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जानें, क्या हुआ जब LIVE डिबेट के बीच बेहोश हुई एंकर

ब्रिटेन पीएम की रेस में ऋषि सुनक और लिज ट्रस आमने सामने हैं। अपने प्रचार-प्रसार के साथ-साथ टीवी चैनल्स पर डिबेट के लिए आमने-सामने भी आ रहे हैं। इसी बीच, एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है

Last Modified:
Friday, 29 July, 2022
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ब्रिटेन में इन दिनों सियासी गर्मी बढ़ती ही जा रही है। ब्रिटेन पीएम की रेस में ऋषि सुनक (Rishi Sunak) और लिज ट्रस (Liz Truss) आमने सामने हैं, जिसमें भारतीय मूल के ऋषि सुनक पीएम पद की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। फिलहाज दोनों नेता अपने प्रचार-प्रसार के साथ-साथ टीवी चैनल्स पर डिबेट के लिए आमने-सामने भी आ रहे हैं। इसी बीच, एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है, जब दोनों की लाइव डिबेट के दौरान एक एंकर बेहोश होकर गिर पड़ी। इसके बाद उस डिबेट को रद्द करना पड़ा।

दरअसल, हुआ यूं कि बीते मंगलवार शाम एक लाइव टीवी डिबेट शो था। सन और टॉक टीवी की ओर से आयोजित डिबेट को पत्रकार केट मैक्केन (Kate McCann) होस्ट कर रही थीं, इस दौरान दोनों में ब्रिटेन (Britain) की स्वास्थ्य सेवा और कर कटौती के मुद्दों पर तीखी बहस चल रही थी। तभी लिज ट्रस (Liz Truss) ने रूस और राष्ट्रपति पुतिन के बारे में कुछ बोला, इसी दौरान टीवी एंकर केट मैक्केन अचानक बेहोश हो गईं। ऋषि सुनक को जैसे ही लगा कि मैक्केन गिर पड़ेंगी, उन्होंने लाइव शो कार्यक्रम को छोड़कर तुरंत उनकी मदद के लिए दौड़ पड़े। हालांकि, इसकी वजह से कार्यक्रम को तत्काल रोकना पड़ा और फिर दूसरी होस्ट इयान कॉलिन्स ने इस लाइव डिबेट को पूरा कराया, लेकिन ऋषि सुनक के इस मानवीय चेहरे की काफी तारीफ हो रही है।

वहीं, घटना के तत्काल बाद मैक्केन को अस्पताल ले जाया गया। अब वह स्वस्थ हैं और डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी हुई है।  

ब्रिटेन में अगले प्रधानमंत्री बनने के दावेदार ऋषि सुनक (Rishi Sunak) और लिज ट्रस (Liz Truss) के बीच 24 घंटे में दूसरी लाइव टीवी बहस थी।



  

 

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लाइव रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकार के साथ हाथी ने यूं की मसखरी

रिपोर्टिंग के दौरान कई बार दिल को छू लेने वाले पल कैमरे में कैद हो जाते हैं, जोकि काफी मजेदार होते हैं। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 15 November, 2022
Last Modified:
Tuesday, 15 November, 2022
reporter1215

रिपोर्टिंग के दौरान कई बार दिल को छू लेने वाले पल कैमरे में कैद हो जाते हैं, जोकि काफी मजेदार होते हैं। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक रिपोर्टर को रिपोर्टिंग के दौरान अजीबोगरीब घटना का सामना करना पड़ता है, जिस पर खुद उसे हंसी आ जाती है और दिल को छू लेने वाले पल कैमरे में कैद हो जाते हैं।

