इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स(IFWJ) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने उमेश कुमार

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (Indian Federation of Working Journalists) का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रेस फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और समाचार प्लस के एडिटर-इन-चीफ व सीईओ उमेश कुमार को चुना गया है।

Last Modified:
Monday, 04 July, 2016
umesh

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (Indian Federation of Working Journalists) का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रेस फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और समाचार प्लस के एडिटर-इन-चीफ व सीईओ उमेश कुमार को चुना गया है।

जयपुर में पिछले दिनों इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के 128वें राष्ट्रीय सम्मेलन में उमेश कुमार को ये जिम्मेदारी दी गई। इसके साथ ही उमेश कुमार को संगठन के विदेश मामलों का भी प्रभारी चुना गया। वह संस्था की ओर पाकिस्तान जाने वाले पत्रकारों के 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। सम्मेलन में  देशभर के पत्रकारों ने साहसिक पत्रकारिता के लिए उमेश कुमार का सम्मान भी किया।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में जन्में 38 साल के उमेश कुमार ने अपनी स्कूली शिक्षा गाजिया‍बाद से हासिल की है। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम की पढ़ाई की।  उसके बाद उन्होंनें मैनचेस्टर जाकर वहां से 6 महीने का पत्रकारिता का डिप्लोमा किया। वर्ष 2003 में कुमार देहरादून आ गए और अपनी न्यूज एजेंसी खोल ली। करीब दस साल के अनुभव के बाद उन्होंने न्यूज चैनल लॉन्च करने की सोची और 15 जून 2012 को समाचार प्लस उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड लॉन्च हुआ। एक साल के बाद ही उन्होंने अपने चैनल के ब्रैंड का एक्सटेंशन करते हुए समाचार प्लस राजस्थान भी लॉन्च कर दिया। वे कम्युनिटी रेडियो की भी प्लानिंग कर रहे हैं।

उन्होंने हाल ही में विधायकों की खरीद-फरोख्त का स्टिंग कर उत्तराखंड की सियासत में तूफान मचा दिया था। इससे पहले भी कुमार ने वर्ष 2009-10 में उत्तराखंड में भाजपा सरकार के खिलाफ दो स्टिंग ऑपरेशन किए थे। पहले स्टिंग में उन्होंने राज्य में पनबिजली योजनाओं के 51 प्रोजेक्टों में बरती गई अनियमितताओं को उजागर किया था। इसके बाद आए स्टिंग में उन्होंने खुलासा किया था कि कैसे भाजपा सरकार ने एक बिल्डर को लाभ पहुंचाने के लिए ऋषिकेश में गंगा के किनारे जमीन का लैंडयूज बदल दिया था और नियमों का उल्लंघन कर करोड़ों रुपये का घोटाला किया था।

उमेश कुमार का कहना है, ‘उत्तराखंड में भाजपा के शासनकाल में मेरे और मेरे परिवार के ऊपर 18 केस दर्ज कर दिए गए और मैं लगभग एक साल के लिए गायब भी रहा था। इन घटनाओं के बाद कुमार ने देहरादून छोड़ दिया था और गाजियाबाद के इंदिरापुरम में रहने लगे थे। वहीं वर्ष 2012-13 में उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद उनके ऊपर दर्ज सभी मामले वापस ले लिए गए थे।’ हालांकि इसके बाद कुमार ने दो न्यूज चैनल लॉन्च किए थे।

उमेश कुमार का नाम केंद्रीय गृहमंत्रालय से वाई श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त करने वालों की सूची में शामिल है। इस सुरक्षा के बारे में उमेश कुमार ने बताया, ‘हम अपने न्यूज चैनल पर ‘वॉन्टेड’ के नाम से शो प्रसारित करते हैं। इसके तहत हमने करीब 2500 अपराधियों के बारे में स्टोरी प्रसारित की हैं। शो प्रसारित होने के बाद इनमें से एक दर्जन से ज्यादा इनामी बदमाश पकड़े भी गए हैं, इनमें से कई तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात बदमाश थे। ऐसे में मेरी जान को गंभीर खतरा है।’

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'2030 तक 100 बिलियन डॉलर की हो सकती है मीडिया-एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री'

