक्राइबर्स के लिए बना रहेगा। यूजर्स को आज के दौरान ABC, ESPN और FX जैसे चैनल वापस दिखाई देने लगेंगे, साथ ही उनकी पुरानी रिकॉर्डिंग भी फिर से उपलब्ध होगी। हुई असुविधा के लिए हम माफी चाहते हैं।'

Disney Entertainment के को-चेयर्स एलन बर्गमैन और डैना वाल्डेन और ESPN के चेयरमैन जिमी पिटारो ने भी कहा कि यह समझौता दर्शकों की देखने की बदलती आदतों को ध्यान में रखकर किया गया है। उन्होंने कहा कि चैनल्स समय पर वापस आ गए हैं, जिससे दर्शक इस वीकेंड का शानदार कंटेंट, खासकर कॉलेज फुटबॉल, देख सकेंगे।

विवाद के दौरान YouTube TV ने अपनी सर्विस से 20 से ज्यादा Disney चैनलों को हटा दिया था। इसमें ABC और ESPN के साथ FX, NatGeo, Disney Channel और Freeform जैसे चैनल भी शामिल थे। स्टैंडऑफ की वजह Disney की तरफ से चैनलों के लिए वसूला जाने वाला ऊँचा शुल्क बताया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ESPN टीवी इंडस्ट्री का सबसे महंगा चैनल है, जो प्रति सब्सक्राइबर $10 से ज्यादा चार्ज करता है।

इस साल YouTube TV का यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले अक्टूबर में NBCUniversal के साथ और अगस्त में Fox के साथ भी ऐसे ही टकराव हो चुके हैं। दोनों मामलों में आखिरी समय पर समझौता हुआ और चैनल बंद होने से बच गए।

YouTube ने कहा कि वे भविष्य में Disney और अन्य पार्टनर्स के साथ नए प्रोग्राम पैकेज लाने की भी प्लानिंग कर रहे हैं। वहीं Disney ने बताया कि ESPN Unlimited का कुछ लाइव और ऑन-डिमांड कंटेंट 2026 के आखिर तक YouTube TV के बेस प्लान पर बिना अतिरिक्त लागत के उपलब्ध कराया जाएगा।

Disney ने अपने एम्प्लॉयीज को एक मेमो भी भेजा, जिसमें कहा गया कि यह मुश्किल समय था, लेकिन अंत में नतीजा कंपनी और दर्शकों दोनों के लिए फायदेमंद रहा। मेमो में कहा गया कि यह समझौता Disney की प्रोग्रामिंग की वैल्यू और दर्शकों के लिए बेहतर अनुभव देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मेमो में Disney के टॉप लीडर्स ने टीम को इस प्रक्रिया में धैर्य और मेहनत के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि मीडिया इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है, इसलिए ऐसे समझौते जटिल होते हैं, लेकिन कंपनी हमेशा दर्शकों के बेहतर अनुभव को प्राथमिकता देगी।


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Peacock से डील खत्म, अमेरिका में अब WWE की लाइब्रेरी Netflix पर

'वर्ल्ड रेसलिंग एनटरटेनमेन्ट, इंक (WWE) और Netflix का रिश्ता और गहरा होता जा रहा है। दोनों ने अपनी पार्टनरशिप को और बढ़ा दिया है।

Last Modified:
Wednesday, 07 January, 2026
WWE8745

'वर्ल्ड रेसलिंग एनटरटेनमेन्ट, इंक (WWE) और Netflix का रिश्ता और गहरा होता जा रहा है। सोमवार को Netflix पर WWE के Monday Night Raw के एक खास Stranger Things एपिसोड के बाद दोनों ने अपनी लंबी पार्टनरशिप को बढ़ा दिया है। अब Netflix अमेरिका में WWE के वीडियो लाइब्रेरी का नया घर बन गया है। इससे पहले यह लाइब्रेरी NBCUniversal के Peacock पर थी, लेकिन उसकी पांच साल की डील अब खत्म हो गयी है।

