‘ZEE यूपी-उत्तराखंड’ ने की आगरा के 'विकास' की बात, उपमुख्यमंत्री के साथ...

आगरा एक ऐतिहासिक शहर है, जिसके प्रमाण यह अपने चारों ओर समेटे हुए है...

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 02 November, 2018
Last Modified:
Friday, 02 November, 2018
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

आगरा एक ऐतिहासिक शहर है, जिसके प्रमाण यह अपने चारों ओर समेटे हुए है। दुनिया का सातवां अजूबा भी आगरा में  ही है और ‘ताजमहल’ के नाम से मशहूर है। ऐसे में आगरा के विकास की बात हर बार होती है, लेकिन असल में क्या विकास हो रहा है? शहर के अपने मुश्किलात कितने हैं और कितनों पर काम हुआ है? इस तरह के तमाम सवालों का हल ढूंढने के लिए जी समूह के रीजनल न्यूज चैनल ‘ZEE यूपी-उत्तराखंड’ ने आयोजित किया एक ऐसा दिवसीय कार्यक्रम (आगरा के 'विकास' की बात), जिसमें यहां की सरकार और जिम्मेदार मंत्रियों व नामचीन हस्तियों के साथ की गई आगरा के 'विकास' की बात।

चैनल पर लाइव कार्यक्रम का आयोजन सुबह 10 बजे से शुरू हुआ और शुरुआत यूपी के उपमुख्यमंत्री व आगरा के प्रभारी मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के साथ वार्तालाप के जरिए हुई। कार्यक्रम को ‘जी यूपी-उत्तराखंड’ व ‘जी छत्तीसगढ़’ चैनल के एडिटर दिलीप तिवारी ने होस्ट किया।


कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा का कहना था कि उनकी सरकार आने से पहले उत्तर प्रदेश ऐसा प्रदेश बन चुका था, जहां पर कई शिलान्यास हुए, कई योजनाओं की घोषणाएं हुईं और कई जगह पत्थर भी लगे, लेकिन इनका लोकार्पण नहीं हुआ।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि  आगरा में विभिन्न ऐतिहासिक इमारतें हैं, उसे ताज नगरी भी कहा जाता है। हालांकि ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) के कारण यहां के कई उद्योग भी प्रभावित हुए हैं, लेकिन सरकार ने नियोजन के कई उपाय भी किए हैं और इस दिशा में कई अन्य कदम भी उठाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर मुहैया कराए जा सकें।  

उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य जिलों के साथ सरकार आगरा के विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है और इस दिशा में काफी काम भी किए जा रहे हैं। आगरा के विकास को दो हजार करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं, ताकि यहां सफाई व्यवस्था बेहतर की जा सके, इंटरनेट की कनेक्टिविटी बेहतर की जा सके और अतिक्रमण हटाया जा सके।

दिनेश शर्मा का कहना था कि छह माह के अंदर आगरा का कायाकल्प हो जाए, इस दिशा में हम तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि एक साल में हमने काफी बदलाव भी किया है। इस दौरान गंदे नाली के पानी का डायवर्जन किया है। नालों के किनारे चारदीवारी भी की गई है। यहां कांक्रीट की सड़कें और पेड़-पौधे लगाने का काम भी शुरू हुआ है। 

उपमुख्यमंत्री का कहना था कि आगरा की सबसे बड़ी समस्या सीवरेज की है और दूसरी परेशानी यहां का खारा पानी है। पानी की समस्या को दूर करने के लिए नरौरा से गंगाजल लाने के लिए 345 एमएलडी का प्लांट लगाने की दिशा में सरकार आगे बढ़ी है और गंगाजल यहां आने पर समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। उन्होंने दिसंबर में आगरा में गंगाजल का इस्तेमाल शुरू होने की संभावना जताई। 

उनका कहना था कि सरकार इस दिशा में भी प्रयासरत है कि यहां छोटे उद्योग पनपें, इसके अलावा प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों का कैसे नियोजन हो, उनकी वैकल्पिक व्यवस्था क्या हो, कूड़े का निस्तारण कैसे हो? के लिए भी सरकार प्रयास कर रही है। नगर निकायों में लोगों की सुविधा के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की दिशा में भी कई कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आगरा में सफाई व्यवस्था के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में भी सरकार काफी ध्यान दे रही है। इसके अलावा इसे एजुकेशन हब बनाने की भी तैयारी है, कुछ बड़े संस्थान खुले हैं और कुछ अभी खोले जाने हैं। आगरा विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नकल पर रोक लगाने के साथ ही यहां का शैक्षिक सत्र भी नियमित हुआ है। उन्होंने कहा कि आगरा ही नहीं, पूरे प्रदेश में समग्र विकास की अवधारणा साकार रूप ले रही है। उद्योगों की सुविधा के लिए बैंक लोन को दस लाख से एक करोड़ तक ले जाने की दिशा में भी सरकार प्रयासरत है और इस दिशा में काफी सफलता भी मिली है।

यह पूछे जाने पर कि लोग विदेश जाते हैं तो यादें लेकर आते हैं, लेकिन आगरा के लिए सरकार ऐसा क्या कर रही है कि लोग यहां से भी यादें लेकर जाएं? दिनेश शर्मा का कहना था कि सरकार यहां म्यूजियम बनाने की तैयारी कर रही है। इसमें आगरा के इतिहास से लेकर यहां की ऐतिहासिक इमारतों का महत्व दिखा सकें, इसकी तैयारी है। वहीं, पर्यटकों को सांस्कृतिक गतिविधियां देखने को मिलें, उच्च शिक्षा मिले, बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले व खानपान की व्यवस्था भी अच्छी हो, इस दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