दरअसल, एक रिपोर्टर वाइल्ड लाइफ ​सेंक्चुरी में हाथियों के बीच रिपोर्टिंग कर रहा था। इस दौरान आमतौर पर गुस्से में रहने वाले हाथियों को रिपोर्टर के साथ मसखरी करते देखा गया। इस वीडियो में रिपोर्टिंग करते एक रिपोर्टर को देखा जा सकता है, जिसके पीछे कुछ शरारती हाथी खड़े नजर आ रहे हैं। इनमें से एक हाथी जब आगे बढ़ता है तो रिपोर्टर उसे रोकने के लिए उस पर हाथ रख देता है। इसके बाद एक दूसरा हाथी अपनी सूंड से उस शख्स के साथ मसखरी करने लगता है। वह अपनी सूंड को शख्स के सिर के ऊपर रख उसके चेहरे के साथ खेलने लगता है। इस पर रिपोर्टर को हंसी आ जाती है।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर अब तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने यूजर्स का दिल जीत लिया है और उन्हें हंसने पर मजबूर कर रहा है। 

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इस वजह से एलन मस्क को सताया 'डर', बोले- ऐसे तो दिवालिया हो जाएगा ट्विटर

दिवालिया होने की संभावना की खबर उस समय पर आयी है, जब मस्क के अधिग्रहण के बाद से कंपनी में काफी बड़े उलटफेर हो रहे हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 11 November, 2022
Last Modified:
Friday, 11 November, 2022
ElonMusk854

ट्विटर डील के बाद पहली बार एलन मस्क ने कंपनी के दिवालिया होने की आशंका व्यक्त की है। दिवालिया होने की संभावना की खबर उस समय पर आयी है, जब मस्क के अधिग्रहण के बाद से कंपनी में काफी बड़े उलटफेर हो रहे हैं। इस बीच वे शीर्ष अधिकारी, जो अब तक मस्क की नई नेतृत्व टीम में शामिल माने जा रहे थे, उन्होंने भी अब इस्तीफा दे दिया है, जिनके नाम है योएल रोथ और रॉबिन व्हीलर।

व्हीलर ट्विटर ऐड सेल्स का नेतृत्व कर रहे थे, जबकि रोथ सेफ्टी व इंटेग्रिटी को हेड थे। वहीं, इससे पहले गुरुवार को ट्विटर की चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर ली किसनर ने भी इस्तीफा दे दिया है। चीफ प्राइवेसी ऑफिसर डेमियन कीरन और मुख्य कम्प्लायंस अधिकारी मैरिएन फोगार्टी ने भी इस्तीफा दे दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों के इस तरह कंपनी छोड़ देने के बाद मस्क ने दिवालियापन की संभावना व्यक्त की है।

बता दें कि मस्क ने कथित तौर पर ट्विटर इंक के कर्मचारियों को एक कॉल के दौरान संबोधित करते हुए कहा कि कंपनी को आने वाले साल में अरबों डॉलर का नुकसान हो सकता है। मस्क ने कहा कि अगर जल्दी ही अधिक कमाई शुरू नहीं हुई, तो कंपनी के दिवालिया होने की स्थिति आ सकती है।   

वहीं कर्मचारियों को संबोधित करने के दौरान, मस्क ने कई बदलावों के बारे में भी जोर दिया, जैसे कि कर्मचारियों को एक हफ्ते में 80 घंटे काम के लिए तैयार रहने को कहा, ऑफिस पर्क्स में भी कटौती की भी बात कही। इसी के साथ कोविड के समय शुरू हुए वर्क फ्रॉम होम को बंद करने का ऐलान किया। 

वहीं ट्विटर ब्लू सर्विस के लिए 8 डॉलर को मस्क ने एक जरूरी और जल्द शुरू करने वाला कदम बताया। इसी के साथ मस्क ने उन फीचर्स के बारे में भी जानकारी साझा की, जो कि वे ट्विटर पर लाना चाहते हैं, जैसे कि पेमेंट, साथ ही विज्ञापनों की खास कैटेगरी। 

