विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई के पीछे की कहानी वो नहीं है, जो मीडिया बता रहा है

पाकिस्तान ने अपनी हिरासत में मौजूद भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन को छोड़ने का...

Last Modified:
Friday, 01 March, 2019
Abhinandan


समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

पाकिस्तान ने अपनी हिरासत में मौजूद भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन को छोड़ने का फैसला लिया है। जल्द ही उन्हें रिहा कर भारत को सौंप दिया जाएगा। इस बारे में भारतीय सरकार से लेकर देश का मीडिया अपने-अपने दावे कर रहे हैं कि उनके दवाब की वजह से अभिनंदन को छोड़ा जा रहा है।

इस बारे में वरिष्ठ पत्रकार और ‘चौथी दुनिया’ के प्रधान संपादक संतोष भारतीय का कहना है, ‘मैंने कल शाम को साढ़े सात बजे ही बता दिया था कि विंग कमांडर अभिनंदन कल छूट रहे हैं। न तो हमारे देश का मीडिया और न ही पाकिस्तान का मीडिया ये बता पा रहा है अथवा जानबूझकर नहीं बता रहा है कि उन्हें क्यों छोड़ा जा रहा है। हम अपनी पीठ थपथपा रहे हैं कि हमारे दबाव की वजह से उन्हें छोड़ा जा रहा है। वहीं पाकिस्तान कह रहा है कि हम अपनी गुडविल अथवा शांति की पहल के तहत विंग कमांडर अभिनंदन को छोड़ रहे हैं। लेकिन मैंने कल बताया था कि विंग कमांडर अभिनंदन के पिता कौन हैं, जिनकी वजह से अभिनंदन छूट रहे हैं।‘

संतोष भारतीय का यह भी कहना है, ‘इस मामले में सेहरा चाहे कोई अपने सिर बांधे, लेकिन एक पत्रकार होने के नाते मेरा फर्ज है कि मैं आपको सच्चाई बताऊं। विंग कमांडर अभिनंदन के पिता का नाम एयरमार्शल एस.वर्धमान है, जो अमरावती नगर, तमिलनाडु के सैनिक स्कूल में पढ़े हुए हैं। कारगिल युद्ध से पहले वर्ष 1999 में जब सीमा पर विवाद हुआ था, तब अभिनंदन के पिता ने ही मिराज विमान के अपग्रेडशन का काम किया था। इसके बाद वे रक्षा मंत्रालय द्वारा गठित हाई पॉवर पैनल का हिस्सा भी रहे हैं। इस पैनल का गठन मल्टीबिलियन डॉलर फिफ्थ जेनरेशन फाइटर एयरक्रॉफ्ट प्रोजेक्ट ‘एफजीएफए’ के लिए किया गया था, जिसे रूस के सहयोग से डेवलप किया गया था। विंग कमांडर अभिनंदन के पिता को सबसे ज्यादा गैलेंट्री अवॉर्ड्स मिले हैं। उन्होंने भारत की तरफ से पाकिस्तान सरकार के साथ समन्वय बढ़ाने का काम भी किया है।’

संतोष भारतीय का कहना है, ‘पाकिस्तान द्वारा विंग कमांडर अभिनंदन को छोड़े जाने के मामले में हमारा मीडिया अपनी पीठ थपथपा रहा है और ये सच्चाई छिपा रहा है कि एयरमार्शल के व्यक्तिगत रिश्ते पाकिस्तान की एयरफोर्स के साथ हैं और वहां के अफसरों के साथ हैं। जैसे ही उन्हें पता चला कि अभिनंदन एयरमार्शल वर्धमान के बेटे हैं, अधिकारियों ने फौरन उनके साथ युद्धबंदी की तरह व्यवहार किया और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पर अभिनंदन को छोड़ने का दबाव डाला। इस दबाव में ही इमरान खान ने अभिनंदन को छोड़ने का निर्णय लिया।’

संतोष भारतीय ने कहा, ‘इस बात से आसानी से समझा जा सकता है कि अभिनंदन को पाक की हिरासत से छोड़े जाने में भारत सरकार का कितना हाथ है पाकिस्तान पर दबाव डालने में और हमारे टीवी चैनलों की कितनी भूमिका है? जिस तरह के ये टीवी चैनल भाषा बोल रहे थे, यदि इनकी चलती तो पाकिस्तान अभिनंदन को कभी नहीं छोड़ता। अभिनंदन अगर एयरमार्शल वर्धमान के बेटे नहीं होते, जिन्होंने भारत की काफी सेवा की और अपने देश की तरफ से पाकिस्तान के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया, तो अभिनंदन का छूटना इतना आसान नहीं था।’

