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पत्रकार की ‘हत्या’ का सच सामने लाने को दो देशों ने बनाया दबाब
‘वॉशिंगटन पोस्ट’ के पत्रकार जमाल खाशोगी की हत्या के मामले में पूरा सच...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
‘वॉशिंगटन पोस्ट’ के पत्रकार जमाल खाशोगी की हत्या के मामले में पूरा सच जल्द सामने आ सकता है। ‘सीसीएन’ सहित कई मीडिया संगठनों की रिपोर्ट की मानें तो सऊदी अरब एक रिपोर्ट तैयार कर रहा है, जिसमें यह स्वीकार किया जाएगा जमाल की मौत इस्तांबुल स्थित सऊदी दूतावास में पूछताछ के दौरान हुई।
गौरतलब है कि तुर्की मीडिया ने सूत्रों के हवाले से खुलासा किया था कि जमाल खाशोगी दूतावास से बाहर आए ही नहीं, उनकी वहीं हत्या कर दी गई थी और बाद में शव को किसी दूसरे स्थान पर ठिकाने लगाया गया। इस मुद्दे को लेकर धीरे-धीरे सऊदी अरब पर दबाव बढ़ता जा रहा है, अमेरिका भी सीधे इस मामले में कूद गया है, क्योंकि जमाल खाशोगी पिछले काफी समय से अमेरिका में ही रह रहे थे।
‘सीएनएन’ के मुताबिक, सऊदी अरब एक रिपोर्ट तैयार कर रहा है जिसमें वह स्वीकार करेगा कि खाशोगी की मौत पूछताछ के दौरान हुई। हालांकि, रिपोर्ट इस तरह से तैयार की जा रही है कि सऊदी के शासक और शाही परिवार पर कोई आंच न आए। रिपोर्ट में यह कहा जा सकता है कि दूतावास के अधिकारियों ने इस संबंध में सऊदी के राजा सलमान बिन अब्दुलाजीज अल-सौद और उनके बेटे से कोई अनुमति नहीं ली थी। वहीं, न्यूयॉर्क टाइम्स का कहना है कि सऊदी ने पूरा दोष गुप्तचर अधिकारियों पर डालने का इंतजाम कर लिया है। अख़बार ने इस योजना से जुड़े एक सूत्र के हवाले से बताया है कि प्रिंस मोहम्मद ने पत्रकार जमाल खाशोगी से पूछताछ और उन्हें सऊदी अरब लाने की अनुमति दी थी, लेकिन दुर्भाग्यवश जमाल की पूछताछ के दौरान ही मौत हो गई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मामले में सीधे हस्तक्षेप किया है। उन्होंने सोमवार को सऊदी अरब के राजा सलमान से बात की और सऊदी अरब को गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी दी है। उन्होंने सऊदी नेता से बातचीत के लिए अपने विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ को भी रवाना किया है। जमाल खाशोगी सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की नीतियों और यमन युद्ध में उनके हस्तक्षेप के खिलाफ लिखते रहे थे। ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ में उनका एक स्थायी कॉलम भी था, इसी के चलते सऊदी सरकार उनके खिलाफ थी।
जमाल पिछले दो सालों से अमेरिका में रह रहे थे, क्योंकि अपने मुल्क में उनके लिए स्थितियां विपरीत हो गई थीं। कुछ दिन पहले वह अपनी शादी के सिलसिले में कागज़ी कार्रवाई के लिए इस्तांबुल स्थित सऊदी दूतावास गए थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। सऊदी अधिकारियों की तरफ से कहा गया कि जमाल तुरंत वहां से चले गए थे, मगर उन्होंने इसके सबूत नहीं पेश किए। इसी बात को लेकर शक गहरा रहा था कि जमाल की हत्या सऊदी दूतावास में ही हुई और अब जल्द ही यह बात साफ़ हो जाएगी।
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