‘फिक्की फ्रेम्स 2020’ में ‘गूगल इंडिया’ के कंट्री मैनेजर और वाइस प्रेजिडेंट संजय गुप्ता का कहना है कि सरकार की ओर से थोड़ा सा सपोर्ट इंडस्ट्री को तेजी से रिकवर करने में मदद कर सकता है

Last Modified:
Tuesday, 07 July, 2020
Sanjay Gupta

कोरोनावायरस (कोविड-19) ने पिछले चार महीनों के दौरान पूरी दुनिया को बदलकर रख दिया है। तमाम अन्य सेक्टर्स की तरह मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री (M&E Industry) पर भी इसका काफी असर पड़ा है। ‘फिक्की फ्रेम्स 2020’ (FICCI FRAMES 2020) में ‘गूगल इंडिया’ (Google India) के कंट्री मैनेजर और वाइस प्रेजिडेंट संजय गुप्ता का कहना है कि यह समय आगे बढ़ने और इंडस्ट्री को पुराने रूप में वापस लाने का है।

‘फिक्की मीडिया एंड एंटरटेनमेंट कमेटी’ (FICCI Media and Entertainment Committee,) के चेयरमैन संजय गुप्ता का यह भी कहना है कि सरकार की ओर से थोड़ा सा सपोर्ट इंडस्ट्री को तेजी से रिकवर करने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि समिति जल्द ही ‘सूचना प्रसारण मंत्रालय’ (MIB) को इस बारे में अपनी सिफारिशें भेजेगी। गुप्ता के अनुसार, ‘देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए हम सरकार के साथ मिलकर पूरी क्षमता से काम करने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हमारा मानना है कि वर्ष 2030 तक हम 100 बिलियन डॉलर की इंडस्ट्री बन सकते हैं।’  

गुप्ता ने बताया कि करों के ढांचे को सरल बनाने, इंडस्ट्री के इंफ्रॉस्ट्रक्चर पर ध्यान देने और फिल्म्स और गेम्स के एक्सपोर्ट्स को बढ़ावा देने जैसी पहल के द्वारा कंपनियां दीर्घकालिक विकास के अवसर को ध्यान में रखते हुए इसमें निवेश कर सकती हैं। उन्होंने कहा, ‘अल्पावधि में, हमें कुछ नीतिगत निर्णयों में तेजी लाने की आवश्यकता है जो इस सेक्टर को रिकवरी में मदद कर सकते हैं। हमें डीटीएच और रेडियो पर टैक्स के बोझ जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने की जरूरत है। इसके अलावा हम थियेटर्स को स्पोर्ट्स एक्टिवटीज अथवा एजुकेशनल एक्टिविटीज दिखाने के लिए इस्तेमाल करने के बारे में भी विचार कर सकते हैं।

हम एडवर्टाइजिंग प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज के लिए सीएसआर धन का उपयोग करने के बारे में भी सोच सकते हैं, जो इस समय सोसायटी के लिए फायदेमंद है। मेरा मानना है कि इससे नकद लाभ नहीं होगा, लेकिन इससे इंडस्ट्री को अपने पुराने रूप में आने में काफी मदद मिलेगी।’

गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2019 में मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का रेवेन्यू 20 बिलियन डॉलर हो गया था और इंडस्ट्री के रेवेन्यू में डिजिटल मीडिया का शेयर करीब 20 प्रतिशत था। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार रूप से मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर ने वर्ष 2019 में करीब पांच मिलियन लोगों को रोजगार दिया है। हालांकि पिछले चार महीनों के दौरान दुनिया काफी बदल चुकी है और इंडस्ट्री काफी मुश्किल दौर का सामना कर रही है।  

इसके साथ ही इन कठिनाइयों के बारे में गुप्ता का कहना है, ‘इस दौरान मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर काफी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। स्टूडियो अब दोबारा से खुलना शुरू हो रहे हैं. जबकि सिनेमा हॉल्स अभी भी बंद पड़े हैं और कुछ समय तक ऐसा ही रहेगा। तमाम लोगों के घरों तक अखबार नहीं पहुंच पा रहा है और इस इंडस्ट्री की लाइफलाइन एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू पिछले कुछ महीनों में काफी घट गया है। यदि पूरे 2020 की बात करें तो यह सेक्टर सिकुड़कर 15 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। इससे भी बड़ी चुनौती नौकरियों पर प्रभाव और इससे प्रभावित लोगों की आजीविका है।’