कंपनियों ने कहा कि अब Netflix पर WWE के प्रमुख लाइव इवेंट्स (PLEs) जैसे WrestleMania, SummerSlam और Royal Rumble, साथ ही अवॉर्ड-विनिंग डॉक्यूमेंट्री और ओरिजिनल प्रोग्रामिंग उपलब्ध होंगी। हालांकि, WWE का Peacock पर भी मौजूदगी जारी रहेगी। इसके Saturday Night’s Main Event स्पेशल और weekly SmackDown एपिसोड NBC/Peacock पर ही दिखेंगे। वहीं, सितंबर 2025 के बाद के WWE PLEs अमेरिका में ESPN पर एक्सक्लूसिव होंगे।

Netflix पर WWE का कंटेंट आने के बाद Monday Night Raw अब वैश्विक स्तर पर इंग्लिश टॉप 10 का नियमित हिस्सा बन गया है। साथ ही, WWE की लाइब्रेरी के पुराने एपिसोड भी Netflix पर देखे जा सकते हैं।

यह कदम WWE की ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्री सीरीज WWE: Unreal के दूसरे सीजन की शुरुआत से पहले आया है, जो 20 जनवरी को Netflix पर शुरू होगा।

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मैडुरो समर्थन मार्च के दौरान वेनेजुएला में मीडिया पर कार्रवाई

काराकस में टीवी और अखबार के रिपोर्टर्स को काम करते हुए रोका गया, थोड़ी देर हिरासत में रखा गया, फिर ज्यादातर को छोड़ दिया गया, लेकिन एक को वापस अपने अपने देश भेज दिया गया।

Last Modified:
Wednesday, 07 January, 2026
Venezuela

वेनेजुएला की राजधानी काराकस में सोमवार को बड़ी खबर सामने आई है। यहां देश की नई विधान सभा के शपथ ग्रहण समारोह और पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मैडुरो के समर्थन में निकाली गई मार्च की कवर रिपोर्टिंग कर रहे मीडिया कर्मियों को हिरासत में लिया गया। देश के प्रेस संघ SNTP ने बताया कि करीब 14 पत्रकार और मीडिया वर्कर को पुलिस/सुरक्षा एजेंसियों ने हिरासत में लिया, लेकिन बाद में सभी को रिहा कर दिया गया है। एक विदेशी पत्रकार को देश से निकाल दिया गया कहा जा रहा है। 

SNTP के अनुसार हिरासत में लिए गए लोगों में 11 अंतरराष्ट्रीय मीडिया के और 1 स्थानीय मीडिया का व्यक्ति था। अधिकारियों ने उनके उपकरण भी चेक किए और मोबाइल फोन खोलने को कहा।

यह घटना राजनीतिक तनाव के बीच हुई है, क्योंकि हाल ही में मैडुरो को अमेरिकी अदालत में नारको-आतंकवाद के आरोपों का सामना करना पड़ा है और उनकी जगह डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति का पदभार सौंपा गया है।

इससे पहले चीन ने कहा है कि उसके सभी पत्रकार इस दौरान सुरक्षित हैं।  

काराकस में टीवी और अखबार के रिपोर्टर्स को काम करते हुए रोका गया, थोड़ी देर हिरासत में रखा गया, फिर ज्यादातर को छोड़ दिया गया, लेकिन एक को वापस अपने अपने देश भेज दिया गया। सब कुछ राजनीतिक विवाद और सत्ता बदलाव के बीच हो रहा है।

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अलजज़ीरा के वरिष्ठ पत्रकार व एंकर जमील अज़र का निधन

अलजज़ीरा में लंबे समय तक जुड़े वरिष्ठ पत्रकार व एंकर जमील अज़र का निधन हो गया है।

