47 साल के करियर में मुझे किसी मीडिया से नहीं मिला इस तरह का माफीनामा, बोले बिग बी

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। बॉलिवुड न्यूज वेबसाइट पिंकविला (

Last Modified:
Tuesday, 23 August, 2016
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

बॉलिवुड न्यूज वेबसाइट पिंकविला (www.pinkvilla.com) ने बॉलिवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की कुछ तस्वीरों को अपनी वेबसाइट पर पब्लिश कर दिया था, जिसे अमिताभ बच्चन ने वेबसाइट के फोटोग्राफर से मना किया था। इसे लेकर बिग बी ने 21 अगस्त को तीन ट्वीट करते हुए इस कृत्य को अनैतिक बताया था। हालांकि बच्चन द्वारा ट्वीट किए जाने के बाद पिंक विला वेबसाइट और अपनी टीम की ओर से वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट विराल भयानी ने उनसे माफी मांगी है।

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हालांकि इसके बाद वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट विराल भयानी ने विला वेबसाइट और अपनी टीम की ओर से माफी मांगते हुए लिखा है कि ‘मैं तहे दिल से अपनी क्लाइंट पिंकविला और अपने उस फोटोग्राफर की ओर से माफी मांगता हूं, जिसने आपका तस्वीरें क्लिक की। दरअसल आपकी तस्वीरें लेने वाला फोटोग्राफर मेरे लिए काम करता है इसलिए ये मेरी जिम्मेदारी बनती है।’ पूरा माफीनामा आप नीचे पढ़ सकते हैं।

Respected Sir,

I sincerely apologize on behalf of my client Pinkvilla and the photographer who clicked your photograph. The photographer who clicked your picture works for me so it becomes my responsibility as I send out these images. So, no one is to be blamed but me. It's my fault that I sent out those images without cross checking whether these images were to be used or not. I have strict rules of not clicking any images of any celebrities if there is any disapproval. This will be my first instance in my 15 years career that an artist is so upset. There is no paparazzi culture in India an there is very little money, we do it to create good content. By hurting you we have done a very wrong thing. The damage is already done and I will be truthful that the image was not only used on Pinkvilla but also on Deccan Chronicle website.  I have got those deleted immediately after I read your tweet. I will meet up with all my team and explain the same to  them. This is shameful and such ethical practices are disgusting. I also have a strict policy against taking pictures of kids without there parents approval. I also condemn the incident where Brinda Rai was injured at the airport. Somewhere we have lost control and in the mad rush of competition, we have crossed our lines. Yesterday I crossed the line by publishing your image which was under contract. All other photographers present there followed you, respected you and did not click. But we were the nasty and cheap ones to do this act. I beg for mercy and forgiveness on behalf of my photographer as the fault lies in me for releasing those images and not deleting them. Regards,

Viral Bhayani

माफीनामा को पढ़कर बॉलिवुड के महानायक ने ट्वीट किया कि उन्हें 47 साल के करियर में मीडिया की ओर से इस तरह का माफीनामा कभी नहीं मिला।  बिग बी ने इस माफीनामे के जवाब में भी एक पत्र लिखा है, जिसे आप नीचे पढ़ सकते हैं...

My dear Mr Viral Bhayani,

I have to admit that in my entire professional career of 47 years, I have never ever received such an apology or an acknowledgement.

Thank you for your honesty and the respect that you have found in my heart. This is a rare occurrence, and I shall always treasure it.

I seek your permission to print this letter of yours, on my Social Media platforms, not because it comes in my favor, but because it sets a wonderful example on the credibility and ethics of the media – something that I have sincerely believed in.

I would understand your disallowance if you were to negate this request.

Thank you again

With great regard and admiration

Amitabh Bachchan

Viral gave his consent to me to print his apology .. I am grateful .. thank you screen-shot समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
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पेगासस मामले की जांच को लेकर मीडिया निकायों ने एक सुर में उठाई ये आवाज

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया सहित पत्रकारों के कई अन्य मीडिया निकायों ने स्पाईवेयर के जरिए पत्रकारों और अन्य की कथित जासूसी की निंदा की

Last Modified:
Friday, 23 July, 2021
pegasus545

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया सहित पत्रकारों के कई अन्य मीडिया निकायों ने स्पाईवेयर के जरिए पत्रकारों और अन्य की कथित जासूसी की निंदा की और मामले में ‘उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच’ की मांग की।