अनुमान लगाया जा रहा है कि इंडस्ट्री में करीब 20 प्रतिशत लोगों की नौकरी पर तलवार चल सकती है और तमाम लोग इससे प्रभावित हो सकते हैं। इस महामारी ने पूरी दुनिया को व्यापार, एक-दूसरे पर निर्भरता और आर्थिक सुधार के बारे में बातचीत करने के लिए बाध्य किया है। इस समय इंडस्ट्री और सरकार को मिलकर काम करने की जरूरत है।

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TV चैनल के नाम पर कुछ इस तरह से पांच करोड़ रुपये गंवा बैठा आयुर्वेदिक चिकित्सक

एक वैद्याचार्य (आयुर्वेद चिकित्सक) की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने भारतीय इंजीनियरिंग सेवा के एक पूर्व अधिकारी को गिरफ्तार किया है

Last Modified:
Tuesday, 07 July, 2020
Fraud

टीवी चैनल खुलवाने के नाम पर एक वैद्याचार्य (आयुर्वेद चिकित्सक) से पांच करोड़ रुपये ठगने के आरोप में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (Indian Engineering Service) के एक पूर्व अधिकारी को गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरफ्तार किए गए पूर्व अधिकारी का नाम सुनील कुमार झा है और वह जोधपुर में दूरदर्शन के डिप्टी डायरेक्टर के पद पर भी काम कर चुका है। सुनील को दूरदर्शन के स्टोरों से सामानों की धोखाधड़ी और हेराफेरी के संबंध में दूरदर्शन द्वारा दायर आपराधिक मामले में दोषी ठहराया जा चुका है।     

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता पंडित लक्ष्मण दास भारद्वाज पेशे से आयुर्वेद चिकित्सक हैं। अपनी शिकायत में लक्ष्मण दास भारद्वाज का कहना है कि वह आयुर्वेद के सामानों के प्रमोशन के दौरान सुनील कुमार के संपर्क में आए थे। उस दौरान सुनील ने उन्हें खुद को एक धार्मिक चैनल का हेड बताया था। शिकायतकर्ता ने उक्त चैनल के माध्यम से अपने कार्यक्रमों का प्रसारण शुरू कर दिया।

सुनील कुमार झा ने पंडित लक्ष्मण दास भारद्वाज से अपनी पत्नी बिंदु झा का भी परिचय कराया था। इस दौरान सुनील ने बिंदु झा को टीवी चैनल और कार्यक्रमों को चलाने की एक्सपर्ट के रूप में पेश किया था। पंडित लक्ष्मण दास के मुताबिक सुनील ने यह भी बताया था कि वह दूरदर्शन में भी काम कर चुका है और M/s वाइसराय इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड (M/s Viceroy Engineers Pvt Ltd) का डायरेक्टर है।

शिकायतकर्ता का आरोप था कि विश्वास जीतने के बाद सुनील कुमार झा ने उसे अपना टीवी चैनल खोलने और M/s एक्सप्रेस ब्रॉडकास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड के बड़े शेयर खरीदने का झांसा दिया। इसके साथ ही टीवी चैनल के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की बात कही और झांसा देकर पांच करोड़ रुपये ले लिए।’

पंडित लक्ष्मण दास का कहना है, ‘बाद में मुझे पता चला कि सुनील कुमार झा ने मेरे साथ धोखाधड़ी की और अपनी पत्नी बिंदू झा व विनीत वशिष्ठ के नाम पर एक दूसरा टीवी चैनल खरीद लिया है।' इसके बाद पंडित लक्ष्मण दास ने सुनील कुमार झा के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सुनील कुमार झा को गिरफ्तार कर लिया है।

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The New Indian Express में अमिताभ बिश्नोई को मिली बड़ी जिम्मेदारी

‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ (The New Indian Express) में डिजिटल का वाइस प्रेजिडेंट बनाया गया है