Last Modified:
Tuesday, 06 January, 2026
JamilAzar 874

अलजज़ीरा में लंबे समय से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार व एंकर  जमील अज़र का निधन हो गया है। जमील अज़र नेटवर्क के शुरुआती दिनों से ही जुड़े थे और पिछले तीन दशक से मीडिया की दुनिया में उनका बड़ा नाम रहा। वह 89 साल के थे।

अलजज़ीरा के डायरेक्टर जनरल शेख़ नासिर बिन फैसल अल थानी ने जमील अज़र को एक 'विशिष्ट भाषाविद्' और नेटवर्क के बड़े उद्देश्य 'The opinion and the other opinion' के लेखक के रूप में याद किया। उन्होंने कहा कि जमील अज़र ने पत्रकारिता में ईमानदारी और उत्कृष्टता की मिसाल दी और कई पीढ़ियों के पत्रकारों को मार्गदर्शन दिया।

शेख़ नासिर ने बताया कि जमील अज़र हर मायने में पत्रकारिता की 'जिंदा स्कूल' थे। वह हमेशा मदद और सलाह देने के लिए तैयार रहते थे, बहुत विनम्र और खुले दिल के थे और अलजज़ीरा के मूल्यों और प्रतिष्ठा के प्रति हमेशा वफादार रहे। उनका जाना अरब मीडिया के लिए एक बड़ा नुकसान है।

जमील अज़र का जन्म 1937 में इरबिड, जोर्डन के अल-हुस्न कस्बे में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बीबीसी के अरबी सेवा में 1965 में की और 1996 तक वहां खबरें प्रस्तुत करने और अनुवाद का काम किया। बीबीसी में रहते हुए उन्होंने कई प्रोग्राम भी तैयार किए, जैसे Politics Between the Questioner and the Respondent और Arab Affairs in the British Press।

1996 में अलजज़ीरा के लॉन्च के समय अज़र नेटवर्क से जुड़ गए और शुरुआती वर्षों में खबरें पढ़ने और प्रेजेंट करने में अहम भूमिका निभाई। वह The Week in the News जैसे कार्यक्रम भी होस्ट कर चुके हैं। उन्होंने 2011 में अलजज़ीरा से इस्तीफा दिया।

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बांग्लादेश में अखबार के हिंदू संपादक की गोली मारकर हत्या

बांग्लादेश में जशोर जिले के मणिरामपुर इलाके में सोमवार शाम एक हिंदू कारोबारी और अखबार के कार्यवाहक संपादक (acting editor) की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

Last Modified:
Tuesday, 06 January, 2026
RanaPratapBairagi87

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की एक और घटना सामने आई है। जशोर जिले के मणिरामपुर इलाके में सोमवार शाम एक हिंदू कारोबारी और अखबार के कार्यवाहक संपादक (acting editor) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 45 वर्षीय राणा प्रताप बैरागी के रूप में हुई है। हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए।

बांग्ला भाषा के अखबार 'प्रथम आलो' की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना कपलिया बाजार में शाम करीब 5:45 बजे हुई। राणा प्रताप बैरागी हाल के दिनों में बांग्लादेश में मारे गए पांचवें हिंदू व्यक्ति बताए जा रहे हैं। यह घटनाएं उस अशांति के बाद सामने आई हैं, जो छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद शुरू हुई थी।

कौन थे राणा प्रताप बैरागी?

राणा प्रताप बैरागी जशोर के पड़ोसी केशबपुर जिले के अरुआ गांव के रहने वाले थे और तुषार कांति बैरागी के बेटे थे। वे कपलिया बाजार में बर्फ बनाने की फैक्ट्री चलाते थे। इसके साथ ही वह एक अखबार ‘दैनिक बीडी खबर’ के कार्यवाहक संपादक भी थे, जो नड़ाइल से प्रकाशित होता था।

पुलिस के अनुसार, राणा प्रताप बैरागी के खिलाफ दो थानों में चार मामले दर्ज थे, हालांकि इन मामलों का पूरा ब्योरा फिलहाल सामने नहीं आया है।

कैसे हुआ हमला?

पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने बेहद करीब से उनके सिर में गोलियां मारीं और इसके बाद फरार हो गए। मणिरामपुर थाने के प्रभारी अधिकारी एमडी राजीउल्लाह खान के मुताबिक, बैरागी को सिर में तीन गोलियां मारी गईं और गला भी रेत दिया गया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। फिलहाल हत्या के पीछे की वजह और हमलावरों की पहचान सामने नहीं आई है।

लगातार बढ़ रही हैं अल्पसंख्यकों पर हिंसा की घटनाएं

यह घटना हाल ही में हुई अन्य हिंसक वारदातों के बाद सामने आई है। पिछले हफ्ते शरियतपुर जिले में 45 वर्षीय हिंदू व्यक्ति खोकन चंद्र दास की चाकू मारकर हत्या करने के बाद उसे आग के हवाले कर दिया गया था।

इससे पहले मायमेनसिंह में 25 वर्षीय दीपु चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी, जिस पर बाद में लगाए गए ईशनिंदा के आरोप गलत पाए गए। इसके अलावा, बांग्लादेश अंसार के सदस्य बजेंद्र बिस्वास की फैक्ट्री में गोली लगने से मौत और हिंदू युवक अमृत मंडल की कथित तौर पर भीड़ द्वारा हत्या की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।

जांच जारी

इन घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की जांच की जा रही है, लेकिन अब तक किसी भी घटना में ठोस गिरफ्तारी की खबर सामने नहीं आई है।

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बांग्लादेश: मीडिया को लगातार धमकियां, टीवी चैनल की हेड को हटाने की मांग

बांग्लादेश में कुछ दिनों पहले प्रमुख अखबार 'प्रोथोम आलो' और 'द डेली स्टार' के दफ्तरों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद अब निजी टीवी चैनल ग्लोबल टीवी को गंभीर धमकी मिली है।

Last Modified:
Friday, 26 December, 2025
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बांग्लादेश में मीडिया संस्थानों पर हमले और धमकियां लगातार जारी हैं। कुछ दिनों पहले प्रमुख अखबार 'प्रोथोम आलो' और 'द डेली स्टार' के दफ्तरों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद अब निजी टीवी चैनल 'ग्लोबल टीवी' को गंभीर धमकी मिली है।

चैनल की हेड ऑफ न्यूज, मशहूर पत्रकार नाजनीन मुन्नी को पद से हटाने की मांग करते हुए 7-8 युवकों के एक समूह ने चैनल प्रबंधन को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई, तो कार्यालय को भी उन्हीं अखबारों की तरह आग लगा दी जाएगी।

घटना 21 दिसंबर को हुई, जब खुद को भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन का सदस्य बताने वाले युवकों ने तेजगांव स्थित ग्लोबल टीवी के दफ्तर में प्रवेश किया। उन्होंने मुन्नी पर राजनीतिक दल से जुड़े होने का आरोप लगाया और चैनल के प्रबंध निदेशक से 48 घंटे के भीतर उनका बर्खास्तगी का लिखित आश्वासन मांगा। प्रबंध निदेशक ने इनकार किया, तो युवकों ने धमकी दी, "जो हम चाहते हैं वही होगा। आप 'प्रोथोम आलो' और 'द डेली स्टार' की तरह कुछ नहीं कर पाएंगे।"

मुन्नी उस समय कार्यालय में मौजूद नहीं थीं, लेकिन उन्होंने फेसबुक पर इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने लिखा कि युवकों ने धमकी दी कि अगर वे नौकरी नहीं छोड़तीं, तो ऑफिस को आग लगा देंगे। मुन्नी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके राजनीतिक दल से कोई संबंध साबित नहीं किया जा सका।

धमकी के बाद चैनल प्रबंधन ने उन्हें कुछ दिनों के लिए घर पर रहने और ऑफिस न आने की सलाह दी, लेकिन मुन्नी ने कहा कि वे चुप नहीं रहेंगी क्योंकि इस तरह की धमकियां अस्वीकार्य हैं।

