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enba 2018: रवीश कुमार का पत्रकारों पर कटाक्ष, अमिश देवगन-अंजना ओम कश्यप ने दिया यूं जवाब
'एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba) 16 फरवरी को नोएडा के होटल रेडिसन ब्लू में...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
‘एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba) 16 फरवरी को नोएडा के होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित एक समारोह में दिए गए। इनबा के 11वां एडिशन के तहत आयोजित इस समारोह में लोगों को देश के जाने-माने पत्रकारों के विचारों से रूबरू होने का मौका भी मिला। कई पत्रकारों ने अपने ही अंदाज में दूसरों के खिलाफ चुटकी ली तो कई ने बातों-बातों में उनका जवाब देने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी।
ऐसे में‘आजतक’ की एंकर और वरिष्ठ पत्रकार अंजना ओम कश्यप, ‘एनडीटीवी’ के पत्रकार रवीश कुमार और ‘नेटवर्क18’ के एंकरअमिश देवगन के बयान आजकल चर्चा का विषय बने हैं।
समारोह में रवीश कुमार का कहना था, ‘मैं मजा खराब नहीं करना चाहता लेकिन आप चैनल वालों ने सच में हिन्दुस्तान का मजा खराब कर दिया है. जो भाषा है और जिस तरह से काम चल रहा है पिछले पांच साल से, आज या कल जब कोई दस साल बाद यू-ट्यूब के तहखाने में जाकर ढूंढेगा कि इस समय कौन क्या कर रहा था, तब पता चलेगा कि कोई ‘एनडीटीवी’ भी था, जो भीड़ नहीं बन रहा था। न हम भीड़ बन रहे थे और न हम भीड़ बना रहे थे। हम पर्दे पर आने वाले लोग हैं और लाखों लोगों के बीच पहचाने जाते हैं, उन्होंने कहा कि मैं ये भाषण नहीं दे रहा हूं। मैंने पहले भी कहा कि आज टीवी का पर्दा बहुत तरीकों की चुनौतियों से गुजर रहा है। बिजनेस की चुनौतियां हैं उसकी।, लेकिन उसके पर्दे पर इनाम के लिए भेजे गए अपनी-अपनी बेहतरीन रिपोर्टिंग के टुकड़े के अलावा आप लोग भी बहुत कुछ ऐसा कर रहे हैं, जिसे आप लोग अकेले में नहीं देख सकते हैं।
इसके जवाब के तौर पर अमिश देवगन का कहना था, ‘जैसा कि कुछ लोगों का कहना है, मैं भी यही कहूंगा कि हमें पीछे मुड़कर जरूर देखना चाहिए कि हम क्या करते हैं। हमें सिर्फ पांच, दस अथवा 15 साल को नहीं सोचना चाहिए, बल्कि उन 25-30 सालों को सोचना चाहिए कि हमने क्या-क्या किया है। जरूरी ये भी है कि जब हम मुड़कर देखें अथवा आईने में देखें तो लगे कि हम अगर किसी के बारे में कुछ कह रहे हैं तो कितनी कालिख हमारे मुंह पर भी है। इस बारे में भी सोचना जरूरी है।’
अमिश देवगन का कहना था, ‘व्युअर्स ही सब कुछ निर्धारित करते हैं। अक्सर कुछ नेता कहते हैं कि आप इसका पक्ष लेते हो, उसका पक्ष लेते हो, लेकिन मैं एक ही बात बोलता हूं कि हमारे व्युअर्स तय करते हैं कि हम कितने बेहतर हैं। नेताओं के लिए वोट तो हमारे लिए व्युअर्स तय करते हैं कि वह कितना बेहतर है। जिसके जितने नंबर हैं, वह उतना बेहतर है, इस बात को मानने में किसी को गुरेज नहीं होना चाहिए।’
इसी बात को एक कदम आगे ले जाते हुए ‘आजतक’ की अंजना ओम कश्यप ने कहा कि न्यूज डायरेक्टर सुप्रिय प्रसाद यहां नहीं पहुंच सके हैं, लेकिन उनके चार ‘सिपाही’ यहां तैनात हैं। सेनापति (सुप्रिय प्रसाद) न्यूज रूम में तैनात हैं, क्योंकि जम्मू-कश्मीर की खबर बहुत बड़ी है, इसलिए उन्होंने चुना है कि वे आज का दिन न्यूज रूम में बिताएंगे। ये ‘आजतक’ की सोच है, उसकी रफ्तार है, उसकी तेजी है, उसकी आत्मा है, उसकी फॉरवर्ड प्लानिंग है कि कैसे खबर को फैला दिया हर व्यक्ति तक, ताकि ‘यूट्यूब’ के तहखाने में इस चैनल को ढूंढना न पड़े। इसलिए ‘आजतक’ के संपादक इस वक्त न्यूज रूम में मौजूद हैं। उनके सिपाही आप लोगों के सामने हैं।
देखें तीनों पत्रकारों का विडियो-
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