Last Modified:
Tuesday, 07 July, 2020
Amitabh Bishnoi

‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ (The New Indian Express) में अमिताभ बिश्नोई को एक नई जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें अब डिजिटल का वाइस प्रेजिडेंट बनाया गया है। बता दें कि इसके पहले वे दिसंबर 2019 से इस ऑर्गनाइजेशन में मार्केटिंग व डिजिटल ऑपरेशंस के वाइस प्रेजिडेंट थे।

देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान IIMC के पूर्व छात्र रह चुके बिश्नोई ने साल 2008 से 2009 तक सहारा इंडिया मास कम्युनिकेशन (Sahara India Mass Communication) के लिए वेस्टर्न रीजन में मार्केटिंग हेड थे। वहां पर वह अखबार की मार्केटिंग का काम देखते थे। इससे पहले वह वर्ष 2000 से 2008 तक जागरण पब्लिकेशंस में (भोपाल एरिया) सीईओ के पद पर कार्यरत थे और मध्य प्रदेश में ब्रैंड डेवलपमेंट और परफॉर्मेंस का काम संभालते थे।

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पुनर्गठित होगा प्रसार भारती बोर्ड, चार नए सदस्य हुए शामिल

केंद्र सरकार ने प्रसार भारती बोर्ड को फिर से गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है

Last Modified:
Tuesday, 07 July, 2020
prasar bharati

केंद्र सरकार ने प्रसार भारती बोर्ड को फिर से गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बता दें कि पिछले 13 महीनों से इसके 13 में से 9 पद खाली थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार को सरकार ने चार नए सदस्यों को नामित किया है, जिनमें दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्ता, मीडिया पेशेवर आलोक अग्रवाल, म्यूजिक कंपोजर सलीम मर्चेंट और भाजपा प्रवक्ता शाइना एनसी शामिल हैं।  

इसके पहले बोर्ड के अंशकालिक सदस्यों के रूप में ‘नेटवर्क18’ और ‘जी न्यूज’ जैसी कंपनियों के साथ काम कर चुके आलोक अग्रवाल के नाम को मंजूरी मिली थी।

वहीं वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार टंडन को भी इस बोर्ड में शामिल किया गया है। बता दें कि टंडन पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के मीडिया सलाहकार थे। वह बोर्ड के एकमात्र पूर्व सदस्य हैं, जिनका कार्यकाल पिछले साल ही समाप्त हुआ था। 

वहीं मर्चेंट उन हस्तियों में शामिल थे जिन्हें मई 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित किया गया था।

गौरतलब है कि प्रसार भारती सूचना-प्रसारण मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक स्वायत्त बॉडी है जिसे दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो के कामकाज की देखरेख के लिए स्थापित किया गया था। 

 

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पद्मश्री से सम्मानित एडिटर के खिलाफ पुलिस में दर्ज हुई शिकायत, लगा यह आरोप

मेघालय में वरिष्ठ संपादक पेट्रीसिया मुखीम की एक फेसबुक पोस्ट को लेकर सोमवार को उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।

Last Modified:
Tuesday, 07 July, 2020
Patricia Mukhim

मेघालय में वरिष्ठ संपादक पेट्रीसिया मुखीम की एक फेसबुक पोस्ट को लेकर सोमवार को उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। मुखीम के खिलाफ यह शिकायत एक ग्राम परिषद की ओर से दर्ज कराई गई है। शिकायत में कहा गया है कि मुखीम की इस फेसबुक पोस्ट से सांप्रदायिक तनाव फैलने की आशंका है।

दरअसल, पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित और ‘द शिलांग टाइम्स’ अखबार की संपादक मुखीम ने शुक्रवार को एक बास्केटबॉल कोर्ट में पांच लड़कों पर हमले के बाद हमलावारों की पहचान करने में नाकाम रहने के लिए अपनी फेसबुक पोस्ट में लॉसोहतुन के ग्राम दरबार (परिषद) की आलोचना की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में 11 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, लेकिन मामले में किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस ने मुखीम के खिलाफ शिकायत की जांच भी शुरू कर दी है।