इन मीडिया निकायों के प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्हें लगता है कि नागरिकों की जासूसी करने से लोकतंत्र कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह पेगासस स्पाईवेयर पर उठ रहे संदेहों को दूर करे और इस मामले में वह खुद को साफ-सुथरा साबित करे।

यह बयान प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के साथ-साथ एडिटर्स गिल्ड, दिल्ली पत्रकार संघ, इंडियन वीमेंस प्रेस कोर, वर्किंग न्यूज कैमरामैन एसोसिएशन, आईजेयू और विभिन्न मीडिया संगठनों की ओर से जारी किया गया।

पत्रकारों के संगठनों का यह बयान तब आया है जब इजराइली कंपनी एनएसओ के पेगासस स्पाइवेयर पर हंगामा मचा है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि इसके माध्यम से दुनिया भर में लोगों पर कथित तौर पर जासूसी कराई गई, जिसमें भारत के दो केंद्रीय मंत्रियों, 40 से अधिक पत्रकारों, विपक्ष के तीन नेताओं और एक न्यायाधीश सहित बड़ी संख्या में कारोबारियों, सरकारी अफसरों, वैज्ञानिकों, एक्टिविस्ट समेत करीब 300 लोग शामिल हैं।

दुनिया भर के 17 मीडिया संस्थानों ने पेगासस स्पाइवेयर के बारे में खुलासा किया है। एक लीक हुए डेटाबेस के अनुसार इजरायली निगरानी प्रौद्योगिकी फर्म एनएसओ के कई सरकारी ग्राहकों द्वारा हजारों टेलीफोन नंबरों को सूचीबद्ध किया गया था। इसमें 300 से अधिक सत्यापित भारतीय मोबाइल टेलीफोन नंबर शामिल हैं।  

इतने बड़े पैमाने पर ऐसे लोगों के नाम आने को लेकर ही मीडिया निकाय ने इस मामले में जांच की मांग की है। प्रेस क्लब की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ऐसी निगरानी के लिए लोगों के प्रति सरकार जवाबदेह है और उसकी जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि भारतीय नागरिकों की अवैध जासूसी नहीं हो पाए।

बयान में कहा गया है कि पत्रकारों के संगठन मानते हैं कि पत्रकारों, नागरिक समाज, मंत्रियों, सांसदों और न्यायपालिका पर ऐसी निगरानी सत्ता का पूरी तरह दुरुपयोग है और इसे तुरत रोका जाना चाहिए। इसने कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा की आड़ में ऐसी नियंत्रित निगरानी नहीं की जा सकती है।

पत्रकारों के संगठनों ने चेताया है कि भारतीय नागरिकों की पेगासस स्पाईवेयर से जासूसी कराना भारतीय संप्रभुता को खतरे में डालेगा और इसलिए यह जरूरी है कि भारत सरकार इसमें दखल दे और साफ करे कि यह कैसे और क्यों हुआ। बयान में कहा कहा गया है, 'हम सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जासूसी की जांच किए जाने की मांग करते हैं। मीडिया संस्थान लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता के लिए संवैधानिक विकल्प का उपाए भी तलाशेंगे।'

इन मीडिया निकायों के प्रतिनिधियों ने ‘दैनिक भास्कर’ और ‘भारत समाचार’ चैनल सहित मीडिया प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की निंदा भी की और कहा कि यह ‘असहमति को दबाने’ का प्रयास है।

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राजनेताओं-पत्रकारों ने IT की कार्रवाई को बताया मीडिया की आवाज दबाने का प्रयास, कही ये बात

आयकर विभाग के अधिकारियों द्वारा‘दैनिक भास्कर’ और ‘भारत समाचार’ चैनल पर छापेमारी के मामले में कई राजनेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है।

Last Modified:
Friday, 23 July, 2021
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कथित रूप से टैक्स चोरी की जानकारी मिलने के बाद आयकर विभाग के अधिकारियों द्वारा गुरुवार की सुबह ‘दैनिक भास्कर’ (Dainik Bhaskar) के तमाम कार्यालयों और ‘भारत समाचार’ (Bharat Samachar) चैनल पर छापेमारी के मामले में कई राजनेताओं व पत्रकारों ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है। उन्होंने इस कार्रवाई को मीडिया की आवाज दबाने की कोशिश बताया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट के जरिये आयकर विभाग के इस कदम की निंदा की है।   