आगरा के बारे में अपनी तीन प्राथमिकताएं बताते हुए दिनेश शर्मा ने कहा कि इसे पर्यावरण और प्रदूषण मुक्त बनाया जाएगा। दूसरी बात, इसे आधुनिक संसाधनों के साथ ही रोजगार युक्त बनाना और तीसरी प्राथमिकता शिक्षा और चिकित्सा सुविधा को बेहतर बनाना है। वहीं, अपने विजन के बारे में उपमुख्यमंत्री का कहना था कि वे पिछली सरकार की तरह सिर्फ शिलान्यास ही नहीं करेंगे, बल्कि लोकार्पण भी करेंगे और इस दिशा में वे आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि अंत में उन्होंने कार्यक्रम में देर से पहुंचने के लिए माफी भी मांगी और कहा कि वैसे तो वे किसी कार्यक्रम में देर से नहीं पहुंचते, लेकिन इस कार्यक्रम में थोड़ी देरी से पहुंचने के लिए माफी मांगता हूं। 

यहां देखें विडियो-

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता में आगरा पहले भी शामिल था, अब भी है और आगे भी रहेगा। आगरा विश्व स्तर पर प्रसिद्ध शहर है, दूर-दूर से यहां पर्यटक आते हैं। आगरा का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता है और विकास की रफ्तार में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। चूंकि आगरा में भी प्रदूषण की काफी गंभीर समस्या है। ऐसे में दिवाली पर पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को लेकर केशव प्रसाद ने कहा कि इस दिशा में संतुलन होना चाहिए। त्योहार और प्रदूषण दोनों को ही ध्यान में रखकर चलना होगा। हालांकि लोग भी काफी जागरूक हैं।

उनका कहना था कि प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में ताजमहल को लेकर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया है, बल्कि समय सीमा का निर्धारण किया है और लोग भी इस बात को अच्छी तरह समझते हैं और वे इसका पालन करेंगे। ताजमहल की पहचान पूरे विश्व में सातवें अजूबे के रूप में है। यहां देश-विदेश से काफी पर्यटक आते हैं, जिससे देश की जीडीपी भी बढ़ती है। ऐसे में ताजमहल का स्वरूप किसी हालत में न बिगड़े, ताकि यहां ज्यादा से ज्यादा पर्यटक आएं, इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है।

आगरा में सिर्फ ताजमहल ही नहीं है, बल्कि यहां तमाम उद्योग भी हैं। जूता उद्योग के साथ यहां पेठा उद्योग भी है। इन्हें और आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, क्योंकि जब जिले का विकास होगा तो प्रदेश का और फिर देश का विकास होगा। रही बात आगरा के विकास की तो यहां के सांसद, विधायक और मेयर भाजपा के हैं, जिन्हें जनता ने समर्थन देकर जिताया है। ऐसे में प्रयास किया जा रहा है कि आगरा को विकास के पथ पर आगे ले जाएं और विश्वस्तरीय बनाएं।

यमुना की सफाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यमुना का विकास सरकार की प्राथमिकता में है, हमें पेयजल भी इससे मिलता है। ऐसे में परिस्थितियों के हिसाब से चीजें दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि इसके लिए समय सीमा अभी तय नहीं की जा सकती है। मौर्य ने अयोध्या में रामलला के स्थान के बारे में कहा कि वहां जब भी बनेगा, तो सिर्फ राममंदिर ही बनेगा। इस मामले में सिर्फ सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार हो रहा है। अपनी निजी राय के बारे में उन्होंने कहा कि एक रामभक्त होने के नाते वे चाहते हैं कि राममंदिर जल्द से जल्द बने।

यह पूछे जाने पर कि दिल्ली से करीब होने का भी आगरा को लाभ नहीं मिला है, जबकि दिल्ली के आसपास के शहरों का काफी विकास हुआ है, मौर्य का कहना था कि दरअसल, पिछली सरकारों के एजेंडे में विकास शामिल नहीं था, लेकिन हम विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़े थे और विकास के मुद्दे पर आगे बढ़ रहे हैं। उनका कहना था कि डेढ़ साल में प्रदेश सरकार ने विकास के लिए काफी काम किया है और सरकारी खजाने का मुंह खोल रखा है। आगरा के लिए रोडमैप के बारे में मौर्य का कहना था, ‘प्राकृतिक रूप से संतुलन बनाना पड़ेगा और विकास के कामों को आगे बढ़ाना होगा। इस बारे में सरकार तो अपनी तरफ से प्रयास करेगी, लोगों को भी आगे आना चाहिए।’

यहां देखें विडियो- 


 

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NDTV से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार दिनेश मानसेरा को उत्तराखंड CM ने दी बड़ी जिम्मेदारी

सचिवालय प्रशासन के संयुक्त सचिव एनएस डुंगरियाल ने उनकी नियुक्ति के विधिवत आदेश जारी कर दिए हैं।