शिकायत में, लॉसोहतुन के ग्राम प्रधान लुरशाई शायला ने कहा कि मुखीम के बयान ने सांप्रदायिक तनाव को पैदा किया है और सांप्रदायिक संघर्ष भड़क सकता है। शिकायत के अनुसार, पश्चिम बंगाल के कुछ मीडिया हाउस ने उनके पोस्ट को सांप्रदायिक रंग देकर इस मुद्दे को उछाल दिया, क्योंकि उनके पोस्ट में आदिवासी और गैर-आदिवासियों के बीच 1979 के संघर्ष का उल्लेख किया गया था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस पोस्ट ने सभी खासी वासियों को अत्यधिक खतरे में डाल दिया। वहीं, मुखीम का कहना है, ‘मैं इसके खिलाफ (अदालत में) लड़ूंगी।’

मुखीम द्वारा फेसबुक पर की गई पोस्ट को आप यहां देख सकते हैं।

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‘रिजल्टिक्स’ में यह बड़ा पद हुआ खाली, कुलमीत बावा ने दिया इस्तीफा

माना जा रहा है कि वह जल्द ही भारत में एक प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी के सीईओ का पदभार संभालेंगे

Last Modified:
Monday, 06 July, 2020
Kulmeet Bawa

डिजिटल क्षेत्र में नए जमाने की टेक्नोलॉजी कंपनी ‘रिजल्टिक्स’ (Resulticks) के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर और ‘जापान एंड एशिया पैसिफिक’ (JAPAC) के प्रेजिडेंट कुलमीत बावा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। माना जा रहा है कि वह जल्द ही भारत में एक प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी के सीईओ का पदभार संभालेंगे। हालांकि, वह किस टेक्नोलॉजी कंपनी से जुड़ने जा रहे हैं, इस बारे में फिलहाल पता नहीं चल सका है।  

‘रिजल्टिक्स’ के साथ कुलमीत बावा करीब एक साल से जुड़े हुए थे और सीईओ व को-फाउंडर ‘रेडिका सुब्रमण्यम’ (Redickaa Subramanium) के साथ काम कर रहे थे। वर्ष 2017 में ‘रिजल्टिक्स’ की स्थापना की गई थी और यह एशिया का पहला प्लेटफॉर्म बन गया है, जिसे मल्टीचैनल कैंपेन मैनेजमेंट के लिए ‘Gartners Magic Quadrant’ में रखा गया है। इसे मल्टीचैनल मार्केटिंग हब के लिए 2018 और 2019 Magic Quadrant में भी नामित किया जा चुका है।

‘रिजल्टिक्स’ से पहले कुलमीत बावा ‘एडोब’ (साउथ एशिया) में बतौर वाइस प्रेजिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में काम कर चुके हैं। एडोब इंडिया में उन्होंने करीब साढ़े सात सात लंबी पारी खेली। इसके अलावा वह करीब 12 साल तक भारतीय सेना में भी काम कर चुके हैं। इसके बाद उन्होंने प्राइवेट सेक्टर का रुख कर लिया था।

‘एडोब’ से पहले कुलमीत बावा ‘सन माइक्रोसिस्टम्स’ (Sun Microsystems) और ‘माइक्रोसॉफ्ट इंडिया’ (Microsoft India) में बड़ी भूमिका निभा चुके हैं। कुलमीत ने इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद से मार्केटिंग में एमबीए किया है, इसके अलावा वह देश की प्रतिष्ठित नेशनल डिफेंस एकेडमी, पुणे के छात्र भी रह चुके हैं।

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IPL 2020 के लिए विज्ञापन और मार्केट को लेकर उदय शंकर ने कही ये बात

उदय शंकर के अनुसार, ‘आईपीएल काफी महंगा टूर्नामेंट है। हमने इसके अधिकार हासिल करने के लिए काफी धनराशि का भुगतान किया है।

Last Modified:
Monday, 06 July, 2020
Uday Shankar

‘स्टार’ (Star) और ‘डिज्नी इंडिया’ (Disney India) के चेयरमैन और ‘द वॉल्ट डिज्नी कंपनी, एशिया पैसिफिक’ (The Walt Disney Company, Asia Pacific) के प्रेजिडेंट उदय शंकर का कहना है कि मौजूदा आर्थिक माहौल में बाजार पहले के उत्साह की तरह ‘इंडियन प्रीमियर लीग’ (IPL) 2020 को सपोर्ट करने और उसे बनाए रखने के लिए तैयार नहीं है।     

