enba2016: ZEEL के सीईओ पुनीत गोयनका ने न्यूज चैनल्स को दी ये सलाह...

‘समाचार4मी‍डिया ब्यूरो ।। बहुप्रतिष्ठित ‘एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स (enba) 2016’  25 फरवरी को नोएडा के ‘रेडिसन ब्लू’ होटल में आयोजित एक रंगारंग कार्यक्रम में प्रदान किए गए। कार्यक्रम में टेलिविजन न्यूज के क्षेत्र

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 28 February, 2017
Last Modified:
Tuesday, 28 February, 2017
punit

समाचार4मी‍डिया ब्यूरो ।।

बहुप्रतिष्ठित ‘एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स (enba) 2016’  25 फरवरी को नोएडा के ‘रेडिसन ब्लू’ होटल में आयोजित एक रंगारंग कार्यक्रम में प्रदान किए गए। कार्यक्रम में टेलिविजन न्यूज के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले उन लोगों को यह अवॉर्ड दिए गए, जिन्होंने देश में टेलिविजन ब्रॉडकास्टिंग के भविष्य की मजबूत नींव रखी है।

कार्यक्रम में ‘जी ऐंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (ZEEL) के एमडी और सीईओ पुनीत गोयनका ने इन अवॉर्ड्स के महत्व पर प्रकाश डाला और निडर पत्रकारिता (fearless journalism) की जरूरत पर बल दिया।

गोयनका ने एक प्रसिद्ध रूसी पत्रकार की पंक्ति ‘What matters is the information and not what you think about it’ का उदाहरण भी दिया जिन्होंने चेचन्‍या में खराब कानून व्यवस्था के बावजूद निडर पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना एक खास नाम कमाया। हालांकि इस पत्रकार को कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले लेकिन आखिर में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोयनका ने कहा, ‘क्या इस तरह के ईमानदार पत्रकार का ऐसा हश्र होना चाहिए था, यकीनन इसका जवाब ना में होगा। इसके अलावा यदि कोई पर्यावरण बचाने की दिशा में काम कर रहा है तो क्‍या वे निडर होकर अपना काम कर सकता है, क्या हमने इसके लिए कोई प्रक्रिया बनाई है जो उसके काम की सराहना करे और उसे प्रेरित करे। इसका जवाब भी ना में ही होगा।’

 पत्रकारिता में ऐसा अमूल्‍य योगदान देने वालों को पहचान दिलाना काफी महत्‍वपूर्ण (Important to recognize priceless contribution in journalism)

पुनीत गोयनका ने कहा कि पत्रकारिता में ऐसा अमूल्य योगदान देने वालों को मुश्किल से ही सराहना मिलती है। उनका कहना था, ‘जब हम शाम को आराम से घर पर बैठकर डिनर कर रहे होते हैं तो हमें पत्रकारों अथवा न्यूज रूम से खबरों की उम्मीद होती है। हम सच जानना चाहते हैं, हम ईमानदारी के साथ ही निडर पत्रकारिता की उम्मीद भी करते हैं लेकिन हम शायद ही कभी ऐसे व्यक्ति के बारे में सोचते हैं जिसने यह सब किया है। ऐसे पत्रकारों को मुश्किल से ही पहचान मिल पाती है। साल भर में बेहतर पत्रकारिता करने वालों को सम्मानित करने के लिए शायद ही हम कोई कदम उठाते हैं। मुझे काफी खुशी है कि ‘exchange4media’ ने इस दिशा में सोचा और यह अवॉर्ड्स दिए जा रहे हैं। इसके अलावा मुझे इस बात की भी खुशी है कि उन्होंने ऐसा चुनाव किया है जिसने हमारे लिए न्यूज रिपोर्टिंग, पैकेजिंग और प्रजेंटिंग में उल्लेखनीय योगदान दिया है।  ’