Last Modified:
Tuesday, 18 May, 2021
Dinesh Manesara

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार दिनेश मानसेरा को अपना मीडिया सलाहकार नियुक्त किया है। दिनेश मानसेरा करीब 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और विभिन्न अखबारों व टीवी चैनल्स में कार्य कर चुके हैं।

हल्द्वानी निवासी दिनेश मानसेरा लंबे समय तक पांचजन्य अखबार से जुड़े रहे हैं। फिलहाल वह एनडीटीवी में कुमाऊँ मंडल के प्रभारी भी हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सचिवालय प्रशासन के संयुक्त सचिव एनएस डुंगरियाल ने उनकी नियुक्ति के विधिवत आदेश जारी कर दिए हैं। बता दें कि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के कुर्सी संभालने के बाद से उनका मीडिया सलाहकार नियुक्त किए जाने की कवायद चल रही थी। इसके लिए कई नाम चर्चा में थे, लेकिन उन्होंने दिनेश मानसेरा को इस पद पर जिम्मेदारी देकर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है।

इस बारे में जारी आदेश को आप यहां देख सकते हैं।

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भारतीय पत्रकार संगठनों ने की एपी, अल जजीरा के कार्यालयों वाली इमारत पर हमले की निंदा

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया समेत कई अन्य पत्रकार संगठनों ने गाजा में उस इमारत पर इजरायल के हवाई हमले की निंदा की, जहां एपी, अल-जजीरा और अन्य मीडिया संगठनों के कार्यालय हैं।

Last Modified:
Monday, 17 May, 2021
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एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (ईजीआई) समेत कई अन्य भारतीय पत्रकार संगठनों ने गाजा में उस इमारत पर इजरायल के हवाई हमले की रविवार को निंदा की, जहां एसोसिएटेड प्रेस (एपी), अल-जजीरा और अन्य मीडिया संगठनों के कार्यालय हैं।

एडिटर्स गिल्ड ने एक बयान में कहा कि हाल ही में इस क्षेत्र में ‘बढ़ते संघर्ष’ की पृष्ठभूमि में वह इस हवाई हमले को ‘इजरायल सरकार द्वारा खबरिया मीडिया पर वास्तविक हमले’  के रूप में देखती है जिससे इस अति अस्थिर क्षेत्र से खबरों का प्रवाह बाधित हो सकता है और जिससे वैश्विक सुरक्षा जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं।

संगठन ने कहा, ‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया गाजा में उस भवन पर हवाई हमले की कड़ी निंदा करती है जहां अल जजीरा एवं एसोसिएटेड प्रेस के कार्यालय हैं।’

संगठन ने यह भी मांग की कि इजरायल सरकार इस हमले की वजह पर विस्तृत रूप से स्पष्टीकरण दे और अपनी सफाई के पक्ष में प्रमाण सामने रखे।

एडिटर्स गिल्ड ने कहा, ‘गिल्ड यह भी आह्वान करती है कि इजरायल सरकार इस बमबारी की संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में जांच का मार्ग प्रशस्त करे। साथ ही गिल्ड भारत सरकार से यह मुद्दा इजरायल सरकार के समक्ष उठाने की अपील करती है।’

इंडियन वूमेन प्रेस कॉर्प्स, प्रेस एसोसिएशन और प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने भी संयुक्त बयान में इजराइली सेना की कार्रवाई की निंदा की है।

उन्होंने कहा कि मीडिया कार्यालयों पर बमबारी करने एवं उनके कर्मियों एवं संसाधनों को निशाना बनाने को किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता।

वहीं दूसरी तरफ बिल्डिंग पर इजरायली सेना के हमले को इजरायल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने सही ठहराया है। उन्होंने अमेरिकी समाचार चैनल सीबीएस को दिए इंटरव्यू में कहा कि वहां पर ‘फिलीस्तीनी आतंकी संगठन का खुफिया दफ्तर था जो इजरायली नागरिकों पर आतंकी हमलों की योजना बनाता था और अंजाम देता था, इसलिए हमारा निशाना पूरी तरह वैध था।’

बता दें कि गाजा में इजरायली सेना ने मीडिया हाउस की बिल्डिंग पर शनिवार को हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया था। हवाई हमले से यह पूरी बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह ढह गई थी। इस 12 मंजिला वाली बिल्डिंग में अमेरिका स्थित न्यूज एजेंसी ‘एसोसिएटेड प्रेस’ और कतर स्थित न्यूज चैनल ‘अल जज़ीरा’ जैसे मीडिया संस्थान के दफ्तर थे। 

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नहीं रहे दूरदर्शन केंद्र पटना के पूर्व निदेशक पुरुषोत्तम नारायण सिंह

दूरदर्शन केंद्र पटना के पूर्व निदेशक और कवि पुरुषोत्तम नारायण सिंह नहीं रहे। गुरुवार रात करीब 12 बजे उन्होंने हरियाणा के झज्जर स्थित सबसे बड़े अस्पताल एम्स में अपनी अंतिम सांसे ली।

Last Modified:
Saturday, 15 May, 2021
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दूरदर्शन केंद्र पटना के पूर्व निदेशक और कवि पुरुषोत्तम नारायण सिंह नहीं रहे। कोरोना वायरस संक्रमण संबंधी जटिलताओं के चलते निधन हो गया। गुरुवार रात करीब 12 बजे उन्होंने हरियाणा के झज्जर स्थित सबसे बड़े अस्पताल एम्स में अपनी अंतिम सांसे ली।

