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राजदीप सरदेसाई ने अपनी इस मुहिम में मांगा 'सबका साथ'
पत्रकारों का काम केवल समस्याओं को रेखांकित करना ही नहीं, उनका समाधान तलाशना भी होता है और राजीव सरदेसाई इस बात को बखूबी...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
पत्रकारों का काम केवल समस्याओं को रेखांकित करना ही नहीं, उनका समाधान तलाशना भी होता है और राजीव सरदेसाई इस बात को बखूबी समझते हैं। ‘इंडिया टुडे’ के कंसल्टिंग एडिटर सरदेसाई इस वक़्त 100 साल पुराने स्कूल को फिर से अपने पैरों पर खड़ा करने की मुहिम चला रहे हैं।
वह लोगों से कुछ न कुछ डोनेट करने अपील कर रहे हैं, ताकि जर्जर हो चुके स्कूल की खोई चमक फिर से लौट सके। ये राजदीप के प्रयासों का ही असर है कि महज 24 घंटों में स्कूल की मरम्मत का ज़िम्मा उठाने वाले एनजीओ को 2 लाख रुपए की सहायता मिल चुकी है। राजदीप ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस संबंध में एक ट्वीट किया था, जिसके बाद से बड़ी संख्या में लोग इस अभियान से जुड़ते जा रहे हैं।
Friends, I am supporting a campaign to rebuild a 100 year old school in rural UP. Donate generously. W/ @ketto Details: https://t.co/beL4Jbu3Ca for more details contact @udayfoundation
— Rajdeep Sardesai (@sardesairajdeep) February 6, 2019
उत्तर प्रदेश के शाहजहापुर जिले के तिलहर में लाला बैजनाथ जानकी पाठशाला (एलबीजेपी) इंटर कॉलेज है। 1913-14 में अस्तित्व में आया यह स्कूल बेहद बुरे दौर से गुज़र रहा है। अधिकांश क्लास जर्जर हो चुकी हैं, जिनकी तत्काल मरम्मत कराये जाने की ज़रूरत है। फ़िलहाल 621 स्टूडेंट्स यहां से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। स्कूल में कम से कम 10 कक्षाओं का पुनर्निमाण कराया जाना है, जिस पर 35 लाख खर्चा आएगा। इसके अलावा 20 लाख रुपए के अतिरिक्त खर्चे हैं। सरदेसाई को जब स्कूल की इस अवस्था से अवगत कराया गया, तो उन्होंने न केवल लोगों से मदद की अपील की, बल्कि खुद भी एक लाख रुपए का डोनेशन दिया। स्कूल की मरम्मत का अभियान चलाने वाले ketto.org की वेबसाइट पर टॉप डोनर में सबसे पहला नाम सरदेसाई का ही है।
वैसे ये कोई पहला मौका नहीं है, जब राजदीप ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए किसी की सहायता के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। हाल ही में पाकिस्तान की जेल से रिहा होकर लौटे हामिद अंसारी की रिहाई में भी उन्होंने अहम् भूमिका निभाई थी। जब करतारपुर साहिब कॉरिडोर के सिलसिले में अन्य पत्रकारों के साथ राजदीप पाकिस्तान के करतारपुर गए थे। तब उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से हामिद अंसारी की रिहाई के बारे में सवाल किया था। इस सवाल के बाद ही काफी हद तक पाकिस्तानी सरकार हरकत में आई और अंसारी की रिहाई सुनिश्चित हो सकी।
इमरान खान से सवाल-जवाब में राजदीप ने कहा था, ‘एक भारतीय युवक आपकी जेल में बंद है, जो एक लड़की के प्यार में पाकिस्तान पहुंच गया था। उसे 16 दिसंबर को छोड़ा जाना है। भारत कहता है कि उसने काउंसलर एक्सेस के लिए 66 लेटर आपको लिखे हैं, उसका नाम हामिद अंसारी है। मैं उसकी मां को जानता हूं, वो पिछले महीने दो बार मेरे सामने रोई हैं। मेरा आपसे अनुरोध है कि आप इस मामले को जितना संभव हो, उतना मानवीय तरीके से देखें’। राजदीप का सवाल सुनने के बाद कुछ देर सोचकर इमरान ने कहा, ‘राजदीप आपने जो कहा है मैं भी चेक करूंगा, मैंने पहली बार इस बारे में सुना है और हमसे जो हो सकेगा हम ज़रूर करेंगे’।
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