युवकों ने इससे पहले शरीफ उस्मान हादी की मौत की कवरेज पर भी आपत्ति जताई थी। हादी, जो भारत-विरोधी रुख के लिए जाने जाते थे और 2024 के छात्र आंदोलन में सक्रिय रहे, 18 दिसंबर को गोली लगने से मृत पाए गए थे। उनकी मौत के बाद पूरे देश में अशांति फैली और उसी रात 'प्रोथोम आलो' और 'द डेली स्टार' के दफ्तरों पर हमले हुए। 

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बांग्लादेश में पत्रकार की हत्या व अखबारों पर हुए हमले को लेकर PEC ने जताई चिंता

प्रेस सुरक्षा और अधिकारों की वैश्विक संस्था प्रेस एम्ब्लेम कैंपेन (PEC) ने बांग्लादेश में हाल ही में हुई पत्रकार हत्या और अखबारों पर हमले की कड़ी निंदा की है

Last Modified:
Monday, 22 December, 2025
Bangladesh5412

प्रेस सुरक्षा व अधिकारों की वैश्विक संस्था प्रेस एम्ब्लेम कैंपेन (PEC) ने बांग्लादेश में हाल ही में हुई पत्रकार हत्या और अखबारों पर हमले की कड़ी निंदा की है। PEC ने ढाका की अंतरिम सरकार से पूरे देश में मीडिया प्रोफेशनल्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

घटना में डिजिटल मीडिया के संपादक इमदादुल हक मिलोन (45) की हत्या की गई और एक उग्र भीड़ ने राजधानी में दो बड़े अखबारों  'Prothom Alo' और ‘द डेली स्टार’ के दफ्तरों पर हमला किया। PEC ने ‘New Age’ के संपादक नुरुल कबीर पर भी हुए शारीरिक हमले की निंदा की, जिन्होंने अन्य पत्रकारों के साथ मिलकर हिंसक समूह को रोकने की कोशिश की।

मिलोन 18 दिसंबर की शाम शालुआ मार्केट में चार सशस्त्र बदमाशों द्वारा मारे गए। गंभीर रूप से घायल मिलोन को खुलना मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वह इस साल बांग्लादेश में मारे गए पांचवें पत्रकार और वैश्विक स्तर पर 163वें पत्रकार शिकार हैं।

PEC के अध्यक्ष ब्लेज लेम्पेन ने कहा, “हम पत्रकार इमदादुल हक मिलोन की हत्या की कड़ी निंदा करते हैं। इसके साथ ही राजधानी ढाका में देर रात हुए अखबारों पर तोड़फोड़ और आगजनी के हमले भी बेहद डरावने हैं। यह प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है, जिसे सरकार को सुरक्षित बनाना चाहिए, खासकर जब देश 12 फरवरी 2026 में आम चुनाव की तैयारी कर रहा है।”

हमले के कारण दोनों अखबार शुक्रवार को अपने अंक प्रकाशित नहीं कर सके। PEC के दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया प्रतिनिधि नवा ठाकुरिया ने कहा कि इन हमलों के तुरंत बाद हिंसा फैली, जब अंतरिम सरकार के प्रमुख प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस ने पुष्टि की कि इंक़लाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मृत्यु हो गई।

प्रो. यूनुस ने प्रभावित अखबारों के संपादकों से बात की और उन्हें पूरा समर्थन और सुरक्षा सहायता देने का आश्वासन दिया।

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मशहूर कॉमिक ब्रैंड Peanuts पर सोनी ग्रुप का बढ़ रहा नियंत्रण, खरीदेगा अधिकतम हिस्सेदारी

जापानी एंटरटेनमेंट कंपनी सोनी ग्रुप ने मशहूर कॉमिक और एंटरटेनमेंट ब्रैंड Peanuts का अधिकतर हिस्सा खरीदने का ऐलान किया है।