बता दें कि दो दिनों पूर्व कोरोना ने उनके युवा पुत्र को उनसे छीन लिया था। उनके निधन पर वरिष्ठ पत्रकार ओंकेश्वर पांडे ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और याद करते हुए एक पोस्ट लिखी है, जिसे आप यहां पढ़ सकते हैं-

मेरे मित्र, पड़ोसी और पटना दूरदर्शन के पूर्व निदेशक पुरुषोत्तम नारायण सिंह नहीं रहे। I am going.... ये तीन शब्द आज मेरे वॉट्सऐप पर तीन बजकर तिरपन मिनट पर चमके, तो कलेजा सिहर उठा। मैसेज पी.एन. सिंह का था। तत्काल फोन वापस लगाया तो उधर से चिर-परिचित आवाज़ पी.एन. सिंह की थी। लड़खड़ाती आवाज़ में बोले- सबको बता दीजिए पांडे जी, मैं जा रहा हूं। मैं कुछ कहता इससे पहले, फोन काट दिया और फिर नहीं उठाया... देर शाम दिल का दौरा पड़ा और रात 11.53 पर उनके निधन की पुष्टि हो गयी।

करीब 10 दिनों से वे कोरोना से पीड़ित थे। हालत गंभीर हुई तो झज्जर एम्स में भर्ती कराया गया। हर संभव इलाज हुआ, लेकिन चार दिन पहले जब उनका इकलौता बेटा आलाप कोरोना के कारण गुजर गया, तो वे हिम्मत हार गये।

बहुआयामी प्रतिभा के धनी पी.एन. सिंह दूरदर्शन के गलियारे में सुपरिचित नाम तो थे ही, वह एक कवि, संगीतकार, नाटककार, शोधकर्ता, प्रस्तुतकर्ता/ एंकर, और सबसे बढ़कर एक मृदु भाषी इंसान थे। दूरदर्शन में एक निर्माता और निर्देशक होने के साथ साथ टेलीविजन प्रॉडक्शन एंड मैनेजमेंट के अलावा चैनल प्रबंधक के रूप में भी उन्होंने कुल मिलाकर 26 साल तक काम किया और इस दौरान विभिन्न प्रारूपों में 2000 से अधिक टीवी कार्यक्रमों का निर्माण किया।

वे डीडी-नेशनल, डीडी-मेट्रो और डीडी-भारती में वरिष्ठ प्रबंधन के पद पर रहे। दूरदर्शन का रांची केंद्र और पटना केंद्र खोला। 2003 से मीडिया मार्केटिंग में भी रहे और 2003 में डीडी के राजस्व को 21 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 2010 में 260 करोड़ रुपए तक का अद्भुत ग्राफ पहुंचाने में योगदान रहा।

दो साल पहले डीडी से रिटायर होने के बाद से वे कुछ फिल्म निर्माण और पं. सुरेश नीरव के अखिल भारतीय सर्व भाषा साहित्य समन्वय समिति के मंच से जुड़कर साहित्य सेवा में लगे हुए थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी, बहू और सवा साल की एक पोती है। ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति दें।

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12 मंजिला बिल्डिंग पर इजरायली सेना की एयर स्ट्राइक, कई मीडिया संस्थानों के ऑफिस तबाह

इजरायल और फिलीस्तीन के बीच युद्ध बढ़ता ही जा रहा है। गाजा में इजरायली सेना ने मीडिया हाउस की बिल्डिंग पर शनिवार को हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया।

Last Modified:
Saturday, 15 May, 2021
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इजरायल और फिलीस्तीन के बीच युद्ध बढ़ता ही जा रहा है। गाजा में इजरायली सेना ने मीडिया हाउस की बिल्डिंग पर शनिवार को हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। हवाई हमले से यह पूरी बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस 12 मंजिला वाली बिल्डिंग में अमेरिका स्थित न्यूज एजेंसी ‘एसोसिएटेड प्रेस’ और कतर स्थित न्यूज चैनल ‘अल-जज़ीरा’ जैसे मीडिया संस्थान के दफ्तर थे। न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (एपी) ने खुद इस बात की जानकारी दी है।

एपी के मुताबिक, ये एयर स्ट्राइक इजरायल की सेना की उस चेतावनी के बाद आई, जिसमें उन्होंने बिल्डिंग को खाली करने के लिए कहा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले से पहले इजरायल की ओर से यह चेतावनी जारी की गई थी कि वह अगले एक घंटे के भीतर गाजा शहर में अल-जजीरा के ऑफिस और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट्स वाली इमारत पर हमला करेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस 12 मंजिला इमारत के मालिक का कहना था कि उन्हें इजरायल की सेना से एक कॉल आया था, जिसमें उन्हें चेतावनी दी गई कि उनकी इमारत को हवाई हमले से निशाना बनाया जाएगा।

अल-जजीरा की प्रड्यूसर ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि उनके सहकर्मी ऑफिस से निकल चुके हैं। उन्होंने बताया कि अल-जज़ीरा ने इजरायल के खुफिया अधिकारी और जला भवन के मालिक अबू हुसम के बीच फोन कॉल (स्पीकर पर) का सीधा प्रसारण किया। अधिकारी ने कहा कि बिल्डिंग के मालिक ने इजरायली अधिकारी से कहा कि मीडिया को इमारत से अपने उपकरण निकालने के लिए समय दें, लेकिन अधिकारी ने इसके लिए मना कर दिया।