‘ईटी नाउ’ (ET Now) में छपी रिपोर्ट के अनुसार, ‘स्टार इंडिया’ के चीफ उदय शंकर ने कथित रूप से कहा है कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि आईपीएल के इस सीजन में हजार करोड़ रुपये का विज्ञापन करने के लिए अगले छह से आठ हफ्ते में मार्केट ठीक हो जाएगा। बता दें कि ‘स्टार इंडिया’ के पास आईपीएल के ग्लोबल मीडिया राइट्स हैं।

इस रिपोर्ट के अनुसार उदय शंकर का कहना है, ‘मार्केट को बहुत बड़ा झटका लगा है। असली मुद्दा यह है कि क्या यह छह से आठ हफ्ते में  विज्ञापन में हजार करोड़ रुपये लगाने की स्थिति में आ जाएगा, इस बात में हमें संदेह है।’   

उदय शंकर के अनुसार, ‘आईपीएल काफी महंगा टूर्नामेंट है। हमने इसके अधिकार हासिल करने के लिए काफी धनराशि का भुगतान किया है। ऐसे में हमारे लिए और हमारे अन्य स्टेकहोल्डर्स के लिए विज्ञापन एक्टिविटीज पर्याप्त होनी चाहिए। पिछले दिनों जिस तरह से अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है, उसे देखते हुए मुझे नहीं लगता कि बाजार आईपीएल 2020 को सपोर्ट करने के लिए तैयार है।’

इसके साथ ही उदय शंकर का यह भी कहना था कि उन्हें नहीं पता कि यह लीग कब शुरू होगी। उदय शंकर का कहना है सुरक्षित माहौल मिलने पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) इसे जल्दी शुरू करने को लेकर उत्सुक है। गौरतलब है कि कोरोनावायरस (कोविड-19) के कारण 29 मार्च से शुरु होने वाले आईपीएल को पहले 15 अप्रैल तक फिर अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था।

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दुनिया को अलविदा कह गए वरिष्ठ पत्रकार धर्मराज राय

वरिष्ठ पत्रकार धर्मराज राय नहीं रहे। वह 75 साल के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे।

Last Modified:
Monday, 06 July, 2020
dharmaraj

वरिष्ठ पत्रकार धर्मराज राय नहीं रहे। उन्होंने झारखंड के जमशेदपुर में शनिवार की रात 8:30 बजे अंतिम सांस ली। वह 75 साल के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका इलाज जमशेदपुर स्थित टीएमएच में किया जा रहा था।

जानकारी के अनुसार 23 जून को उन्हें रिम्स के कैंसर वार्ड में भर्ती कराया गया था। वहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए टीएमएच भेजा गया था। 23 जून को ही उन्हें ब्लड कैंसर होने की जानकारी मिली थी। वरिष्ठ पत्रकार धर्मराज राय ने प्रारंभिक दिनों में ‘रांची एक्सप्रेस’, ‘आज’ और उसके बाद भागलपुर में ‘हिन्दुस्तान’ अखबार के साथ तीन दशकों तक काम किया। ‘हिन्दुस्तान’ से रिटायर होने के बाद वे अलग-अलग पत्रिकाओं के लिए लिखते रहे। उनके परिवार में उनकी पत्नी के अलावा दो बेटे और दो बेटियां हैं।

उनकी साहसिक व धारदार पत्रकारिता को आज भी शहर के लोग याद करते हैं। सामाजिक-राजनीतिक संगठनों ने उनके निधन पर शोक जताया है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वरिष्ठ पत्रकार धर्मराज राय श्रद्धांजलि देते हुए लिखा है कि मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में परमात्मा उनके परिजनों को कष्ट सहने की शक्ति दे।

 

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IMPACT की Top 30 Under 30 लिस्ट से उठा पर्दा, इन युवाओं का रहा जलवा

एक्सचेंज4मीडिया समूह की जानी-मानी मैगजीन ‘इम्पैक्ट’ द्वारा मीडिया, एडवर्टाइजिंग और डिजिटल एजेंसी से जुड़े 30 प्रतिभाशाली युवाओं ‘टॉप 30 अंडर 30’ की लिस्ट से पर्दा उठ गया।