44 बिलियन डॉलर की इस डील ने ट्विटर को फिलहाल वित्तीय संकट की ओर धकेल दिया है। दरअसल, ट्विटर की खरीद के लिए मस्क ने जो कर्ज लिया, उसका ब्याज सालाना 1 बिलियन डॉलर तक बढ़ गया है, जिससे उनका सलाना कर्ज अब 13 बिलियन डॉलर हो गया है।

वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इस्तीफा दिए जाने से अमेरिकी फेडरल ट्रेड कमीशन कंपनी पर कड़ी नजर रखे हुए है, क्योंकि शीर्ष स्तर पर सामूहिक इस्तीफे का मतलब हो सकता है कि ट्विटर ने नियामक आदेशों का उल्लंघन किया हो।

हाल ही में मस्क ने ट्विटर के आधे एम्प्लॉयीज की छंटनी के अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा था कि विज्ञापनदाताओं के पलायन के कारण प्लेटफॉर्म को हर दिन  4 बिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है। कंपनी ब्लू टिक को बनाए रखने के लिए 8 डॉलर की फीस चुकाने के  अलावा कई अन्य रेवेन्यू मॉडल पर विचार कर रही है।

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पत्रकारों के खिलाफ बढ़ते क्राइम पर बोला UNESCO- हालात बेहद कठिन

संयुक्त राष्ट्र (United Nation) की एक एजेंसी ने बुधवार को बताया कि दुनियाभर में पत्रकारों की हत्याओं के लिए सजा नहीं दी जाती है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 03 November, 2022
Last Modified:
Thursday, 03 November, 2022
Journalists

संयुक्त राष्ट्र (United Nation) की एक एजेंसी ने बुधवार को बताया कि दुनियाभर में पत्रकारों की हत्याओं के लिए सजा नहीं दी जाती है। संयुक्त राष्ट्र सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) जिसके कामकाज में मीडिया मुद्दे भी शामिल हैं, उसने कहा कि पत्रकारों की हत्याओं के लिए दंड से मुक्ति 86 प्रतिशत तक है।

यूनेस्को ने कहा, ‘यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने होंगे, ताकि पत्रकारों के खिलाफ किए गए अपराधों की उचित जांच की जाए और उनके अपराधियों की पहचान की जाए और उन्हें दोषी ठहराया जाए।’

संगठन के मुताबिक पत्रकारों की हत्याएं अपने उच्च दर पर हैं, जो कि चौंकाने वाला आंकड़ा है। यूनेस्को के महानिदेशक ऑड्रे अज़ोले ने एक बयान में कहा, ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा नहीं की जा सकती है जब इतनी बड़ी संख्या में अनसुलझे मामले हैं।’ अपराधियों को दंड मुक्त कर देने से पत्रकारों की रिपोर्टिंग पर गहरा प्रभाव पड़ा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 और 2021 की अवधि में 117 पत्रकारों की हत्या उनके काम करने के लिए की गई थी, 91 ऐसे पत्रकार थे जो ऑफ ड्यूटी थे। इसमें कहा गया, ‘उनके बच्चों सहित परिवार के सदस्यों के सामने कई लोगों की हत्या कर दी गई।’

यूनेस्को ने कहा कि वह राष्ट्रीय मीडिया कानूनों और नीतियों को विकसित करने और लागू करने के लिए सदस्य देशों के साथ काम कर रहा है। यह न्यायाधीशों, अभियोजकों और सुरक्षा बलों को पत्रकारों के अधिकारों को लागू करने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण दे रहा था कि उनके खिलाफ हमलों की जांच और मुकदमा चलाया जाए।

वहीं, संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने भी पत्रकारों पर बढ़ते हमले पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने इस दौरान कहा कि इस साल दुनियाभर में 70 से अधिक पत्रकारों की हत्या कर दी गई है। रिकॉर्ड संख्या में मीडियाकर्मी वर्तमान में जेलों में बंद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारों को जेल में डालने और जाने से मारने की धमकी जैसी घटनाओं में वृद्धि हो रही है। ऐसे में मीडियाकर्मियों की सुरक्षा पर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ रही है। विशेष रूप से महिला पत्रकारों के बेहद कठिन हालात भी शामिल हैं।