पुनीत गोयनका ने कहा, ‘सभी न्यूज चैनलों के लिए यह बहुत जरूरी है कि वे एक कदम पीछे जाएं और अपने उद्देश्य (objectives) पर दोबारा से मनन करें। आजकल दर्शक काफी स्मार्ट हो गए हैं और वे आसानी से समझ जाते हैं कि कौन सी स्टोरी सही (genuine) है और किस स्टोरी में लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए ‘तड़का’ लगाया गया है। मैं यह बात पुख्ता तौर पर नहीं कह सकता हूं कि आज भी दर्शक स्क्रीन पर एनिमेटेड आग देखने में रुचि रखते हैं अथवा इसके पीछे की कहानी में ज्यादा दिलचस्पी दिखाते हैं। लेकिन यदि हम प्रिंट की बात करें तो लोग आज भी न्यूज की तह तक में जाना चाहते हैं। आज के समय में जब न्यूज 140 कैरेक्टर्स में बांध दी गई है लेकिन अगले दिन लोग अखबार उठाते हैं तो न सिर्फ वह न्यूज जानना चाहते हैं बल्कि वह उसकी गहराई तक में जाना चाहते हैं। सवाल यह है कि न्यूज चैनल आखिर क्यों इस तरह की चीजें नहीं दे सकते हैं।’

 यह मुद्दा नहीं है कि किसने पहले रिपोर्ट दी बल्कि यह है कि किसने अच्‍छी रिपोर्ट दी (It’s not about who reports it first, it’s about who reports it better)

पुनीत गोयनका ने कहा कि न्‍यूज चैनल्‍स के लिए यह बहुत जरूरी है कि वह लोगों को उपयोगी सामग्री दिखाए और दर्शकों से खुद को जोड़े रखे न कि सिर्फ सबसे पहले न्यूज दे दे। गोयनका ने कहा, ‘क्या हम सोचते हैं कि सबसे पहले न्यूज देने से हम दूसरे चैनलों से आगे निकल जाएंगे। जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि आज के दर्शक काफी समझदार हैं। ऐसे में मुझे नहीं लगता कि वे इस बात की चिंता करते हैं कि किसने रिपोर्ट सबसे पहले दी है बल्कि वे इस बात का ज्यादा ध्यान रखते हैं कि इस रिपोर्ट को किस तरह से तैयार किया गया है। पूर्व में बताया गया था कि कुछ छोटे प्रादेशिक जनरल एंटरटेमेंट चैनल (GEC) बड़े न्‍यूज चैनलों की टक्‍कर में पहुंच गए हैं। हालांकि यह तुलना सही नहीं है लेकिन ऐसा इसलिए हुआ है कि प्रादेशिक जनरल ऐंटरटेनमेंट चैनल ने वैल्‍यू (value) डिलीवर की है और अपने व्‍युअर्स से खुद को जोड़े रखा है। वे चीजों को समझकर उसी हिसाब से डिलीवर करते हैं। जिस दिन न्यूज चैनल इस तरह की काम करना शुरू कर देंगे, मेरा मानना है कि फिर व्युअरशिप के लिए उन्हें किसी तरह के स्‍पेशल इफेक्‍ट की जरूरत नहीं पड़ेगी।’

गोयनका ने कहा, ‘व्युअर्स न्यूज चैनलों की पावर और उनकी क्षमता को अच्छी तरह पहचानता है। जब लोग देखते हैं कि पत्रकार किसी  जनप्रतिनिधि का इंटरव्यू कर रहा है और प्रधानमंत्री तक से वह ईमानदारी से सवाल पूछ रहा है तो उन्हें संतोष होता है कि कोई तो है जो उनकी तरफ से सवाल पूछ रहा है। ऐसे में वह खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं कि कोई तो ऐसा माध्‍यम है जिसमें इन सवालों को पूछने का माद्दा है। लेकिन इस तरह समस्‍याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। इसलिए मैं सोचता हूं कि न्‍यूज चैनल को अपने उद्देश्‍यों की ओर बढ़ना चाहिए।। उन्‍हें सिर्फ रिपोर्टिंग नहीं करनी चाहिए बल्कि आम आदमी की परेशानियों का हल भी निकालना चाहिए। उन्‍हें इस तरह का व्‍यवहार करना चाहिए कि वे आम आदमी के हितों के लिए मजबूत दावेदारी कर रहे हैं। एक बार यह चीजें होनी शुरू जाएं तो बाकी अपने आप शुरू हो जाएगा।’

