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दूतावास के अंदर पत्रकार की हत्या, शक के घेरे में अधिकारी !
‘वाशिंगटन पोस्ट’ के गुमशुदा पत्रकार जमाल खाशोगी के मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
‘वाशिंगटन पोस्ट’ के गुमशुदा पत्रकार जमाल खाशोगी के मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। तुर्की पुलिस का कहना है कि जमाल की हत्या सऊदी दूतावास में की गई और बाद में उनके शव को ठिकाने लगा दिया गया।
नाम उजागर न करने की शर्त पर दो वरिष्ठ अधिकारियों ने ‘वाशिंगटन पोस्ट’ और ‘रॉयटर्स’ को बताया कि जमाल खाशोगी को इंस्तांबुल स्थित सऊदी दूतावास में ही मौत के घाट उतारा गया। यह पूर्वनियोजित हत्या थी। हालांकि, अधिकारियों ने इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहा कि वह किन तथ्यों या साक्ष्यों के आधार पर इस निर्णय पर पहुंचे हैं।
गौरतलब है कि जमाल अगले हफ्ते शादी करने वाले थे और इसी सिलसिले में कागज़ी कार्रवाई के लिए तुर्की स्थित सऊदी दूतावास गए थे। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं है। सऊदी सरकार का कहना है कि जमाल थोड़ी ही देर में दूतावास से बाहर निकल गए थे, जबकि तुर्की इससे इनकार कर रहा है।
राज्य संचालित समाचार एजेंसी ‘अनाडोलू’ ने पुलिस के हवाले से बताया है कि जमाल दूतावास की इमारत से बाहर निकले ही नहीं। पुलिस का यह भी कहना है कि 15 सऊदी नागरिक, जिनमें कुछ अधिकारी भी शामिल थे, मंगलवार को इंस्तांबुल आए थे और जिस वक़्त जमाल दूतावास गए, वो सब भी वहीं थे। हालांकि, सभी उसी दिन वापस लौट गए, लेकिन जमाल दूतावास से बाहर निकले ही नहीं।
जमाल खाशोगी सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की नीतियों और यमन युद्ध में उनके हस्तक्षेप के खिलाफ लिखते रहे हैं। ‘वाशिंगटन पोस्ट’ में उनका एक स्थायी कॉलम भी था, इसी के चलते सऊदी सरकार उनके खिलाफ थी। जमाल पिछले दो साल से अमेरिका में रह रहे थे, क्योंकि अपने मुल्क में उनके लिए स्थितियां विपरीत हो गई थीं।
वहीं, सऊदी प्रिंस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि पत्रकार जमाल दूतावास में नहीं थे और यदि तुर्की पुलिस चाहती है तो तलाशी ले सकती है। उन्होंने कहा ‘हम तुर्की अधिकारियों को दूतावास की तलाशी लेने की इज़ाज़त देने को तैयार हैं,हमारे पास कुछ भी छिपाने के लिए नहीं है।’
गौर करने वाली बात ये है कि सऊदी दूतावास द्वारा अभी तक ऐसा कोई वीडियो फुटेज जारी नहीं किया गया है, जिससे यह साबित हो सके कि जमाल थोड़ी ही देर में दूतावास से चले गए थे, जैसा कि अधिकारियों द्वारा दावा किया जा रहा है। यही वजह है कि तुर्की पुलिस पुख्ता तौर पर यह मान रही है कि जमाल को दूतावास के भीतर ही मौत के घाट उतारा गया।
मालूम हो कि ‘वाशिंगटन पोस्ट’ ने पत्रकार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करने और सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा ज़ाहिर करने के लिए शुक्रवार के संस्करण में एक कॉलम खाली छोड़ दिया था। केवल एक शीर्षक ‘ए मिसिंग वॉइस’ और लेखक के नाम के अलावा कॉलम में कुछ भी नहीं था।
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