इससे पहले इजराइल और हमास (इजराइल इसे आतंकी संगठन मानता है) के बीच जारी जंग में 126 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 31 बच्चे भी शामिल हैं। दोनों तरफ के हमलों में 950 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। मरने वालों में 9 इजराइली और बाकी फिलिस्तीनी हैं।

यहां देखें वीडियो:

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सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकारों को दी अच्छी खबर, लॉन्च किया ये मोबाइल ऐप

देशभर में कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकारों के लिए अदालती कार्यवाही को कवर करने के लिए एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है

Last Modified:
Saturday, 15 May, 2021
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देशभर में कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकारों के लिए अदालती कार्यवाही को कवर करने के लिए एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, ताकि उन्हें महामारी के दौरान अदालत न जाना पड़े।

ऐप लॉन्च के मौके पर चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना ने कहा कि ऐप लॉन्च होने के बाद मीडियाकर्मियों को कोर्ट आने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल ने बताया कि ये मोबाइल ऐप जल्द ही गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध होगा।

चीफ जस्टिस ने इस मौके पर कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट और मीडिया के बीच कोऑर्डिनेशन के लिए एक व्यक्ति को नियुक्त किया जाएगा। मुझे उम्मीद है कि मीडिया के लोग जिम्मेदारी से इस सुविधा का इस्तेमाल करेंगे।’

बतौर पत्रकार अपने दिनों को याद करते हुए चीफ जस्टिस रमन्ना ने कहा, ‘रिपोर्टिंग में मीडिया को कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। 'मैं कुछ वक्त के लिए पत्रकार था। उस वक्त हमारे पास कार या बाइक नहीं थी। हम बस में यात्रा करते थे क्योंकि हमसे कहा गया था कि आयोजकों से परिवहन सुविधा नहीं लेनी है।' उन दिनों रिपोर्ट करने के लिए मैंने इन कठिनाइयों का भी सामना किया था।’

आगे सीजेआई ने कहा कि उन्हें पता चला है कि अदालती सुनवाई पर खबरें लिखने के लिए पत्रकारों को वकीलों पर निर्भर होना पड़ रहा है। इसलिए इस तरह की व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर ऐसी प्रक्रिया विकसित करने का अनुरोध किया गया था जिसकी मदद से मीडियाकर्मी सुनवाई में शामिल हो सकें।  

उन्होंने कहा कि महामारी ने हर किसी को प्रभावित किया है। कोर्ट में संक्रमण का पहला मामला 27 अप्रैल 2020 को आया था। इसके बाद अब तक सुप्रीम कोर्ट के 800 स्टाफ संक्रमित हुए हैं। 6 सीनियर रजिस्ट्री स्टाफ भी पॉजिटिव हुए और 3 की मौत हो गई।’

चीफ जस्टिस रमन्ना ने कहा कि कोर्ट की सुनवाई में पारदर्शिता बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘कभी-कभी हमनें सुरक्षा कारणों से लोगों को आने से प्रतिबंधित किया है। कोर्ट की सुनवाई का लोगों तक पहुंच होना महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें पता चलना चाहिए कि इससे किस पर प्रभाव पड़ेगा या नहीं पड़ेगा। मीडिया इस सूचना को पहुंचाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। कोविड ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी कि हम अपने परिवार के सदस्यों से अपने घर (कोर्ट) में मिलने में अयोग्य हैं। कोर्ट को वर्चुअल प्लैटफॉर्म पर लाना बहुत मुश्किल प्रक्रिया है।’

उन्होंने कहा कि जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हेमंत गुप्ता और सभी रजिस्ट्री अधिकारियों ने इस ऐप के लिए बहुत मेहनत की है, उन सबका धन्यवाद किया जाना चाहिए।  

जस्टिस चंद्रचूड़ बुधवार को ही कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे। उन्होंने कहा कि वे ठीक हो रहे हैं। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, ‘इस ऐप को डेवलेप करने वाले हमारे कई स्टाफ संक्रमित है। इस पर काम करने वाले सभी 6 लोग पॉजिटिव पाए गए है। हम उम्मीद करते हैं कि इस सुविधा से सभी सुरक्षित रहेंगे। उम्मीद है कि सीजेआई की तरफ से आने वाले समय में कई तरह के उठाए जाने वाले कदमों का यह हिस्सा है।’

मीडिया से संसाधन (ऐप) का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने और कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने का अनुरोध करते हुए प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि तकनीक, विशेष रूप से नई तकनीक संवेदनशील है और उपयोग के शुरुआती दिनों में कुछ दिक्कतें भी आ सकती हैं।

चीफ जस्टिस रमन्ना ने कहा कि छोटी-छोटी दिक्कतें आएंगी और उन्हें बेकार में बहुत बढ़ाया-चढ़ाया नहीं जाना चाहिए। मैं सभी से धीरज रखने और तकनीकी टीम का साथ देने का अनुरोध करता हूं ताकि ऐप्लीकेशन बिना किसी दिक्कत के सही तरीके से काम कर सके। मैं आशा करता हूं कि सभी लोग प्रणाली को बेहतर बनने और सही से काम करने का वक्त देंगे।

 

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पत्रकारों के हित में यहां की सरकार ने लिया बड़ा फैसला

