उदय शंकर ने अपनी टीम को दिया नया रूप, टॉप लेवल पर किए ये बदलाव

‘स्टार’ और ‘डिज्नी इंडिया’ के चेयरमैन व ‘द वॉल्ट डिज्नी कंपनी एशिया पैसिफिक’...

Last Modified:
Tuesday, 02 April, 2019
Uday Shankar

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

‘स्टार’ (Star) और ‘डिज्नी इंडिया’ (Disney India) के चेयरमैन और ‘द वॉल्ट डिज्नी कंपनी एशिया पैसिफिक’ (The Walt Disney Company Asia Pacific) के प्रेजिडेंट उदय शंकर ने अपनी टीम में टॉप लेवल पर कई बदलाव किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उदय शंकर ने इस बारे में अपने स्टाफ के लिए एक इंटरनल मीमो जारी किया है। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है, जब वॉल्ट डिज्नी कंपनी ने पिछले महीने ‘21वीं सेंचुरी फॉक्स’ (21st Century Fox) का अधिग्रहण कर लिया है।

इस मीमो के तहत स्टार रीजनल मीडिया नेटवर्क्स के के. माधवन अब स्टार इंडिया के क्षेत्रीय भाषा के चैनलों का नेतृत्व करेंगे, वहीं कर्ट राइडर (Kurt Rieder) भारत के सिवाय एशिया में स्टूडियो बिजनेस की जिम्मेदारी संभालेंगे।

डिज्नी के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट और एमडी (नॉर्थ एशिया) ल्यूक कांग (Luke Kang) ग्रेटर चीन, जापान और कोरिया के नॉर्थ एशिया ग्रुप का नेतृत्व करना जारी रखेंगे और चीन व जापान के कंट्री मैनेजमेंट को दिशा-निर्देश देंगे।

वहीं, एशिया पैसिफिक और मिडिल ईस्ट में ‘फॉक्स नेटवर्क्स ग्रुप’(Fox Networks Group) की कई वर्षों तक कमान संभाल चुके जुबिन गांडीविया (Zubin Gandevia) इस विलय के बाद एशिया में फॉक्स के सबसे ज्यादा वरिष्ठ एग्जूक्यूटिव बन गए हैं।

उदय शंकर ने इस बारे में जो पत्र मीमो जारी किया है, उसे आप ज्यों का त्यों पढ़ सकते हैं-

 “It is a momentous opportunity to be able to chart the course of The Walt Disney Company in the Asia Pacific and the Middle East. While our region is experiencing tremendous change, the common thread that binds it together is the exciting opportunity it presents to build on the great businesses that we have today and create transformational businesses of tomorrow. My endeavour is to build an organisation that enables us to take full advantage of this unique opportunity and capitalise on the potential of the great leadership talent that we have in the region.

We recognise the need for a sharp focus on building deeply local businesses. To achieve this, we are making some changes to the current market structure. This will allow us to serve the strategic agenda in each market and enable our exceptional leaders to build even greater and more successful businesses. Above all, this will facilitate our transformation into a direct-to-consumer company that rests on deep local foundations.”  The memo stated the new business leads and country managers, along with seven functional leads from finance, human resources, and corporate communication:

- Sanjay Gupta, formerly head of Fox Star, will be Country Manager of India and will have direct responsibility for the studio business in the country.

- Amit Malhotra, formerly head of Malaysia and Singapore at Disney, will lead emerging markets. He will also lead content sales for APAC (except North Asia). In addition to reporting to Shankar, he will report to Janice Marinelli, President of Global Content Sales and Distribution for Disney Direct-to-Consumer and International.

- Disney SVP, Chafic Najia will be Country Manager of the Middle East Media cluster.

- Disney’s Kylie Watson-Wheeler will continue to serve as Country Manager of Australia and New Zealand, with direct responsibility for media networks and direct-to-consumer.

- Sanjay Jain, former CFO at Fox’s Star, will lead finance.

- Amita Maheshwari, former head of HR at Star, will lead human resources.

- Anju Jain Kumar, from Disney, will be the Chief Regional Counsel for North Asia, Australia and New Zealand.

- Deepak Jacob, from Star’s legal department, will be the Chief Regional Counsel for India, Southeast Asia and the Middle East.

- Prateek Garg, previously head of business development and acquisitions at Star, will manage Shankar’s office as Head of Corporate Development.

- Jessica Pouleur, currently VP of Strategy and Business Development at The Walt Disney Company, will lead strategy and business development. She will also take interim responsibility of leading strategy for Southeast Asia.

- Jannie Poon, SVP of Corporate Affairs and Communications at 21st Century Fox, will head corporate communications.

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मध्य प्रदेश सरकार ने इस संपादक के खिलाफ लिया कड़ा एक्शन

मध्य प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, सरकारी पत्रिका ‘मध्य प्रदेश संदेश’ के संपादक पर कड़ी कार्रवाई की गई है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 25 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 25 February, 2020
Editor

मध्य प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, सरकारी पत्रिका ‘मध्य प्रदेश संदेश’ के संपादक पर कड़ी कार्रवाई की गई है। नाथूराम गोडसे से संबंधित एक आर्टिकल को लेकर संपादक मनोज खरे को उनके पद से हटा दिया गया है और उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। बता दें कि ‘मध्य प्रदेश संदेश’ पत्रिका सरकार के जनसंपर्क निदेशालय (डीपीआर) के अंतर्गत प्रकाशित होती है।

बताया जा रहा है कि संपादक मनोज खरे के खिलाफ यह कार्रवाई 22 फरवरी को जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा के निर्देश पर की गई है। जिस आर्टिकल को लेकर संपादक को पद से हटाया गया है कि उसका शीर्षक था 'महात्मा जिंदा हैं'।

‘हिन्दुस्तान’ न्यूज पोर्टल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस आर्टिकल में नाथूराम गोडसे की व्यथा और चरित्र को समझाने की कोशिश की गई। इस लेख में बताया गया कि 30 जनवरी, 1948 की शाम नाथूराम गोडसे द्वारा महात्मा गांधी की हत्या कैसे की गई थी।

लेख में कथित तौर पर गोडसे के पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में बताया गया था। इसके साथ-साथ गोडसे के हवाले से कहा गया था कि वह मानता था कि गांधी जी कुछ मामलों में सही थे जबकि कुछ मामलों में अनुचित थे।

