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पत्रकारों के लिए ब्लड बैंक निर्माण में जुटा है ये जर्नलिस्ट...
भोपाल के पत्रकारों के बीच शाहिद कामिल का नाम बेहद लोकप्रिय है...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
भोपाल के पत्रकारों के बीच शाहिद कामिल का नाम बेहद लोकप्रिय है। जॉली स्वभाव के शाहिद दोस्त बनाने में ज्यादा विश्वास रखते हैं, यही वजह है कि उनकी दोस्तों की फेहरिस्त में हर रोज़ कोई न कोई नाम जुड़ता रहता है। शाहिद की गिनती ऐसे पत्रकारों में होती है, जो हर पल दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहते हैं। कुछ वक़्त पहले जब राजधानी के वरिष्ठ पत्रकार अरविन्द शीले के साथ लूटपाट हुई थी, तो आला पुलिस अधिकारियों का दरवाज़ा खटखटाने वालों में शाहिद सबसे आगे थे। पत्रकारों से जुड़े मसलों पर उनकी आवाज़ हमेशा मुखर रही है। फ़िलहाल शाहिद कामिल एक और काम को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने पत्रकारों का एक डेटाबेस तैयार किया है, जिसमें उनके ब्लडग्रुप के बारे में जानकारी है।
समाचार4मीडिया से बातचीत में शाहिद ने कहा, ‘एक पत्रकार होने के नाते आए दिन हमारा सामना हादसों से जुड़ी ख़बरों से होता रहता है। कई बार मैंने लोगों को खून के लिए एक ब्लडबैंक से दूसरे ब्लडबैंक के चक्कर लगाते देखा है। इसके अलावा एक और बात मेरे जहन में थी कि हम पत्रकार देर रात तक काम करते हैं, इस दौरान यही कोई दुर्घटना हो जाती है तो मैचिंग ब्लडग्रुप के खून के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इसीलिए मैंने सोचा कि क्यों न सभी पत्रकारों का एक डेटाबेस तैयार किया जाए, जिसमें उनके ब्लडग्रुप के साथ-साथ संपर्क जानकारी भी हो। ताकि जरूरत पड़ने पर किसी पत्रकार को दर-दर न भटकना पड़े’।
शाहिद कामिल की इस पहल को काफी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। अब तक
प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के 200 के आसपास पत्रकार
अपनी जानकारी साझा कर चुके हैं। शाहिद की योजना इस डेटाबेस को एक डायरी का रूप
देने की है, ताकि ज़रूरत पड़ने पर आसानी से संबंधित पत्रकार से
सहायता प्राप्त की जा सके। शाहिद बताते हैं कि उन्होंने सबसे पहले अपने इस विचार
से कुछ दोस्तों को अवगत कराया, इसके बाद वह हर
मिलने वाले पत्रकार से उसका ब्लडग्रुप पूछते रहे। शुरुआत में यह ज़रूर लोगों को कुछ
अटपटा लगा, लेकिन जल्द ही उन्हें इसकी अहमियत समझ आ गई। कुछ
पत्रकारों ने सोशल मीडिया के माध्यम से, तो कुछ ने मुंहजुबानी
शाहिद को यह डेटा उपलब्ध कराया और वह सभी को सूचीबद्ध करते गए। शाहिद अपने डेटाबेस
में कम से कम 500 पत्रकारों को शामिल करना चाहते हैं और इसके लिए
हर संभव प्रयास में लगे हुए हैं, हालांकि चुनावी मौसम
के चलते इसकी रफ़्तार थोड़ी धीमी हो गई है। बकौल शाहिद कामिल, आजकल सभी पत्रकार चुनाव की कवरेज में व्यस्त हैं, एक बार चुनाव हो जाएं फिर ज्यादा से ज्यादा
पत्रकारों के ब्लडग्रुप की जानकारी जुटाकर उसे डायरी की शक्ल दी जाएगी।
शाहिद कामिल पिछले 13 सालों से भोपाल से प्रकाशित होने वाले अख़बार ‘राज एक्सप्रेस’ से जुड़े
हुए हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत क्राइम रिपोर्टर से की थी। अभी हाल ही में
उन्हें न्यूज़ एडिटर बनाया गया है। वह कुछ पत्रकारों द्वारा बनाए गए बाइकर ग्रुप का
भी हिस्सा हैं। यह ग्रुप शहरवासियों को ट्रैफिक नियमों का पाठ पढ़ाने के साथ-साथ
उन्हें ब्लड डोनेशन के लिए प्रोत्साहित भी करता है।
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