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वरिष्ठ लेखक उदय प्रकाश संग पुलिस का ये सलूक, पत्रकारों में रोष
रेत माफिया के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले जाने-माने कवि और...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
रेत माफिया के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले जाने-माने कवि और कथाकार उदयप्रकाश के खिलाफ मध्यप्रदेश की अनूपपुर पुलिस ने कई धाराओं में केस दर्ज किया है। उदयप्रकाश के साथ-साथ उनकी पत्नी और बेटे को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने डकैती, मारपीट और गाली-गलौज की धाराओं के तहत केस दर्ज कर कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। पुलिस के इस कदम पर प्रदेश के पत्रकारों और लेखकों ने रोष जताया है। उदयप्रकाश पिछले दिनों दिल्ली छोड़कर अनूपपुर जिले के अपने गांव सीतापुर में आकर बस गए थे।
रूस के सबसे प्रतिष्ठित पुश्किन सम्मान सहित देश में कई पुरस्कारों से सम्मानित उदयप्रकाश के 5 काव्य संग्रह, एक दर्जन कथा संग्रह और निबंध की कई पुस्तकें लोकप्रिय हैं। उन्होंने अपने फेसबुक पेज़ पर पुलिस की कार्रवाई का दर्द भी बयां किया है। उन्होंने लिखा है ‘अभी-अभी उड़ती हुई यह सूचना मिली है कि मुझ पर, कुमकुम जी पर और हमारे बेटे कुमार शांतनु पर मारपीट, गाली-गलौज और डकैती का मुक़दमा अनूपपुर के सत्र न्यायालय में रेत माफ़िया द्वारा दर्ज हुआ है। सोन नदी का जीवन और अपने परिवार को अपराधियों से बचाने के एक शांत नागरिक के प्रयत्न का यह वही मार्ग है, जिससे सारे देश के आम नागरिक आज गुज़र रहे हैं। कहीं ऐसा न हो कि ‘मोहन दास’ के लेखक के साथ ठीक उसी तरह सब कुछ होता जाय, जो ‘मोहन दास’ के साथ हुआ था और अंत में उसके लेखक को भी कहना पड़ जाय -‘जिसे बनना हो उदय प्रकाश, वह बन जाय उदय प्रकाश। मैं नहीं हूं-उदय प्रकाश!’
राकेश अचल मानते हैं कि इस तरह की कार्रवाई से लेखकों का मनोबन टूटेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की नदियों से प्रति वर्ष 100 करोड़ रुपए राजनेता कमाते हैं। यह पूरी एक व्यवस्था है। चाहे पिछली सरकार हो या नई सरकार, अब तक कोई ऐसी नीति नहीं बनी है, जो इस पर लगाम लगा सके। जो भी दल सत्ता में आता है, उसके लोग इसका हिस्सा बन जाते हैं। उन्होंने आगे कहा, ’लेखक और पत्रकार सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध अपनी कलम चलाते रहते हैं और उन्हें संरक्षण देना सरकार का काम है। यदि सरकार उनकी हिफाजत करने के बजाय उनका शोषण होने देगी, तो कौन सच लिखने का साहस दिखा पाएगा? पूरी बिरादरी उदयप्रकाशजी के साथ है, और हम पुलिस के इस कदम की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।‘
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