पत्रकार कल्याण योजना के जरिए उन्हें सहायता दी जा रही है। शासकीय अस्पताल, अनुबंधित निजी अस्पताल में सभी के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा भी है।

Last Modified:
Saturday, 15 May, 2021
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मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने पत्रकारों के हित में एक अहम फैसला लिया है। सरकार ने तय किया है कि राज्य में यदि कोई पत्रकार या उनके परिवार का कोई सदस्य कोरोना से पीड़ित होता है तो उनका इलाज सरकार कराएगी। खास बात ये है कि इस फैसले में अधिमान्य और गैर अधिमान्य दोनों पत्रकार शामिल हैं।

सरकार की ओर से लिये गए फैसले के बाद सीएम शिवराज ने कहा मीडिया के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल के सभी सदस्य, अधिमान्य और गैर अधिमान्य पत्रकारों के कोरोना इलाज की चिंता सरकार करेगी। इस योजना में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल के संपादकीय विभाग में काम कर रहे सभी पत्रकार, डेस्क में पदस्थ पत्रकार साथी, कैमरामैन, फोटोग्राफर सभी को शामिल किया जाएगा। मीडिया के साथियों के परिवार के कोरोना इलाज की चिंता भी सरकार करेगी। सभी मीडिया के साथी कोरोना महामारी के काल में जन जागृति का धर्म निभा रहे हैं।

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में अधिमान्य और गैर अधिमान्य पत्रकार साथियों को पहले से ही पत्रकार बीमा योजना तहत इलाज की व्यवस्था की गई है। पत्रकार कल्याण योजना के जरिए उन्हें सहायता दी जा रही है। शासकीय अस्पताल, अनुबंधित निजी अस्पताल में सभी के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा भी है। अब प्रदेश भर के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के संपादकीय विभाग के सभी मीडिया कर्मी, अधिमान्य या गैरअधिमान्य और उनके परिवार का कोविड का उपचार सरकार कराएगी।



 

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पत्रकारों के हित में मध्य प्रदेश सरकार ने लिया ये महत्वपूर्ण फैसला

मध्य प्रदेश सरकार ने पत्रकारों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी घोषणा की है।

Last Modified:
Friday, 14 May, 2021
Media Coverage

मध्य प्रदेश सरकार ने पत्रकारों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि राज्य के मीडियाकर्मियों के कोरोना का इलाज प्रदेश सरकार कराएगी। इस योजना में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल के संपादकीय विभाग में कार्य कर रहे सभी पत्रकार, डेस्क में पदस्थ पत्रकार साथी, कैमरामैन और फोटोग्राफर्स सभी को शामिल किया जाएगा।

शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि सभी मीडिया के साथी कोरोना महामारी के काल में जन जागृति का धर्म निभा रहे हैं। ऐसे में प्रदेश के प्रिंट,  इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल मीडिया के संपादकीय विभाग के सभी मीडिया कर्मी,  अधिमान्य या गैअधिमान्य और उनके परिवार के सदस्यों के कोरोना संक्रमण का इलाज सरकार कराएगी, ताकि पत्रकारों को परेशानी न हो।

इसके साथ ही उनका यह भी कहना था कि मध्य प्रदेश में अधिमान्य और गैरअधिमान्य पत्रकारों को पहले से ही पत्रकार बीमा योजना अंतर्गत इलाज की व्यवस्था की गई है। पत्रकार कल्याण योजना द्वारा सहायता दी जा रही है। शासकीय अस्पताल,  अनुबंधित निजी अस्पताल में सभी के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा भी है।

 

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Zee के MD पुनीत गोयनका ने टाइम्स समूह की चेयरपर्सन इंदु जैन को दी श्रद्धांजलि, कही ये बात

‘टाइम्स समूह’ (The Times Group) की चेयरपर्सन इंदु जैन के निधन पर सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है।

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Friday, 14 May, 2021
Indu Jain-Punit Goenka

‘टाइम्स समूह’ (The Times Group) की चेयरपर्सन इंदु जैन के निधन पर सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजनीति व मीडिया समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ीं तमाम हस्तियों ने इंदु जैन के निधन पर शोक जताते हुए श्रद्धांजलि दी है।  

वहीं, 'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (ZEEL) के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ पुनीत गोयनका ने भी इंदु जैन के निधन पर शोक जताया है और उन्हें श्रद्धांजलि दी है। अपने ट्वीट में पुनीत गोयनका का कहना है, ‘कल रात से मैंने श्रीमती इंदु जैन द्वारा लिखा गया हृदयस्पर्शी पत्र कई बार पढ़ा है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि अभी तक इसकी गहराई का अनुमान लगाया जा सका है। सरल, लेकिन शक्तिशाली शब्दों में उन्होंने काफी खूबसूरती से हमारे लिए मृत्यु के अर्थ को स्पष्ट किया है। उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए हमें हर मुस्कुराहट में उनकी तलाश करनी चाहिए और उन्हें महसूस करना चाहिए। उनकी आत्मा और उनके परिवार के लिए मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।’

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंदु जैन ने इंदु अपने निर्वाण को लेकर अपने मित्रों को तैयार करने के लिए कुछ साल पहले एक पत्र लिखा था। उन्होंने इस पत्र के जरिए इच्छा जताई थी कि उनकी मृत्यु का उत्सव मनाया जाए।