गौरतलब है कि 26 फरवरी को जैश के आतंकी कैंप पर भारत की कार्रवाई के बाद 27 फरवरी को पाकिस्तान ने पलटवार करने की नापाक कोशिश की, जिसके बाद भारतीय वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई की और उसके नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया। पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर भारत द्वारा किये गए एयर स्ट्राइक की प्रतिक्रिया के तौर पर पाकिस्तानी विमानों ने भारत में घुसपैठ की कोशिश की, जिसे खदेड़ने के दौरान भारतीय वायुसेना के मिग 21 विमान ने पाकिस्तान के एफ 16 लड़ाकू विमान को मार गिराया। हालांकि, इस दौरान विंग कमांडर अभिनंदन पाकिस्तान की सीमा में चले गए, जहां उन्हें पाकिस्तान ने 27 फरवरी को हिरासत में ले लिया था।

संतोष भारतीय का ये विडियो आप नीचे क्लिक कर देख सकते हैं-

 

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

मुक्ता आर्ट्स की AGM में तीन प्रस्ताव मंजूर, परवेज फारूकी फिर बने डायरेक्टर

मीडिया व एंटरटेनमेंट कंपनी मुक्ता आर्ट्स लिमिटेड की 44वीं सालाना आम बैठक (AGM) में रखे गए तीनों प्रस्ताव शेयरधारकों ने मंजूर कर दिए हैं।

Vikas Saxena by
Published - Friday, 25 September, 2026
Last Modified:
Friday, 25 September, 2026
MuktaArts8745

मीडिया व एंटरटेनमेंट कंपनी मुक्ता आर्ट्स लिमिटेड की 44वीं सालाना आम बैठक (AGM) में रखे गए तीनों प्रस्ताव शेयरधारकों ने मंजूर कर दिए हैं। कंपनी ने 24 सितंबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को इसकी जानकारी दी। AGM का आयोजन 22 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया गया था।

कंपनी के मुताबिक, बैठक शाम 4 बजे शुरू हुई और शाम 5:19 बजे खत्म हुई। कंपनी के रिकॉर्ड डेट 15 सितंबर 2026 तक कुल 7,771 शेयरधारक थे।

पहला प्रस्ताव

पहले प्रस्ताव में 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए कंपनी के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड ऑडिटेड वित्तीय नतीजों के साथ बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और ऑडिटर्स की रिपोर्ट को स्वीकार और मंजूर करने की बात थी। इस प्रस्ताव के पक्ष में 1,60,79,189 वोट पड़े, जबकि सिर्फ 40 वोट इसके खिलाफ पड़े। इस तरह प्रस्ताव को 99.9998% वोट के साथ मंजूरी मिली।

परवेज फारूकी की दोबारा नियुक्ति

दूसरे प्रस्ताव में परवेज फारूकी को डायरेक्टर के तौर पर दोबारा नियुक्त करने की मंजूरी मांगी गई थी। वह रोटेशन के तहत रिटायर हो रहे थे और दोबारा नियुक्ति के लिए योग्य होने के कारण उन्होंने अपना नाम पेश किया था।इस प्रस्ताव के पक्ष में 1,43,07,586 वोट पड़े, जबकि 43 वोट खिलाफ पड़े। प्रस्ताव को 99.9997% वोट के साथ मंजूरी मिली। 

कंपनी ने यह भी बताया कि इस प्रस्ताव में प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की दिलचस्पी थी।

मटेरियल सब्सिडियरी में निवेश से जुड़ा प्रस्ताव भी पास

तीसरे प्रस्ताव में कंपनी की मटेरियल सब्सिडियरी में किए गए निवेश की बिक्री, हिस्सेदारी कम करने या निवेश से बाहर निकलने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी देने की बात थी। यह एक विशेष प्रस्ताव (Special Resolution) था। इस प्रस्ताव के पक्ष में 1,60,79,187 वोट पड़े, जबकि 42 वोट इसके खिलाफ पड़े। इस तरह इसे 99.9997% वोट के साथ मंजूरी मिल गई।

कंपनी ने बताया कि इस प्रस्ताव में प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की कोई दिलचस्पी नहीं थी।

कंपनी ने AGM के ई-वोटिंग नतीजे और स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट अपनी वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई है। स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट कै. कौशल दलाल, KDA & Associates की ओर से 23 सितंबर 2026 को जारी की गई थी।

 

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

'टाइम्स नाउ नवभारत' में इस बड़े पद से अलग हुईं रुबिका लियाकत

जानी-मानी पत्रकार रुबिका लियाकत ने इसी साल जून में 'टाइम्स नाउ नवभारत' में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के तौर पर नई पारी शुरू की थी।

Samachar4media Bureau by
Published - Friday, 25 September, 2026
Last Modified:
Friday, 25 September, 2026
Rubika Liyaquat.....