 मीडिया में स्वामित्व और पारदर्शिता के मामले पर चिंता जताते हुए गोयनका ने कहा, ‘मैं उसी बात पर जोर दूंगा जिसके बारे में हमारे चेयरमैन और राज्यसभा सदस्‍य डॉ. सुभाष चंद्रा ने चिंता जताई थी कि हमें ऐसे असामाजिक तत्वों (anti social elements) को न्यूज चैनल्स में निवेश करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए जो व्युअर्स के मतलब की नहीं बल्कि अपने मतलब की न्यूज तैयार करते हैं।

 बता दें कि enba अवॉर्ड का आठवां एडिशन था और ‘जी राजस्थान न्यूज’ द्वारा पॉवर्ड (powered by) था। इस बार के एडिशन में 31 विभिन्न कैटेगरी को शामिल किया गया। इसके तहत ब्रॉडकास्ट न्यूज इंडस्ट्री की ओर से enba की पहल को काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला और विभिन्न कैटेगरी में 300 से ज्‍यादा एंट्रीज प्राप्त हुईं। इन एंट्रीज को शॉर्टलिस्ट करने के लिए 15 फरवरी को जूरी मीट का आयोजन भी किया गया था। वर्ष 2008 में अपनी शुरुआत के बाद से ही यह अवॉर्ड टेलिविजन न्यूज के क्षेत्र में बेहतर काम करने वालों की पहचान कर उन्हें सम्मानित करता आ रहा है।

समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
TAGS media
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

Zee Media में मनोज जग्यासी व गौरव वर्मा का प्रमोशन, मिली बड़ी जिम्मेदारी

जी मीडिया कॉर्पोरेशन (Zee Media Corporation Ltd) ने मनोज जग्यासी को चीफ रेवेन्यू ऑफिसर (CRO) के बनाया गया है

Last Modified:
Tuesday, 09 March, 2021
Zeemedia54544

जी मीडिया कॉर्पोरेशन (Zee Media Corporation Ltd) ने मनोज जग्यासी को चीफ रेवेन्यू ऑफिसर (CRO) के बनाया गया है। इसके अलावा सेल्स के पूर्व हेड गौरव वर्मा जी मीडिया के ‘जी बिजनेस’, ‘जी न्यूज’ व ‘वियॉन’ चैनल में चीफ रेवन्यू ऑफिसर की भूमिका निभाएंगे।

सूत्रों के मुताबिक, जग्यासी नेटवर्क के 11 न्यूज चैनल्स की जिम्मेदारी संभालेंगे।

बता दें कि गौरव वर्मा पिछले साल अगस्त में ZMCL में शामिल हुए थे। इससे पहले, वे टीवी टुडे नेटवर्क के साथ वाइस प्रेजिडेंट के तौर पर जुड़े हुए थे। वे आठ साल से भी अधिक समय तक टीवी टुडे नेटवर्क के साथ रहे।

जबकि, जग्यासी जुलाई 2020 में सेल्स के एग्जिक्यूटिव क्लस्ट हेड के तौर ZMCL में शामिल हुए थे। इससे पहले वे ZEEL में एग्जिक्यूटिव क्लस्टर हेड (रेवेन्यू हेड) के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे रहे थे। उन्होंने 2017 में नेशनल सेल्स हेड के रूप में Zee Unimedia Ltd के साथ अपनी यात्रा शुरू की थी।

 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

पत्रकार ने कीटनाशक पीकर मौत को लगाया गले, मामले की जांच में जुटी पुलिस

मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक पत्रकार द्वारा जहर खाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है।

Last Modified:
Monday, 08 March, 2021
Suicide

मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक पत्रकार द्वारा जहर खाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 20 वर्षों से जुड़े और विभिन्न समाचार पत्रों में काम कर चुके पत्रकार अनिल भलिका इन दिनों एक स्थानीय न्यूज चैनल में कार्यरत थे। निजातपुरा निवासी अनिल ने शनिवार की सुबह घर में पौधों में डालने वाला कीटनाशक पी लिया। इसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई। अनिल की पत्नी पत्नी नीता उन्हें जिला चिकित्सालय लेकर पहुंची, जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले में कुछ लोगों का कहना है कि अनिल कुछ समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे, जिस कारण उन्होंने यह कदम उठाया है। फिलहाल पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