इसके अलावा कथित तौर पर आर्टिकल में नाथूराम गोडसे के भाई गोपाल गोडसे द्वारा लिखी गई पुस्तक 'मैंने गांधी को क्यों मारा' के कुछ अंश का उदाहरण देते कई बातें कहीं गई थीं। साथ में आर्टिकल में यह भी कहा गया था कि महात्मा गांधी की महान आत्मा आज भी देश के लोगों में जीवित है। महात्मा गांधी ने केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ ही नहीं बल्कि गरीबी, अशिक्षा और बुराइयों जैसी छुआछूत के खिलाफ भी लड़ाई लड़ी थी।

लेख में कथित तौर पर यह बात भी कही गई थी कि अगर लोगों को लगता है कि गांधी की मृत्यु 30 जनवरी, 1948 को हुई या फिर गोडसे की  मृत्यु 15 नवंबर, 1949 को हुई, तो ऐसा नहीं है। न तो गोडसे की मृत्यु हुई है और न ही गांधी की। दोनों हमारे मन में विद्यमान हैं। हमें यह तय करना होगा कि हमें किसकी विचारधारा को आगे ले जाना है।

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इस न्यूज पोर्टल ने किया एक अलग तरह के घोटाले का पर्दाफाश

खोजी पत्रकारिता के लिए मशहूर विनीता यादव ने बताया कि किस तरह दिल्ली सरकार की नाक के नीचे घोटाला किया जा रहा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 25 February, 2020
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Tuesday, 25 February, 2020
scam

खबरों की डिजिटल दुनिया में पिछले साल कदम रखने वाले ‘न्यूज नशा’ ने एक अलग तरह के घोटाले का पर्दाफाश कर सबको चौंका दिया है। यह घोटाला राष्ट्रीय चिन्ह से जुड़ा हुआ है और इसे देश के सामने लेकर आई हैं वरिष्ठ पत्रकार एवं न्यूजपोर्टल की संपादक विनीता यादव।

खोजी पत्रकारिता के लिए मशहूर विनीता यादव ने बताया है कि किस तरह दिल्ली सरकार की नाक के नीचे राष्ट्रीय चिन्ह (National emblem) को लेकर घोटाला किया जा रहा है। लगभग चार हजार लोग नियम-कानून को ताक पर रखकर राष्ट्रीय चिन्ह इस्तेमाल कर रहे हैं।

‘न्यूज नशा’ की इस एक्सक्लूसिव स्टोरी के मुताबिक, 2017 में दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले दिल्ली माइनॉरिटी कमीशन के चेयरमैन जफारुल खान और सदस्य करतार सिंह की नियुक्ति के बाद कमीशन में दो कमिटी बनाई गईं थीं। इन समितियों में तकरीबन 4000 सदस्य बनाये गए और उन्हें सरकारी पहचान पत्र दे दिए गए। बस यहीं से घोटाला की शुरुआत हुई। इन पहचान पत्रों पर राष्ट्रीय चिन्ह और साथ ही दिल्ली सरकार का नाम भी अंकित है, जो कि पूरी तरह गैरकानूनी है, क्योंकि ये सदस्य न तो सरकारी अधिकारी हैं, न ही जनता द्वारा मनोनीत और सबसे बड़ी बात कि सदस्यों को यह कार्ड आजीवन के लिए मिले हैं। इतना ही नहीं ‘न्यूज नशा’ ने उक्त समितियों को लेकर भी खुलासा किया है।

‘न्यूज नशा’ ने 2019 में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी, तब से कुछ न कुछ अलग करने का प्रयास किया जाता रहा है। न्यूजपोर्टल की एडिटर विनीता यादव पत्रकारिता में अपने लंबे अनुभव से इसे और भी निखारने में लगी हैं। उन्होंने हिंदी न्यूज चैनल ‘एबीपी न्यूज’ में करीब एक दशक की लंबी पारी खेली थी। इसके बाद उन्होंने न्यूज नेशन का रुख किया और अब वह बतौर संपादक ‘न्यूज नशा’ की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

ब्रॉडकास्ट की दुनिया में 20 साल का अनुभव रखने वालीं विनीता ‘एबीपी न्यूज’ से पहले ‘आईबीएन7’ (अब न्यूज18 इंडिया) के साथ कॉरेस्पोंडेंट की भूमिका में थीं। विनीता ने मुख्य रूप से पॉलिटिकल, सोशल, क्राइम, एंटरटेनमेंट और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन बीट पर काम किया है। एबीपी में रहने के दौरान उन्होंने 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव के साथ ही यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली जैसे कई अन्य राज्यों के विधानसभा चुनावों की भी कवरेज की। इसके अतिरिक्त उन्होंने कई सनसनीखेज घटनाओं और स्पेशल शोज के लिए विशेष कवरेज भी की थी, जिनमें बदायूं बलात्कार मामला, 16 दिसंबर का निर्भया कांड, मुजफ्फरनगर दंगें, ब्लैक मनी, जनधन योजना, स्वच्छता अभियान, नेपाल भूकंप, उत्तराखंड घोटाला आदि शामिल है। 

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दिल्ली हिंसा: प्रदर्शनकारियों के बीच फंसे तीन पत्रकार, हुआ बुरा हाल

उत्तरी पूर्वी दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाको में रिपोर्टिंग कर रहे दो अलग-अलग चैनल के पत्रकारों को भी प्रदर्शनकारियों ने घायल कर दिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 25 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 25 February, 2020
delhi

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर उत्तरी पूर्वी दिल्ली में फैली हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार सुबह भी उत्तर पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आई। दिल्ली का मौजपुर और ब्रह्मपुरी इलाका इसका गवाह बना। रविवार से शुरू हुई हिंसा में अब तक एक हेड कांस्टेबल समेत सात लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं एहतियात के तौर पर पांच मेट्रो स्टेशन, जाफराबाद, मौजपुर-बाबरपुर, गोकुलपुरी, जौहरी एंक्लेव और शिव विहार बंद कर दिए हैं।