गुटेरेस ने पत्रकारों की अहमियत बताते हुए कहा कि ‘स्वतंत्र प्रेस’ लोकतंत्र के लिए काम करने वाले, गलत कामों को उजागर करने वाले और सतत विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा, ‘कानूनी, वित्तीय और अन्य साधनों के दुरुपयोग के माध्यम से डराने-धमकाने की घटनाएं शक्तिशाली लोगों को जवाबदेह ठहराने के प्रयासों को कमजोर कर रही हैं। इससे न केवल पत्रकारों, बल्कि पूरे समाज को खतरा है।’  

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एलन मस्क ने ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के दावे की खोली पोल, खबर को बताया फर्जी

ट्विटर के नए मालिक बने एलन मस्क (Elon Musk) ने अमेरिकी अखबार ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के एक फर्जीवाड़े का खुलासा किया है

Last Modified:
Monday, 31 October, 2022
ElonMusk854

कार निर्माता कंपनी टेस्ला (Tesla) के सीईओ और हाल ही में ट्विटर के नए मालिक बने एलन मस्क (Elon Musk) ने अमेरिकी अखबार ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के एक फर्जीवाड़े का खुलासा किया है।

एलन मस्क ने अपने ट्विटर हैंडल से ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक खबर का स्क्रीनशॉट साझा किया है और उसे फर्जी बताया है। दरअसल, इस खबर की हेडलाइन में अखबार ने यह दावा किया है कि एलन मस्क ने अपने एक ट्वीट में फर्जी खबरें देने वाली एक वेबसाइट का लिंक साझा किया है। इस दावे के बाद एलन मस्क ने न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर का स्क्रीनशॉट लिया और शेयर कर उसे फर्जी करार दिया है।

एलन मस्क ने लिखा कि ये फेक है, मैंने कोई लिंक ट्वीट नहीं किया है। एलन मस्क ने संकेतों में ही न्यूयॉर्क टाइम्स को ही फर्जी खबरें फैलाने वाला बता दिया है।

फर्जी खबर के बारे में एलन मस्क के इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया यूजर्स उनकी तारीफ कर रहे हैं और अमेरिकी मीडिया को फटकार लगा रहे हैं। यूजर्स ने मस्क के ट्वीट पर कई मीम्स (Memes) भी शेयर किए हैं। इनमें से एक मीम में एलन मस्क को न्यूयॉर्क टाइम्स के ताबूत को कंधा देते दिखाया गया है। वहीं, एक यूजर ने कैमरे का ग्राफिक बनाकर उन अमेरिकी मीडिया कंपनियों के लोगो चस्पा किए हैं, जिनपर फर्जी खबरें देने का आरोप लगता रहता है।  

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पूर्व प्रधानमंत्री का इंटरव्यू लेने गईं पत्रकार की दर्दनाक मौत

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रैली में रविवार को एक दिल दहलाने वाला हादसा हो गया।

Last Modified:
Monday, 31 October, 2022
SadafNaeem8754

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रैली में रविवार को एक दिल दहलाने वाला हादसा हुआ। उनके 'हकीकी आजादी मार्च' के दौरान एक महिला पत्रकार की मौत हो गई, जिसके बाद मार्च को एक दिन के लिए रोक दिया गया। महिला पत्रकार की कंटेनर के नीचे आने से मौत हुई।

मृतक पत्रकार की पहचान 'चैनल 5' की रिपोर्टर सदाफ नईम के रूप में हुई है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, इमरान खान जिस कंटेनर पर थे उसी के नीचे आकर पत्रकार की मौत हुई। वह अपने चैनल के लिए इमरान खान का एक्सक्लूजिव इंटरव्यू लेना चाहती थीं। इसीलिए वह दौड़कर कंटनेर के सामने पहुंच गईं और यह हादसा हो गया। इमरान खान की यह रैली लाहौर में कमोके से जीटी रोड की तरफ जा रही थी। 