जानिए, इस साल किसके सिर सजा e4m Influencer Of Year Award का ताज

यह अवॉर्ड हर साल ऐसे व्यक्ति को दिया जाता है, जिसने अपने आइडिया अथवा कामों से इंडस्ट्री की दशा और दिशा को बदलने में महत्वपूर्ण काम किया है।

Last Modified:
Saturday, 06 March, 2021
e4m enfluencer

‘इनमोबी और ग्लांस’(InMobi & Glance) के फाउंडर और सीईओ नवीन तिवारी को ‘एक्सचेंज4मीडिया इन्फ्लुएन्सर ऑफ द ईयर’ (exchange4media Influencer of the Year Award) अवॉर्ड 2020 से सम्मानित किया गया है। शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में नवीन तिवारी को यह अवॉर्ड दिया गया। यह अवॉर्ड हर साल ऐसे व्यक्ति को दिया जाता है, जिसने अपने आयडिया अथवा कामों से इंडस्ट्री की दशा और दिशा को बदलने में महत्वपूर्ण काम किया है।

नवीन तिवारी को थोड़े से समय में ही उनके द्वारा किए गए अनुकरणीय कार्यों के लिए जाना जाता है। उन्होंने एक स्टार्ट-अप कंपनी को एक सफल ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी में परिवर्तित कर अपनी खास पहचान बनाई है।

ग्लोबल कंसल्टेंसी कंपनी ‘मैकिन्से’ (McKinsey) में संक्षिप्त पारी के बाद नवीन तिवारी ने वर्ष 2008 में ‘इनमोबी’ (InMobi) की स्थापना कर एंटरप्रिन्योरशिप की दुनिया में कदम रखा था। उनके नेतृत्व में भारत की पहली यूनिकॉर्न कंपनियों में से एक ‘इनमोबी’ ने अब खुद को दुनिया के अग्रणी एडवर्टाइजिंग प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित कर लिया है। बता दें कि जब कोई कंपनी एक अरब डॉलर का वैल्यूएशन हासिल करती है, तो उसे यूनिकॉर्न कहा जाता है। तिवारी के दूसरे बिजनेस वेंचर ‘ग्लांस’ (Glance) ने भी यूजर्स के बीच अपनी खास पहचान बना ली है। नवीन तिवारी ‘पेटीएम’ (Paytm) के बोर्ड मेंबर भी रह चुके हैं।

यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड मिलने पर नवीन तिवारी ने कहा, ‘मैं काफी शुक्रगुजार हूं और अपनी टीम की ओर से इस अवॉर्ड को स्वीकार करता हूं, जिसने अपनी मेहनत से यह सब कर दिखाया है। पिछला साल देखें तो एक बात तो स्पष्ट हो गई है कि जीवन में बहुत सी बड़ी चीजें हैं, जिनकी हमने पहले कल्पना नहीं की थी। e4m एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म है, जो लोगों के काम की पहचान कर उन्हें सम्मानित करता है। यह अवॉर्ड मिलने पर मैं काफी खुश हूं।’

इस कार्यक्रम के दौरान नवीन तिवारी और ‘बिजनेस वर्ल्ड’ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ ग्रुप के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा के बीच सवाल-जवाब का दौर भी चला। इस दौरान यह पूछे जाने पर कि पिछले 12 महीने उनके लिए कैसे रहे हैं और इस समय से उन्हें क्या सीखने को मिला, तिवारी ने कहा कि दुनिया पिछले 12 महीनों में हुई हर चीज से प्रभावित हुई है। हालांकि शारीरिक व मानसिक तौर पर यह लोगों के लिए काफी मुश्किल समय रहा है, लेकिन कुछ चीजें विकसित भी हुई हैं। मैं अपने बिजनेस की बात करूं तो डिजिटल काफी तेजी से आगे बढ़ा है। व्यक्तिगत रूप से अपनी बात करूं तो इन महीनों में मेरी सोच में काफी महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं और जीवन जीने के तरीकों में काफी बदलाव आया है। उम्मीद है कि आगे काफी अच्छा होगा।