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक ट्वीट में कहा कि दैनिक भास्कर समूह और भारत समाचार के यहां आयकर विभाग का छापा मीडिया की आवाज को दबाने का प्रयास है। मोदी सरकार अपनी आलोचना को जरा भी बर्दास्त नहीं कर सकती।  

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस कदम का विरोध करते हुए अपने ट्वीट में कहा है, ‘पत्रकारों और मीडिया घरानों पर हमला लोकतंत्र को कुचलने का एक और क्रूर प्रयास है। मैं इस प्रतिशोधी कृत्य की कड़ी निंदा करती हूं, जिसका उद्देश्य सत्य को सामने लाने वाली आवाजों को दबाना है। इस तरह की कार्रवाई लोकतंत्र के सिद्धांतों को कमजोर करती है। हम सब मिलकर निरंकुश ताकतों को कभी सफल नहीं होने देंगे।’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्वीट में आयकर विभाग के इस कदम को मीडिया को डराने का प्रयास करने वाला बताया है। उन्होंने छापेमारी को रोकने और मीडिया को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने देने का अनुरोध किया है।

वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है, 'दैनिक भास्कर पर छापे की कार्रवाई जायज नहीं है ।आप अपना पक्ष अखबार में रखने के लिए स्वतंत्र हैं। सरकार अपना तर्क  समाचार पत्र को दे सकती है। यदि वह  प्रकाशित नहीं  करे तो वह प्रेस कौंसिल का दरवाजा खटखटा सकती है, लेकिन छापे की कार्रवाई उचित नहीं ठहराई जा सकती। कोई भी सभ्य समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा।' 

वहीं, इस मामले में आयकर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्टेटमेंट जारी नहीं किया गया है और न ही इस बारे में ज्यादा जानकारी दी गई है। हालांकि, आईटी विभाग की ओर से किए गए ट्वीट में कहा गया है, ‘विभाग के प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए जांच टीम ने केवल टैक्स चोरी से संबंधित समूह के वित्तीय लेनदेन को देखा।’

इसके साथ ही कुछ मीडिया रिपोर्ट्स को नकारते हुए आयकर विभाग ने ट्वीट में यह भी कहा, ’मीडिया के एक वर्ग ने इस तरह के आरोप भी लगाए हैं कि  आयकर विभाग के अधिकारी जांच के दौरान स्टोरीज में बदलाव और संपादकीय निर्णय में अपना सुझाव दे रहे थे। इस तरह के आरोप पूरी तरह झूठे हैं और आयकर विभाग इन आरोपों को पूरी तरह से नकारता है।’

 

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छापेमारी को लेकर दैनिक भास्कर व भारत समाचार ने कुछ यूं दी अपनी प्रतिक्रिया

आयकर विभाग ने कर चोरी के आरोपों में दो प्रमुख मीडिया घरानों- ‘दैनिक भास्कर’ और उत्तर प्रदेश के हिंदी न्यूज चैनल ‘भारत समाचार’ के विभिन्न शहरों में स्थित परिसरों पर गुरुवार को छापे मारे।

Last Modified:
Thursday, 22 July, 2021
DainikBhaskar545

आयकर विभाग ने कर चोरी के आरोपों में दो प्रमुख मीडिया घरानों- ‘दैनिक भास्कर’ और उत्तर प्रदेश के हिंदी न्यूज चैनल ‘भारत समाचार’ के विभिन्न शहरों में स्थित परिसरों पर गुरुवार को छापे मारे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दैनिक भास्कर के मामले में छापेमारी भोपाल, जयपुर, अहमदाबाद और कुछ अन्य स्थानों पर की गई है। वहीं, भारत समाचार समूह और उसके प्रवर्तकों व कर्मचारियों के लखनऊ स्थित परिसरों पर इसी तरह से छापेमारी की गई।

दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने दफ्तरों में मौजूद नाइट शिफ्ट के कर्मचारियों के मोबाइल और लैपटॉप अपने कब्जे में ले लिए। इस कारण कई घंटों तक डिजिटल न्यूज का काम प्रभावित हुआ।

रिपोर्ट में बताया गया कि इनकम टैक्स अधिकारियों ने नाइट शिफ्ट में काम कर रहे कर्मचारियों को ऑफिस में ही रोक लिया और बाहर निकलने से मना कर दिया। नाइट शिफ्ट में काम करने वाले ज्यादातर कर्मचारी संपादकीय और भास्कर के आईटी डिपार्टमेंट से जुड़े थे, जिनका फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन से कोई संबंध नहीं होता, फिर भी उन्हें जबरन रोका गया।

