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केबल ऑपरेटर्स को MIB जल्द दे सकता है ये सौगात
सूचना प्रसारण मंत्रालय जल्द ही मल्टी सिस्टम ऑपरेटर्स को गृह मंत्रालय की सुरक्षा मंजूरी के बिना...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सूचना प्रसारण मंत्रालय (MIB) जल्द ही मल्टी सिस्टम ऑपरेटर्स (MSO) को गृह मंत्रालय (MHA) की सुरक्षा मंजूरी के बिना डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम (DAS) के लाइसेंस देना शुरू कर सकता है। बताया जाता है कि एमआईबी ने एक साल में कोई भी नया ‘DAS’ लाइसेंस नहीं दिया है।ऐसे में मंत्रालय के पास इससे जुड़े आवेदनों की संख्या 100 से ज्यादा हो गई है।
इस मामले में ‘शर्मा केबल नेटवर्क’ ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर अपने ‘DAS’ लाइसेंस की प्रक्रिया तत्काल पूरी करने के लिए एमआईबी को निर्देश देने की मांग की थी। इस पर अगस्त 2018 में दिल्ली हाई कोर्ट ने ‘शर्मा केबल नेटवर्क’ की एप्लीकेशन को जल्द से जल्द निस्तारित करने के आदेश दिए थे।
दरअसल, एमआईबी ने एमएसओ लाइसेंस की पॉलिसी/गाइडलाइंस की दोबारा जांच के कारण इस कंपनी की एप्लीकेशन रोक दी थी। एक आरटीआई के जवाब में अगस्त में ही एमआईबी ने कहा था कि पॉलिसी की दोबारा जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लंबित एप्लीकेशंस को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही एमआईबी ने यह भी कहा था कि ‘DAS’ के लिए उसे 91 एप्लीकेशंस मिले हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चार बड़े मामलों पर विचार किया जा रहा था। इनमें से तीन को हल कर लिया गया है। एक पर ‘भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण’ (TRAI) से इनपुट मिलने का इंतजार किया जा रहा है। जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
गौरतलब है कि पूर्व में इन सभी मल्टी सिस्टम ऑपरेटर्स के लिए गृह मंत्रालय से सुरक्षा मंजूरी लेना अनिवार्य था। लेकिन शर्मा केबल नेटवर्क की याचिका पर हाई कोर्ट ने 21 अगस्त 2017 को एमआईबी से मंजूरी देने के लिए कहा था। इसलिए माना जा रहा है कि ऐसे सभी एप्लीकेशंस को मंजूरी मिल सकती है।
वहीं, मार्च 2017 में एमआईबी ने निर्देश दिए थे कि सभी प्रोविजनल रजिस्ट्रेशंस जब तक रद्द अथवा सस्पेंडन हो जाएं, उन्हें दस साल के लिए रेगुलर रजिस्ट्रेशन समझा जाएगा। स्थायी रजिस्ट्रेशंस के लिए गृह मंत्रालय की सुरक्षा मंजूरी की जरूरत होती है, जबकि प्रोविजनल रजिस्ट्रेशंस अस्थायी तौर पर उन्हें जारी किए जाते हैं, जिनके सुरक्षा मंजूरी की एप्लीकेशन गृह मंत्रालय के पास होती है।
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