बता दें कि ‘एक्सचेंज4मीडिया इन्फ्लुएन्सर ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड 2016 में शुरू हुआ था। उस साल ‘वायकॉम 18’ (Viacom18) के तत्कालीन सीओओ राज नायक को इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। वर्ष 2017 में इस अवॉर्ड से ‘डब्ल्यूपीपी इंडिया’ (WPP India) के कंट्री मैनेजर सीवीएल श्रीनिवास को सम्मानित किया गया था। वर्ष 2018 में यह अवॉर्ड ‘डेलीहंट’ (Dailyhunt) के फाउंडर और सीईओ वीरेंद्र गुप्ता और इसके को-फाउंडर उमंग बेदी को दिया गया था, जबकि पिछले साल ‘गूगल इंडिया’ (Google India) के कंट्री मैनेजर संजय गुप्ता को इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

दुनिया को अलविदा कह गए 'दिनामलार' के पूर्व संपादक आर. कृष्णमूर्ति

लोकप्रिय तमिल दैनिक अखबार 'दिनामलार' के पूर्व संपादक और प्रसिद्ध मुद्राविज्ञानविद् आर. कृष्णमूर्ति का गुरुवार को चेन्नई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।

Last Modified:
Saturday, 06 March, 2021
R Krishnamurthy55

लोकप्रिय तमिल दैनिक अखबार 'दिनामलार' के पूर्व संपादक और प्रसिद्ध मुद्राविज्ञानविद् आर. कृष्णमूर्ति का गुरुवार को चेन्नई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 88 साल के थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे और दो बेटियां हैं।

इस बात की जानकारी देते हुए ‘दिनामलार’ के संपादक के रामासुब्बू ने कहा, ‘उन्हें गुरुवार सुबह उनके आवास पर दिल का दौरा पड़ा और उनका निधन हो गया।’

‘आरके’ नाम से प्रसिद्ध कृष्णमूर्ति 1956 में ‘दिनामलार’ से जुड़ने के बाद 1977 में उसके संपादक बन गए, जिसकी स्थापना उनके पिता टी.वी. रामासुबियर ने की थी।

वह प्रेसीडेंसी कॉलेज से भूविज्ञान में स्नातकोत्तर थे। उन्होंने 1977 में प्रसिद्ध 'पेरियार' लिपि पेश की थी। बाद में, तमिलनाडु सरकार ने पाठ्य पुस्तकों में इस लिपि को पेश किया और आज भी इसका व्यापक उपयोग किया जाता है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

TRP Case: सीबीआई ने BARC के सीईओ सुनील लुल्ला से की पूछताछ

सूत्रों की मानें तो सीबीआई द्वारा लुल्ला की कोर टीम के कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी पूछताछ की गई।

Last Modified:
Friday, 05 March, 2021
BARC

फर्जी टीआरपी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा भी अपनी समानांतर जांच शुरू करने की खबर सामने आई है। सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार, जांच एजेंसी ने पिछले सप्ताह ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया के सीईओ सुनील लुल्ला को कथित रूप से समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था।

सूत्रों की बात पर यदि भरोसा करें तो लुल्ला को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया गया था, जो कुछ घंटों तक चली। सूत्रों की मानें तो सीबीआई द्वारा लुल्ला की कोर टीम के कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी पूछताछ की गई।