जानी-मानी पत्रकार रुबिका लियाकत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से मिली इस खबक के मुताबिक रुबिका लियाकत ने टाइम्स नेटवर्क में अपनी पारी को विराम दे दिया है।

रुबिका लियाकत ने इसी साल जून में 'टाइम्स नाउ नवभारत' में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के तौर पर नई पारी शुरू की थी। इसके साथ ही वह नेटवर्क में वाइस प्रेजिडेंट (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) की अतिरिक्त भूमिका भी निभा रही थीं और नोएडा स्थित नेटवर्क के कार्यालय से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही थीं।

'टाइम्स नाउ नवभारत' से जुड़ने से पहले रुबिका लियाकत 'नेटवर्क18 इंडिया' में कंसल्टिंग एडिटर और प्राइम-टाइम एंकर के रूप में कार्यरत थीं, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और विशेष कवरेज का नेतृत्व किया।

रुबिका लियाकत के पास ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म, राजनीतिक रिपोर्टिंग, प्राइम-टाइम एंकरिंग और न्यूजरूम नेतृत्व का 19 वर्षों से अधिक का समृद्ध अनुभव है। पत्रकारिता जगत में उन्होंने अपनी मजबूत और प्रभावशाली पहचान बनाई है।

अपने लंबे पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने देश के कई प्रमुख समाचार संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। इनमें एबीपी न्यूज, ज़ी न्यूज, न्यूज24, भारत24 और लाइव इंडिया जैसे बड़े मीडिया संस्थान शामिल हैं।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

साइनपोस्ट इंडिया: AGM में 9 प्रस्ताव मंजूर, दीपांकर चटर्जी फिर बने एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर

साइनपोस्ट इंडिया लिमिटेड की 19वीं सालाना आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों ने रखे गए सभी 9 प्रस्तावों को जरूरी बहुमत के साथ मंजूर कर दिया।

Vikas Saxena by
Published - Friday, 25 September, 2026
Last Modified:
Friday, 25 September, 2026
SignpostIndia541

साइनपोस्ट इंडिया लिमिटेड की 19वीं सालाना आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों ने रखे गए सभी 9 प्रस्तावों को जरूरी बहुमत के साथ मंजूर कर दिया। कंपनी ने 23 सितंबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को इसकी जानकारी दी।

AGM का आयोजन 23 सितंबर को दोपहर 3:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम से किया गया। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 67 सदस्य शामिल हुए। बैठक शाम 4:55 बजे खत्म हुई, जबकि सदस्यों को वोट डालने के लिए ई-वोटिंग की सुविधा अगले 15 मिनट तक खुली रखी गई। इसके बाद बैठक शाम 5:10 बजे पूरी तरह समाप्त हुई।

दीपांकर चटर्जी की दोबारा नियुक्ति

AGM में शेयरधारकों ने दीपांकर चटर्जी को कंपनी के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर 5 साल के लिए दोबारा नियुक्त करने और उनके पारिश्रमिक को तय करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। उनकी नई अवधि 29 दिसंबर 2026 से 28 दिसंबर 2031 तक रहेगी। इस प्रस्ताव के पक्ष में 3,02,61,664 वोट पड़े, जबकि इसके खिलाफ कोई वोट नहीं पड़ा।

मेघना राजाध्यक्ष बनीं इंडिपेंडेंट डायरेक्टर

शेयरधारकों ने मेघना राजाध्यक्ष की कंपनी के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्ति को भी मंजूरी दी। उनकी नियुक्ति 3 अगस्त 2026 से 2 अगस्त 2029 तक तीन साल की अवधि के लिए है। इस प्रस्ताव के पक्ष में 3,02,61,664 वोट पड़े और विरोध में कोई वोट नहीं पड़ा।

अन्य प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी

AGM में कंपनी के वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा इक्विटी शेयरों पर डिविडेंड देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली।

शेयरधारकों ने राजेश अवस्थी को रोटेशन के आधार पर दोबारा डायरेक्टर नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूर किया। इसके साथ ही मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीपद आश्टेकर, एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर राजेश अवस्थी और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर दीपांकर चटर्जी के पारिश्रमिक में बदलाव से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

कंपनी के स्क्रूटिनाइजर हितेश जे. गुप्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, AGM में रखे गए सभी 9 प्रस्ताव जरूरी बहुमत के साथ पास हुए।

