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जब महिला पत्रकारों पर हुआ हमला, तमाशबीन बनी रही पुलिस
सुप्रीम कोर्ट द्वारा महिलाओं की एंट्री पर बैन हटाने जाने के बाद केरल के प्रख्यात सबरीमाला...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा महिलाओं की एंट्री पर बैन हटाने जाने के बाद केरल के प्रख्यात सबरीमाला मंदिर का दरवाजे आज महिलाओं के लिए खोल दिए गए। लेकिन मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से पहले ही तनाव की स्थिति बन गई। बुधवार सुबह पंबा की ओर जाने वाले सैकड़ों श्रद्धालुओं को रास्ते में ही रोक दिया गया, जिससे तनाव फैल गया।
महिलाओं की मंदिर में एंट्री को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस की वैन में बैठे कुछ मीडियाकर्मियों पर भी पथराव किया और पत्रकारों की गाड़ियां तोड़ दीं। वहीं एक ओबी वैन को भी नुकसान पहुंचाया गया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंबा बेस कैंप के पास ‘आजतक’, 'इंडिया टुडे' और ‘रिपब्लिक टीवी’ की महिला रिपोर्टर पर भी हमला किया है। इसके अलावा 'टाइम्स नाउ', 'सीएनएन न्यूज 18' सहित कई अन्य मीडिया संस्थानों की महिला पत्रकारों को भी निशाना बनाया गया है।
बताया जा रहा है कि इस हमले में ‘आजतक’ और ‘रिपब्लिक टीवी’ की महिला पत्रकार घायल हो गई हैं। भीड़ के गुस्से के बीच फंसी आजतक की रिपोर्टर मौसमी सिंह ने किसी तरह से पुलिस की बस में छिपकर अपनी जान बचाई। वहीं जिस ओबी वैन में तोड़फोड़ की गई है, वह 'टाइम्स नाउ' की है।
TIMES NOW's journalist attacked by protesters; equipment broken #SabarimalaShowdown
Tune in to TIMES NOW to watch LIVE: https://t.co/kTx8d4lsXF pic.twitter.com/ncBl2x81V9
— TIMES NOW (@TimesNow) October 17, 2018दरअसल, पुलिस प्रदर्शनकारियों को शांत करवाने की कोशिश कर रही थी, कि तभी उन्होंने पत्रकारों पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए थे।
#BREAKING – CNN-News18 crew attacked in Nilakkal. Group of protesters attack and vandalise car in which @radhika1705 and other crew members were travelling.
Inputs by @AnchorAnandN. | #SabarimalaForAll pic.twitter.com/IpnTCrGQs1
— News18 (@CNNnews18) October 17, 2018 ‘रिपब्लिक टीवी’ की दक्षिण भारत की ब्यूरो प्रमुख व सीनियर रिपोर्टर पूजा प्रसन्ना और क्रू मेंबर पत्रकार पर भीड़ ने उस समय हमला कर दिया, जब वे सबरीमाला मंदिर की लाइव कवरेज कर रहीं थीं। लगभग 100 लोगों की भीड़ ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान लोगों ने उनकी गाड़ी पर लात घूसे चलाए। यही नहीं लाठी-डंडों से कार के शीशे भी तोड़ दिए, जिसमें वे घायल हो गईं। हालांकि भीड़ से किसी तरह ये महिला पत्रकार अपनी जान बचाकर वहां से निकलीं।
वहीं 'आजतक' की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस मूक बनीं सिर्फ तमाशा देख रही थी। घटना की शिकायत जब वहां मौजूद पुलिस को की गई, तो उन्होंने लिखित में शिकायत देने की बात कही।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना तब शुरू हुई जब बुधवार सुबह 4.15 बजे पंबा की ओर जाने वाले सैंकड़ों श्रद्धालुओं और तांत्रि परिवार के एक सदस्य राहुल ईश्वर को पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद निलक्कल में तनाव फैल गया। राहुल ईश्वर अपनी 90 वर्षीय दादी और सैंकड़ों श्रद्धालुओं के साथ आधार शिविर से प्रात: पवित्र पर्वत की ओर बढ़ रहे थे तभी निलक्कल में पुलिस ने उनको रोक दिया, जिसके बाद श्रद्धालुओं और पुलिस के बीच झड़पें शुरू हो गईं।
राहुल ईश्वर के खिलाफ गैर जमानती एफआईआर दर्ज की गई है। उनको पंबा पुलिस स्टेशन में रखा गया है। हालांकि उन्होंने किसी भी महिला पर हमला करने से इनकार किया है।
फिलहाल, पुलिस ने मीडिया वालों की दी हिदायत कि वे सबरीमला की तरफ जाने से करें परहेज
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