हालांकि, बार्क की ओर से इस मामले में पूरी तरह से चुप्पी साधी हुई है और इस बारे में पुष्टि के लिए भेजे गए किसी भी मेल का कोई जवाब नहीं दिया गया है। गौरतलब है कि इसी साल जनवरी में ‘प्रवर्तन निदेशालय’ (Enforcement Directorate) ने भी बार्क में विसंगतियों को लेकर बार्क के वरिष्ठ अधिकारियों और सुनील लुल्ला की टीम के सदस्यों को पूछताछ के लिए समन जारी किया था।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ‘बार्क में मीजरमेंट साइंस के चीफ और सीनियर मैनेजमेंट टीम के सदस्य डॉ. डेरिक ग्रे (Dr Derrick Gray) से मुंबई में पूछताछ की जा रही है। ईडी के कुछ अधिकारी भी बार्क के ऑफिस में टीआरपी केस को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ कर रहे हैं।’

बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने दिसंबर 2020 में मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज मामले के आधार पर एफआईआर की तरह Enforcement Case Information Report (ECIR) दर्ज की थी। गौरतलब है कि टीआरपी से छेड़छाड़ का मामला अक्टूबर में तब सामने आया था, जब ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) द्वारा देश में टीवी दर्शकों की संख्या मापने के लिए घरेलू पैनल के प्रबंधन का जिम्मा संभालने वाली एजेंसी ‘हंसा रिसर्च’ (Hansa Research) के अधिकारी नितिन देवकर ने एक शिकायत दर्ज की, जिसमें कहा गया था जिन घरों में बार-ओ-मीटर लगे हैं, उन घरों को भुगतान करके कुछ टीवी चैनल्स दर्शकों की संख्या में हेरफेर कर रहे हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

ऑटो में जा रहे न्यूज एजेंसी के पत्रकार के साथ हो गई ये वारदात

पुलिस ने मामला दर्ज कर मोटरसाइकिल सवार तीनों बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।

Last Modified:
Friday, 05 March, 2021
Crime

दक्षिणी दिल्ली में ऑटो सवार एक पत्रकार के साथ मोबाइल झपटमारी का मामला सामने आया है। पीड़ित पत्रकार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर झपटमारों की तलाश शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक न्यूज एजेंसी में पत्रकार कुणाल दत्त मंगलावार की शाम मोदी मिल फ्लाईओवर पर जा रहे थे। इसी बीच पीछे से मोटरसाइकिल पर आए तीन बदमाश उनका मोबाइल छीनकर भाग गए।

पीड़ित पत्रकार ने इस बात की शिकायत न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस स्टेशन में की, जिसके बाद देर रात पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। तीनों बदमाशों का पता लगाने के लिए पुलिस इलेक्ट्रॉनिक सर्विलॉन्स का सहारा भी ले रही है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

डिजिटल न्यूज और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को दबाने का प्रयास है ये आदेश: डॉ.शमा मोहम्मद

‘गवर्नेंस नाउ’ के एमडी कैलाशनाथ अधिकारी के साथ एक बातचीत में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ.शमा मोहम्मद ने तमाम पहलुओं पर अपने विचार रखे

Last Modified:
Friday, 05 March, 2021
Shama Mohamed

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ.शमा मोहम्मद का कहना है कि डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म्स को विनियमित (regulate) करने के लिए सरकार की हालिया अधिसूचना डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म्स समेत सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को दबाने का एक प्रयास है।

‘गवर्नेंस नाउ’ (Governance Now) के एमडी कैलाशनाथ अधिकारी के साथ एक बातचीत में शमा मोहम्मद का कहना था, ‘सिर्फ डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म्स ही वह बात कहने में सक्षम हैं, जो वह कहना चाहते हैं, इसलिए सरकार अब इन्हें दबाने का प्रयास कर रही है।’

पब्लिक पॉलिसी प्लेटफॉर्म पर ‘विजिनरी टॉक सीरीज’ (Visionary Talk series) के तहत होने वाले इस वेबिनार के दौरान डॉ.शमा मोहम्मद ने कहा, ‘नियम सभी के लिए समान होने चाहिए। बीजेपी की तरफ से तमाम फर्जी खबरें आ रही हैं। यह दिखाता है कि इस तरह की चीजों में पार्टी की मंजूरी होती है।’

कांग्रेस के भीतर असंतोष को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में डॉ.शमा ने कहा कि बीजेपी के विपरीत जहां पर लोग अपने नेता के साथ बैठने में डरते हैं, कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र है। प्रधानमंत्री का नाम लिए बिना शमा मोहम्मद का कहना था कि वह अभी सुप्रीम लीडर हैं और वही करते हैं जो चाहते हैं।  