Last Modified:
Saturday, 04 July, 2020
ImpactTop30

एक्सचेंज4मीडिया (exchange4media) समूह की जानी-मानी मैगजीन ‘इम्पैक्ट’ (IMPACT) द्वारा मीडिया, एडवर्टाइजिंग और डिजिटल एजेंसी से जुड़े 30 प्रतिभाशाली युवाओं ‘टॉप 30 अंडर 30’ (Top 30 Under 30) की लिस्ट से पर्दा उठ गया। शुक्रवार की देर शाम में वर्चुअल रूप से हुए एक कार्यक्रम में इस लिस्ट से पर्दा उठाया गया। यह इस लिस्ट का सातवां एडिशन था। इस लिस्ट  में तीस साल से कम उम्र वाले देश के ऐसे 30 युवा शामिल किए गए हैं, जो मीडिया, मार्केटिंग और एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री में अपने काम के जरिए शिखर पर पहुंचे हैं।

इस साल इस लिस्ट में महिला शक्ति भी देखने को मिली, क्योंकि इस लिस्ट में 21 महिलाएं शामिल हैं। विजेता एजेंसियों की लिस्ट में नौ अवॉर्ड्स के साथ सबसे आगे ‘ऑगिल्वी’(Ogilvy) रही, वहीं ‘डेट्सू वेबचटनी’ (Dentsu Webchutney) और ‘वेवमेकर’ (Wavemaker) के विजेताओं की संख्या क्रमश: चार और तीन रही। ‘टॉप 30 अंडर 30’ लिस्ट को ‘जिंग’ (Zing) की ओर से प्रजेंट किया गया।

इस बार इस लिस्ट में 17 कंपनियों ने अपनी जगह बनाई। इस साल पहली बार ऐसा हुआ जब एंट्रीज एजेंसी ईकोसिस्टम से परे जाकर टीवी, प्रिंट, रेडियो, एडवर्टाइजिंग, मार्केटिंग, कंटेंट और डिजिटल में खास मुकाम हासिल करने वाले युवाओं के लिए खुली थीं। इस बार इस लिस्ट में शामिल आधे से ज्यादा अचीवर्स की उम्र 28 से 29 साल के बीच है। ‘Monk Entertainment’ के सीईओ और को-फाउंडर विराज सेठ (24) इस लिस्ट में सबसे कम उम्र के अचीवर हैं। 

2020 के लिए इंपैक्‍ट को इस साल की शुरुआत में 160 से अधिक प्रविष्टियां (entries) मिली थीं। इनमें Viacom18, Bisleri, Times Internet, Flipkart,  Monk Entertainment, Pocket Aces, Mindshare, DDB Mudra Group, 82.5 Communications, Times Internet, Performics India, SoCheers, Leo Burnett, 22Feet Tribal Worldwide और VML Y&R जैसे प्रतिष्ठित ब्रैंड्स और मीडिया कंपनियां शामिल थीं। 

चयनित प्रक्रिया

एबीपी न्यूज नेटवर्क के सीईओ अविनाश पांडे की अध्‍यक्षता में गठित जूरी ने इन युवाओं का चुनाव किया था। जूरी में शामिल अन्‍य सदस्‍यों में ‘एलिफैंट डिजाइन’ (Elephant Design) के को-फाउंडर व डायरेक्टर अश्विनी देशपांडे, ‘जेनिथ’ (पब्लिसिस) [Zenith (Publicis)] के सीओओ जय लाला, ‘वायकॉम18’ में एसवीपी एंड हेड, कॉर्प मार्केटिंग, कॉम एंड सस्टेनेबिलिटी (Corp Marketing, Comm& Sustainability, Viacom18) सोनिया हुरिया, ‘नेटवर्क18 डिजिटल’ (Network18 Digital) में ब्रैंड सॉल्यूशंस एंड कन्वर्जेंस के सीओओ अजीम ललानी, ‘Pocket Aces’ की को-फाउंडर अदिति श्रीवास्तव, ‘डिस्कवरी इंडिया’ (Discovery India) के मार्केटिंग हेड वेदनारायण सरदेशपांडे, ‘मातृभूमि’ (Mathrubhumi) के ब्रैंड कम्युनिकेशंस के हेड एन जयकृष्णन (जेके), ‘शेमारू एंटरटेनमेंट लिमिटेड’ (Shemaroo Entertainment Ltd) के सीओओ क्रांति गडा, DentsuWebchutney के सीईओ गौतम रघुनाथ, ‘बीबीडीओ इंडिया’ (BBDO India) के चीफ क्रिएटिव ऑफिसर हेमंत श्रींगी, ‘82.5 कम्युनिकेशंस’ (82.5 Communications) के को-चेयरमैन व सीईओ कपिल अरोड़ा और ‘हॉटस्टार’ (Hotstar) के क्लाइंट एंड एजेंसी के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट व हेड गुलशन वर्मा शामिल थे।