कंपनी के मुताबिक, दीपांकर चटर्जी को मीडिया और विज्ञापन क्षेत्र में लंबा अनुभव है। उन्होंने जेसीडीकॉक्स इंडिया, पोर्टलैंड आउटडोर, पोस्टरस्कोप इंडिया और मिड-डे मल्टीमीडिया जैसी कंपनियों में काम किया है। वहीं, मेघना राजाध्यक्ष मुंबई की डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन और इनसॉल्वेंसी लॉयर हैं और उन्हें मुकदमेबाजी, इनसॉल्वेंसी, आर्बिट्रेशन और कॉरपोरेट विवादों से जुड़े मामलों का अनुभव है।

 

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

Amagi Media Labs की AGM में सातों प्रस्ताव मंजूर, भास्कर सुब्रमण्यम फिर बने MD व CEO

अमागी मीडिया लैब्स लिमिटेड की 18वीं सालाना आम बैठक (AGM) में रखे गए सभी 7 प्रस्ताव जरूरी बहुमत के साथ मंजूर हो गए हैं।

Vikas Saxena by
Published - Friday, 25 September, 2026
Last Modified:
Friday, 25 September, 2026
amagi79652

अमागी मीडिया लैब्स लिमिटेड की 18वीं सालाना आम बैठक (AGM) में रखे गए सभी 7 प्रस्ताव जरूरी बहुमत के साथ मंजूर हो गए हैं। कंपनी की AGM 23 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई थी।

कंपनी के मुताबिक, बैठक में कुल 7 प्रस्तावों पर मतदान हुआ और सभी को मंजूरी मिल गई। इनमें वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिट किए गए स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों को मंजूर करना भी शामिल था।

शेखर किरानी हनुमंथसेट्टी को रोटेशन के आधार पर फिर से निदेशक नियुक्त करने का प्रस्ताव भी मंजूर हुआ। इस प्रस्ताव के पक्ष में 97.1779% वोट पड़े, जबकि 2.8221% वोट इसके खिलाफ रहे। इसके अलावा भास्कर सुब्रमण्यम को कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के तौर पर फिर से नियुक्त करने का प्रस्ताव भी पास हो गया। इसके पक्ष में 97.7112% वोट पड़े और 2.2888% वोट खिलाफ रहे।

भास्कर सुब्रमण्यम के वेतन से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। इस प्रस्ताव के पक्ष में 99.9653% वोट पड़े, जबकि 0.0347% वोट इसके खिलाफ रहे। AGM में BMP & Co. LLP को कंपनी का सेक्रेटेरियल ऑडिटर नियुक्त करने का प्रस्ताव भी पास हुआ। इसके पक्ष में 100% वोट पड़े।

इसके अलावा कंपनी की ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल के पुनर्वर्गीकरण और मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन के क्लॉज V में बदलाव को मंजूरी दी गई। इस प्रस्ताव के पक्ष में 100% वोट पड़े। स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट के मुताबिक, सातों प्रस्ताव कंपनी के सदस्यों ने जरूरी बहुमत के साथ मंजूर किए। 

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

दिलीप तिवारी ने News Darpan में संभाली एडिटर-इन-चीफ की जिम्मेदारी

दिलीप तिवारी को न्यूज मीडिया में काम करने का तीन दशक से अधिक का अनुभव है।

Samachar4media Bureau by
Published - Thursday, 24 September, 2026
Last Modified:
Thursday, 24 September, 2026
Dilip Tiwari

वरिष्ठ पत्रकार दिलीप तिवारी ने डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म News Darpan के एडिटर-इन-चीफ के रूप में जिम्मेदारी संभाली है।

दिलीप तिवारी को न्यूज मीडिया में काम करने का तीन दशक से अधिक का अनुभव है। दिलीप तिवारी ने वर्ष 1997 में अमर उजाला से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। इसके बाद वर्ष 1999 में वह जी मीडिया से जुड़े। अपने पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने बीजेपी, प्रधानमंत्री कार्यालय और संसद से जुड़ी राजनीतिक गतिविधियों की रिपोर्टिंग की। इसके साथ ही उन्होंने कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों को भी कवर किया।

दिलीप तिवारी ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कई दौरों की रिपोर्टिंग की है। इसके अलावा उन्होंने पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी ग्राउंड रिपोर्टिंग असाइनमेंट किए हैं।

समाचार4मीडिया की ओर से दिलीप तिवारी को उनकी नई पारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

अरविंद माथुर ने एमेजॉन वेब सर्विसेज को कहा अलविदा

अरविंद माथुर ने एमेजॉन वेब सर्विसेज से ढाई साल बाद विदाई की घोषणा की है। उन्होंने अपने कार्यकाल, सीख, सहयोगियों और आगे की योजना को लेकर लिंक्डइन पर जानकारी साझा की।

Samachar4media Bureau by
Published - Thursday, 24 September, 2026
Last Modified:
Thursday, 24 September, 2026
arvind

अरविंद माथुर (Arvind Mathur), जो एमेजॉन वेब सर्विसेज (Amazon Web Services) में एग्जीक्यूटिव इन रेजिडेंस (Executive in Residence) के तौर पर कार्यरत थे, ने ढाई साल बाद कंपनी से विदाई की घोषणा की है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपने सफर के बारे में जानकारी साझा की।

माथुर ने एमेजॉन वेब सर्विसेज में अपने अनुभव को उम्मीद से कहीं ज्यादा देने वाला अध्याय बताया। उन्होंने संगठन में मौजूद प्रतिभाओं और ऐसे लोगों के साथ काम करने का जिक्र किया, जिनके पास विशेषज्ञता, बेहतर निर्णय क्षमता और सहयोग की भावना है।

अपने कार्यकाल के दौरान माथुर ने कस्टमर एग्जीक्यूटिव्स (Customer Executives) के साथ काम किया और तेजी से बदलते बिजनेस माहौल को समझने और उसके अनुसार आगे बढ़ने में उनकी मदद की। उन्होंने एग्जीक्यूटिव-इन-रेजिडेंस टीम (Executive-in-Residence Team) का हिस्सा बनने के अनुभव को अपने करियर के सबसे केंद्रित लर्निंग एक्सपीरियंस (Learning Experiences) में से एक बताया।

माथुर ने कहा कि उनकी टीम में अलग-अलग दृष्टिकोण, स्पष्टता और नए तरीकों को आजमाने की इच्छा ने काम करने के अनुभव को खास बनाया। उन्होंने लिंक्डइन पोस्ट में लिखा, “धन्यवाद, AWS! ढाई साल के उल्लेखनीय सफर के बाद मैं ऐसे अध्याय को समाप्त कर रहा हूं, जिसने मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा दिया।”

उन्होंने कहा कि वह AWS से अपने कार्यकाल के दौरान किए गए काम के प्रभाव, सीख, दोस्ती और व्यक्तिगत विकास के लिए आभार के साथ विदा हो रहे हैं। अब वह कुछ समय अपने परिवार के साथ बिताएंगे और अपनी अगली भूमिका की घोषणा से पहले खुद को तैयार करने पर ध्यान देंगे।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

शिव आचार्जी Publicis Groupe India में स्ट्रैटेजी के वाइस प्रेजिडेंट नियुक्त

शिव आचार्जी ने Publicis Groupe India में स्ट्रैटेजी के वाइस प्रेजिडेंट के तौर पर जॉइन किया है। उन्होंने लिंक्डइन पर पोस्ट के जरिए अपनी नई नियुक्ति की जानकारी साझा की।

Samachar4media Bureau by
Published - Thursday, 24 September, 2026
Last Modified:
Thursday, 24 September, 2026
Shiv4210

शिव आचार्जी ने Publicis Groupe India में स्ट्रैटेजी के वाइस प्रेजिडेंट के तौर पर जॉइन किया है। उन्होंने लिंक्डइन पर पोस्ट के जरिए अपनी नई नियुक्ति की जानकारी साझा की।

शिव आचार्जी को विज्ञापन और मीडिया के क्षेत्र में 16 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्हें बिजनेस स्ट्रैटेजी, ब्रैंड प्लानिंग, मार्केट रिसर्च और एनालिटिक्स के साथ-साथ स्ट्रैटेजिक मार्केटिंग और कंसल्टिंग का अनुभव है।

Publicis Groupe India में शामिल होने से पहले उन्होंने Omnicom Media India में करीब आठ साल काम किया। यहां वह हाल में स्ट्रैटेजी व ब्रैंड प्लानिंग के असिसटेंट वाइस प्रेजिडेंट के पद पर थे। इससे पहले वह Dentsu Creative और Windchimes Communications समेत कई कंपनियों के साथ भी काम कर चुके हैं।

 

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

आशीष ऊषा अग्रवाल बने बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक

आशीष ऊषा अग्रवाल इससे पहले मध्य प्रदेश बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। 17 अगस्त 2026 को उन्हें बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया विभाग में सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई थी।

Samachar4media Bureau by
Published - Thursday, 24 September, 2026
Last Modified:
Thursday, 24 September, 2026
Ashish Usha