इसके बाद, इमरान खान ने ट्वीट किया, 'आज हमारे मार्च के दौरान हादसे में चैनल 5 की रिपोर्टर सदफ नईम की मौत से स्तब्ध हूं और गहरा दुख हुआ। मेरे पास दुख व्यक्त करने के लिए कोई शब्द नहीं है। मेरी प्रार्थना और संवेदना इस दुखद समय में परिवार के साथ है। हमने आज के लिए मार्च रद्द कर दिया है।' 

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी पत्रकार के प्रति दुख जताया है। उन्होंने कहा कि सदफ नईम बहुत ही जीवंत और मेहनती रिपोर्टर थीं। 

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इमरान खान के ही कंटेनर से टकराकर पत्रकार की मौत हुई है। हालांकि इस बात की अब तक पुष्टि नहीं हुई है। ना ही घटना का कोई वीडियो सामने आया है।  दुनियां टीवी की खबर के अनुसार, सदफ अपने टीवी चैनल के लिए इमरान खान का इंटरव्यू करने की कोशिश कर रही थीं। सूचना मंत्री मरियम औरंगजेब ने भी सदाफ की मौत पर शोक जताया है और सवाल उठाया है कि आखिर खान के कंटेनर से कुचलकर पत्रकार की मौत कैसे हुई है?

बता दें कि, हकीकी आजादी मार्च चौथे दिन सोमवार (31 अक्टूबर) को अब कामोके से शुरू होगा। पहले इसे तीसरे दिन की समाप्ति पर ही गुजरांवाला पहुंचना था। ये मार्च शुक्रवार (28 अक्टूबर) को शुरू हुआ था।

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‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ में एडिटर नीमा रोशनिया पटेल का 35 साल की उम्र में निधन

‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ में एडिटर पद पर कार्यरत नीमा रोशनिया पटेल का 35 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 26 October, 2022
Last Modified:
Wednesday, 26 October, 2022
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‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ में एडिटर पद पर कार्यरत नीमा रोशनिया पटेल का 35 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह गैस्ट्रिक कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से लड़ रही थीं। अमेरिका के वॉशिंगटन में उनका निधन हुआ। ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ ने 25 अक्टूबर को इसकी जानकारी दी।

नीमा रोशनिया पटेल वॉशिंगटन पोस्ट की महिलाओं पर केंद्रित साइट ‘द लिली’ की फाउंडर एडिटर (संस्थापक संपादक) रह चुकी थीं। नीमा रोशनिया 2016 में वॉशिंगटन पोस्ट में डिजिटल एडिटर के तौर पर शामिल हुईं थीं। चार साल तक ‘द लिली’ में अपनी सेवाएं देने के बाद, उन्होंने एक एडिटर क तौर पर वॉशिंगटन के ‘नेक्स्ट जेनरेशन ऑडियंस डेवलपमेंट’ टीम के साथ काम करना शुरू किया था।

28 सितंबर 1987 को जन्मीं नीमा रोशनिया पटेल न्यू जर्सी के मेपलवुड की रहने वाली थीं। उनके माता-पिता प्रवासी भारतीय थे। उनके पिता प्रभु रोशनिया, जोकि ‘मेटालिक्स’ (Metallix) कंपनी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के तौर पर काम करते थे। उनकी मां मीरा रोशनिया, उसी फर्म में अकाउंट मैनेजर रह चुकीं थीं।

नीमा रोशनिया ने 2009 में रटगर्स यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र व पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। वॉशिंगटन पोस्ट से पहले उन्होंने CNBC और NJBIZ के साथ इंटर्नशिप की। उन्होंने फिलाडेल्फिया के पब्लिक रेडियो स्टेशन WHYY में कम्युनिटी रेडियो एडिटर के तौर भी काम किया।