गौरतलब है कि कई दिनों से कोरोनावायरस (कोविड-19) के संक्रमण से जूझ रहीं इंदु जैन का गुरुवार की देर शाम निधन हो गया था। वह 84 वर्ष की थीं। इंदु जैन ‘द टाइम्स फाउंडेशन’ की अध्यक्ष भी थीं, जिसे उन्होंने स्थापित किया था। टाइम्स फाउंडेशन बाढ़, चक्रवात, भूकंप और महामारी जैसी आपदा राहत के लिए सामुदायिक सेवा, अनुसंधान फाउंडेशन और टाइम्स रिलीफ फंड चलाता है। वह भारतीय ज्ञानपीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष भी थीं, जो प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान करती है। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के अधिकारों को लेकर भी आवाज उठाई। जनवरी 2016 में इंदु जैन को भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

कई बार फोर्ब्स के सबसे अमीर शख्सियतों की लिस्ट में आ चुकीं इंदु जैन FICCI की महिला विंग (FLO) की फाउंडर प्रेजिडेंट भी थीं। अपनी मानवता और देश भर में कई चैरिटी के लिए पहचानी जाने वाली इंदु जैन ने मीडिया के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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टाइम्स ग्रुप की चेयरपर्सन इंदु जैन के निधन पर तमाम हस्तियों ने जताया शोक, दी श्रद्धांजलि

‘टाइम्स समूह’ की चेयरपर्सन और देश की जानी-मानी मीडिया शख्सियत इंदु जैन के निधन पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत राजनीति व मीडिया जगत से जुड़ी तमाम हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

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Friday, 14 May, 2021
Indu Jain Tribute

देश के बड़े मीडिया समूहों में शुमार ‘टाइम्स समूह’ (The Times Group) की चेयरपर्सन और देश की जानी-मानी मीडिया शख्सियत इंदु जैन के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत राजनीति व मीडिया जगत से जुड़ी तमाम हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

इंदु जैन को श्रद्धांजलि देते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने ट्वीट में कहा है, 'टाइम्स समूह की अध्यक्ष श्रीमती इंदु जैन के निधन में, हमने एक बेमिसाल मीडिया लीडर और कला और संस्कृति की एक महान संरक्षक को खो दिया। उन्होंने उद्यमिता, आध्यात्मिकता और परोपकार के क्षेत्रों में अपनी विशेष छाप छोड़ी। उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना।' 

अपने ट्वीट में पीएम नरेंद्र मोदी का कहना है, ‘टाइम्स ग्रुप की चेयरपर्सन इंदु जैन के निधन से दुखी हूं। उन्हें उनकी सामुदायिक सेवा की पहलों, भारत की प्रगति के प्रति जुनून और हमारी संस्कृति में गहरी रुचि के लिए याद किया जाएगा। मुझे उनके साथ अपनी बातचीत याद है। उनके परिवार के प्रति संवेदना।’

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी इंदु जैन को अपनी श्रद्धांजलि दी है। 

वहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘टाइम्स ग्रुप’ की अध्यक्ष श्रीमती इंदु जैन के निधन की खबर सुन दुखी हूं। परिवार और ‘टाइम्स ग्रुप’ को मेरी संवेदनाएं।’

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट किया, 'टाइम्स समूह के अध्यक्ष इंदु जैन जी के निधन से दुखी हूं। उन्हें सामाजिक कार्यों में उनके योगदान, भारतीय संस्कृति के लिए उनके जुनून के लिए हमेशा याद किया जाएगा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे। ओम शांति।'

इंदु जैन को श्रद्धांजलि देते हुए खेल मंत्री किरण रिजिजू ने ट्वीट किया, 'टाइम्स ग्रुप की अध्यक्षा श्रीमती इंदु जैन जी के दुखद निधन को सुनकर दुख हुआ। वह एक प्रसिद्ध परोपकारी और आजीवन आध्यात्मिक साधक थी। विनीत जैन जी और पूरे टाइम्स परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। उन्हें हमेशा दया, परोपकार और दया के लिए याद किया जाएगा।'

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इंदु जैन को श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया है, टाइम्स ग्रुप की चेयरपर्सन श्रीमती इंदु जैन के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ। उन्हें एक भावुक परोपकारी, महिला अधिकारों की प्रबल प्रस्तावक और एक प्रेरणादायक नेता के रूप में याद किया जाएगा। विनीज जैन और पूरे टाइम्स परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदु जैन को श्रद्धांजलि देते हुए अपने ट्वीट में कहा है, 'टाइम्स ग्रुप की चेयरपर्सन श्रीमती इंदु जैन जी का निधन अत्यंत दुःखद है। राष्ट्रहित व जन सेवा हेतु आपका उत्कृष्ट योगदान अविस्मरणीय है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने परम धाम में स्थान व शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा, 'टाइम्स ग्रुप की चेयरपर्सन श्रीमती इंदु जैन जी के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ।  इंदु जी का निधन पत्रकारिता जगत एवं समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर पुण्यात्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों सहित समर्थकों को संबल दें। विनम्र श्रद्धांजलि! ॐ शांति: शांति:' 

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा, 'टाइम्स ग्रुप की चेयरपर्सन पद्म भूषण इंदु जैन जी के निधन पर मेरी गहरी संवेदना। महिलाओं के अधिकारों की प्रस्तावक और एक परोपकारी के रूप में मीडिया उद्योग में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। इस नुकसान को सहन करने के लिए उसके परिवार को ताकत मिले।'

वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इंदु जैन के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण की उनकी प्रतिबद्धता के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। केजरीवाल ने ट्वीट किया, "इंदु जैन जी के निधन से काफी दुखी हूं. परोपकार संबंधी कार्यों और राष्ट्र निर्माण को लेकर उनकी प्रतिबद्धता के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा. परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं. ओम शांति।"

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी जैन के परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने ट्वीट किया, "विनीत जी, आपके लिए बेहद दुखी हूं. मुझे कई बार निजी तौर पर भी उन्होंने अपना आर्शीवाद दिया. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे. ओम शांति।"

इनके अलावा फिल्म अभिनेता रितेश देशमुख ने भी इंदु जैन के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी है। अपने ट्वीट में रितेश देशमुख ने कहा है, 'श्रीमती इंदु जैन के जाने से बहुत दुखी हूं। वह टाइम्स ऑफ इंडिया और उसके कई इनिशिएटिव्स में अहम रोल निभाया और गाइड करती रहीं। वह एक ऐसी समाज सेविका थीं, जिन्होंने कई जिंदगियां रोशन कीं। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। विनीत जैन जी और पूरे टाइम्स परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं।'

 जाने-माने क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने भी इंदु जैन के निधन पर ट्वीट करके शोक जताया है।

गौरतलब है कि इंदु जैन का करीब 84 वर्ष की उम्र में गुरुवार को निधन हो गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंदु जैन कई दिनों से कोरोना संक्रमण से जूझ रही थीं और इन दिनों अस्पताल में भर्ती थीं। इंदु जैन ‘द टाइम्स फाउंडेशन’ की अध्यक्ष थीं, जिसे उन्होंने स्थापित किया था। टाइम्स फाउंडेशन बाढ़, चक्रवात, भूकंप और महामारी जैसी आपदा राहत के लिए सामुदायिक सेवा, अनुसंधान फाउंडेशन और टाइम्स रिलीफ फंड चलाता है। वह भारतीय ज्ञानपीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष भी थीं, जो प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान करती है। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के अधिकारों को लेकर भी आवाज उठाई। जनवरी 2016 में इंदु जैन को भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

कई बार फोर्ब्स के सबसे अमीर शख्सियतों की लिस्ट में आ चुकीं इंदु जैन FICCI की महिला विंग (FLO) की फाउंडर प्रेजिडेंट भी थीं। अपनी मानवता और देश भर में कई चैरिटी के लिए पहचानी जाने वाली इंदु जैन ने मीडिया के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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होम आइसोलेशन वाले मरीजों तक जानकारी पहुंचाने में मीडिया का इस्तेमाल करें सरकारें: HC

देश में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच हाल ही में केंद्र सरकार ने होम आइसोलेशन वाले मरीजों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की थीं

Last Modified:
Friday, 14 May, 2021
High Court

देश में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच हाल ही में केंद्र सरकार ने होम आइसोलेशन वाले मरीजों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की थीं, लेकिन ये गाइडलाइंस सभी लोगों तक पहुंचें, इसे लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार समेत इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का सहारा लेने को कहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को कोरोना के उपचार के लिए घर में क्या प्रयास करना चाहिए और किस तरह से वह जल्द से जल्द ठीक हो सकते हैं, इसको लेकर दूरदर्शन जैसे चैनल्स का उपयोग किया जाना चाहिए।

हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को कहा है कि इसकी जानकारी वह अखबारों में विज्ञापन के माध्यम से भी दे सकते हैं. इसमें डॉक्टर्स किन लक्षणों में क्या करने की सलाह दे रहे हैं, इसको लेकर विशेषज्ञों की राय को अखबारों में दिल्ली सरकार की तरफ से दिया जा सकता है।

हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान आईसीएमआर ने बताया कि उन्होंने अपनी वेबसाइट पर इससे संबंधित तमाम जानकारियों को शामिल किया है, जिनका उपयोग होम आइसोलेशन के दौरान कोरोना से संक्रमित लोग कर सकते हैं। आईसीएमआर ने बताया कि उन्होंने डॉक्टर रणदीप गुलेरिया के बहुत सारे वीडियो भी अपलोड किए हैं जिसमें वह जानकारी रहे दे रहे हैं कि होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को कोरोना होने के दौरान क्या-क्या करना चाहिए।

हालांकि कोर्ट ने कहा कि जो कुछ भी आईसीएमआर ने अपनी वेबसाइट पर डाला है, वह ज्यादातर आम लोगों की पहुंच से बाहर है। ऐसे में आम लोगों को उन्हीं की भाषा में समझाने के लिए अंग्रेजी के बजाय लोकल भाषा में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में वह जानकारी दी जानी चाहिए जो आईसीएमआर अपनी वेबसाइट पर दे रहा है।

गौरतलब है कि कोरोना के हाल के लक्षणों वाले तमाम लोग फिलहाल होम आइसोलेशन में हैं। ऐसे में हाई कोर्ट चाहता है कि इन सभी लोगों को सोशल मीडिया या इधर-उधर से कोरोना के इलाज से संबंधित कोई गलत जानकारी न मिले। इसके लिए राज्य और केंद्र सरकार विश्वसनीय जानकारियां प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से जारी कराएं, जिससे लोग भ्रम की स्थिति में न रहें।

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