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मध्य प्रदेश से जुड़े आशीष ऊषा अग्रवाल को पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया विभाग का संयोजक नियुक्त किया है। 23 सितंबर 2026 को जारी पार्टी की नियुक्ति संबंधी प्रेस विज्ञप्ति में आशीष ऊषा अग्रवाल को राष्ट्रीय मीडिया विभाग के संयोजक की जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी दी गई है।

वहीं, अभी तक राष्ट्रीय मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी संभाल रहे वरिष्ठ नेता और सांसद अनिल बलूनी को बीजेपी के संचार (Communication) विभाग का समन्वयक बनाया गया है। इस विभाग में पार्टी का राष्ट्रीय मीडिया सेल और सोशल मीडिया यूनिट शामिल हैं।

यह भी पढ़ें:  मध्य प्रदेश की मीडिया कमान से BJP की राष्ट्रीय टीम तक, जानिए आशीष ऊषा अग्रवाल का सफर

आशीष ऊषा अग्रवाल ने नई जिम्मेदारी मिलने पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का आभार जताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और कम्युनिकेशन विभाग के नवनियुक्त समन्वयक अनिल बलूनी का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इन सभी ने उन पर विश्वास व्यक्त किया है।

आशीष ऊषा अग्रवाल ने कहा कि वह इस दायित्व का पूर्ण निष्ठा, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन करेंगे। साथ ही संगठन के विचारों, नीतियों और सरकार के जनकल्याणकारी कार्यों को प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व, कार्यकर्ताओं, समर्थकों और पत्रकारों के स्नेह, मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए भी आभार जताया।

आशीष ऊषा अग्रवाल इससे पहले मध्य प्रदेश बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। 17 अगस्त 2026 को उन्हें बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया विभाग में सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई थी। अब उन्हें राष्ट्रीय मीडिया विभाग का संयोजक बनाया गया है।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

अमिश देवगन ने ‘न्यूज18 इंडिया’ को कहा अलविदा, जल्द टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने की तैयारी

करीब एक दशक तक नेटवर्क18 से जुड़े रहे अमिश देवगन ने इस दौरान लोकप्रिय शो ‘आर-पार’ के जरिए प्राइम टाइम न्यूज में अपनी एक अलग पहचान बनाई।

Samachar4media Bureau by
Published - Thursday, 24 September, 2026
Last Modified:
Thursday, 24 September, 2026
Amish Devgan........

जाने-माने पत्रकार और न्यूज एंकर अमिश देवगन ने ‘न्यूज18 इंडिया’ को फाइनली अलविदा बोल दिया है। अमिश देवगन इस चैनल पर अपने चर्चित शो ‘आर-पार’ के साथ आज आखिरी बार नजर आएंगे। इसके साथ ही न्यूज18 इंडिया के साथ उनकी लंबी पारी का औपचारिक रूप से समापन हो जाएगा। विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो वह जल्द ही टाइम्स नेटवर्क से अपनी नई पारी शुरू करने जा रहे हैं।

करीब एक दशक तक नेटवर्क18 से जुड़े रहे अमिश देवगन ने इस दौरान एंकरिंग के साथ-साथ एडिटोरियल और न्यूज ऑपरेशन से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी संभालीं। ‘आर-पार’ के जरिए उन्होंने प्राइम टाइम न्यूज में अपनी एक अलग पहचान बनाई। यह शो उनकी पत्रकारिता और एंकरिंग पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और न्यूज18 पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराता रहा है।

सूत्रों की मानें तो अब न्यूज18 से विदाई के बाद अमिश देवगन की अगली मंजिल टाइम्स नेटवर्क है। उनके लंबे पत्रकारिता अनुभव और टेलीविजन न्यूज में स्थापित पहचान को देखते हुए माना जा रहा है कि टाइम्स नेटवर्क में उनकी मौजूदगी नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण होगी।

करीब 24 साल का पत्रकारिता सफर: भारतीय टेलीविजन न्यूज की दुनिया में अमिश देवगन उन चर्चित चेहरों में शामिल हैं, जिन्होंने करीब 24 साल के पत्रकारिता सफर में कई महत्वपूर्ण पड़ाव तय किए हैं। प्रिंट से टेलीविजन, बिजनेस जर्नलिज्म से प्राइम टाइम एंकरिंग और रिपोर्टिंग से एडिटोरियल लीडरशिप तक उनका सफर रहा है।