वहीं, हिंसा प्रभावित इलाके में रिपोर्टिंग कर रहे दो अलग-अलग चैनल के पत्रकारों को भी प्रदर्शनकारियों ने घायल कर दिया है। एक पत्रकार को गोली लगी है, जिसे जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पत्रकार का नाम आकाश नापा है और वह 'JK24X7 News' चैनल में बतौर रिपोर्टर कार्यरत हैं। वे दिल्ली के मौजपुर में हिंसा को कवर कर रहे थे, कि सड़क पर उतरी उग्र भीड़ में से किसी ने उन पर गोली चला दी। गोली उनके बाए कंधे पर लगी, जिससे वे बुरी तरह से जख्मी हो गए। उन्हें तुरंत जीटीवी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर है।  

वहीं एनडीटीवी के दो पत्रकारो को पीट-पीटकर जख्मी कर दिया गया है, इन्हें गुरुतेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन पत्रकारों के नाम अरविंद गुनासेकर और सौरभ शुक्ला है।

एनडीटीवी की एग्जिक्यूटिव एडिटर निधि राजदान ने अपने ट्विटर के जरिए इस बात की पुष्टि भी की है। उन्होंने लिखा कि उन्मादी भीड़ ने उनके दो सहकर्मियों अरविंद गुनासेकर और सौरभ शुक्ला को बेरहमी से पीटा है और तब तक पीटते रहे जब तक उन्हे यह महसूस नहीं हुआ की वे हिन्दू है।   

बता दें कि हिंसा को देखते हुए पूरी उत्तर-पूर्वी दिल्ली में एक महीने के लिए धारा 144 लगा दी गई है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने हिंसा की समीक्षा के लिए गृहमंत्री अमित शाह और एलजी अनिल बैजल से मुलाकात की। केंद्रीय गृहराज्य मंत्री किशन रेड्डी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

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देश में डिजिटल मीडिया की हालत से वरिष्ठ पत्रकार पंकज पचौरी ने कुछ यूं कराया रूबरू

GoNews के फाउंडर और एडिटर-इन-चीफ पंकज पचौरी ने इनबा 2019 में 'Social Media and India's Digital Economy' टॉपिक पर रखी अपनी बात

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 24 February, 2020
Last Modified:
Monday, 24 February, 2020
Pankaj

टीवी इंडस्ट्री के दिग्गजों को बहुप्रतिष्ठित ‘एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba) 2019 से सम्मानित किया गया। नोएडा के होटल रेडिसन ब्लू में 22 फरवरी को आयोजित एक समारोह में ये अवॉर्ड्स दिए गए। अवॉर्ड्स समारोह से पहले न्यूजनेक्स्ट कॉन्फ्रेंस (NEWSNEXT CONFERENCE) का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्पीकर सेशन के तहत ‘Social Media and India's Digital Economy’ टॉपिक पर ऐप बेस्ड टेलिविजन न्यूज चैनल ‘गोन्यूज’ (GoNews) के फाउंडर और एडिटर-इन-चीफ पंकज पचौरी के विचारों से भी लोगों को रूबरू होने का मौका मिला।

इस दौरान भारतीय पत्रकारिता में डिजिटल की क्या भूमिका है? सोशल मीडिया के आने, स्मार्ट फोन की बढ़ती तादात और सस्ते इंटरनेट डाटा प्लान्स से क्या देश में लोगों का न्यूज उपभोग करने का तरीका बदल गया है? और क्या प्रिंट और टीवी का प्रभुत्व बना रहेगा अथवा डिजिटल मीडिया इस स्थिति को बदल देगी? और अपने देश में न्यूज के लिए भुगतान करने की इच्छा रखने वालों की संख्या काफी कम क्यों हैं, जैसे तमाम मुद्दों पर पंकज पचौरी ने बेबाकी से अपनी राय रखी।

अपने सेशन की शुरुआत में उन्होंने दोहा में सोशल मीडिया पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुए अनुभव को शेयर किया। इस कार्यक्रम में भारत से सिर्फ दो संस्थानों ने भाग लिया था। पंकज पचौरी के अनुसार,’आखिर अपने देश में क्या हो रहा है, खासकर सोशल मीडिया सेक्टर की बात करें तो हमारी स्थिति काफी अस्पष्ट है। इसमें ज्यादा पारदर्शिता नहीं है। सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया को काफी हल्के में और मनोरंजन प्रधान माध्यम के रूप में लिया जा रहा है।’ इसके बाद उन्होंने आंकड़ों और तथ्यों से लोगों को बताया कि आज देश में डिजिटल मीडिया की क्या स्थिति है। 

पंकज पचौरी का कहना था, ‘देश में साधारण मोबाइल फोन की संख्या काफी बढ़ने के बावजूद हम अभी इस मामले में थोड़ा पीछे हैं, लेकिन स्मार्ट फोन की संख्या के मामले में ऐसा नहीं हैं। हमारे यहां 35 से 40 प्रतिशत लोग स्मार्ट फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, यह संख्या करीब 350 से 400 मिलियन है और जब हम यूरोप अथवा अन्य देशों की बात करते हैं तो उसके मुकाबले यह आंकड़ा काफी बड़ा है।’

देश में न्यूज चैनल्स की स्थिति के बारे में पंकज पचौरी ने कहा, ‘वर्ष 2015 से लेकर 2018 के बीच टेश में टीवी चैनल्स की ग्रोथ करीब 18 प्रतिशत रही, लेकिन वर्ष 2018 में अचानक इसमें गिरावट आ गई। इसलिए कह सकते हैं कि टीवी पर न्यूज देखने वालों की संख्या में कमी आ रही है। जब मैं टीवी की दुनिया में था तो टीवी पर न्यूज देखने वालों की संख्या 11 प्रतिशत थी और अब यह घटकर सात प्रतिशत पर आ गई है।’ उनका कहना था कि अंग्रेजी न्यूज का प्रतिशत घटा है, जबकि हिंदी और अन्य प्रादेशिक भाषाओं में न्यूज की स्थिति मजबूत हुई है।

मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में विज्ञापन खर्च (AdEx) के बारे में पंकज पचौरी का कहना था कि इस मामले में स्थिति काफी अच्छी है। यानी इस सेक्टर में विज्ञापन खर्च बढ़ रहा है। ग्रोथ की बात करें तो यह 12 प्रतिशत से ज्यादा है। पश्चिमी देशों की तरह भारत में भी डिजिटल  मीडिया की ग्रोथ काफी अच्छी दिखाई दे रही है और विज्ञापन खर्च के मामले में यह टेलिविजन के बाद दूसरे नंबर पर आने वाली है। भारत में डिजिटल पर सबसे ज्यादा खर्च सोशल मीडिया पर किया गया है।