दैनिक भास्कर ने रिपोर्ट में कहा कि आम तौर पर आईटी छापों में वित्तीय ट्रांजैक्शन से जुड़े विभागों की ही पड़ताल होती है, लेकिन यहां एडिटोरियल कंटेंट से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खंगालकर पत्रकारों के काम में बाधा पहुंचाई गई। आयकर विभाग की टीम ने भास्कर के न्यूज प्रोसेस से जुड़े काम में कई घंटों तक बाधा पहुंचाई। पत्रकारों को दफ्तर के अंदर नहीं जाने नहीं दिया गया और न ही अंदर काम कर रहे पत्रकारों को शिफ्ट खत्म हो जाने के बाद बाहर निकलने दिया।

आयकर छापे पर दैनिक भास्कर ने कहा कि सच्ची पत्रकारिता से सरकार डर गई है। भास्कर में तो पाठकों की मर्जी ही चलेगी। कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान दैनिक भास्कर ने कई तस्वीरें पाठकों के सामने पेश की थी। 

अपनी रिपोर्ट में दैनिक भास्कर ने कहा, ‘देशभर में जब कोरोना से मरने वालों का रिकॉर्ड मेंटेन नहीं किया गया, आंकड़ों को छिपाया जा रहा था, दर्जनों शवों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया जा रहा था, तब निडर पत्रकारिता दिखाते हुए दैनिक भास्कर सरकार के दावों की पोल खोल रहा था।’

भास्कर ने यह भी बताया कि आईटी अधिकारियों का निर्देश है कि छापे से जुड़ी हर खबर को दफ्तर में मौजूद अधिकारियों को दिखाकर ही पब्लिश की गई है।

वहीं भारत समाचार ने अपनी रिपोर्ट्स में कहा है कि आयकर विभाग के कई दलों ने संस्थान और उसके कर्मचारियों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है।

छापेमारी को लेकर भारत समाचार ने कहा, ‘हम सच के साथ खड़े रहेंगे, जनता सब देख रही है।‘ चैनल ने ट्वीट कर कहा-

तुम चाहे जितना दबाओगे आवाज

हम उतनी ही जोर से कहते रहेंगे सच

हम न तो पहले डरे थे और न अब डरेंगे

सच के साथ पहले भी थे और अभी भी हैं

तुम कुछ भी करो लेकिन सच ही कहेंगे

वहीं, इस छापेमारी को लेकर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और सरकार इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं करती है।

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इस चैनल पर देखने को मिलेगा ओलंपिक खेलों का सीधा प्रसारण

23 जुलाई 2021 से टोक्यो ओलंपिक गेम्स का आगाज होने जा रहा है, जो आठ अगस्त तक खेले जाएंगे। सरकार ने इस आयोजन के सीधे प्रसारण की पूरी तैयारी कर ली है।

Last Modified:
Thursday, 22 July, 2021
Tokyo Olympic

23 जुलाई 2021 से टोक्यो ओलंपिक गेम्स का आगाज होने जा रहा है, जो आठ अगस्त तक खेले जाएंगे। इन गेम्स की कवरेज के बारे में सूचना प्रसारण मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि वैश्विक खेलों का आयोजन शुरू होने से लेकर खत्म होने तक इसकी व्यापक कवरेज की जाएगी और इसका प्रसारण पब्लिक ब्रॉडकास्टर ‘प्रसार भारती’ के टेलीविजन, रेडियो और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगा।

बताया जाता है कि ‘डीडी स्पोर्ट्स’ (DD Sports)  रोजाना टोक्यो ओलंपिक का सीधा प्रसारण करेगा जबकि दूरदर्शन के अन्य चैनल्स और ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) इस खेल आयोजन पर विशेष कार्यक्रम प्रसारित करेंगे।

इस बारे में सूचना प्रसारण मंत्रालय का कहना है, ‘ओलंपिक में विभिन्न खेल आयोजनों का डीडी स्पोर्ट्स पर रोजाना सुबह पांच बजे से शाम सात बजे तक सीधा प्रसारण किया जाएगा। इसके साथ ही इसकी डिटेल्स डीडी स्पोर्ट्स और ऑल इंडिया स्पोर्ट्स के ट्विटर हैंडल पर रोजाना उपलब्ध कराई जाएगी।‘ मंत्रालय का यह भी कहना है कि डीडी स्पोर्ट्स ओलंपिक शुरू होने से पहले खेल हस्तियों के साथ चार घंटे से अधिक का चर्चा-आधारित कार्यक्रम का निर्माण करेगा, जो ‘चीयर फॉर इंडिया’ अभियान में योगदान देगा।