शमा मोहम्मद ने कहा, ‘हमें लोगों की बात सुननी होगी और किसानों के मुद्दों को समझना होगा। इन किसानों ने हरित क्रांति के दौरान हमारी मदद की है। तमाम किसानों के बेटे सेना में हैं। हमें लोगों के मुद्दों को समझना होगा। इस सरकार में किसी भी तरह की सहानुभूति का पूरी तरह अभाव है। काफी बेरोजगारी है, महंगाई बढ़ रही है और गरीबों के लिए किसी तरह का कोई सपोर्ट सिस्टम नहीं है। शासन तब अच्छा होता है, जब लोगों के पास पैसा हो, वे खुश हों और उनके पास घर हों।’

उन्होंने कहा कि कृषि कानून संसद में बिना बहस और चर्चा के पारित हो गए। जब उन्होंने इस बात पर आपत्ति जताई तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट में जाने को कहा गया। शमा मोहम्मद के अनुसार, ‘इस बिल पर संसद में चर्चा और बहस की जरूरत है। सभी चीजों को सुप्रीम कोर्ट क्यों जाना चाहिए। हम इस सरकार से कुछ भी पूछते हैं तो हमें कहा जाता है कि सुप्रीम कोर्ट में केस फाइल करें। जब हमने राफेल लड़ाकू विमानों पर एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने के लिए कहा, तब भी उन्होंने हमें सुप्रीम कोर्ट में जाने के लिए कहा।’

मोहम्मद ने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी और जब उस पर आरोप लगाए गए थे, तो पार्टी अगस्ता वेस्टलैंड समेत सभी मामलों के लिए संयुक्त संसदीय समिति के लिए तैयार थी। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी काफी पारदर्शी थी और जब भी कांग्रेस के किसी मंत्री के खिलाफ कोई आरोप लगता था, तो पार्टी पारदर्शी जांच के लिए मंत्री को इस्तीफा देने के लिए कहती थी। कांग्रेस ने पारदर्शिता का सबसे बड़ा हथियार लोकपाल को बनाया था और तब गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए मोदी ने लोकपाल का विरोध किया था और इसे रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट गए थे।’

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

आर्थिक संकट से उबरने लगा ये मीडिया वेंचर, जल्द होगा री-लॉन्च

अब जब कई कंपनियां इस संकट से उबरने लगी हैं, तो यह वेंचर भी अपने मार्ग को प्रशस्त करने में जुट गया है और जल्द ही री-लॉन्च की तैयारी कर रहा है।

Last Modified:
Thursday, 04 March, 2021
parliamentryBusiness54

कोरोना महामारी के बीच खड़े हुए आर्थिक संकट का सामना मीडिया इंडस्ट्री को भी करना पड़ा है। कुछ कंपनियां अब इससे ऊबर रहीं हैं, तो कुछ ऐसी भी रही हैं जो बंद तक हो गई हैं। पिछले साल के शुरुआत में एक ऐसा मीडिया वेंचर शुरू हुआ था, जो संसदीय कार्यप्रणाली, संसद व सांसदों से जुड़ी खबरों से आपको रूबरू कराता है। इस मीडिया वेंचर का नाम है ‘पार्लियामेंट्री बिजनेस’। यह मीडिया वेंचर भी देश में आए आर्थिक संकट के प्रभाव से बच न सका और भंवर में फंसकर डूबने लगा। हालात ये हो गए कि एम्प्लॉयीज की सैलरी में देरी होने लगी, जिसकी वजह से कई एम्प्लॉयीज ने कंपनी को बाय बोलकर इससे दूरी बना ली।

लेकिन अब जब कई कंपनियां इस संकट से उबरने लगी हैं, तो यह वेंचर भी अपने मार्ग को प्रशस्त करने में जुट गया है और जल्द ही री-लॉन्च की तैयारी कर रहा है। इसी कवायद के तहत वह अपने पूर्व कर्मचारियों के बकाए का भुगतान करने लगा है। इस बीच कंपनी का कहना है कि जिन लोगो के पास कंपनी का कोई भी एसेट किसी ना किसी रूप मे उपलब्ध है, उसे वापस करने के बाद ही उसका भुगतान किया जाएगा।