आज के दौर में वॉट्सऐप किस तरह सूचना का सबसे बड़ा स्रोत बनता जा रहा है, के बारे में पंकज पचौरी का कहना था कि बड़ी पॉलिटिकल पार्टियां भी जब कोई जानकारी साझा करना चाहती हैं तो वे भी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उसे पहुंचाने के लिए वॉट्सऐप का इस्तेमाल कर रही हैं। उनका कहना था, ‘मुझे यह सुनकर काफी आश्चर्य हुआ कि देश में वॉट्सऐप इस्तेमाल करने वालों की संख्या 400 मिलियन से ज्यादा हो चुकी है। यह वाकई में बहुत बड़ी संख्या है। कह सकते हैं कि भारत में जितने भी लोगों के पास स्मार्टफोन है, उनमें लगभग सभी के पास वॉट्सऐप है।’

डिजिटल की दुनिया में भारत कैसे सबसे आगे निकल रहा है, के बारे में पंकज पचौरी का यह भी कहना था, ‘हमारे देश में डाउनलोड किए गए ऐप्स की संख्या लगभग एक बिलियन है और यह बहुत बड़ा आंकड़ा है।’ उन्होंने बताया कि लोगों द्वारा ऐप्स डाउनलोड करने में लगने वाली लागत कितनी ज्यादा थी, लेकिन डिजिटल फर्स्ट कंपनियों ने इसमें मदद के लिए किस तरह पैसा लगाया।    

पंकज पचौरी के अनुसार, ‘भारत की सोशल मीडिया इकनॉमी अभी भी बहुत खराब है और इसका कारण यह है कि प्रति यूजर रेवेन्यू काफी कम है।’ देश में डिजिटल मीडिया यूजर के बारे में पंकज पचौरी का कहना था, ‘हमारे देश के लोग ऑनलाइन पर उतना ज्यादा खर्च नहीं कर रहे हैं, क्योंकि वे अभी भी ऑनलाइन होने और इस पर ज्यादा खर्च करने में संदेह और संकोच कर रहे हैं।‘

पंकज पचौरी के अनुसार, ‘डिजिटल पर विज्ञापन खर्च के मामले में आए बदलाव का प्रतिशत देखें तो वर्ष 2016 में यह 110 प्रतिशत पहुंच गया था यानी इसमें काफी इजाफा हुआ था, लेकिन अब यह कम है। वर्ष 2021 में यह 20 प्रतिशत हो जाएगा। हालांकि डिजिटल में विज्ञापन खर्च बढ़ रहा है, लेकिन इसमें इतनी तेजी नहीं आ रही है, जितनी 2016 की शुरुआत में आई थी।’ आखिर में पंकज पचौरी ने सोशल मीडिया की असली चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला।

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Network18 में टॉप लेवल पर हुए बड़े बदलाव

देश के प्रतिष्ठित मीडिया समूह ‘नेटवर्क18’ (Network 18) से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 24 February, 2020
Last Modified:
Monday, 24 February, 2020
Network18

देश के प्रतिष्ठित मीडिया समूह ‘नेटवर्क18’ (Network 18) से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। खबर ये है कि समूह की ऑनलाइन डिवीजन में टॉप लेवल पर फेरबदल किए गए हैं।

नए बदलावों के तहत ‘मनीकंट्रोल डॉट कॉम’ (Moneycontrol.com) वेबसाइट के एडिटर के रूप में कार्यरत संतोष नायर अब ‘सीएनबीसीटीवी18 डॉट कॉम’ (cnbctv18.com) में एडिटर की भूमिका संभालेंगे। वहीं, ‘सीएनबीसीटीवी18 डॉट कॉम’ के एडिटर के रूप में कार्यरत बिनॉय प्रभाकर को अब संतोष नायर की जगह ‘मनीकंट्रोल डॉट कॉम’ का एडिटर बनाया गया है।

इसके साथ ही ‘मनीकंट्रोल डॉट कॉम’ के न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत नजीम खान अब ‘सीएनबीसीटीवी18 डॉट कॉम’ में न्यूज एडिटर की कमान संभालेंगे। वहीं, ‘सीएनबीसीटीवी18 डॉट कॉम’ के न्यूज एडिटर के पद पर काम कर रहे शुभाशीष अब ‘मनीकंट्रोल डॉट कॉम’ में बतौर न्यूज एडिटर काम करेंगे।

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enba के विजेताओं को चुनने में क्यों करनी पड़ी जूरी को मशक्कत, बोले हरिवंश नारायण सिंह

दशकों से मैं डॉ. अनुराग बत्रा जी के उत्साह, ऊर्जा और खास तौर से उनकी टीम स्प्रिट व उनके विजन का भी कायल हूं। सवालों और जूरी के कामकाज में भी अनुराग जी की वो छाप मुझे देखने को मिली।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Sunday, 23 February, 2020
Last Modified:
Sunday, 23 February, 2020
harivansh

देश में टेलिविजन न्यूज इंडस्ट्री को नई दिशा देने और इंडस्ट्री को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में अहम योगदान देने वालों को सम्मानित करने के लिए बहुप्रतिष्ठित ‘एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba)  का आयोजन 22 फरवरी को नोएडा के रेडिसन ब्लू होटल में किया गया। इनबा का यह 12वां एडिशन था। समारोह में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल थे। वहीं इस कार्यक्रम के दौरान जूरी मीट में चेयरपर्सन की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राज्यसभा (Rajya Sabha) के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश नारायण सिंह भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश नारायण सिंह ने कहा, ‘देश में टीवी न्यूज की दिशा में उल्लेखनीय काम करने वालों को दिए जाने वाले इन प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स के विजेताओं को चुनने के लिए जो जूरी बनी, उसका चेयरपर्सन बनाकर मुझे जो सम्मान दिया गया है, उसके लिए मैं एक्सचेंज4मीडिया समूह और खासतौर पर अनुराग बत्रा जी को आभार व्यक्त करना चाहूंगा।

दशकों से डॉ. अनुराग बत्रा जी के उत्साह, ऊर्जा और खास तौर से उनकी टीम स्प्रिट व उनके विजन का भी कायल हूं। सवालों और जूरी के कामकाज में भी अनुराग जी की वो छाप मुझे देखने को मिली। जूरी के सदस्यों ने जिस गंभीरता से इस काम को अंजाम दिया, जितना होमवर्क करके आए, और बारीकी से एक-एक चीज को पूछा, उसके लिए उन्हें भी बहुत-बहुत धन्यवाद।