कड़ी जूरी प्रक्रिया और लंबे विचार-विमर्श के बाद ही जूरी ‘टॉप 30 अंडर 30’ की फाइनल लिस्ट तैयार करने में कामयाब रही। इनमें से इस लिस्ट को तैयार किया गया। लेकिन अंत में जूरी द्वारा दिए गए पॉइंट के आधार पर 31 लोगों के नाम पर सहमति बनीं।

‘30 अंडर 30’ की फाइनल लिस्ट को आप यहां देख सकते हैं-

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बदल गई ABP News Network की पहचान, अब नए नाम से जाना जाएगा ब्रैंड

देश के बड़े न्यूज नेटवर्क्स में शुमार ‘एबीपी न्यूज नेटवर्क’ ने अपनी ब्रैंड आइडेंटिटी को नई पहचान देने की घोषणा की है। इसके तहत नया लोगो भी जारी किया गया है

Last Modified:
Friday, 03 July, 2020
ABP Network

देश के बड़े न्यूज नेटवर्क्स में शुमार ‘एबीपी न्यूज नेटवर्क’ (ABP News Network) ने अपनी ब्रैंड आइडेंटिटी को नई पहचान देने की घोषणा की है। इसके तहत एबीपी न्यूज नेटवर्क (ABP News Network) को अब एबीपी नेटवर्क (ABP Network) के नाम से जाना जाएगा। इसके साथ ही इसके लोगो में भी बदलाव किया गया है।  

एबीपी नेटवर्क के सीईओ अविनाश पांडे ने कहा, ‘नेटवर्क ने हमेशा अपने दर्शकों को सबसे अधिक विश्वसनीय खबरें देने पर फोकस किया है। यही कारण है कि न्यूज जॉनर में यह निर्विवाद रूप से एक प्रतिष्ठत ब्रैंड बना हुआ है। हालांकि, पिछले वर्षों में हमारे बिजनेस और इंडस्ट्री में काफी बदलाव हुए हैं। अब नई ऊंचाइयों को हासिल करने के लिए इस सेक्टर में नए कदम उठाने का समय आ गया है।’

अविनाश पांडे की ओर से यह भी कहा गया है, ‘नया अवतार इस कड़े प्रतिस्पर्धी मार्केट में हमें एक नई पहचान देगा। हालांकि नए नाम और लोगो से संस्थान की प्रकृति (nature) और मूल्यों (values) में कोई परिवर्तन नहीं होगा और न ही हमारे पार्टनर्स के साथ मौजूदा व्यावसायिक हितों को प्रभावित करेगा।’  

उन्होंने बताया कि नेटवर्क की ओर से जल्द ही‘एबीपी स्टूडियोज’ (ABP STUDIOS) की लॉन्चिंग होगी। तेजी से हो रहे मीडिया विस्तार और ऑडियंस के कंजप्शन पैटर्न में हो रहे बदलाव के बीच यह क्रिएटिंग, प्रड्यूसिंग और  ओरिजिनल कंटेंट के लाइसेंसनिंग की दिशा में नेटवर्क का पहला कदम होगा। नेटवर्क का मिशन एबीपी स्टूडियोज को ऐसे ब्रैंड में बदलना है जो देशभर की स्टोरीज के द्वारा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय दर्शकों का ज्ञानवर्धन और मनोरंजन करे।

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