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नई भूमिका और फ्यूचर प्लानिंग पर ABP के CEO अविनाश पांडे ने बताई ‘मन की बात’
‘एबीपी न्यूज नेटवर्क’ (ANN) ने नए साल पर अविनाश पांडे को चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
‘एबीपी न्यूज नेटवर्क’ (ANN) ने नए साल पर सीओओ अविनाश पांडे को बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) बनाया है। अविनाश पांडे इस नेटवर्क से करीब 14 साल से जुड़े हुए हैं। नेटवर्क को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ-साथ ऐडवर्टाइजिंग रेवेन्यू बढ़ाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। ‘एक्सचेंज4मीडिया’(exchange4media) के साथ बातचीत में अविनाश पांडे ने सीईओ के रूप में अपनी नई भूमिका से लेकर भविष्य की प्लानिंग पर खुलकर बात की।
एबीपी में शुरुआत करने से लेकर अब तक का सफरः
वर्ष 2005 में मैंने एबीपी न्यूज नेटवर्क (पूर्व में Star News) में बतौर असिस्टेंट वाइस प्रेजिडेंट (ऐडवर्टाइजिंग और सेल्स) और स्ट्रैटेजी हेड के तौर पर शुरुआत की थी। इस पद पर मुझे उदय शंकर के नेतृत्व में काम काम करने का मौका मिला, जहां से बहुत कुछ सीखने को मिला। वह काफी रोमांचक दौर था, जब उदय शंकर न्यूज टेलिविजन में बदलाव का प्रयास कर रहे थे। उस दौरान हमने बहुत सारी चीजों को लेकर तमाम प्रयोग किए थे।
हम मार्केट में अपनी अलग पहचान बनाना चाहते थे, इसलिए हमने प्राइसिंग स्ट्रैटेजी, गो-टू मार्केट, एक्सपेंशन, क्रिएशन ऑफ प्रॉपर्टी और उनकी सेल को लेकर काफी कुछ सीखा। इसके अलावा हमने बंगाल में एक नया न्यूज चैनल ‘ABP Ananda’ भी लॉन्च किया। हालांकि, उस दौरान हमने कभी नहीं सोचा था कि बंगाल में क्षेत्रीय भाषा के न्यूज चैनल के लिए भी जगह हो सकती है, लेकिन आज हम बंगाल में मीडिया के क्षेत्र में सबसे मजबूत ब्रैंड हैं। वर्ष 2007 में हमने मराठी न्यूज चैनल ‘Majha’ भी लॉन्च किया। 2007 के बाद मैंने कंपनी की पूरी ऐडवर्टाइजिंग सेल का काम देखना शुरू किया और काफी समय तक इसे जारी रखा। इस बीच मैंने मार्केटिंग और मीडिया रिसर्च का काम भी संभाला।
वर्ष 2012 में मुझे कंपनी का सीओओ बनाया गया। इसके बाद मैंने डिस्ट्रीब्यूशन टीम, मार्केटिंग, सेल्स और स्ट्रैटेजी का काम संभाला। इसी दौरान मैंने कंटेंट टीमों के साथ भी शामिल काम करना शुरू कर दिया। इसके परिणामस्वरूप हमने ‘घोषणा पत्र’, ‘प्रेस कॉन्फ्रेंस’, ‘घंटी बजाओ’ और ‘प्रधानमंत्री’ जैस कई अच्छे कार्यक्रमों का निर्माण किया। पिछले साल हमने कनाडा में अपना पहला चैनल लॉन्च किया, जो काफी सफल है। हमने डिजिटल को भी काफी आगे बढ़ाया। ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म Hotstar पर भी हमने दस्तक दी और ऐसा करने वाले हम पहले न्यूज चैनल थे। इसके अलावा हमने अपना डिजिटल प्रॉडक्ट भी लॉन्च किया और यह भी काफी सफल रहा।
सीईओ के रूप में मैं अपनी जिम्मेदारी समझता हूं कि न्यूज बिजनेस भी काफी आगे बढ़े। भारत में बिजनेस के लिहाज से न्यूज को हमेशा कम आंका गया है। मेरा काम इसे प्रीमियम बनाना और ऐडवर्टाइजर्स और कंज्यूमर्स से उचित कीमत हासिल करना है।
इंडस्ट्री बदलाव के दौर से गुजर रही है और हम एक मोड़ पर खड़े हैं। टेलिकॉम, केबल और सैटेलाइट बिजनेस की वजह से इंडस्ट्री में बड़े स्तर पर बदलाव हो रहे हैं। मेरा सबसे पहला काम यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐडवर्टाइजर्स और व्युअर्स हमारे साथ जुड़े रहें। मैं ये भी सुनिश्चित करूंगा कि मार्केट में नेटवर्क के सभी चैनलों की ग्रोथ हो और साथ ही उनकी पहुंच भी बढ़े। रही बात डिजिटल की तो हम देश की सबसे अच्छी कंपनी हैं।
ट्राई का नया टैरिफः