कार्यक्रम के दौरान जूरी मीट को लेकर हरिवंश नारायण सिंह ने कहा, 'मैंने अनुराग जी से आग्रह किया था कि सर्वसम्मति से जूरी के सदस्य निर्णय करें और यदि सर्वसम्मति से निर्णय न हो तो उच्च कोटि के प्रोसेस को अपनाए, ताकि कहीं कोई गलती न हो। फिलहाल इस तरह की कोई भी बात सामने नहीं आई, इसके लिए मैं जूरी के सभी सदस्यों और अनुराग जी को पुन: धन्यवाद देता हूं।'

उन्होंने कहा, ‘मैं भी पेशे से एक पत्रकार रहा हूं और आप सभी के ही बीच का रहा हूं। मैंने वर्ष 1977 में टाइम्स ऑफ इंडिया समूह के साथ ट्रेनी जर्नलिस्ट के तौर पर अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की थी और मैंने अपनी जिंदगी के कई दशक प्रिंट मीडिया की रिपोर्टिंग और एडिटिंग में गुजारे। यहां से काम करने के बाद मैंने छोटी सी जगह में एक ऐसे अखबार के साथ काम करना बेहतर समझा, जहां से मैं यह मसहूस कर सकूं कि पत्रकारिता समाज में क्या असर डाल सकती है। लेकिन इतने वर्षों में मैंने देश को सामाजिक और आर्थिक रूप से बदलते हुए बहुत करीब से देखा और देख रहा हूं और इसके लिए मैं आप सबको बधाई दे रहा हूं, क्योंकि जूरी के चेयरपर्सन के तौर पर मैंने आप सभी लोगों के कामकाज को  देखा, उससे मुझे इस बात पर भरोसा हो गया है कि देश में पत्रकारिता का भविष्य सुरक्षित हाथों में हैं और लोकतंत्र का यह चौथा खंभा आपके प्रयासों से लगातार मजबूत हो रहा है। खबरों में अलग-अलग रोचक प्रस्तुति या चैनल्स की अपनी-अपनी नीति, ये बेहतर चीज है क्योंकि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से बेहतर चीजें निकलती हैं और उनकी प्रक्रिया की प्रस्तुति भी अलग हो सकती है। आप सभी में एक चीज जो कॉमन है वो ये कि बड़ी कड़ी मेहनत, इतना अधिक होमवर्क और इतना अधिक समय देते हैं चैनल को, तब इतना अच्छा आउटपुट और बेहतरीन चीजें सामने आ पाती हैं। इसलिए मैं आप सभी को बधाई देना चाहता हूं।

एक बात जो मैं आपको बताना चाहता हूं, वो ये है कि विभिन्न कैटेगरीज में अवॉर्ड्स के विजेताओं को चुनना आसान नहीं था। चाहे खबरों की बात हो या करंट अफेयर्स के टॉपिक्स हों, खोजपरक रिपोर्ट हो या फिर प्रॉडक्शन की ही बात क्यों न हो, इनमें से कई चैनल्स के मानक बहुत ऊंचे थे। इस तरह चैनल्स के बीच काफी कड़ा मुकाबला रहा और विजेताओं को चुनने में जूरी को काफी परिश्रम करनी पड़ी। कई कैटेगरीज में तो सभी नॉमिनीज ही एक तरह से विजेता हैं। मैं जूरी के सभी सम्मानित सदस्यों को इस बात के लिए धन्यवाद और बधाई देना चाहता हूं कि उन्होंने इतने कड़े मुकाबले के बीच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से विजेताओं को चुनने जैसा कठिन काम किया। इसके साथ ही मैं जूरी प्रक्रिया को इतने प्रभावी तरीके से संचालित करने और समय के साथ चलते हुए इसमें नई कैटेगरीज शामिल करने के लिए अनुराग बत्रा जी और एक्सचेंज4मीडिया की पूरी टीम को भी बधाई देता हूं।

मुझे यह देखकर काफी खुशी हो रही कि इसमें ऐसी कैटेगरीज भी शामिल की गई थीं, जो पर्दे के पीछे रहकर अपने काम को अंजाम देने वालों को पहचान देती हैं, जिनमें प्रड्यूसर, विडियोग्राफर्स, विडियो एडिटर्स और एडिटोरियल हेड्स शामिल हैं। टीवी न्यूज इन सभी लोगों के योगदान से ही बनती है। लोकतंत्र में न्यूज जनहित के लिए होती है। न्यूज ऑर्गनाइजेशन न केवल खबर देते हैं, बल्कि ये भी बताते हैं कि इस खबर का क्या महत्व है।

आज इंटरनेट के जमाने में इसका महत्व कम होने की बजाय और बढ़ गया है। अब ज्यादा से ज्यादा सूचनाएं तेजी से उपलब्ध हो रही हैं। तमाम तरह के नए फॉर्मेट और डिवाइस आ गए हैं, जिनके द्वारा ज्यादा लोगों तक सूचनाओं का प्रसार आसान हो गया है, जबकि पहले ऐसा नहीं था। पहले सिर्फ कुछ ही लोग, जिनके पास साधन थे, वहीं स्वतंत्र रूप से मीडिया चला पाते थे, लेकिन अब जिनके पास इंटरनेट कनेक्शन है और ट्विटर अकाउंट है, वह खुद न्यूज तैयार कर सकता है। इसका परिणाम यह हुआ है कि न्यूज तैयार करने वालों और न्यूज प्राप्त करने वालों के बीच जो रेखा थी, वह अब धुंधली हो गई है।

न्यूज के लिए पहले जिन लोगों को ऑडियंस, रीडर्स और कंज्यूमर्स मानते था, वह अब सोर्स, फैक्ट चेकर्स और ओपिनियन मेकर्स बन गए हैं। ऐसे माहौल में आपके जैसे प्रफेशनल न्यूज ऑर्गनाइजेशन की भूमिका पहले के मुकाबले ज्यादा महत्वपूर्ण और मूल्यवान हो गई है। ऐसा नहीं है कि इंटरनेट के कारण सभी खबरें सब तक पहुंच रही हैं और न ही निकट भविष्य में ऐसा होने वाला है। बल्कि इसके द्वारा फेक न्यूज और गलत खबरों के प्रसार में इजाफा हुआ है और इसके लिए अब हमें सावधान रहना पड़ेगा।  