मंत्रालय द्वारा साझा कार्यक्रम कार्यक्रम के अनुसार, एआईआर कैपिटल स्टेशन, एफएम रेनबो नेटवर्क, डीआरएम (एआईआर का डिजिटल रेडियो) और एआईआर के अन्य  स्टेशन 22 जुलाई को टोक्यो ओलंपिक पर एक ‘कर्टन-रेजर’ कार्यक्रम प्रसारित करेंगे। कार्यक्रम को भारत की सीमा के अंदर यूट्यूब चैनल, डीटीएच और ‘न्यूजऑनएआईआर मोबाइल ऐप पर भी प्रसारित किया जाएगा।

मंत्रालय के अनुसार, आकाशवाणी चैनलों पर 23 जुलाई से रोजाना की सुर्खियों को प्रसारित किया जाएगा, जबकि एफएम रेनबो पर 24 जुलाई से आवधिक सूचनाएं प्रसारित की जाएंगी। ‘जब भी भारत पदक जीतेगा तो एफएम चैनलों पर ब्रेकिंग न्यूज भी प्रसारित हो सकती है।

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इस अखबार और टीवी चैनल के दफ्तरों पर आयकर विभाग का छापा

कथित रूप से टैक्स चोरी की जानकारी मिलने के बाद आयकर विभाग के अधिकारियों द्वारा की जा रही है कार्रवाई।

Last Modified:
Thursday, 22 July, 2021
Income Tax Department

कथित रूप से टैक्स चोरी की जानकारी मिलने के बाद आयकर विभाग के अधिकारियों द्वारा गुरुवार की सुबह ‘दैनिक भास्कर’ के तमाम कार्यालयों पर छापेमारी की खबर सामने आई है। बताया जाता है कि आयकर विभाग के अधिकारियों ने दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और अन्य स्थानों पर दैनिक भास्कर के कई कार्यालयों पर छापेमारी की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अखबार के प्रमोटर्स के घरों और कार्यालयों सहित 40 से ज्यादा ठिकानों पर फिलहाल तलाशी चल रही है। आयकर विभाग की टीम भोपाल के अरेरा कॉलोनी में स्थित अग्रवाल बंधुओं यानी भास्कर के चेयरमेन सुधीर अग्रवाल, गिरीश और पवन अग्रवाल के घर सहित दैनिक भास्कर के प्रमोटर्स के आवास और दफ्तरों पर भी पहुंची है। इसके लिए सर्च टीम का सहयोग सीआरपीएफ़ और स्थानीय मध्य प्रदेश पुलिस कर रही है।

बताया जाता है कि केंद्रीय जांच एजेंसी को दैनिक भास्कर समूह के प्रमोटर्स के पॉवर प्लॉंट, शुगर फ़ैक्ट्री, साल्वेंट ग्रुप सहित कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों में वित्तीय अनियमितता की सूचना मिली थी। इसी के आधार पर यह तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। विभाग के इस ऑपरेशन की निगरानी दिल्ली/मुंबई से की जा रही है। दैनिक भास्कर की तमाम कंपनियों के वित्तीय प्रबंधकों से पूछताछ चल रही है।

इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से यह भी खबर सामने आ रही है कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ से संचालित ‘भारत समाचार’ चैनल के दफ्तर पर भी छापेमारी की गई है। आयकर विभाग की टीम चैनल के एडिटर-इन-चीफ ब्रजेश मिश्रा के गोमती नगर में विपुल खंड स्थित आवास और अन्य प्रमोटर्स के घर पर भी जांच के लिए पहुंची है।

राज्यसभा में हुआ हंगामा: दैनिक भास्कर पर आयकर विभाग के छापे के मुद्दे पर राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने विरोध जताया है। दिग्विजयसिंह ने यह मुद्दा उठाया था। इसे लेकर जमकर हंगामा हुआ, इसके बाद सभा को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

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भाजपा ने प्रेम शुक्ल व शाजिया इल्मी को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने मुंबई के प्रेम शुक्ल और दिल्ली की शाजिया इल्मी को पार्टी का नया राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया है

Last Modified:
Wednesday, 21 July, 2021
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने मुंबई के प्रेम शुक्ल और दिल्ली की शाजिया इल्मी को पार्टी का नया राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया है।