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देशद्रोह के आरोप में घिरे पाकिस्तानी पत्रकार अरशद शरीफ की केन्या में गोली लगने से मौत

देशद्रोह का आरोप लगने के बाद से अरशद शरीफ ने छोड़ दिया था पाकिस्तान, इन दिनों रह रहे थे केन्या में

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 25 October, 2022
Last Modified:
Tuesday, 25 October, 2022
Arshad Sharif

पाकिस्तानी पत्रकार अरशद शरीफ की केन्या में गोली लगने से मौत का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना रविवार रात नैरोबी-मगदी राजमार्ग पर हुई। अरशद शरीफ की पत्नी जवारिया सिद्दीकी ने ट्विटर पर सोमवार को इस घटना की पुष्टि की है। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा है, 'आज मैंने अपने दोस्त, पति और पसंदीदा पत्रकार को खो दिया है।'

इस बीच, स्थानीय पुलिस के हवाले से केन्याई मीडिया का कहना है कि पुलिस ने ‘गलत पहचान’ के मामले में शरीफ को गोली मार दी थी, जिस वजह से उनकी मौत हो गई। कहा जा रहा है कि पुलिस वाहन चोरी के एक मामले की जांच कर रही थी, इस बीच बैरिकेड पर गलत पहचान के चलते पुलिस ने शरीफ को गोली मार दी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लंबे समय से विवादों में चल रहे अरशद की जान को पहले से ही खतरा बताया जा रहा था, इसी वजह से वह पहले पाकिस्तान से दुबई चले गए थे और इसके बाद जान बचाने के लिए केन्या चले गए थे। अरशद शरीफ (49) पूर्व में पाकिस्तान के टीवी चैनल ‘एआरवाई न्यूज’ (ARY News) में बतौर एंकर काम करते थे।

दरअसल, इसी साल अगस्त में अरशद शरीफ के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) नेता डॉ. शहबाज गिल के एक इंटरव्यू को लेकर विवाद के बाद उनके खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज किया गया था। इस मामले में अरशद के अलावा एआरवाई डिजिटल नेटवर्क के प्रेजिडेंट, हेड ऑफ न्यूज कंटेंट एंड करेंट अफेयर्स अम्माद यूसफ़ और सीईओ सलमान इकबाल के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हुआ था।

वर्ष 1973 में कराची में जन्मे अरशद शरीफ ने करीब तीन दशक पहले अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की थी। वर्ष 2019 में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी द्वारा उन्हें ‘प्राइड ऑफ परफॉर्मेंस’ से सम्मानित किया गया था।

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मंत्री को अपशब्द कहने पर एंकर को एक हफ्ते के लिए किया गया ऑफ-एयर

ब्रिटेन के जाने-माने न्यूज एंकर कृष्णन गुरु-मूर्ति को एक मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल करना महंगा पड़ गया।

Last Modified:
Friday, 21 October, 2022
Guru5484

ब्रिटेन के जाने-माने न्यूज एंकर कृष्णन गुरु-मूर्ति को एक मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल करना महंगा पड़ गया। न्यूज चैनल ‘चैनल-4’ ने इस मामले में अपने एंकर कृष्णन गुरु-मूर्ति के खिलाफ कड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें एक हफ्ते के लिए ऑफ-एयर कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कृष्णन गुरु-मूर्ति ने अपने शो में ब्रिटिश मंत्री स्टीव बेकर के लिए आपत्तिनजक शब्द का इस्तेमाल किया था। चैनल से ऑफ एयर किए जाने के बाद गुरु-मूर्ति ने अपनी इस हरकत पर माफी मांग ली है। वह खुद स्टीव बेकर के पास सॉरी बोलने के लिए पहुंचे थे। साथ ही उन्होंने कहा कि, मंत्री बेकर के खिलाफ उन्होंने जो भी कहा है उसे टेलीकास्ट भी नहीं किया गया है। 