आज मीडिया संस्थानों के सामने सामाजिक जिम्मेदारियों और व्यावसायिक हितों के बीच समन्वय रखते हुए लोगों तक खबरें पहुंचाना बड़ी चुनौती है। मुझे पूरा विश्वास है कि आपके जैसे प्रफेशनल और जिम्मेदार संस्थान इन चीजों को समझ रहे हैं और तमाम तरह के नए साधनों, फॉर्मेट्स और विभिन्न तरीकों से इस दिशा में अथक परिश्रम कर रहे हैं। निश्चित रूप से इन चुनौतियों से निपटने में टेक्नोलॉजी काफी मददगार साबित होगी, लेकिन हम किस तरह काम करते हैं और कैसे इनका इस्तेमाल करते है, ये आने वाले समय में सबसे बड़ी चुनौतियां होंगी। 

आखिर में मैं सभी अवॉर्ड्स विजेताओं और उन सभी लोगों को बधाई देता हूं, जिन्होंने अपने काम को नई पहचान दी है। मैं जूरी के सभी सम्मानित सदस्यों को भी धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने विजेताओं का चयन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।’

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जानें, बेस्ट न्यूज चैनल्स का अवॉर्ड जीतने पर क्या बोलीं इंडिया टुडे ग्रुप की कली पुरी

‘इंडिया टुडे ग्रुप’ (India today Group) ने हिंदी, अंग्रेजी और डिजिटल श्रेणी में अधिकांश अवॉर्ड्स जीतकर रिकॉर्ड अपने नाम किया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Sunday, 23 February, 2020
Last Modified:
Sunday, 23 February, 2020
Kali Puri

देश में टेलिविजन न्यू ज इंडस्ट्री  को नई दिशा देने और इंडस्ट्री  को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में अहम योगदान देने वालों को सम्मानित करने के लिए बहुप्रतिष्ठित ‘एक्स चेंज4मीडिया न्यूमज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba)  का आयोजन 22 फरवरी को नोएडा के रेडिसन ब्लू होटल में किया गया। इनबा का यह 12वां एडिशन था। समारोह में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान मुख्य अतिथि थे।

‘एक्सचेंज फॉर मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba)  के दौरान ‘इंडिया टुडे ग्रुप’ (India today Group) ने हिंदी, अंग्रेजी और डिजिटल श्रेणी में अधिकांश अवॉर्ड्स जीतकर रिकॉर्ड अपने नाम किया।

इंडिया टुडे ग्रुप के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई को ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। तो वहीं, टीवी टुडे नेटवर्क के न्यूज डायरेक्टर और ‘आजतक’ के मैनेजिंग एडिटर सुप्रिय प्रसाद को ‘एडिटर-इन-चीफ ऑफ द ईयर’ के सम्मान से नवाजा गया। आजतक के एग्जिक्यूटिव एडिटर रोहित सरदाना और एग्जिक्यूटिव एडिटर अंजना ओम कश्यप को सर्वश्रेष्ठ हिंदी न्यूज चैनल एंकर की कैटगरी में क्रमश: फर्स्ट और सेकेंड रनरअप के तौर पर रखा गया।  वहीं रोहित सरदाना ने बेस्ट स्पॉट न्यूज रिपोर्टिंग का खिताब भी अपने नाम किया। ‘दी लल्लनटॉप’ को साल 2019 में शानदार काम के लिए सर्वश्रेष्ठ डिजिटल मीडिया न्यूज चैनल के पुरस्कार से नवाजा गया।

इस मौके पर इंडिया टुडे ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन कली पुरी ने कहा, लोकसभा चुनाव किसी भी न्यूज चैनल के लिए परीक्षण की तरह होता है, क्योंकि हर चैनल अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करता है। इस साल अवॉर्ड जीतना और भी खास है, वो इसलिए क्योंकि हमारे न्यूजरूम में विविधता है। वहीं आजतक के सर्वश्रेष्ठ हिंदी न्यूज चैनल का अवॉर्ड जीतने पर उन्होंने कहा कि यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है और ये बात कि आजतक लीडरशिप की गारंटी है अपने आप में ही खासियत है। मैं यह भी कहना चाहूंगी कि बतौर टीम हमने सभी बड़े अवॉर्ड्स जीते हैं, चाहे वो हिंदी हो, अंग्रेजी हो या डिजिटल। यही बात हमें बाकियों से आगे खड़ा करती है। द्विभाषी फायदा होने के कारण हमें इंडिया और भारत को समझने में आसानी होती है, इसलिए भविष्य और भी उज्ज्वल है।

ENBA अवॉर्ड्स में ‘आजतक’ (Aaj Tak) की सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर श्वेता सिंह के प्रोग्राम ‘श्वेत पत्र’ को बेस्ट बिजनेस प्रोग्राम से नवाजा गया है। श्वेता सिंह के ही प्रोग्राम ‘सीधी बात’ को बेस्ट टॉक शो का अवॉर्ड मिला है। बेस्ट यूज ऑफ टेक्नोलॉजी का भी अवॉर्ड आजतक के खाते में गया। ये पुरस्कार नवीन बिष्ट को दिया गया है। सर्वश्रेष्ठ करेंट अफेयर्स (अंग्रेजी) का अवॉर्ड इंडिया टुडे को ‘रेड रिपोर्ट: छत्तीसगढ़’ के लिए दिया गया।

देखिए, अवॉर्ड की लिस्ट-

इंडिया टुडे के 'रेड रिपोर्ट: छत्तीसगढ़' को बेस्ट करेंट अफेयर का ENBA अवॉर्ड

इंडिया टुडे के ‘न्यूजट्रैक’ को बेस्ट लेट प्राइम टाइम शो (इंग्लिश) का enba अवॉर्ड

राजदीप सरदेसाई को बेस्ट स्पॉट न्यूज रिपोर्टिंग (इंग्लिश) का enba अवॉर्ड

नवीन बिष्ट को बेस्ट यूज ऑफ टेक्नोलॉजी का enba अवॉर्ड

रोहित सरदाना को बेस्ट स्पॉट न्यूज रिपोर्टिंग का enba अवॉर्ड

'सीधी बात' कार्यक्रम को बेस्ट टॉक शो (हिंदी) का enba अवॉर्ड

आजतक के कार्यक्रम 'खबरदार' को बेस्ट करेंट अफेयर का enba अवॉर्ड

'श्वेतपत्र' कार्यक्रम को बेस्ट बिजनेस प्रोग्राम (हिंदी) का enba अवॉर्ड

इंडिया टुडे के 'कैंपस फेस-ऑफ' को बेस्ट टॉक शो (इंग्लिश) का enba अवॉर्ड

Vice chairperson of india today group kalli purie says we have diversity in news room