यह जानकारी देते हुए राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने बताया कि नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी।

इन दो नियुक्तियों के साथ अब भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय टीम में कुल 25 प्रवक्ता हो जाएंगे। इससे पूर्व पार्टी के पास कुल 23 राष्ट्रीय प्रवक्ता थे।

भाजपा से जुड़ने से पहले प्रेम शुक्ल, शिवसेना के मुखपत्र सामना के कार्यकारी संपादक रह चुके हैं, वहीं शाजिया इल्मी वर्ष 2014 तक आम आदमी पार्टी में रह चुकी हैं।

शाजिया इल्मी ने अपने ट्विटर हैंडल से आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाए जाने पर पार्टी को धन्यवाद दिया।

आपको बता दें कि शाजिया इल्मी पूर्व में टीवी पत्रकार रह चुकी हैं। उन्होंने पत्रकारिता छोड़कर आम आदमी पार्टी का दामन थामा था। शाजिया इल्मी ने 2014 में लोकसभा चुनाव भी लड़ा था, लेकिन वह हार गई थीं। 2014 में ही शाजिया इल्मी ने आम आदमी पार्टी को छोड़ दिया था, 2015 से ही वह भारतीय जनता पार्टी में हैं।

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मीडिया कंपनी नेटवर्क18 को कुछ यूं हुआ लाभ

नेटवर्क18 के चेयरमैन आदिल जैनुलभाई ने कहा, ‘पूर्व के वर्ष से कई चीजें सीखते हुए और भारतीय दर्शकों के प्रति सेवाओं की जिम्मेदारी निभाते हुए हम अपने कारोबार को मुनाफे के साथ आगे बढ़ा सके।’

Last Modified:
Wednesday, 21 July, 2021
Network18

मीडिया कंपनी नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लि. ने चालू वित्त वर्ष की जून में समाप्त पहली तिमाही में 121.51 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है।

शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कंपनी ने यह जानकारी दी। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 60.60 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ था।

तिमाही के दौरान कंपनी की एकीकृत परिचालन आय 50.47 प्रतिशत बढ़कर 1,214.43 करोड़ रुपए पर पहुंच गई। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 807.07 करोड़ रुपए रही थी।

तिमाही के दौरान कंपनी का खर्च 23.99 प्रतिशत बढ़कर 1,080.79 करोड़ रुपए हो गया, जो एक साल पहले समान तिमाही में 871.65 करोड़ रुपए था।

नेटवर्क18 के चेयरमैन आदिल जैनुलभाई ने कहा, ‘पूर्व के वर्ष से कई चीजें सीखते हुए और भारतीय दर्शकों के प्रति सेवाओं की जिम्मेदारी निभाते हुए हम अपने कारोबार को मुनाफे के साथ आगे बढ़ा सके।’

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बालाजी टेलिफिल्म्स में नचिकेत पंतवैद्य की हुई वापसी, अब मिली यह जिम्मेदारी

अपनी इस भूमिका में वह बालाजी टेलिफिल्म्स की मैनेजिंग डायरेक्टर शोभा कपूर को रिपोर्ट करेंगे।

Last Modified:
Tuesday, 20 July, 2021
Nachiket Pantvaidya

‘बालाजी टेलिफिल्म्स’ (Balaji Telefilms) में नचिकेत पंतवैद्य की वापसी हुई है। उन्होंने यहां पर बतौर ग्रुप चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर के पद पर जॉइन किया है। अपनी नई भूमिका में वह बालाजी टेलिफिल्म्स की मैनेजिंग डायरेक्टर शोभा कपूर को रिपोर्ट करेंगे। नचिकेत इससे पहले बालाजी टेलिफिल्म्स में ग्रुप चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर और ऑल्ट बालाजी (ALTBalaji) में सीईओ के तौर पर जिम्मेदारी चुके हैं। उन्होंने मार्च 2021 में यहां से इस्तीफा दे दिया था।

नचिकेत पंतवैद्य की वापसी के बारे में कंपनी की ओर से एक स्टेटमेंट जारी किया गया है। इस स्टेटमेंट में कहा गया है, ‘ग्रुप के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर के रूप में बालाजी परिवार में नचिकेत पंतवैद्य का स्वागत करते हुए हमें बहुत खुशी हो रही है। उन्हें काफी अनुभव के साथ-साथ एंटरटेनमेंट ईकोसिस्टम की काफी अच्छी समझ है।’