गुरु-मूर्ति ने इसकी जानकारी ट्वीट के जरिए भी दी। उन्होंने कह, 'सांसद स्टीव बेकर के साथ एक इंटरव्यू के बाद मैंने एक बहुत ही आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल एक अनदेखे पल में किया। हालांकि, यह प्रसारित नहीं किया गया था। फिर भी यह शब्द किसी भी संदर्भ में मेरे द्वारा निर्धारित मानकों के नीचे है। मैं इसके लिए बिना शर्त माफी मांगता हूं। मैं स्टीव बेकर के पास उन्हें सॉरी कहने के लिए पहुंच गया हूं।'

वहीं, टोरी सांसद ने एंकर के बयान के जवाब में ट्वीट किया, ‘मैं आपके माफी मांगने की सराहना करता हूं। धन्यवाद।’

रिपोर्ट के मुताबिक, चैनल 4 ने अपने स्टाफ के लिए सख्त कोड ऑफ कंडक्ट अपनाया है। इसके खिलाफ बर्ताव करने पर सजा का एक्शन लिया जाता है। 

एक बयान में एंकर ने कहा, ‘चैनल 4 में अपने सभी कर्मचारियों के लिए एक सख्त आचार संहिता है, जिसमें इसकी प्रोग्रामिंग टीम और ऑन-एयर प्रस्तुतकर्ता शामिल हैं। किसी भी तरह के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाता है।’

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो निलंबन के बाद गुरु-मूर्ति 4 नवंबर से पहले चैनल पर नहीं लौटेंगे, क्योंकि उन्होंने पहले से एक अतिरिक्त सप्ताह की छुट्टी ली थी।

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अमेरिकी अखबार में मोदी सरकार के खिलाफ छपा विज्ञापन, वित्त मंत्री को बताया 'वॉन्टेड'

अमेरिका के एक अखबार में मोदी सरकार के खिलाफ विज्ञापन छपा है, जिसे लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है

Last Modified:
Monday, 17 October, 2022
newspaper785454

अमेरिका के एक अखबार में मोदी सरकार के खिलाफ विज्ञापन छपा है, जिसे लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। दरअसल, वॉल स्ट्रीट जर्नल नाम के इस अखबार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित 11 लोगों को बैन करने की मांग की गई है।

बताया जा रहा है कि इस विज्ञापन को अमेरिका की प्राइवेट संस्था फ्रंटियर्स ऑफ फ्रीडम ने 13 अक्टूबर को पब्लिश किया था।

दरअसल, अमेरिका में 2016 में बनाए गए ग्लोबल मैग्नित्सकी कानून के तहत तहत उन विदेशी सरकार के अधिकारियों को बैन किया जाता है, जिन्होंने मानवाधिकारों का उल्लंघन किया हो। इसी एक्ट के तहत ये विज्ञापन छापा गया है। विज्ञापन का टाइटल ‘मोदीज मैग्नित्सकी 11’ है। अखबार में तस्वीरों के साथ लिखा है- मिलिए उन अधिकारियों से, जिन्होंने भारत को निवेश के लिए एक असुरक्षित जगह बना दिया है। वहीं विज्ञापन के सबसे नीचे एक क्यूआर कोड भी है, जिसे स्कैन करने पर अमेरिकी थिंक टैंक फ्रंटियर्स ऑफ फ्रीडम की वेबसाइट खुलती है।