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'IMPACT Person of the Year' के नाम से उठा पर्दा, जानें किसे मिला अवॉर्ड

‘इंपैक्ट पर्सन ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ हर साल एक्सचेंज4मीडिया समूह द्वारा मीडिया, मार्केटिंग और एडवर्टाइजिंग के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान देने और ऊंचाइयों को छूने वालों को दिया जाता है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 21 February, 2020
Last Modified:
Friday, 21 February, 2020
ipoy

बहुप्रतीक्षित ‘इंपैक्ट पर्सन ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ (IMPACT Person of the Year award) के विजेता के नाम से गुरुवार को पर्दा उठ गया। ‘इंपैक्ट पर्सन ऑफ द ईयर (IMPACT Person of the Year) अवॉर्ड 2019’ का खिताब ‘Byju’ के फाउंडर व सीईओ बायजू रविंद्रन ने जीता, जो कि हर साल एक्सचेंज4मीडिया समूह द्वारा मीडिया, मार्केटिंग और एडवर्टाइजिंग के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान देने और ऊंचाइयों को छूने वालों को दिया जाता है। उन्होंने ऑनलाइन लर्निंग इकोसिस्टम में क्रांति लाने के लिए यह पुरस्कार जीता है।  मुंबई के जेडब्ल्यू मैरियट होटल में 20 फरवरी को आयोजित कार्यक्रम में उन्हें यह अवॉर्ड दिया गया।

केरल के एक छोटे से गांव से पढ़ाई करने वाले बायजू रविंद्रन ने कोचिंग क्लास से शुरू कर आज ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसके बारे में शायद ही उन्होंने कभी सोचा होगा। रविंद्रन ने सिर्फ 2 लाख रुपए खर्चकर अपनी कोचिंग क्लास शुरू की थी। कोचिंग पढ़ाने के बीच में ही उन्हें एक खास आइडिया आया और उनकी कोचिंग का तरीका बदला और साथ ही उनकी किस्मत भी। आज कोचिंग क्लास से शुरू हो Byju’s इंडिया की सबसे बड़ी एडटेक कंपनी बन गई है, जिसके फाउंडर बायजू रविंद्रन हैं। उनके ही नेतृत्व में इस स्टार्टअप कंपनी ने एक चमत्कारिक वृद्धि दर्ज की और आज इस कंपनी की मार्केट  वैल्यू 8 बिलियन डॉलर की है।  

दरअसल, रविंद्रन को टीचिंग विरासत में मिली है। उनके माता-पिता भी टीचर थे। बचपन में रविंद्रन का पढ़ाई में मन नहीं लगता था, लेकिन जब बड़े हुए तो खुद टीचर बनने का सपना देखने लगे। पर उन्हें टीचिंग की जॉब नहीं मिली, तो उन्होंने कालीकट यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर लेने के बाद एक शिपिंग कंपनी को जॉइन कर लिया। उन्हीं दिनों रविंद्रन को पता चला कि उनके कुछ सहपाठी एमबीए की तैयारी कर रहे हैं तो उन्होंने सोचा, क्यों न वे अपनी नौकरी करते हुए उनकी भी कुछ मदद कर दिया करें। फिर क्या था, पार्ट टाइम वह उन्हें एमबीए की तैयारी भी कराने लगे।

सहपाठियों को मिली सफलता को देख रविंद्रन को कोचिंग क्लास चलाने का पहला आइडिया सूझा। कोचिंग से अच्छी कमाई होने लगी तो वह आसपास के अन्य शहरों में भी जा-जाकर कोचिंग देने लगे। वर्ष 2009 में पहली बार 'कैट' के लिए उन्होंने ऑनलाइन विडियो लर्निंग प्रोग्राम शुरू किया। इसके बाद उनके दिमाग में इस कोचिंग को एक बड़ी बिजनेस कंपनी बनाने के लिए ऑनलाइन क्लास चलाने का एक और नया आइडिया आया। वह उसे बड़ा प्रोजेक्ट बनाने में जुट गए। शुरुआती दौर में तकनीकी इंफ्रॉस्ट्रक्चर खड़ा कर लेने बाद 2011 में उन्होंने सबसे पहले एक कंपनी के रूप में अपने स्टार्टअप को नाम दिया- बायजू इंडिया (थिंक एंड लर्न)। उसके बाद वर्ष 2015 में उन्होंने अपना फ्लैगशिप प्रोडक्ट ‘BYJU- द लर्निंग ऐप’ भी लॉन्च कर दिया। स्मार्टफोन के जमाने में बस यही प्रयोग उनके लिए गेमचेंजर बन गया। बायजू कन्टेंट को छोटा और आकर्षक बनाकर बच्चों का ध्यान खींचती है।

‘इंपैक्ट पर्सन ऑफ द ईयर 2019’ पर टिप्पणी करते हुए कहा एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ.अनुराग बत्रा ने कहा कि बायजू रविंद्रन ने अपने जुनून को ही अपना प्रोफेशन बनाया और 8 बिलियन डॉलर की बायजू कंपनी तैयारी की। निसंदेह बायजू ‘अमेजन ऑफ एजुकेशन ’है। उन्होंने शिक्षा जैसी श्रेणी में एक अद्भुत ब्रैंड बनाकर दिखाया है। बायजू दर्शाता है कि IPOY का क्या मतलब है- इनोवेशन, लीडरशिप, स्केल, गेमचेंजिंग और सहयोगपूर्ण साझेदारी। निकट भविष्य में बायजू भारत से निकलने  वाली एक वैश्विक कंपनी बन सकती है।