Last Modified:
Saturday, 20 December, 2025
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जापानी एंटरटेनमेंट कंपनी सोनी ग्रुप ने मशहूर कॉमिक और एंटरटेनमेंट ब्रैंड Peanuts का अधिकतर हिस्सा खरीदने का ऐलान किया है। कंपनी कनाडाई बच्चों के मीडिया ब्रैंड WildBrain Ltd से 41% शेयर खरीद रहा है। इससे सोनी के पास अब कुल 80% हिस्सेदारी हो जाएगी। वहीं, Charles M. Schulz के परिवार के पास 20% हिस्सेदारी बनी रहेगी।

इस सौदे के तहत सोनी म्यूजिक एंटरटेनमेंट (Japan) और सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट मिलकर WildBrain का हिस्सा लगभग CAN $630 मिलियन (लगभग $457 मिलियन) में खरीदेंगे। यह सौदा अब कुछ कानूनी और नियामक मंजूरी का इंतजार कर रहा है।

सोनी ने Peanuts ब्रैंड में 2018 में 39% हिस्सेदारी खरीदी थी और धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही थी।

Peanuts कॉमिक स्ट्रिप की शुरुआत Charles M. Schulz ने 1950 में की थी। इसमें Charlie Brown, Snoopy, Woodstock, Lucy, Linus और Peppermint Patty जैसे मशहूर कैरेक्टर शामिल हैं। वर्षों में यह ब्रैंड टीवी स्पेशल्स, फिल्में, मर्चेंडाइज और अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल कर चुका है। कॉमिक से जुड़े वाक्य जैसे “good grief” और “happiness is a warm puppy” आज भी लोग पहचानते हैं।

Peanuts Holdings LLC, जो ब्रैंड का संचालन करती है, सौदे के बाद भी संचालन करती रहेगी। सोनी ने कहा है कि वह Peanuts ब्रैंड को और भी विकसित करेगी और इसे फिल्म, म्यूजिक, गेमिंग और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में फैलाने की योजना बना रही है।

सोनी म्यूजिक जापान के अध्यक्ष Shunsuke Muramatsu ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य Peanuts ब्रैंड का मूल्य बढ़ाना और इसे विश्व स्तर पर और मजबूत बनाना है। सोनी पिक्चर्स के नेतृत्व ने भी कहा कि यह सौदा ब्रैंड के भविष्य को सुरक्षित और बेहतर बनाने का मौका देगा।

WildBrain का 41% हिस्सा बेचना रणनीतिक बदलाव है। कंपनी अब भी कुछ क्षेत्रों में लाइसेंसिंग, प्रोडक्शन और डिस्ट्रिब्यूशन में शामिल रहेगी। साथ ही, यह कदम WildBrain को अन्य प्रॉपर्टीज़ में निवेश बढ़ाने में मदद करेगा।

Peanuts ब्रैंड दुनियाभर में लोकप्रिय संस्कृति का हिस्सा है। इसके कैरेक्टर सालों से फिल्मों, एनिमेशन और मर्चेंडाइज में दिखते आए हैं। हर साल A Charlie Brown Christmas जैसी क्लासिक फिल्में दुनिया भर में लोगों को दिखाई जाती हैं।

इस सौदे के बाद सोनी अब Peanuts ब्रैंड के मुख्य मालिक बन चुकी है और आने वाले दशकों में यह तय करेगी कि यह ब्रैंड कैसे आगे बढ़ेगा, साथ ही Charlie Brown, Snoopy और बाकी कैरेक्टरों की विरासत को बनाए रखा जाएगा। 

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ट्रंप मीडिया व Google समर्थित कंपनी ने की मर्जर की घोषणा, न्यू्क्लियर फ्यूजन फर्म में कदम