अमिश देवगन ने वर्ष 2002 में ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ (Hindustan Times) से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने टेलीविजन की ओर रुख किया और ‘जी मीडिया’ (Zee Media) से जुड़े। वर्ष 2005 में वह ‘जी बिजनेस’ से जुड़े, जहां उनके करियर का एक लंबा और महत्वपूर्ण अध्याय शुरू हुआ।

‘जी मीडिया’ में करीब 13 साल की पारी ने उन्हें बिजनेस जर्नलिज्म और टेलीविजन एंकरिंग की दुनिया में स्थापित किया। उन्होंने ‘जी बिजनेस’ में डिप्टी एडिटर, एडिटर (आउटपुट) और एडिटर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और मई 2015 में चैनल के चीफ एडिटर बने।

एक रिपोर्टर के तौर पर शुरू हुआ उनका सफर धीरे-धीरे उन्हें एडिटोरियल और एंकरिंग की बड़ी जिम्मेदारियों तक ले गया। बिजनेस न्यूज की दुनिया में उन्होंने कमोडिटी और एग्रीकल्चर से जुड़े विषयों पर भी काम किया। ‘Mandi Live’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए उन्होंने कमोडिटी मार्केट से जुड़े विषयों को दर्शकों तक पहुंचाया।

‘जी बिजनेस’ में उनके कार्यकाल का एक प्रमुख कार्यक्रम ‘Big Story Big Debate’ रहा। इस शो में राजनीति, अर्थव्यवस्था, वित्तीय बाजार और देश-दुनिया से जुड़े बड़े मुद्दों पर बहस होती थी। बिजनेस न्यूज की पृष्ठभूमि से आने वाले अमिश देवगन ने ऐसे कार्यक्रमों के जरिए अपने दायरे को व्यापक बनाया और राष्ट्रीय राजनीति व समसामयिक मुद्दों पर चर्चा करने वाले एंकर के तौर पर भी पहचान बनाई।

नेटवर्क18 में शुरू हुआ नया अध्याय: ‘जी मीडिया’ में करीब 13 साल की लंबी पारी के बाद अमिश देवगन ने वर्ष 2016 में नेटवर्क18 का रुख किया। जून 2016 में उनके नेटवर्क18 से जुड़ने की खबर सामने आई। उस समय वह IBN7 (अब न्यूज18 इंडिया) के एग्जिक्यूटिव एडिटर और एंकर बने थे और चैनल की हिंदी स्ट्रैटेजी से जुड़ी जिम्मेदारी भी उन्हें दी गई थी।

यहीं से उनके करियर में ‘आर-पार’ का अध्याय शुरू हुआ। इस शो के जरिए उन्होंने राजनीति, अर्थव्यवस्था और देश से जुड़े प्रमुख मुद्दों को प्राइम टाइम बहस का हिस्सा बनाया। सवाल पूछने का सीधा अंदाज, विषय की पृष्ठभूमि पर पकड़ और बहस को तेज गति से आगे बढ़ाने की शैली उनकी ऑन-स्क्रीन पहचान का हिस्सा बनी। समय के साथ ‘आर-पार’ उनकी व्यक्तिगत एंकरिंग पहचान का मजबूत हिस्सा बन गया। टेलीविजन के साथ डिजिटल ऑडियंस के बीच भी इस शो के जरिए उन्होंने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

नेटवर्क18 में अमिश देवगन की जिम्मेदारियां समय के साथ बढ़ती गईं। वह केवल प्राइम टाइम एंकर नहीं रहे, बल्कि न्यूज ऑपरेशन और एडिटोरियल मैनेजमेंट से जुड़ी जिम्मेदारियां भी संभालते रहे। वर्ष 2019 में नेटवर्क18 ने उन्हें न्यूज18 (यूपी, मध्यप्रदेश और राजस्थान) का मैनेजिंग एडिटर बनाया। इस भूमिका के साथ उनकी जिम्मेदारी न्यूज रूम और एडिटोरियल फैसलों तक भी पहुंची।

रिपोर्टिंग से एंकरिंग तक बनाई है खास पहचान: अमिश देवगन की पहचान केवल स्टूडियो एंकर के रूप में नहीं बनी। उनके पत्रकारिता करियर में रिपोर्टिंग और खोजी पत्रकारिता का भी महत्वपूर्ण स्थान रहा है। उनके प्रमुख पत्रकारिता कार्यों में कोयला घोटाला, ओडिशा का माइनिंग स्कैम और हवाला कारोबारी मोईन कुरैशी से जुड़े खुलासे शामिल हैं।