बता दें कि पंतवैद्य को ब्रॉडकास्ट और डिजिटल मीडिया कंपनियों के साथ काम करने का 20 साल से ज्यादा का अनुभव है। वह एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की कुछ जानी-मानी कंपनियों जैसे- सोनी एंटरटेनमेंट टेलिविजन, स्टार प्लस, स्टार प्रवाह और फॉक्स टेलिविजन स्टूडियो में वरिष्ठ पदों पर अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वह डिज्नी और बीबीसी का हिस्सा भी रहे हैं।

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पत्रकारों की जासूसी की प्रेस संगठनों ने की निंदा, कहा- खुद को बेगुनाह साबित करे सरकार

करीब 300 लोगों की कथित तौर पर की गई जासूसी की कई प्रेस संगठनों ने निंदा की है

Last Modified:
Tuesday, 20 July, 2021
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भारत के दो केंद्रीय मंत्रियों, 40 से अधिक पत्रकारों, विपक्ष के तीन नेताओं और एक न्यायाधीश सहित बड़ी संख्या में कारोबारियों, सरकारी अफसरों, वैज्ञानिकों, एक्टिविस्ट समेत करीब 300 लोगों की कथित तौर पर की गई जासूसी की कई प्रेस संगठनों ने निंदा की है। साथ ही प्रेस संगठनों ने ‘पेगासस’ खुलासे की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि सरकार खुद को बेगुनाह साबित करे।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने इस पूरे खुलासे को अप्रत्याशित बताते हुए कहा कि पहली बार देश में लोकतंत्र के चारों स्तंभों की जासूसी की गई है। प्रेस क्लब ने कहा, ‘देश के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है कि हमारे लोकतकंत्र के सभी स्तंभों न्यायपालिका, सांसद, मंत्रियों, मीडिया, अधिकारियों और अन्य की जासूसी की गई। प्रेस क्लब स्पष्ट रूप से इसकी निंदा करता है। यह जासूसी गुप्त उद्देश्यों के लिए की गई है।’

प्रेस क्लब ने केंद्र सरकार से इस पेगासस प्रोजेक्ट में हुए खुलासे पर स्पष्टीकरण की मांग करते हुए कहा, ‘परेशान करने वाली बात यह है कि एक विदेशी एजेंसी, जिसका देश के हित से कोई लेना-देना नहीं है, वह यहां के नागरिकों की जासूसी करने में लगी हुई है। यह अविश्वास पैदा करता है और अराजकता को आमंत्रित करने वाला है। सरकार को इस मुद्दे पर अपना पक्ष साबित करना चाहिए और स्पष्टीकरण देना चाहिए।

मुंबई प्रेस क्लब ने भी बयान जारी कर इस मामले में स्वतंत्र जांच की मांग की है। मुंबई प्रेस क्लब ने अपने ट्वीट में कहा, ‘हम 40 भारतीय पत्रकारों और अन्य लोगों के फोन की जासूसी करने की कड़ी निंदा करते हैं। हालांकि, सरकार ने जासूसी के इन आरोपों की न तो पुष्टि की है और न ही इससे इनकार किया है। पेगासस स्पायवेयर सिर्फ सरकारों को ही बेचा जाता है। इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।’

वहीं, इंडियन वीमेन प्रेस कॉर्प्स ने भी जासूसी की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में मीडिया की स्वतंत्रता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। वीमेन प्रेस कॉर्प्स ने बयान में कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत जैसे लोकतंत्र में पत्रकारों को अपने काम के दौरान कुछ इस तरह के हालातों से गुजरना पड़ता है। स्वतंत्र पत्रकारिता संविधान के अधिकारों को बनाए रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण साधनों में से एक है।’

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो केंद्रीय मंत्री, 40 से अधिक पत्रकार, विपक्ष के तीन नेता और एक न्यायाधीश सहित बड़ी संख्या में कारोबारी, सरकारी अफसर, वैज्ञानिक, एक्टिविस्ट समेत करीब 300 लोगों की कथित तौर पर जासूसी की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन सभी पर फोन के जरिए निगरानी रखी जा रही थी।

इस खुलासे से सामने आया है कि लीक हुई सूची में 40 पत्रकारों के नाम हैं, जिनकी या तो जासूसी हुई है या उन्हें संभावित टारगेट के तौर पर लक्षित किया गया है।