वहीं कंपनी के प्रबंधन ने उन एम्प्लॉयीज के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की बात कही है, जिन लोगो ने स्वयं ताला लगाकर कंपनी को बदनाम करने की साजिश रची है। यह कार्यवाही सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जाएगी। साथ ही कंपनी ने उन लोगों के नाम भी सार्वजनिक करने की बात कही है।  

 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

MIB ने BOC में सत्येन्द्र प्रकाश को दी अब और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने दूसरा महत्वपूर्ण दायित्व भारतीय सूचना सेवा के 1988 बैच के अधिकारी सत्येन्द्र प्रकाश को दिया है।

Last Modified:
Thursday, 04 March, 2021
satyendraPrakash87

प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) के प्रधान महानिदेशक (Principal Director General) के पद पर भारतीय सूचना सेवा के वरिष्ठ अफसर जयदीप भटनागर को नियुक्त किए जाने के बाद सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने दूसरा महत्वपूर्ण दायित्व भारतीय सूचना सेवा के 1988 बैच के अधिकारी सत्येन्द्र प्रकाश को दिया है। सत्येन्द्र प्रकाश को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देते हुए उन्हें ब्यूरो ऑफ आउटरीच कम्युनिकेशन (बीओसी) का प्रधान महानिदेशक बनाया गया है। उन्हें दी गई नई जिम्मेदारी 1 मार्च 2021 से मान्य है। 

सत्येन्द्र प्रकाश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले हैं। सत्येन्द्र प्रकाश प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो से विज्ञापन और दृश्य प्रचार निदेशालय (डीएवीपी) में स्थानांतरित हुए थे और वहां उन्होंने लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई। डीएवीपी के महानिदेशक बने और डीएवीपी को ब्यूरो ऑफ आउटरीच कम्युनिकेशन का स्वरूप दिए जाने के बाद उन्हें इसका महानिदेशक (Director General) नियुक्त किया गया था और तब से वे इसी पद पर कार्यरत थे।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

Enterr10 मीडिया में इस बड़े पद से दीप द्रोण ने दिया इस्तीफा

करीब एक साल से इस मीडिया नेटवर्क के साथ जुड़े हुए थे दीप द्रोण

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 03 March, 2021
Last Modified:
Wednesday, 03 March, 2021
Enterr10

‘एंटर10’ (Enterr10) मीडिया के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर दीप द्रोण (Deep Drona) ने कंपनी को बाय बोल दिया है। वह करीब एक साल से इस कंपनी में कार्यरत थे। बताया जाता है कि वह इस महीने के अंत तक कंपनी के साथ बने रहेंगे।

‘एंटर10’ मीडिया में सीओओ के तौर पर नेटवर्क की पूरी ग्रोथ की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। इस नेटवर्क में Dangal TV, Enterr10 Movies, Bhojpuri Cinema, Fakt Marathi और Enterr10 Bangla चैनल्स शामिल हैं। ‘एंटर10’ मीडिया में दीप द्रोण कंपनी के एमडी मनीष सिंघल को सीधे रिपोर्ट करते थे। फरवरी 2020 में ‘एंटर10’ को जॉइन करने से पूर्व वह ‘ITW Consulting’ में चीफ बिजनेस ऑफिसर के तौर पर अपनी भूमिका निभा रहे थे।

दीप द्रोण को करीब ढाई दशक का अनुभव है। पूर्व में वह ‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया’ (SPNI) में लंबी पारी खेल चुके हैं। ‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स’ से पहले वह ‘श्री अधिकारी ब्रदर्स’ (Sri Adhikari Brothers) टेलिविजन नेटवर्क के साथ जुड़े हुए थे। दीपी द्रोण ने ‘निंबस कम्युनिकेशन’ (Nimbus Communication) से अपने टीवी करियर की शुरुआत की थी। 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए