होम / इंटरनेशनल / Google ने की 'मनमानी', लगा 4.12 अरब डॉलर का जुर्माना
Google ने की 'मनमानी', लगा 4.12 अरब डॉलर का जुर्माना
गूगल की मोनोपॉली से इस समय कई देश परेशान हैं, लिहाजा कई देशों ने उसकी मनमानी के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
गूगल की मोनोपॉली से इस समय कई देश परेशान हैं, लिहाजा कई देशों ने उसकी मनमानी के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जिनमें भारत भी शामिल है। लेकिन इन सबके बीच खबर है कि दिग्गज टेक कंपनी गूगल को हाल ही में यूरोपियन यूनियन (EU) ने बड़ा झटका दिया है। ईयू ने कंपनी पर 4.12 अरब डॉलर (करीब 32,000 करोड़ भारतीय रुपए) का जुर्माना लगाया है। गूगल पर अपने प्रभुत्व का इस्तेमाल करते हुए प्रतिस्पर्धा को खत्म करने का आरोप लगा था।
कोर्ट ने माना कि गूगल ने एंटीट्रस्ट लॉ (Antitrust Law) का उल्लंघन किया है। गूगल ने ऐसा अपने सर्च इंजन की लीडरशिप को मजबूत करने के लिए अपनी एंड्रॉयड स्मार्टफोन टेक्नोलॉजी और उस मार्केट में उसके प्रभुत्व का इस्तेमाल करके किया है।
ईयू ही नहीं, दुनिया में कई जगहों पर गूगल मुकदमों का सामना कर रही है। ज्यादातर आरोप प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करने को लेकर हैं। इससे पहले गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट और फेसबुक की मूल कंपनी मेटा पर जुर्माना लगा था। साउथ कोरिया में प्रतिस्पर्धा उल्लंघन मामले में इन दोनों कंपनियों पर 71 मिलियन डॉलर (करीब 565 करोड़ रुपये) का संयुक्त जुर्माना लगा था।
भारत भी गूगल की मोनोपॉली और एंटीट्रस्ट के खिलाफ कमर कसता जा रहा है, इससे गूगल के लिए राह मुश्किल हो सकती है, क्योंकि वह विश्व के विभिन्न हिस्सों में एक के बाद एक लड़ाई हार रहा है। भारत में कुछ संगठनों के नेतृत्व में यह लड़ाई लड़ी जा रही है, जिनमें गूगल और दूसरी टेक कंपनियों के एंटी ट्रस्ट बिहेवियर को चुनौती दी जा रही है। भारत सरकार की एंटीट्रस्ट वॉचडॉग कॉम्पिटीशन कमेटी ऑफ इंडिया (CCI) गूगल के खिलाफ दायर की गई याचिका की जांच कर रही है। यह याचिका डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (DNPA) की ओर से दर्ज की गई है। इस याचिका में गूगल द्वारा अपनी कमाई का एक हिस्सा न्यूज पब्लिशर्स और मीडिया चैनल्स के साथ शेयर करने की मांग की गई है।
टैग्स गूगल झटका मोनोपॉली यूरोपियन यूनियन