गौरतलब है कि इस अवॉर्ड की रेस में ‘Byju’ के फाउंडर व सीईओ बायजू रविंद्रन के अलावा 6 अन्य नॉमिनी भी मैदान में थे, जिनमें ‘InMobi Group’  के फाउंडर व सीईओ नवीन तिवारी, डब्ल्यूपीपी (WPP) के कंट्री मैनेजर सीवीएल श्रीनिवास, ‘इंडिया टुडे ग्रुप’ (India Today Group) की वाइस चेयरपर्सन कली पुरी, ‘ओयो रूम्स’ (Oyo Rooms) के फाउंडर व सीईओ रितेश अग्रवाल, ‘Affle’ के फाउंडर, चेयरमैन व सीईओ अनुज खन्ना सोहम शामिल थे। इसके अतिरिक्त जॉइंट नामिनी में शामिल थे ‘इंडियामार्ट’ (IndiaMart) के कोफाउंडर व डायरेक्टर ब्रिजेश अग्रवाल और ‘इंडियामार्ट’ के ही को-फाउंडर व सीईओ दिनेश अग्रवाल।

 

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TRAI के खिलाफ याचिका पर हाई कोर्ट ने उठाया ये कदम  

केरल हाई कोर्ट ने पहले एक अंतरिम आदेश पारित किया था जिसमें TRAI को AIDCF के हितों को देखते हुए कोई भी सख्त कदम उठाने के लिए मना किया था।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 20 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 20 February, 2020
TRAI

‘ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन’ (AIDCF) और ‘टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (ट्राई) के बीच चल रहे दो मामलों को केरल हाई कोर्ट ने 28 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया है।

केरल हाई कोर्ट ने पहले एक अंतरिम आदेश पारित किया था जिसमें TRAI को AIDCF के हितों को देखते हुए कोई भी सख्त कदम उठाने के लिए मना किया था।

बता दें कि 4 फरवरी को हाई कोर्ट ने यह मामला 18 फरवरी के लिए स्थगित कर दिया था।

वहीं दूसरी तरफ, बॉम्बे हाई कोर्ट ने ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 (NTO 2.0) मामले को 26 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया है।

गौरतलब है कि ‘AIDCF’ ने ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 (NTO 2.0) के खिलाफ आठ जनवरी को केरल हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘AIDCF’ का कहना था कि ब्रॉडकास्टर्स और ‘डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स’ (DPOs) के बीच प्लेसमेंट, मार्केटिंग समेत अन्य एग्रीमेंट ट्राई के दायरे में नहीं आते हैं।   

वहीं, 9 जनवरी को हाई कोर्ट ने इस मामले को 4 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया था और ट्राई को इस याचिका के जवाब में अपना हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था। इस पर ट्राई के वकील की ओर से 1 फरवरी को हलफनामा दायर किया गया था।  

बता दें कि ‘इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फेडरेशन’ (IBF) ने भी ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी हुई है।  

दरअसल, ट्राई ने रेगुलेटर्स को ‘डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स’ के साथ किए गए सभी तरह के एग्रीमेंट्स की सूचना देने के लिए कहा है। इनमें कॉमर्शियल विवरण, मार्केटिंग, प्लेसमेंट के साथ ही एड स्लॉट्स को लेकर किए गए एग्रीमेंट्स आदि की सूचना देना भी शामिल है। ‘AIDCF’ ने ट्राई के इस कदम को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

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मीडिया के विरोध में सांसद ने लांघी शब्दों की मर्यादा, मचा हंगामा तो मांगी माफी

पत्रकारों को अपने काम के लिए क्या-क्या नहीं सहना पड़ता, इसके बावजूद कभी उन्हें किसी का समर्थक करार दिया जाता है तो किसी का विरोधी।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 19 February, 2020
Last Modified:
Wednesday, 19 February, 2020
dmk

पत्रकारों को अपने काम के लिए क्या-क्या नहीं सहना पड़ता, इसके बावजूद कभी उन्हें किसी का समर्थक करार दिया जाता है तो किसी का विरोधी। कुछ लोग तो पत्रकारों की बुराई में शब्दों की मर्यादा को भी ताक पर रखने से पीछे नहीं हटते। डीएमके सांसद आरएस भारती भी उन्हीं लोगों में से एक हैं। भारती ने मीडिया हाउस और पत्रकारों की तुलना मुंबई के रेड लाइट एरिया से की है। हालांकि, मीडिया संगठनों के तीखे ऐतराज के बाद उन्होंने माफी मांग ली, लेकिन उनके शब्दों में मीडिया के प्रति उनकी सोच झलकती है और उसे माफी से बदला नहीं जा सकता।

दरअसल, सांसद महोदय को लग रहा है कि तमिलनाडु मीडिया उनकी पार्टी के खिलाफ अभियान चला रहा है, ताकि विधानसभा चुनाव में उसे नुकसान पहुंचाया जा सके, इसलिए वह मीडिया से खासे नाराज चल रहे हैं। जब एक पार्टी कार्यक्रम में उन्हें बोलने का मौका मिला, तो मीडिया के खिलाफ मन की भड़ास को उन्होंने झट से निकाल दिया, लेकिन इस फेर में वह इतना ज्यादा बोल गए कि बाद में अपने शब्दों पर खेद जाताना पड़ा।

आरएस भारती ने आरोप लगाया कि पत्रकार तमिलनाडु में डीएमके के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। पार्टी पर मीडिया का हमला तब से तेज हो गया है, जबसे पार्टी ने अपने चुनावी अभियान के लिए प्रशांत किशोर को राजनीतिक सलाहकार के रूप में नियुक्त किया है। अपनी बात को आगे ले जाते हुए उन्होंने कहा कि मीडिया हाउस का उद्देश्य सिर्फ पैसा है और वह मुंबई के रेड लाइट एरिया की तरह चल रहे हैं।

मीडिया पर अपनी इस टिप्पणी के बाद सांसद महोदय को चौतरफा विरोध का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर जहां पत्रकारों ने उन्हें घेरा, वहीं चेन्नई प्रेस क्लब ने भी कड़ा विरोध दर्ज किया।

‘द न्यूज मिनट’ की पत्रकार मेघा कावेरी ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘मुझे लगता है पत्रकार वोट बैंक नहीं होते, इसलिए उनके खिलाफी टिप्पणी के लिए कोई पछतावा न माफी नहीं।’

मामला बढ़ता देख डीएमके चीफ एम.के. स्टालिन मैदान में उतरे और उनके कहने पर आरएस भारती ने मीडिया से माफी मांग ली। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि पार्टी के रणनीतिकार प्रशांत किशोर के संदर्भ में उनका बयान उचित था।

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