मिल चुके हैं कई सम्मान: करीब ढाई दशक के पत्रकारिता सफर में अमिश देवगन को विभिन्न मंचों पर सम्मान भी मिला है। उनके नाम IMF Young Emerging Editors Award 2015, Srishti Award for Business Journalism और Power Brand Trendsetter Award 2016 जैसे सम्मान दर्ज हैं। इसके अलावा नेटवर्क18 में उनके कार्यकाल के दौरान उन्हें ‘एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba) के मंच पर भी एंकरिंग और एडिटोरियल लीडरशिप के लिए पहचान मिली।

करीब 24 साल के पत्रकारिता सफर में अलग-अलग भूमिकाओं और संस्थानों से गुजरने के बाद अब अमिश देवगन न्यूज18 से विदाई ले चुके हैं। ‘आर-पार’ के साथ उनकी इस पारी का समापन हो रहा है और माना जा रहा है कि जल्द ही टाइम्स नेटवर्क के साथ उनके करियर का नया अध्याय शुरू होगा। 

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

डॉ. सुभाष चंद्रा ने NCLAT का किया रुख, संपत्तियां बेचने पर NCLT की रोक को दी चुनौती

जी ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की पांच सदस्यीय विशेष पीठ के 1 सितंबर के आदेश के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) का रुख किया है।

Samachar4media Bureau by
Published - Thursday, 24 September, 2026
Last Modified:
Thursday, 24 September, 2026
DrSubhashChandra895

जी ग्रुप के फाउंडर डॉ. सुभाष चंद्रा ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की पांच सदस्यीय विशेष पीठ के 1 सितंबर के आदेश के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) का रुख किया है। इस आदेश में उन्हें अपनी संपत्तियां बेचने, ट्रांसफर करने या किसी अन्य तरीके से निपटाने से रोक दिया गया था।

NCLAT की बेंच ने डॉ. सुभाष चंद्रा की अपील पर सुनवाई की और उन्हें निर्देश दिया कि वह अपनी याचिका की कॉपी लेनदारों को उपलब्ध कराएं। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को तय की गई है।

NCLT की विशेष पीठ ने 1 सितंबर को 25 अगस्त के उस फैसले पर रोक लगा दी थी, जिसमें डॉ. सुभाष चंद्रा को अपनी व्यक्तिगत दिवालिया प्रक्रिया को 6.25 करोड़ रुपये का भुगतान करके निपटाने की अनुमति दी गई थी। यह रकम लेनदारों के 22,006.57 करोड़ रुपये के स्वीकृत दावों के मुकाबले थी।

इसके साथ ही NCLT की विशेष पीठ ने गारंटर के तौर पर डॉ. सुभाष चंद्रा को अपनी किसी भी संपत्ति को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बेचने, ट्रांसफर करने या किसी अन्य तरीके से निपटाने से रोक दिया था।

डॉ. चंद्रा ने NCLAT में मुख्य रूप से इस आदेश को इस आधार पर चुनौती दी है कि NCLT की पांच सदस्यीय विशेष पीठ को सिर्फ उन मुद्दों पर फैसला करना था, जिन पर पहले सुनवाई करने वाले सदस्यों के बीच मतभेद था। उनके मुताबिक, पूरी कार्यवाही को दोबारा शुरू करने और उनकी सभी संपत्तियों पर व्यापक रोक लगाने का आदेश इस सीमित दायरे से आगे जाता है।

यह मामला डॉ. सुभाष चंद्रा की व्यक्तिगत दिवालिया प्रक्रिया से जुड़ा है, जिसे इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने दिवालिया एवं दिवालियापन संहिता (IBC) की धारा 95 के तहत शुरू किया था।

25 अगस्त को तीसरे सदस्य ने सुभाष चंद्रा की 6.25 करोड़ रुपये की भुगतान योजना को मंजूरी दी थी। हालांकि, कुछ दावों को योजना से बाहर करने और उस रकम को बाकी योग्य लेनदारों में बांटने का निर्देश भी दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा था कि मंजूर योजना उन लेनदारों पर भी लागू होगी, जिन्होंने इसका विरोध किया था।

इसके बाद मूल दो सदस्यीय NCLT बेंच ने कहा कि तीसरे सदस्य के फैसले से कोई स्पष्ट बहुमत वाली राय सामने नहीं आई है। इसके बाद मामले की सुनवाई के लिए पांच सदस्यीय विशेष पीठ बनाई गई थी। इसी पीठ ने 1 सितंबर को डॉ. सुभाष चंद्रा की संपत्तियों पर रोक लगाते हुए 25 अगस्त के फैसले पर भी रोक लगा दी थी। अब इस आदेश के खिलाफ डॉ. सुभाष चंद्रा ने NCLAT का रुख किया है।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए