पाणिनी आनंद, वरिष्ठ वेब पत्रकार सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर लगाम लगाना हिमालय को कोट पहनाये जाने जैसा है। यह बिल्कुल सही है कि मीडिया की मानिटरींग होनी चाहिये। उसकी जवाब देही सुनिश्चित की जाये, लेकिन निजी स्तर पर लोगों की सोच और उसकी अभिव्यक्ति को न तो कभी नियत्रिंत किया जा सका है, न किया जा सकेगा। सोशल नेटवर्क की सबसे बड़ी खासियत ये है कि न वो पन
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समाचार4मीडिया ब्यूरो