ऐसे ब्रैंड्स और प्रॉडक्ट जो मजबूत स्थिति में नहीं हैं, उनका मुद्दा तो रहेगा ही, लेकिन जो ब्रैंड्स और प्रॉडक्ट बहुत ज्यादा मजबूत हैं, उन्हें इससे फायदा होगा। यदि हम न्यूज इंडस्ट्री की बात करें तो टॉप पांच न्यूज चैनलों को फायदा होगा। टॉप से मेरे कहने का मतलब सिर्फ अपने देश में ही नहीं, बल्कि खास क्षेत्रों में लोकप्रिय चैनलों को फायदा होगा। अभी तक हम जो कुछ भी तैयार करते हैं, वह सभी को ध्यान में रखकर करते हैं लेकिन अब इसमें भी बदलाव की जरूरत होगी। हमें यह तय करना होगा कि हमारा कंज्यूमर कौन है और उसी हिसाब से हमें अपना प्रॉडक्ट तैयार करना होगा। हम में से कई लोगों ने इस तरह की कवायद नहीं की है, क्योंकि अब तक सभी का टार्गेट हिंदी भाषी मार्केट (HSM) और सभी तरह के टार्गेट ग्रुप्स (TGs) पर रहता है। अब यह दौड़ और ज्यादा रोचक होने जा रही है। मार्केट लीडर्स को यह सोचना होगा कि वे किस दिशा में जाना चाहते हैं। व्यक्ति जिस बिजनेस में है, उसे उस बारे में पूरी जानकारी देनी होगी।
न्यूज इंडस्ट्री के लिए कैसा रहा पिछला सालः
वर्ष 2018 को यदि हम ऐडवर्टाइजिंग के नजरिये से देखें तो साल भर इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिले। इंडस्ट्री में इस साल कई बदलाव हुए, ऐसे में इनका प्रभाव तो पड़ना ही था। इसके बावजूद अधिकांश न्यूज चैनलों की ग्रोथ दो अंकों (double-digit) में रही। चूंकि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव समेत इस साल कई बड़े राजनीतिक घटनाक्रम हुए,ऐसे में राजनीति को कवर करने वाले चैनलों को काफी फायदा हुआ। इस साल तीन तलाक और राम मंदिर जैसे मुद्दे भी छाये रहे। कुल मिलाकर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों की बदौलत न्यूज चैनलों को काफी फायदा हुआ। इस साल एक बदलाव यह भी देखने को मिला कि डिजिटल का इस्तेमाल काफी बढ़ गया। इंटरनेट की कीमतें कम होने का भी काफी असर पड़ा और सभी अच्छे ब्रैंड्स के लिए यह काफी अच्छा रहा। हालांकि, रेवेन्यू के लिहाज से डिजिटल के आंकड़े इतने अच्छे नहीं है, लेकिन भविष्य में काफी संभावनाएं हैं।
2018 में ANN का प्रदर्शनः
यदि हम यह चर्चा करें कि एबीपी न्यूज नेटवर्क(ANN) के लिए वर्ष 2018 कैसा रहा तो बता दूं कि तमाम परेशानियों के बावजूद हम दो अंकों की ग्रोथ लाने में सफल रहे। हमें रीजनल और डिजिटल बिजनेस से अच्छा रेवेन्यू मिला है। हिंदी बिजनेस में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। हमारी इवेंट्स डिवीजन का भी काफी अच्छा प्रदर्शन रहा है और इसने पश्चिम बंगाल में काफी नए आयाम स्थापित किए हैं। हर तिमाही पश्चिम बंगाल का बिजनेस भी बढ़ता जा रहा है। हमारे बिजनेस के लिए यह काफी रोचक दौर है।
आने वाली तिमाही के लिए हमने कुछ लॉन्च करने की प्लानिंग की है। अभी इस बारे में बातचीत चल रही है, लेकिन हम जल्द ही विस्तार करेंगे।
टीवी इंडस्ट्री के लिए कैसा रहेगा 2019:
नया साल टीवी इंडस्ट्री के लिए काफी खास रहने वाला है। सबसे पहली बात तो इस साल आम चुनाव और क्रिकेट वर्ल्ड कप के कारण न्यूज का उपभोग बढ़ेगा। आने वाली तीन तिमाही में टेलिविजन के क्षेत्र में न्यूज और स्पोर्ट्स की प्रमुख भूमिका रहेगी। दूसरी बात ये कि जिस तरह से हम घर पर बैठकर टीवी देखते हैं, उसमें बदलाव होगा, क्योंकि सभी बड़े ब्रॉडकास्टर्स डिजिटल के क्षेत्र में तमाम तरह के प्रयोग करने जा रहे हैं। चूंकि इंटरनेट डाटा की कीमतें घट रही हैं, ऐसे में बहुत सारे विडियो ऑन डिमांड (VOD) प्लेयर्स सामने आएंगे और न्यूज कैटेगरी में भी ऐसा होगा। तीसरी बड़ी बात जो इस साल होगी कि देश में कई विलय (mergers) और अधिग्रहण (acquisitions) होंगे। ऐसा इसलिए होगा कि नए टैरिफ आर्डर से स्थितियां बदलेंगी और इसमें कमजोर प्लेयर्स आगे नहीं बढ़ पाएंगे और वे विलय अथवा अधिग्रहण करेंगे।
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