विज्ञापन में कहा गया कि इन अधिकारियों ने राजनीतिक और व्यापारिक कॉम्पिटिटर्स से हिसाब चुकाने के लिए सरकारी संस्थाओं को हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर कानून का शासन खत्म कर दिया है। विज्ञापन के अंदर निवेशकों से कहा गया है कि वह भारत में निवेश न करें। अखबार ने भारत को निवेशकों के लिए असुरक्षित जगह बताया और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय एजेंसियों पर नियंत्रण के कारण देश ने अपनी विश्वसनीयता खो दी है। विज्ञापन में जो नाम प्रकाशित किए गए हैं उनमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, एंट्रिक्स के चैयरमेन राकेश शशिभूषण, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एन वेंकटरमन, जस्टिस हेमंत गुप्ता, जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम, CBI DSP आशीष पारिक, ED डायरेक्टर संजय कुमार मिश्रा, डिप्टी डायरेक्टर ए सादिक मोहम्मद नैजनार, असिस्टेंट डायरेक्टर आर राजेश और स्पेशल जज चंद्र शेखर शामिल हैं।

वहीं, विज्ञापन को लेकर भारत में विरोध शुरू हो गया है। अखबार के संपादकों से माफी की मांग की जा रही है। सूचना-प्रसारण मंत्रालय की वरिष्ठ सलाहकार कंचन गुप्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा- जालसाजों के जरिए अमेरिकी मीडिया का इस्तेमाल किया जाना शर्मनाक है। यह विज्ञापन भारत और उसकी सरकार को निशाना बना रहा है।

इसके अलावा उन्होंने इस विज्ञापन के लिए देवास मल्टीमीडिया के पूर्व सीईओ रामचंद्रन विश्वनाथन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि आप जानते हैं ऐसे विज्ञापनों के पीछे कौन है? ये विज्ञापन अभियान भगौड़े रामचंद्र विश्वनाथन ने चलाया है। विश्वनाथन भारत में घोषित भगोड़ा आर्थिक अपराधी है।

बता दें कि यह विज्ञापन ऐसे समय में आया, जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण खुद अमेरिकी दौरे पर थीं। 

 

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अपने मीडिया कारोबार को एक छत के नीचे लाने की कवायद में जुटे रूपर्ट मर्डोक, लिया ये फैसला

दुनिया के दिग्गज मीडिया कारोबारी रूपर्ट मर्डोक अपने मीडिया साम्राज्य के दो विभाजित संस्थानों ‘फॉक्स कॉर्प’ और ‘न्यूज कॉर्प’ को एक साथ लाना चाहते हैं

Last Modified:
Monday, 17 October, 2022
Rupert7844

दुनिया के दिग्गज मीडिया कारोबारी रूपर्ट मर्डोक अपने मीडिया साम्राज्य के दो विभाजित संस्थानों ‘फॉक्स कॉर्प’ और ‘न्यूज कॉर्प’ को एक साथ लाना चाहते हैं, लिहाजा उन्होंने इसके लिए विलय का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव दोनों कंपनियों के विभाजन के एक दशक के बाद आया है। बता दें कि दोनों को साल 2013 में अलग-अलग कर दिया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मर्डोक की दोनों मीडिया कंपनियों की ओर से इस संभावित डील का मसौदा तैयार करने के लिए स्वतंत्र निदेशकों की एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जो डील की संभावनाओं और वित्तीय नियम व शर्तों का अध्ययन करेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी यह प्रक्रिया शुरुआती चरण में है। 

वैसे यह भी बता दें कि रूपर्ट मर्डोक का प्रिंट बिजनेस ‘न्यूज कॉर्प’ संभाल रहा है, जबकि टीवी और मनोरंजन का हिस्सा ‘फॉक्स कॉर्प’ के अधीन है।

माना जा रहा है कि यदि रूपर्ट मर्डोक की इन दो कंपनियों का एकीकरण हो जाता है, तो उनका सारा मीडिया कारोबार एक छत के नीचे आ जाएगा और ऐसा होने से मर्डोक का मीडिया संपत्ति पर अधिक नियंत्रण होगा और लागत में भी कटौती आएगी।

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