इस बात का खुलासा मीडिया संस्थानों के अंतरराष्ट्रीय संगठन ने किया है। संगठन का मानना है कि केवल सरकारी एजेंसियों को ही बेचे जाने वाले इजराइल के जासूसी सॉफ्टवेयर ‘पेगासस’ का इस्तेमाल किया गया था।  

बता दें कि यह रिपोर्ट रविवार को सामने आई है। हालांकि सरकार ने अपने स्तर पर खास लोगों की निगरानी संबंधी आरोपों को खारिज किया है। सरकार ने कहा, ‘इसका कोई ठोस आधार नहीं है या इससे जुड़ी कोई सच्चाई नहीं है।’

सरकार ने मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज करते हुए कहा, ‘भारत एक मजबूत लोकतंत्र है और वह अपने सभी नागरिकों के निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार के तौर पर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।’ साथ ही सरकार ने ‘जांचकर्ता, अभियोजक और जूरी की भूमिका’ निभाने के प्रयास संबंधी मीडिया रिपोर्ट को खारिज कर दिया।

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ओलंपिक खेलों की कवरेज के दौरान पत्रकारों को करना पड़ेगा कड़े नियमों का पालन

जापान की राजधानी टोक्यो में 23 जुलाई से ओलंपिक खेलों का आयोजन होने जा रहा है। लेकिन इस बार प्रोटोकॉल बेहद ही कड़े कर दिए गए हैं

Last Modified:
Tuesday, 20 July, 2021
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जापान की राजधानी टोक्यो में 23 जुलाई से ओलंपिक खेलों का आयोजन होने जा रहा है। लेकिन इस बार प्रोटोकॉल बेहद ही कड़े कर दिए गए हैं और इसकी वजह है कि जापान में पिछले कुछ दिनों में कोरोना के रिकॉर्ड मामले सामने आए हैं। लिहाजा इसी वजह से विदेशो से आए सैकड़ों पत्रकारों को अपने 14 दिन के प्रवास के दौरान कोविड-19 से जुड़े कड़े प्रतिबंधों से जूझना होगा।

पत्रकारों को केवल अपने होटल और ओलंपिक स्थलों (Tokyo Games) तक ही जाने की अनुमति दी गई है। इसके अतिरिक्त उन्हें कई चीजों का पालन करना होगा, जिसमें प्रत्येक दिन परीक्षण और अपने फोन की लोकेशन साझा करना शामिल है।

इस बार ओलंपिक खेलों का आयोजन मैदान पर बिना दर्शकों के होने जा रहा है, जिसकी वजह से पहले जैसा जोशो खरोश और उत्सव का माहौल देखने को नहीं मिलेगा और पत्रकार भी खेलों से इतर की कम रिपोर्ट ही दे पाएंगे। विदेशी पत्रकारों को टोक्यो में इधर-उधर कहीं भी जाने की मनाही है।

ऑस्ट्रेलिया के पत्रकार डेनियल सटन ने कहा, ‘यह अब तक के सबसे अधिक प्रतिबंध वाले ओलंपिक खेल हैं। हम मुख्य मीडिया केंद्र में काम रहे हैं लेकिन इसके अलावा हम कहीं और आ जा नहीं सकते।

वहीं, रियो ओलंपिक खेलों को कवर करने वाली जापान की ओलंपिक रिपोर्टर नोजोमी कुनिताके ने कहा, ‘यह दुखद है क्योंकि रियो की तुलना में यहां बेहद खामोशी है।’


इतना ही नहीं ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को भी बेहद सख्त नियमों का पालन करना होगा। खिलाड़ियों को इवेंट खत्म होते ही मास्क पहनकर रखना होगा। टोक्यो में खिलाड़ियों को ओलंपिक मेडल भी खुद ही पहनने का आदेश जारी किया गया है।

बता दें कि इस बार टोक्यो ओलंपिक भी कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित है। पिछले साल ओलंपिक खेलों को कोविड 19 के चलते स्थगित कर दिया गया था। महामारी के दौरान ओलंपिक आयोजन का फिर विरोध शुरू हो गया है क्योंकि माना जा रहा है कि ओलंपिक खेल संक्रमण फैलाने में मुख्य भूमिका निभा सकते हैं। टोक्यो में कोविड -19 के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। रविवार को ही कोविड-19 के 1008 नए मामले सामने आए थे। यह लगातार पांचवां दिन था जबकि एक दिन में 1000 से अधिक पॉजिटिव मामले आए हैं। टोक्यो और पड़ोसी प्रांतों में आपातकाल लागू है।

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