होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / सरकार को झटका, ‘समाचार प्लस’ के उमेश कुमार को मिली राहत
सरकार को झटका, ‘समाचार प्लस’ के उमेश कुमार को मिली राहत
त्रिवेंद्र रावत सरकार को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, स्टिंग मामले में...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
त्रिवेंद्र रावत सरकार को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, स्टिंग मामले में जेल में बंद न्यूज चैनल ‘समाचार प्लस’ के सीईओ व एडिटर-इन-चीफ उमेश कुमार को देहरादून की निचली अदालत से शुक्रवार को जमानत मिल गई। इसके पहले गुरुवार को उत्तराखंड की नैनीताल हाई कोर्ट ने जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए उत्तराखंड सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी और निचली कोर्ट को शुक्रवार को जमानत अर्जी पर सुनवाई करने, सरकार को बहस पूरी करने, सुनवाई के दौरान अगली तारीख ना मांगने के निर्देश दिए थे।
इतना ही नहीं, हाई कोर्ट ने सरकार को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश भी दिए हुए हैं। कोर्ट ने मामले में मुख्यमंत्री के भाई विरेंद्र सिंह रावत और दोस्त संजय गुप्ता और विवेचक को भी नोटिस जारी किया हुआ है। साथ ही पुलिस द्वारा उमेश के नार्को और ब्रेन मैपिंग टेस्ट की अनुमति देने से भी मना कर दिया था। कोर्ट के रुख के बाद सरकार ने नार्को और ब्रेन मैपिंग टेस्ट करने की अनुमति प्रदान करने संबंधी याचिका को वापस ले लिया था।
गौरतलब है कि 10 अगस्त को ‘समाचार प्लस’ चैनल के ही आयुष गौड़ की ओर से देहरादून के राजपुर थाने में उमेश कुमार और अन्य के खिलाफ तहरीर सौंपी गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा-386, 388 और 120 बी के तहत अभियोग पंजीकृत किया था। वादी के अनुसार वह खबरिया चैनल के एडिटर इन्वेस्टिगेशन के पद पर थे।
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम ने 28 अक्टूबर को उमेश शर्मा को गाजियाबाद स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था। अगले दिन 29 अक्टूबर को न्यायालय ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस ने उमेश शर्मा को सात घंटे की कस्टडी रिमांड में लेकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के पासवर्ड आदि के बारे में भी पूछताछ की थी, मगर पुलिस को इसमें कोई सफलता नहीं मिली थी। इस पर पुलिस ने पांच दिन की और कस्टडी रिमांड मांगी थी लेकिन न्यायालय ने बचाव पक्ष के तर्कों को सुनकर पुलिस की अर्जी को खारिज कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने उनका नार्को टेस्ट कराने की योजना बनाई। इसके लिए बुधवार को राजपुर पुलिस ने अदालत में प्रार्थनापत्र दाखिल किया था, जिसे भी कोर्ट ने नामंजूर कर दिया था।
टैग्स उमेश कुमार