अमेरिका में ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप (TMTG) अब सोशल मीडिया से निकलकर ऊर्जा क्षेत्र में कदम रखने जा रहा है। TMTG ने Google समर्थित TAE Technologies के साथ मर्ज करने की घोषणा की है

Last Modified:
Friday, 19 December, 2025
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अमेरिका में ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप (TMTG) अब सोशल मीडिया से निकलकर ऊर्जा क्षेत्र में कदम रखने जा रहा है। TMTG ने Google समर्थित TAE Technologies के साथ मर्ज करने की घोषणा की है, जिसका कुल मूल्य 6 अरब डॉलर से ज्यादा है।

इस मर्ज के बाद दोनों कंपनियों के पास बराबर 50-50 शेयर होंगे। नए गठित कंपनी का बोर्ड नौ सदस्यों का होगा, जिसमें ट्रंप मीडिया के CEO डेविन नुनेस और ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर शामिल होंगे।

नए संयुक्त बयान के अनुसार, कंपनी अगले साल विश्व का पहला यूटिलिटी-स्केल फ्यूजन पावर प्लांट बनाने की योजना बना रही है और इसके बाद और प्लांट भी शुरू किए जाएंगे। फ्यूजन पावर एक ऐसी तकनीक है, जिसमें परमाणु संलयन (nuclear fusion) से ऊर्जा उत्पन्न होती है और इसमें रेडियोधर्मी अपशिष्ट बहुत कम होता है।

TMTG के CEO डेवी नुनेस ने कहा कि यह कदम अमेरिका को ग्लोबल एनर्जी डॉमिनेंस दिलाने में मदद करेगा। उन्होंने इसे 1950 के दशक के बाद का सबसे बड़ा ऊर्जा क्रांतिकारी कदम बताया।

सौदे के हिस्से के रूप में, ट्रंप मीडिया TAE Technologies को 200 मिलियन डॉलर की नकद राशि सौंपेगा और डील रजिस्टर होने के बाद अतिरिक्त 100 मिलियन डॉलर उपलब्ध होंगे।

इस मर्जर से पहले, ट्रंप मीडिया ने सितंबर में अपना तिमाही वित्तीय रिजल्ट जारी किया था, जिसमें कंपनी को $54.8 मिलियन का नुकसान हुआ और Truth Social प्लेटफॉर्म की विज्ञापन आमदनी में गिरावट देखी गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि AI डेटा सेंटर की बढ़ती बिजली मांग और क्लीनर एनर्जी की जरूरतों के बीच यह मर्जर ट्रंप मीडिया के लिए एक बड़ा और आश्चर्यजनक कदम है, जो कंपनी को सोशल मीडिया से ऊर्जा इंडस्ट्री तक ले जाएगा।

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बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन: प्रदर्शनकारियों ने अखबारों के दफ्तरों में लगाई आग

बांग्लादेश में 2024 के छात्र आंदोलन के नेता शरिफ उस्मान हादी की मौत के बाद पूरे देश में व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।

Last Modified:
Friday, 19 December, 2025
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बांग्लादेश में 2024 के छात्र आंदोलन के नेता शरिफ उस्मान हादी की मौत के बाद पूरे देश में व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। हादी पर 12 दिसंबर को हुए हमले के बाद उन्हें गंभीर हालत में सिंगापुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन 18 दिसंबर को उन्होंने दम तोड़ दिया।

हादी की मौत की खबर मिलते ही राजधानी ढाका में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने Daily Star और Prothom Alo जैसे प्रमुख अखबारों के दफ्तरों को तोड़फोड़ कर आग लगा दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज में ये दृश्य साफ दिखाई दिए।

बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के चीफ एडवाइजर मुहम्मद यूनुस ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और संयम दिखाने की अपील की है। उन्होंने टीवी पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, “शरिफ उस्मान हादी अब हमारे बीच नहीं हैं। उनके हत्यारों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मैं सभी नागरिकों से अनुरोध करता हूं कि धैर्य और संयम बनाए रखें।”

वहीं, छात्रों और नागरिकों ने शाहबाग चौक और ढाका विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। कुछ छात्र समूहों ने शोक रैली निकाली और प्रदर्शन में शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों ने Prothom Alo के करवान बाजार स्थित मुख्य दफ्तर में घुसकर आग लगा दी, वहीं Daily Star के दफ्तर में भी आग लगाई गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, Daily Star के दफ्तर से लगभग 25 पत्रकारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

सैन्य और अर्धसैनिक बलों को दफ्तरों के बाहर तैनात किया गया था, लेकिन उन्होंने प्रदर्शनकारियों को रोकने में कोई कार्रवाई नहीं की।

इस घटना ने पहले से ही राजनीतिक रूप से नाजुक स्थिति को और बढ़ा दिया है, क्योंकि बांग्लादेश में जल्द ही चुनाव होने वाले हैं। जनता की नाराजगी और विरोध के बीच सरकार ने शांति बनाए रखने और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। 

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रिपोर्टर्स विदआउट बॉर्डर्स: इस साल दुनियाभर में सबसे ज्यादा पत्रकारों की मौत इजरायल में

रिपोर्टर्स विदआउट बॉर्डर्स (RSF) ने मंगलवार को कहा कि इस साल दुनिया भर में मारे गए पत्रकारों में से करीब आधे का जिम्मेदार इजरायल है।

Last Modified:
Thursday, 11 December, 2025
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रिपोर्टर्स विदआउट बॉर्डर्स (RSF) ने मंगलवार को कहा कि इस साल दुनिया भर में मारे गए पत्रकारों में से करीब आधे का जिम्मेदार इजरायल है। गाजा में इजरायली सेनाओं के हमले में 29 पलेस्टीनियन पत्रकार मारे गए।

RSF की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल कुल 67 पत्रकार मारे गए, जो पिछले साल 66 थे। रिपोर्ट में बताया गया कि इजरायली सेनाओं ने कुल मौतों का 43 प्रतिशत हिस्सा बनाया, और RSF ने इन्हें "पत्रकारों का सबसे बड़ा दुश्मन" बताया। सबसे खतरनाक हमला 25 अगस्त को दक्षिण गाजा में एक अस्पताल पर हुआ, जिसमें पांच पत्रकार मारे गए, जिनमें रॉयटर्स और एसोसिएटेड प्रेस के दो योगदानकर्ता भी शामिल थे।

गाजा में अक्टूबर 2023 से चल रहे संघर्ष के बाद अब तक लगभग 220 पत्रकार मारे जा चुके हैं। RSF के आंकड़ों के मुताबिक, इजरायल लगातार तीन सालों से दुनिया में सबसे ज्यादा पत्रकारों को मारने वाला देश है। विदेशी पत्रकार अब भी गाजा नहीं जा पा रहे हैं, सिवाय उन यात्राओं के जो इजरायली सेना द्वारा कड़ी निगरानी में आयोजित की जाती हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2025 में मेक्सिको में कम से कम तीन साल में सबसे ज्यादा नौ पत्रकार मारे गए। इसके अलावा, युद्धग्रस्त यूक्रेन (तीन पत्रकार) और सूडान (चार पत्रकार) भी पत्रकारों के लिए खतरनाक देश हैं।

हालांकि, सालाना मौतों की संख्या 2012 के पीक 142 से काफी कम है, जब सीरियाई गृहयुद्ध के दौरान ज्यादा पत्रकार मारे गए थे। RSF के अनुसार, साल 2003 से औसतन हर साल लगभग 80 पत्रकार मारे जाते हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि दुनिया भर में पत्रकारों को उनके काम के लिए जेल में भी डाला जाता है। सबसे ज्यादा पत्रकार चीन (121), रूस (48) और म्यांमार (47) में जेल में हैं। 1 दिसंबर 2025 तक, दुनिया के 47 देशों में 503 पत्रकार बंदी हैं। 

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